विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी *आरा की आरण्य देवी का पुरातन इतिहास* आरा शहर की अधिष्ठात्री देवी "मां आरण्य देवी" का इतिहास रामायण और महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है। इसी देवी के नाम पर आरा शहर का नाम पड़ा है । पौराणिक कथा और स्थापना* पांडव और युधिष्ठिर*: मान्यता है कि वनवास के दौरान पांडव आरा में रुके थे। यहां पहले घना जंगल था। धर्मराज युधिष्ठिर को मां ने स्वप्न में दर्शन देकर आरण्य देवी की प्रतिमा स्थापित करने का आदेश दिया था। तब युधिष्ठिर ने यहां आदिशक्ति की स्थापना की। श्रीराम का प्रसंग*: ताड़का वध के बाद भगवान राम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र जब बक्सर से जनकपुर धनुष यज्ञ के लिए जा रहे थे, तो उन्होंने आरा से गुजरते हुए आरण्य देवी की पूजा की थी। शक्तिपीठ*: मान्यता है कि माता सती का एक अंग यहां भी गिरा था। इसे 51 शक्तिपीठों में से एक भी माना जाता है। नामकरण की कथा - "आरा" कैसे पड़ा* द्वापर युग में यहां राजा मयूरध्वज राज करते थे। कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने अर्जुन के साथ आकर राजा के दान की परीक्षा ली। राजा अपने बेटे की बलि देने को तैयार हुए तो मां आरण्य देवी प्रकट हुईं। उस समय राजा आरा यानि लकड़ी चीरने वाले औजार से बेटे को चीर रहे थे। इसी कारण इस जगह का नाम "आरा" पड़ा और देवी "आरण्य देवी" यानि वन की देवी कहलाईं। कुछ मान्यताओं में कहा गया है कि भगवान कृष्ण ने ही इस रतनपुरा नगर का नाम "आरा" रखा था। मंदिर की विशेषताएं* मूर्तियां*: मंदिर में काले पत्थर की महासरस्वती की बड़ी मूर्ति और महालक्ष्मी की छोटी मूर्ति है। छोटी को लक्ष्मी और बड़ी को सरस्वती का रूप माना जाता है। वर्तमान मंदिर*: वर्तमान संगमर का मंदिर आरा में स्थापित है । सन् 1953 में इसमें श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की मूर्तियां भी स्थापित की गईं। *अन्य नाम*: इन्हें "किला की देवी" के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि द्वापर में राजा मयूरध्वज का किला यहीं था। धार्मिक मान्यता* लोग मानते हैं कि यहां मांगी गई मन्नत जरूर पूरी होती है। मन्नत पूरी होने तक श्रद्धालु घी के बड़े दीये जलाते हैं। नवरात्र में यहां देश भर से भक्त आते हैं। *स्थान*: आरा रेलवे स्टेशन से उत्तर, शीश महल चौक से लगभग 200 मीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। आरण्य देवी आरा की कुलदेवी हैं और इनका इतिहास सतयुग से कलियुग तक बताया जाता है।
विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी *आरा की आरण्य देवी का पुरातन इतिहास* आरा शहर की अधिष्ठात्री देवी "मां आरण्य देवी" का इतिहास रामायण और महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है। इसी देवी के नाम पर आरा शहर का नाम पड़ा है । पौराणिक कथा और स्थापना* पांडव और युधिष्ठिर*: मान्यता है कि वनवास के दौरान पांडव आरा में रुके थे। यहां पहले घना जंगल था। धर्मराज युधिष्ठिर को मां ने स्वप्न में दर्शन देकर आरण्य देवी की प्रतिमा स्थापित करने का आदेश दिया था। तब युधिष्ठिर ने यहां आदिशक्ति की स्थापना की। श्रीराम का प्रसंग*: ताड़का वध के बाद भगवान राम, लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र जब बक्सर से