पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के खिलाफ नस्लीय हिंसा से निपटने में संवैधानिक विफलता की न्यायिक जांच की मांग! संवैधानिक अधिकारों के अनुच्छेद 14, 19 (1) (A) एवं (G) और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन! एंजेल चकमा ने हमले के समय सवाल पूछते हुए कहा था, हम भारतीय है इसके लिए हमें कौन सा सर्टिफिकेट दिखाना होगा ? सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा, अपराध, अपराध है और इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए. पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी को याचिका पर विचार करने और उसे उचित प्राधिकारी को भेजने का निर्देश! पीठ ने कहा, आजादी के इतने वर्षों बाद नस्ल, क्षेत्र, लिंग और जाति के आधार पर लोगों की पहचान करना प्रतिगामी मार्ग पर चलने के समान होगा. शुरुआत में, याचिकाकर्ता वकील अनूप प्रकाश अवस्थी ने कहा कि यह मुद्दा संसद में उठाया गया था, लेकिन सांसदों ने इस तरह के घृणा अपराधों से निपटने के लिए कोई एजेंसी बनाने से इनकार कर दिया था। त्रिपुरा के 24-वर्षीय एमबीए छात्र अंजेल चकमा की निर्मम हत्या के बाद पिछले साल 28 दिसंबर को जनहित याचिका दायर की गई थी. देहरादून के सेलाक्वी इलाके में 26 दिसंबर, 2025 को नस्लीय रूप से प्रेरित हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण चकमा की मौत हो गई थी. वकील ने कहा कि चकमा को बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया था। पीठ ने कहा, याचिकाकर्ता को याचिका की सॉफ्ट कॉपी, साथ ही इस आदेश की एक प्रति अटॉर्नी जनरल के कार्यालय में जमा करने की स्वतंत्रता के साथ इस रिट याचिका का निपटारा किया जाता है. पीठ ने यह भी कहा कि शीर्ष विधि अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करेंगे! याचिका में पूर्वोत्तर राज्यों और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और हिंसा को रोकने और उससे निपटने में ‘लगातार संवैधानिक विफलता’ को दूर करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों के खिलाफ नस्लीय हिंसा से निपटने में संवैधानिक विफलता की न्यायिक जांच की मांग! संवैधानिक अधिकारों के अनुच्छेद 14, 19 (1) (A) एवं (G) और अनुच्छेद 21 का उल्लंघन! एंजेल चकमा ने हमले के समय सवाल पूछते हुए कहा था, हम भारतीय है इसके लिए हमें कौन सा सर्टिफिकेट दिखाना होगा ? सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा, अपराध, अपराध है और इससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए. पीठ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी को याचिका पर विचार करने और उसे उचित प्राधिकारी को भेजने का निर्देश! पीठ ने कहा, आजादी के इतने वर्षों बाद नस्ल, क्षेत्र, लिंग और जाति के आधार पर लोगों की पहचान करना प्रतिगामी मार्ग पर चलने के समान होगा. शुरुआत में, याचिकाकर्ता वकील अनूप प्रकाश अवस्थी ने कहा कि यह मुद्दा संसद में उठाया गया था, लेकिन सांसदों ने इस तरह के घृणा अपराधों से निपटने के लिए कोई एजेंसी बनाने से इनकार कर दिया था। त्रिपुरा के 24-वर्षीय एमबीए छात्र अंजेल चकमा की निर्मम हत्या के बाद पिछले साल 28 दिसंबर को जनहित याचिका दायर की गई थी. देहरादून के सेलाक्वी इलाके में 26 दिसंबर, 2025 को नस्लीय रूप से प्रेरित हमले में लगी गंभीर चोटों के कारण चकमा की मौत हो गई थी. वकील ने कहा कि चकमा को बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया था। पीठ ने कहा, याचिकाकर्ता को याचिका की सॉफ्ट कॉपी, साथ ही इस आदेश की एक प्रति अटॉर्नी जनरल के कार्यालय में जमा करने की स्वतंत्रता के साथ इस रिट याचिका का निपटारा किया जाता है. पीठ ने यह भी कहा कि शीर्ष विधि अधिकारी आवश्यक कार्रवाई करेंगे! याचिका में पूर्वोत्तर राज्यों और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और हिंसा को रोकने और उससे निपटने में ‘लगातार संवैधानिक विफलता’ को दूर करने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
