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गर्मियों का समय होने के कारण डेंगू और मलेरिया की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर नालियों की तत्काल और जल्द से जल्द सफाई करने की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ता ने माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जब कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है, तो उन्हें समय पर सफाई के कार्य पर भेजा जाए। इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए सभी लोगों से इस वीडियो को साझा करने और यह शिकायत सुनिश्चित रूप से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का निवेदन किया गया है, ताकि जल्द से जल्द सफाई हो सके।
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गर्मियों का समय होने के कारण डेंगू और मलेरिया की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर नालियों की तत्काल और जल्द से जल्द सफाई करने की मांग उठाई गई है। शिकायतकर्ता ने माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जब कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है, तो उन्हें समय पर सफाई के कार्य पर भेजा जाए। इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए सभी लोगों से इस वीडियो को साझा करने और यह शिकायत सुनिश्चित रूप से संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का निवेदन किया गया है, ताकि जल्द से जल्द सफाई हो सके।
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- उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में एक विधवा महिला चंचल देवी को लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार न्याय मिला है, जब जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने स्वयं हस्तक्षेप कर उनके अवैध रूप से कब्ज़ाए गए मकान को वापस दिलवाया। आरोप था कि ताज मोहम्मद नामक व्यक्ति ने चंचल देवी के मकान पर अवैध कब्जा कर लिया था, जिससे उन्हें कई स्तरों पर शिकायत करने के बावजूद कोई राहत नहीं मिल रही थी। जब अन्य सभी प्रयास विफल हो गए, तो चंचल देवी ने जिलाधिकारी रवींद्र कुमार से मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को समझते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। जांच-पड़ताल के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए, मकान को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। इसके बाद, जिलाधिकारी रवींद्र कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और भावुक क्षणों के बीच चंचल देवी को उनके घर की चाबी सौंपकर उन्हें उनका आशियाना वापस दिलाया। अपना घर वापस मिलने पर चंचल देवी की आँखों से खुशी के आँसू छलक पड़े, और मौके पर मौजूद लोगों ने भी प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना की। इस दौरान जिलाधिकारी रवींद्र कुमार ने चंचल देवी का हाल-चाल पूछा और उनके परिवार के बारे में जानकारी ली, जिसमें उनके बच्चों और बहू के किराए के मकान में रहने की बात सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने उन्हें परिवार को भी अपने वापस मिले घर में लाने की सलाह दी। जिलाधिकारी की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है, जिससे लोगों का कहना है कि ऐसी पहल से आम जनता का विश्वास शासन-प्रशासन में और मजबूत होता है।1
- बदायूँ के सहसवान थाना क्षेत्र के ग्राम परसौना में बेजुबान कबूतरों की हत्या के मामले में कड़ी मेहनत के कई दिनों बाद आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब शुरू में मामले को हल्के में लेने और आरोपियों को बचाने के प्रयासों के गंभीर आरोप लग रहे थे। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती दौर में पुलिस पर इस हत्याकांड को गंभीरता से न लेने का आरोप था। हालांकि, जब यह मामला मीडिया में प्रमुखता से उछला, तो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने इसका संज्ञान लिया। उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई शुरू करनी पड़ी। इस घटनाक्रम को बेजुबानों को न्याय दिलाने की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।1
- ग्राम अतरपुरा में काफी वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर मेले का आयोजन होने जा रहा है। यह मेला 6 जून को आयोजित होगा। आयोजकों ने सभी ग्रामीणों और आसपास के लोगों से इस मेले को देखने और इसमें शामिल होने का हार्दिक आग्रह किया है।1