जनकपुर धनुष यज्ञ के लिए जा रहे थे, तो उन्होंने आरा से गुजरते हुए आरण्य देवी की पूजा की थी। शक्तिपीठ*: मान्यता है कि माता सती का एक अंग यहां भी गिरा था। इसे 51 शक्तिपीठों में से एक भी माना जाता है। नामकरण की कथा - "आरा" कैसे पड़ा* द्वापर युग में यहां राजा मयूरध्वज राज करते थे। कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने अर्जुन के साथ आकर राजा के दान की परीक्षा ली। राजा अपने बेटे की बलि देने को तैयार हुए तो मां आरण्य देवी प्रकट हुईं। उस समय राजा आरा यानि लकड़ी चीरने वाले औजार से बेटे को चीर रहे थे। इसी कारण इस जगह का नाम "आरा" पड़ा और देवी "आरण्य देवी" यानि वन की देवी कहलाईं। कुछ मान्यताओं में कहा गया है कि भगवान कृष्ण ने ही इस रतनपुरा नगर का नाम "आरा" रखा था। मंदिर की विशेषताएं* मूर्तियां*: मंदिर में काले पत्थर की महासरस्वती की बड़ी मूर्ति और महालक्ष्मी की छोटी मूर्ति है। छोटी को लक्ष्मी और बड़ी को सरस्वती का रूप माना जाता है। वर्तमान मंदिर*: वर्तमान संगमर का मंदिर आरा में स्थापित है । सन् 1953 में इसमें श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की मूर्तियां भी स्थापित की गईं। *अन्य नाम*: इन्हें "किला की देवी" के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि द्वापर में राजा मयूरध्वज का किला यहीं था। धार्मिक मान्यता* लोग मानते हैं कि यहां मांगी गई मन्नत जरूर पूरी होती है। मन्नत पूरी होने तक श्रद्धालु घी के बड़े दीये जलाते हैं। नवरात्र में यहां देश भर से भक्त आते हैं। *स्थान*: आरा रेलवे स्टेशन से उत्तर, शीश महल चौक से लगभग 200 मीटर उत्तर-पूर्व में स्थित है। आरण्य देवी आरा की कुलदेवी हैं और इनका इतिहास सतयुग से कलियुग तक बताया जाता है।
- 🩺 निःशुल्क त्वचा रोग शिविर आयोजित 💊 मरीजों को मुफ्त दवा वितरण 🎤 डॉ. सन्नी सिंह ने त्वचा व बालों की देखभाल पर दी अहम जानकारी। 🩺 निःशुल्क त्वचा रोग शिविर आयोजित 💊 मरीजों को मुफ्त दवा वितरण 🎤 डॉ. सन्नी सिंह ने त्वचा व बालों की देखभाल पर दी अहम जानकारी। ✍️ रिपोर्टर: पंकज सिंह | जनता की आवाज आरा न्यूज़ #Ara #Bhojpur #DrSunnySingh #FreeMedicalCamp #SkinCare #UshaHospital #JanataKiAawazAraNews1
- विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी शहीद भवन आरा कांग्रेस कार्यालय शहीद भवन आरा से अंबेडकर चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया1
- 🚨 भरत तिवारी केस में कैसे और क्यों हो रही राजनीति? परिवार के साथ खड़े रहने वाले लोगों पर ही क्यों दर्ज हुई FIR? बेलौटी के 'त्रिपाठी बंधुओं' ने खोला चंदा और विवाद का राज! 🔴 बड़ा आरोप: बोले- सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद बदल गया पूरा परिवार! आखिर भरत तिवारी मामले में क्या है पूरा विवाद? किस बात को लेकर उठ रहे हैं सवाल? जानिए त्रिपाठी बंधुओं की जुबानी पूरी कहानी... #BharatTiwariCase #BharatTiwari #BhojpurNews #BiharNews #JusticeForBharatTiwari #ARNEWS241
- सुनो कर बेइमानो संविधान में मोच और राज्यसभा का सीट उनके लिए बना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जो चुनाव नहीं लड़ सकते हैं जो आर्थिक रूप से मजबूत है चुनाव लड़ सकता है धनवान है उसके लिए नहीं बना मगर तुम लोग सारा सेट बेचकर गरीब गुरु मध्यम वर्ग की औकात राजनीतिक भागीदारी छीन लेते हो अपनी आदत में सुधार लाओ लोकतंत्र की रक्षा करो1
