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बिलासपुर कांग्रेस के सदर और पूर्व नेता बंबर ठाकुर से संबंधित एक 'शूटर हुआ था' का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम पर बंबर ठाकुर क्या कहते हैं, इसकी पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।
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बिलासपुर कांग्रेस के सदर और पूर्व नेता बंबर ठाकुर से संबंधित एक 'शूटर हुआ था' का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम पर बंबर ठाकुर क्या कहते हैं, इसकी पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।
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- हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से आने वाला प्लम अब महाराष्ट्र के विभिन्न बाजारों में पहुँच रहा है। यह बदलाव एचपी शिवा परियोजना के सफल क्रियान्वयन के कारण संभव हो पाया है, जिसने स्थानीय किसानों की किस्मत को बदल दिया है।1
- मोड़ा टोल प्लाजा के निकट पंजाब प्रवेश द्वार पर निहंग सिंहों द्वारा 'खालसा एंट्री टैक्स' के नाम पर टोल लगाना शुरू किया गया है।1
- हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनावों के नतीजों के बाद, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने दावा किया है कि जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकार दिया है और अब मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देकर विधानसभा चुनाव का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। रणधीर शर्मा के अनुसार, इन चुनावों में भाजपा की 'सुनामी' आई है, जिसमें कांग्रेस का प्रदेशभर में 'सुपड़ा साफ' हो गया है। उन्होंने कहा कि यह जनादेश स्पष्ट संकेत देता है कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन का समय निकट है। शर्मा ने चुनाव परिणामों का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि चार नगर निगमों में से तीन प्रमुख नगर निगमों - मंडी, धर्मशाला और सोलन - में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। नगर परिषदों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 22 में से 12 और नगर पंचायतों में 25 में से 18 स्थानों पर जीत दर्ज कर कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। जिला परिषद चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 250 में से 144 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस केवल 60 सीटों तक सिमट गई। बिलासपुर में कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई और मुख्यमंत्री के गृह जिले हमीरपुर में उसकी स्थिति बेहद कमजोर रही। पंचायत समिति (बीडीसी) चुनावों में भी भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1769 वार्डों में से 1109 पर जीत दर्ज की, वहीं कांग्रेस 477 पर सिमट गई। इसके अतिरिक्त, प्रधान और उपप्रधान पदों पर 65 प्रतिशत से अधिक प्रतिनिधि भाजपा विचारधारा से जुड़े हुए हैं। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार शुरू से इन चुनावों से बचती रही, कभी पुनर्गठन, कभी रोस्टर, तो कभी डिलिमिटेशन जैसे बहानों का सहारा लेकर इन्हें टालने का प्रयास किया। उनका कहना था कि सरकार को पहले से ही जनता के बीच जाने पर करारी हार का आभास था, और अंततः न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद ही चुनाव करवाने पड़े। शर्मा ने जोर देकर कहा कि यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनता द्वारा कांग्रेस सरकार के खिलाफ सुनाया गया अविश्वास प्रस्ताव है, क्योंकि जनता झूठी गारंटियों, खोखले वादों और घोषणाओं की राजनीति से तंग आ चुकी है। उन्होंने विधानसभा चुनावों के समय महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह, युवाओं को रोजगार, किसानों को समर्थन मूल्य और मुफ्त बिजली जैसी कांग्रेस की गारंटियों का जिक्र करते हुए कहा कि तीन वर्ष बीतने के बाद भी अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर जनादेश स्वीकार करने के बजाय बहानेबाजी करने और हार की समीक्षा करने के बजाय भाजपा नेतृत्व पर टिप्पणी करने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने मुख्यमंत्री की राजनीतिक हताशा का प्रमाण बताया। शर्मा ने कांग्रेस की आंतरिक कलह और गुटबाजी पर भी निशाना साधा, जिसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी हार का कारण मान रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को प्रशासनिक दबाव, भय और तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ा, लेकिन जनता ने इन प्रयासों को विफल कर दिया। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नगर निगमों, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों में अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनावों के दौरान प्रशासनिक दबाव, प्रलोभन या शक्ति का दुरुपयोग कर जनता के जनादेश को बदलने का प्रयास करती है, तो भाजपा इसका लोकतांत्रिक और राजनीतिक स्तर पर पुरजोर विरोध करेगी। रणधीर शर्मा ने इन चुनावों को हिमाचल की सत्ता का 'सेमीफाइनल' बताते हुए कहा कि कांग्रेस यह 'सेमीफाइनल' बुरी तरह हार चुकी है और अब 'फाइनल' खेलने की स्थिति में भी नहीं बची है। उन्होंने अंत में मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर तत्काल इस्तीफा देने और विधानसभा चुनावों का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की, ताकि प्रदेश को एक नई दिशा और मजबूत नेतृत्व मिल सके।2
- विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर बुधवार को बंगाणा उपमंडल के मुच्छाली गांव में एक साइकिल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के 'मेरा युवा भारत (MY Bharat) ऊना' के सौजन्य से हुई इस रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था। इस रैली में युवाओं, बच्चों, विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने साइकिल चलाकर “साइकिल अपनाओ – स्वास्थ्य बढ़ाओ, पर्यावरण बचाओ” का महत्वपूर्ण संदेश जन-जन तक पहुंचाया। कार्यक्रम में पूर्व उपप्रधान अजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि युवा स्वयंसेवी अक्षय शर्मा ने विशेष अतिथि के तौर पर शिरकत की। दोनों ने युवाओं से नियमित रूप से साइकिल का उपयोग करने और एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। रैली के दौरान लोगों को पर्यावरण संरक्षण, फिटनेस और स्वच्छ जीवनशैली के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर वरिंदर कुमार, रवि कुमार, नरेश कुमार, किरण देवी और मीरा देवी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। यह संदेश दिया गया कि साइकिल सिर्फ एक साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।2
- हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग में शारीरिक शिक्षकों के कुल 355 पदों की प्रदेशव्यापी बैचवाइज भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसके तहत जिला हमीरपुर में 18 पद भरे जा रहे हैं। इन पदों के लिए प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय हमीरपुर में 3 और 4 जून को साक्षात्कार आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। जिला हमीरपुर में भरे जाने वाले 18 पदों में से 5 पद सामान्य अनारक्षित वर्ग के लिए निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त, 3 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (बीपीएल), 3 पद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), एक पद ओबीसी बीपीएल, 4 पद अनुसूचित जाति (एससी), एक पद एससी बीपीएल तथा एक पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। बुधवार को रोजगार कार्यालय भोरंज और बड़सर से संबंधित लगभग 400 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। विभाग ने भर्ती प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक हमीरपुर, कमल किशोर भारती ने पुष्टि की कि 18 शारीरिक शिक्षकों के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि पहले चरण में रोजगार कार्यालय भोरंज और बड़सर के पात्र अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया है, और कुल 400 अभ्यर्थी साक्षात्कार प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। कमल किशोर भारती ने जानकारी दी कि 3 और 4 जून को साक्षात्कार होंगे, जबकि शेष पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन 10 जून तक किया जाएगा। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए कार्यालय परिसर में 8 से 10 काउंटर स्थापित किए गए हैं, जिससे दस्तावेजों की जांच और अन्य औपचारिकताएं बिना किसी परेशानी के पूरी की जा सकें। विभाग इस भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि विद्यालयों में शारीरिक शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जा सके।1
- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में ढंक क्वाली के पास दो व्यक्ति नशे की हालत में आपस में झगड़ पड़े। इस घटना को देखने के लिए मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।1
- घुमारवीं उपमंडल में आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 3 जून को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) घुमारवीं के बैठक कक्ष में उपमंडल अधिकारी (ना.) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में नियुक्त सभी कर्मियों को जनगणना प्रक्रिया, डेटा संग्रहण के तरीके और तकनीकी पहलुओं से पूरी तरह अवगत कराना है। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने बताया कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार होती है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इसके बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न आवश्यक जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे। जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं, और जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- मौसम विभाग ने शिमला में अगले कई घंटों तक और बारिश होने की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते सभी शिमलावासियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।1
- हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा को नैतिकता की बात करना शोभा नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार को गिराने का प्रयास किया था, लेकिन जनता ने उनके इस प्रयास को नकार दिया। नेगी ने दावा किया कि भाजपा ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और धनबल का इस्तेमाल कर सरकार गिराने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए उपचुनावों में नौ में से छह सीटों पर कांग्रेस विधायकों की जीत ने जनता का स्पष्ट रुख दिखा दिया है। राजस्व मंत्री ने भाजपा विधायकों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में नैतिकता में विश्वास रखते हैं, तो उन्हें अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। जगत सिंह नेगी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा, यह कहते हुए कि केंद्र के खिलाफ कई बड़े मुद्दे लंबित हैं और नैतिकता के आधार पर केंद्र सरकार को भी अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पंजाब-हिमाचल सीमा पर कथित रूप से वसूले जा रहे "खालसा टैक्स नाका" के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा। नेगी ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला भाजपा द्वारा ही रचा गया है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस सरकार के खिलाफ माहौल बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोगों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस मुद्दे पर पंजाब सरकार के साथ बातचीत की जाएगी।4