- कासगंज में मंगलवार को श्री वराह जन सेवा दिव्यांग समिति, सोरों के तत्वावधान में दो दर्जन से अधिक दिव्यांगजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम संजीव कुमार को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन समिति के अध्यक्ष कुलदीप निर्भय के नेतृत्व में दिया गया, जिसमें न्याय की मांग उठाई गई। ज्ञापन में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से संबंधित एक प्रकरण में संस्था को दोषमुक्त (क्लीन चिट) घोषित किए जाने की मांग की गई है। समिति ने अपनी बात रखते हुए कहा कि उनकी संस्था पिछले कई वर्षों से दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सामाजिक उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनका दावा है कि संबंधित जांच रिपोर्ट में संस्था अथवा उसके किसी भी पदाधिकारी के विरुद्ध लगाए गए कोई भी आरोप प्रमाणित नहीं पाए गए हैं। समिति अध्यक्ष कुलदीप निर्भय ने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संस्था को औपचारिक रूप से क्लीन चिट प्रदान की जानी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने संबंधित मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की भी मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि संस्था की छवि और दिव्यांगजनों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में शीघ्र न्याय मिलना अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित अन्य दिव्यांगजनों ने भी प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई और न्याय दिलाने की अपील की। एसडीएम संजीव कुमार ने ज्ञापन प्राप्त करने के उपरांत नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस ज्ञापन कार्यक्रम में समिति से जुड़े कई पदाधिकारी और अजय कुमार, बृजपाल, धर्मपाल, प्रहलाद महेरे, राजीव कुमार, ज्ञानदेवी, विमला कुमारी, प्रियंका, शकुंतला, विनीता, विष्णु मौर्य, शीला कुमारी, नीरज, सोहिल, ज़ीशान जैसे दो दर्जन से अधिक दिव्यांगजन मौजूद रहे।2
- ग्राम पुसगवां में जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकी में फंसे एक कमजोर बंदर को दो दिनों के अथक प्रयासों के बाद सुरक्षित बचा लिया गया। कई बंदर टंकी के अंदर घुस गए थे, जिनमें से अधिकांश खुद बाहर निकल गए, लेकिन एक कमजोर बंदर अंदर ही फंसा रह गया और उसकी जान पर खतरा मंडराने लगा था। टंकी के ऑपरेटर विजय शर्मा को जब यह जानकारी मिली, तो उन्होंने बंदर को निकालने के कई प्रयास किए, जिसमें सीढ़ी, बल्ला और रस्सी का इस्तेमाल शामिल था, लेकिन बंदर की कमजोरी के कारण वह बाहर नहीं निकल पाया। शाम को विजय शर्मा ने अपने भाई प्रशांत शर्मा को घटना बताई, जिन्होंने तत्काल पीपुल्स फॉर एनिमल्स, बदायूं से संपर्क किया। सूचना मिलते ही एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट विकेंद्र शर्मा जी और उनकी टीम ने तुरंत बचाव अभियान चलाने का फैसला किया। बचाव अभियान रात लगभग 9 बजे शुरू हुआ और देर रात 11:50 बजे तक चला। कड़ी मेहनत, सूझबूझ और टीमवर्क के साथ बंदर को सफलतापूर्वक टंकी से बाहर निकाल लिया गया। इस सफल रेस्क्यू से न केवल एक बेजुबान जीव की जान बची, बल्कि जल स्रोत को प्रदूषित होने से भी बचाया जा सका। इस सराहनीय कार्य में पीपुल्स फॉर एनिमल्स की टीम, प्रवेश शर्मा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रशांत सागर, पवन राठौर, जुबेर, केशव ठाकुर और पुलिस प्रशासन सहित कई लोगों ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। यह घटना मानवता, पशु-प्रेम और सामूहिक प्रयास की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह संदेश देती है कि हर जीव का जीवन मूल्यवान है और संकट की घड़ी में मिलकर किया गया प्रयास किसी भी जीवन को बचा सकता है।1
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने गैस की कीमतों को लेकर एक दमदार भाषण दिया। उन्होंने जनता के बीच जाकर बढ़ती महंगाई और गैस की कीमतों के मुद्दे पर लोगों से बातचीत की।1
- संभल जिले की ग्राम पंचायत रसूलपुर में एक पानी का तालाब है, जिसके चारों ओर मकान बना लिए गए हैं। इस वजह से तालाब का पानी लगातार सड़क पर भरा रहता है। यह सड़क बच्चों के स्कूल जाने का मुख्य रास्ता है, और सड़क पर पानी भरा रहने के कारण बच्चों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।1