- सुबह करीब 6 बजकर 26 मिनट पर सूचना मिली कि टाइल्स से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी कार से टकरा गया और पलट गया। टक्कर के बाद ट्रक और कार दोनों में भीषण आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर स्टेशन देहरादून की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और डिलीवरी होज पाइप के माध्यम से आग पर काबू पाया। दमकल कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से आग को पूरी तरह बुझा दिया गया और बड़ी घटना होने से रोक लिया गया। इस हादसे में राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मौके पर GAIL फायर सर्विस की टीम भी मौजूद रही और स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग किया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।1
- टिहरी : श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के टिहरी जिलाध्यक्ष बलवीर नेगी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन प्रेषित किया जिसमे उन्होंने पुनर्वास बिभाग जो अब टीएचडीसी को हस्तानांतरित हो गया है पर आरोप लगाते हुए कहा कि नई टिहरी-बौराड़ी मुख्य मार्ग से जेल रोड के ऊपर हुये आवंटित भूखण्डों को पुनर्वास बिभाग द्वारा गलत तरीके से आवंटन किया गया है l उन्होंने कहा कि पूर्व में उक्त मोटर मार्ग के ऊपर टिहरी बांध परियोजना द्वारा डंपिंग जोन बनाने हेतु लगभग 5 मीटर ऊंची दीवार का निर्माण किया गया है, किन्तु पुर्नवास निदेशालय और बिल्डरों की मिलीभगत से उक्त डंपिग जोन के ऊपर भूखण्ड आंवटित कर दिये गये हैं। जबकि पुर्नवास निदेशालय द्वारा उक्त भूखण्ड पूर्व में अन्यत्र आवंटित किये जा चुके थे किन्तु बिल्डरों द्वारा कास्तकारों की पात्रता खरीद कर पूर्व में आंवटित भूखण्डों को पुर्नवास निदेशालय के अधिकारियों की मिली भगत से परिवर्तित करवा दिया गया, जहां पर कई अखरोट के पेड़ व अन्य फलदार वृक्ष मौजूद थे, जिनको काटकर वर्तमान समय में बिल्डरों द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि डम्पिंग जोन के ऊपर आवासीय कॉलोनी सी० ब्लॉक टाईप 3 का सी0 4/4 बलबीर सिंह नेगी एवं सी0-3/4 सतीश उनियाल को स्वामित्व के रूप में आवंटित हो रखा है जिन पर हम परिवार सहित निवासरत हैं, जबकि उक्त आवासीय सी०-ब्लॉक का भवन तत्कालीन समय में बिना कॉलम के बने हुये हैं l उन्होंने कहा कि ठीक उसी के नीचे बिल्डरों द्वारा जे०सी०बी० मशीन से खड़ी कटिंग की जा रही है । जिससे उक्त आवासीय भवन को खतरा उत्पन्न हो गया है और भवन में निवासरत परिवारों को जानमाल का खतरा बना हुआ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उक्त भवन एवं उसमें निवासरत परिवारों को भविष्य में कोई हानि होती है तो उसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं पुर्नवास निदेशालय की होगी । उन्होंने जिलाधिकारी से निवेदन किया है कि उक्त आवासीय भवन में निवासरत परिवारों की सुरक्षा को मध्यनजर रखते हुये परिवर्तित भूखण्डों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाए l1
- हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों की लगाई क्लास1
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- #गढ़वाल_क्रिकेट_लीग_2026 #जीसीएल_श्रीनगर #कुलवीर_उनियाल #उत्तराखंड_क्रिकेट #जीसीएल_5वां_सीजन 🏏🔥1
- हरिद्वार की रोशनाबाद कोर्ट में बम विस्फोट करने के ई मेल को गंभीरता से लेते हुए आज पुलिस ने बम स्क्वायड के साथ पूरे न्यायालय का चप्पा-चप्पा छाना हालांकि इस दौरान कहीं से कोई विस्फोटक नहीं मिला। बता दें कि इस तरह की शरारतें पहले भी होती रही हैं। हरिद्वार रेलवे स्टेशन और हरकी पैड़ी को आतंकवादी संगठनों के नाम से कई बार बम से उड़ानें की धमकियां मिल चुकी हैं हालांकि जांच के बाद इन्हें किसी की शरारत माना गया था। हालांकि एसएसपी नवनीत सिंह का कहना है कि पुलिस ऐसी सूचनाओं के प्रति पूरी तरह गंभीर है और ई-मेल की प्रत्येक दृष्टि से जांच की जा रही है। (-कुमार दुष्यंत)1
- 14 मार्च 2026 को टिहरी, नरेन्द्रनगर मे लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, कई कानूनी मामलो का किया जायेगा निस्तारण1
- हरिद्वार : पथरी क्षेत्र स्थित जट्ट बहादरपुर में ऊर्जा निगम की टीम ने विजिलेंस के साथ छापा मारा इस दौरान ग्रामीणों ने जताया विरोध।1
- Post by Dpk Chauhan1