पारंपरिक पूजा-पाठ बंद होने से चिंतित ग्रामीणों ने उपायुक्त से लगाई गुहार लातेहार । जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत बरवाटोली पंचायत के रूद गांव के ग्रामीणों ने अपनी पारंपरिक प्राकृतिक पूजा-पाठ की व्यवस्था को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर उपायुक्त को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पूर्व काल से सरहुल, कर्मा, होलिका दहन, सावन सप्तमी समेत अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान नियमित रूप से आयोजित होते रहे हैं, जिनकी शुरुआत गांव के पाहन द्वारा की जाती थी।ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि बीते तीन महीनों से पूजा-अर्चना बंद रहने के कारण गांव में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उनका मानना है कि इन परंपराओं के ठप पड़ने से गांव में अशुभ घटनाएं बढ़ी हैं और आगे भी अनिष्ट की आशंका बनी हुई है।बताया कि पूजा-अनुष्ठानों के संचालन के लिए गांव में लगभग 33.47 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जो फिलहाल पाहन परिवार के कब्जे में है। आवेदन के अनुसार पारिवारिक विवाद के चलते मनोज पाहन, निर्मल पाहन, अशोक पाहन, राम सेवक राम, अर्जुन पाहन, सुखदेव पाहन, बासदेव पाहन, जमुना देवी, राजो देवी, सुमित्रा देवी और सुमंती देवी द्वारा पूजा-पाठ का निर्वहन नहीं किया जा रहा है।ग्रामीणों ने उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने और पारंपरिक पूजा-पाठ को फिर से शुरू कराने की मांग की है। इस मौके पर भगवती देवी, मुरारी महतो, संजय भारती, देवेंद्र महतो, गणेश ठाकुर, विजय साहू, मनोज राव, चरण ठाकुर, अजीत उरांव, संजय उरांव, हरमन तिर्की, विजय उरांव, मालती देवी, सीता देवी, संगीता देवी, तारामणि देवी, प्रिया कुमारी, प्यारी कुमारी, शीला देवी, आशा देवी और पूनम देवी समेत अन्य महिला पुरुष मौजूद रहे।
पारंपरिक पूजा-पाठ बंद होने से चिंतित ग्रामीणों ने उपायुक्त से लगाई गुहार लातेहार । जिले के चंदवा प्रखंड अंतर्गत बरवाटोली पंचायत के रूद गांव के ग्रामीणों ने अपनी पारंपरिक प्राकृतिक पूजा-पाठ की व्यवस्था को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर उपायुक्त को आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पूर्व काल से सरहुल, कर्मा, होलिका दहन, सावन सप्तमी समेत अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठान नियमित रूप से आयोजित होते रहे हैं, जिनकी शुरुआत गांव के पाहन द्वारा की जाती थी।ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि बीते तीन महीनों से पूजा-अर्चना बंद रहने के कारण गांव में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। उनका मानना है कि इन परंपराओं के ठप पड़ने से गांव में अशुभ घटनाएं बढ़ी हैं और आगे भी अनिष्ट की आशंका बनी हुई है।बताया कि पूजा-अनुष्ठानों के संचालन के लिए गांव में लगभग 33.47 एकड़ जमीन उपलब्ध है, जो फिलहाल पाहन परिवार के कब्जे में है। आवेदन के अनुसार पारिवारिक विवाद के चलते मनोज पाहन, निर्मल पाहन, अशोक पाहन, राम सेवक राम, अर्जुन पाहन, सुखदेव पाहन, बासदेव पाहन, जमुना देवी, राजो देवी, सुमित्रा देवी और सुमंती देवी द्वारा पूजा-पाठ का निर्वहन नहीं किया जा रहा है।ग्रामीणों ने उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने और पारंपरिक पूजा-पाठ को फिर से शुरू कराने की मांग की है। इस मौके पर भगवती देवी, मुरारी महतो, संजय भारती, देवेंद्र महतो, गणेश ठाकुर, विजय साहू, मनोज राव, चरण ठाकुर, अजीत उरांव, संजय उरांव, हरमन तिर्की, विजय उरांव, मालती देवी, सीता देवी, संगीता देवी, तारामणि देवी, प्रिया कुमारी, प्यारी कुमारी, शीला देवी, आशा देवी और पूनम देवी समेत अन्य महिला पुरुष मौजूद रहे।
- महुआडांड़ प्रखंड के प्रतापपुर हजरत अंजान शाह दाता मजार में उर्स मुबारक के मौके पर इस बार माहौल पूरी तरह सूफियाना रंग में रंगने वाला है। 26 अप्रैल को आयोजित भव्य कव्वाली कार्यक्रम में मुंबई से चर्चित कव्वाल नईम साबरी और मशहूर कव्वाला शीबा परवीन अपनी दमदार आवाज़ से महफिल में चार चांद लगाएंगे।इस संबध में जेएमएम युवा जिला सचिव परवेज आलम ने बताया कि इस खास कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बड़ी संख्या में जायरीन के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। उर्स के इस आयोजन को यादगार बनाने की पूरी तैयारी कर ली गई है।2
- Post by Abhay Kumar1
- मनिका लातेहार:एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी के 47वा स्थापना दिवस जश्न पूरे भारतवर्ष मनाया जा रहा था वही मनिका प्रखंड क्षेत्र के लातेहार युवा मोर्चा के कर्मठ ,जुझारू और निष्ठावान जिला अध्यक्ष छोटू राजा का लातेहार के महामंत्री बनाए जाने से खुशियां हुई दुगनी और मनिका मंडल अध्यक्ष मनदीप कुमार ने उन्हें भगवा अंग भेट कर सम्मानित किया और मुंह मीठा कराया तथा मनिका के सभी भाजपाई खुशियों से खुशियों से लबरेज थे1
- उपायुक्त कार्यालय के समीप बने व्यायाम शाला का लुप्त उठाता बच्चे सुरयकान्द़ बिधाथी3
- Post by AAM JANATA1
- टाना समुदाय के साथ जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति भूमि समस्या को लेकर हुआ वार्तालाप अंचल कार्यालय सेन्हा में बैठक आयोजित कर किया गया1
- Post by Lalmohan munda2
- महुआडांड़ (लातेहार) 2024 में मां की मृत्यु के बाद 10 वर्षीय करण तिर्की और कोमल तिर्की का जीवन संकट में पड़ गया। पिता दीपक तिर्की इस घटना के बाद घर छोड़कर चले गए घर में केवल बुजुर्ग दादा और दादी रह गए, जो बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। ऐसी स्थिति में दोनों बच्चों को उनकी बुआ के घर रहना पड़ा। हालांकि, बुआ के परिवार में पहले से मौजूद जिम्मेदारियों के बीच बच्चों का रहना धीरे-धीरे पारिवारिक विवाद का कारण बनने लगा। स्थिति बिगड़ती देख बुआ ने सामाजिक सहयोग की तलाश की और आर पी एस सेवा संस्थान से संपर्क किया। संस्थान ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया और उन्हें आश्रय प्रदान किया। संस्था द्वारा बच्चों की देखभाल, शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।1