- पुण्यतिथि (स्व. मो. रफी एवं स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामचंद्र लाल जी की ) स्थानीय आरा से संजय श्रीवास्तव पुण्यतिथि (स्व. मो. रफी एवं स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामचंद्र लाल जी की ) स्थानीय रमना पकड़ी रोड स्थित, आनंद हॉस्पिटल में,स्वर सम्राट स्वर्गीय मोहम्मद रफी एवं प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी, स्वर्गीय रामचंद्र लाल जी की पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया ,जिसकी अध्यक्षता प्रसिद्ध वरीय फिजिशियन ,पूर्व अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, तथा चिकित्सा मंच जिला ध्यक्ष( भारतीय जनता पार्टी)डॉ के एन सिन्हा ने की। इस अवसर पर उपस्थित परिवार के सदस्य गण , मित्रों और कला संगीत प्रेमियों ने दोनों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित की। डॉ सिन्हा ने बताया कि मेरे पिता जी स्वर्गीय रामचंद्र लाल जी, एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी , समाजसेवी एवं बिक्रमगंज मानस सत्संग समिति के आजीवन अध्यक्ष रहे । वे एक मेहनती, जिंदा दिल, धार्मिक व्यक्ति एवं प्रेरक व्यक्तित्व के धनी थे।मेरी मां स्वर्गीय सावित्री देवी के साथ मिलकर उन्होंने कई मठ, मंदिरों, पूजा स्थलों, कुओं का जीर्णोद्धार कराया। जरूरतमंद असहाय लोगों को हर तरह से मदद करते थे अकाल में, भीषण गर्मी के दिनों में खाना, पेयजल वितरण करते थे। स्वर सम्राट स्वर्गीय मोहम्मद रफी के बारे में तो कुछ भी कहना, सूरज को दीपक दिखाना है। वे दैविक आवाज के मालिक थे। हर मौकौ पर गाये गए, उनके गीत जीवन के संबल एवं प्रेरणा स्रोत हैं। शाम में असहाय ,जरूरतमंद, फुटपाथ पर वसर करने वाले रमना मैदान के चारों ओर, महावीर मंदिर के पास लोगों के बीच फूड पैकेट का वितरण किया गया । स्वर्गीय मोहम्मद रफी की श्रद्धांजलि के रूप में संगीत सभा का आयोजन किया गया, "एक शाम ,रफी के नाम" जिसमे शहर के प्रसिद्ध गायको ने अपनी संगीतमय ,कलात्मक प्रस्तुति दी। प्रमुख थे अधिवक्ता पप्पू पुरुषोत्तम, दीपक जैन, रतन जी, प्रकाश सुमन, डॉ मदन मोहन द्विवेदी डॉ विवेक सिन्हा,अशोक राज, रमेश कुमार बर्मन, मो. मंजूर एवं डॉ के एन सिन्हा स्वयं। वाद्य यंत्र पर थे अनूप क्षत्रिय, पप्पू शाहबादी,अजय कुमार,चंद्र मोहन ओझा, राजीव कुमार ओझा आदि। अन्य उपस्थित लोगों में थे अवकाश प्राप्त डीएसपी अविनाश कुमार शशि जी अनिल जी प्रदीप कुमार विनोद कुमार शिव नारायण राय हरेंद्र प्रसाद ओमप्रकाश श्रीवास्तव राजू कुमार यादव, शशिकांत कुमार थे।1
- गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898 गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 70910778981
- राम मंदिर चंदा चोरी का कोई हिसाब नहीं क्योंकि चौकीदार ही राम मंदिर चंदा चोरी का कोई हिसाब नहीं क्योंकि चौकीदार ही चोर है ? 🤣🤣1
- 🚨 फ्री दंत चिकित्सा शिविर आयोजित 💊 मरीजों को नि:शुल्क दवा वितरण 🎤 डॉ. निधि प्रभाकर से दांतों की देखभाल पर खास बातचीत ✍️ रिपोर्ट: पंकज सिंह 🚨 फ्री दंत चिकित्सा शिविर आयोजित 💊 मरीजों को नि:शुल्क दवा वितरण 🎤 डॉ. निधि प्रभाकर से दांतों की देखभाल पर खास बातचीत ✍️ रिपोर्ट: पंकज सिंह1