बिहार का जहानाबाद ज़िला इतिहास और अध्यात्म की गहरी जड़ों वाला एक ऐसा स्थान है, जिसने दरभंगा महाराज के काल से लेकर मगध के गौरवशाली इतिहास तक, समय के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। यहाँ की 'बराबर की गुफाएं' तीसरी सदी ईसा पूर्व के मौर्य काल में ले जाती हैं, जो चट्टानों को काटकर बनाई गई देश की सबसे पुरानी गुफाएं और स्थापत्य कला का एक अद्भुत चमत्कार हैं। सिर्फ प्राचीन इतिहास ही नहीं, जहानाबाद साझी संस्कृति और सूफी परंपरा का भी महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जहाँ काको स्थित बीबी कमाल का मज़ार देश की पहली महिला सूफी संत के निवास स्थान के रूप में जाना जाता है। यह मज़ार आज भी कौमी एकता और आस्था का एक बड़ा प्रतीक है। अपने अतीत के गौरव को समेटे हुए, आज का जहानाबाद शिक्षा और विकास के नए रास्तों पर आगे बढ़ रहा है। यह मगध की पावन धरती हमें इसके समृद्ध इतिहास को नमन करने और उज्ज्वल भविष्य के भागीदार बनने का आह्वान करती है।
बिहार का जहानाबाद ज़िला इतिहास और अध्यात्म की गहरी जड़ों वाला एक ऐसा स्थान है, जिसने दरभंगा महाराज के काल से लेकर मगध के गौरवशाली इतिहास तक, समय के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। यहाँ की 'बराबर की गुफाएं' तीसरी सदी ईसा पूर्व के मौर्य काल में ले जाती हैं, जो चट्टानों को काटकर बनाई गई देश की सबसे पुरानी गुफाएं और स्थापत्य कला का एक अद्भुत चमत्कार हैं। सिर्फ प्राचीन इतिहास ही नहीं, जहानाबाद साझी संस्कृति और सूफी परंपरा का भी महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जहाँ काको स्थित बीबी कमाल का मज़ार देश की पहली महिला सूफी संत के निवास स्थान के रूप में जाना जाता है। यह मज़ार आज भी कौमी एकता और आस्था का एक बड़ा प्रतीक है। अपने अतीत के गौरव को समेटे हुए, आज का जहानाबाद शिक्षा और विकास के नए रास्तों पर आगे बढ़ रहा है। यह मगध की पावन धरती हमें इसके समृद्ध इतिहास को नमन करने और उज्ज्वल भविष्य के भागीदार बनने का आह्वान करती है।
- जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड स्थित चाँढ गांव निवासी प्रगतिशील किसान समरकांत ने पारंपरिक खेती का रास्ता छोड़कर वैज्ञानिक तरीके से केले का उत्पादन कर एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने अपनी एक एकड़ निचली ज़मीन पर 'जी-9' प्रजाति के केले की खेती शुरू की है और आज वे इससे बेहतर उत्पादन और अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं। समरकांत पहले निचली जमीन में खरीफ फसल के नुकसान से परेशान रहते थे। इस समस्या से निजात पाने के लिए उन्हें जिला उद्यान कार्यालय, जहानाबाद से आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता मिली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महाराष्ट्र के जलगांव में केले की खेती का विशेष प्रशिक्षण भी प्राप्त किया। उनकी यह सफलता केवल उनकी ही नहीं, बल्कि आसपास के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो अब वैज्ञानिक खेती के महत्व को समझ रहे हैं।1
- हुलासगंज थानाध्यक्ष की अगुवाई में तीरा पंचायत सरकार भवन में एक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया।1
- विश्व साइकिल दिवस 2026 के अवसर पर नालंदा में फिटनेस, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम हाई स्कूल सौरे के खेल मैदान से नीरपुर मोड़, नालंदा तक प्रातः 6:00 बजे से 7:30 बजे तक एक साइकिल रैली और फिटनेस गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और बच्चियों को साइकिल खेल प्रतियोगिता की ओर आकर्षित करने पर केंद्रित था। इस आयोजन में नेशनल खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से, विभिन्न स्कूलों की 110 बच्चियों ने पूरे जोश के साथ साइकिल रैली में हिस्सा लिया, जिन्होंने साइकिलिंग को पर्यावरण-अनुकूल और स्वस्थ समाज के रूप में बढ़ावा देने तथा 'मिशन हरियाली' का संदेश नालंदा में घर-घर पहुँचाने का उद्देश्य प्रकट किया। यह कार्यक्रम नालंदा जिला साइकिलिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व नालंदा जिला साइकिलिंग के सचिव प्रमोद कुमार ने किया। साइकलिस्ट कन्हैया कुमार (गोल्ड मेडलिस्ट), रवि कुमार, रजनी कुमारी, नीतू प्रीतम, अनिल कुमार और रिंकू कुमारी ने भी इसमें सक्रिय सहभागिता की। आयोजकों ने 'साइकिल चलाएँ – फिट रहें, स्वस्थ रहें, भारत को सशक्त बनाएँ' और 'मिशन हरियाली के सपनों को साकार करें... हर घर हरियाली' का संदेश दिया।3
- पटना जिले के बिक्रम बाजार में शहीद चौक के पास स्थित महावीर मंदिर के निकट, केदारनाथ धाम की साइकिल यात्रा पर निकले एक श्रद्धालु को हिंदू धर्म रक्षक संगठन के संयोजक गुड्डू गुप्ता ने अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। देवघर के चकाई के रहने वाले इस श्रद्धालु का बिक्रम में भव्य स्वागत किया गया, जहाँ उन्हें सम्मानित करने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उनकी मंगल यात्रा की कामना की।1
- राजगीर के सबलपुर स्थित ऐतिहासिक दशरथ किला (पुरानी लंका) में अधिक मास के पावन अवसर पर श्री सीताराम महायज्ञ एवं संत समागम का भव्य शुभारंभ हुआ है। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और संत-महात्माओं के आशीर्वचनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। कार्यक्रम के पहले दिन महंत गोपाल शरण जी के महंत्याभिषेक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न तीर्थस्थलों जैसे अयोध्या, वृंदावन और चित्रकूट से आए संत-महात्माओं ने उन्हें पारंपरिक रूप से चादर एवं पगड़ी अर्पित कर सम्मानित किया, जिससे आयोजन की गरिमा और बढ़ गई। आयोजन समिति के अनुसार, यह महायज्ञ 6 जून को भव्य जल यात्रा के साथ जारी रहेगा, जिसके बाद 7 जून को मंडप प्रवेश एवं अग्नि स्थापना की जाएगी। महायज्ञ का समापन 15 जून को पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ होगा। इस दौरान प्रतिदिन पूजा-पाठ, वैदिक अनुष्ठान, संत प्रवचन, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु धर्म और अध्यात्म से जुड़ सकें। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस महायज्ञ और संत समागम का पुण्य लाभ उठाएं। यह धार्मिक आयोजन केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि समाज में एकता, सेवा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी प्रसारित कर रहा है।1
- बिहार के फतुहा में एक 26 वर्षीय युवक फंदे से लटका हुआ पाया गया है। इस घटना को लेकर युवक के घरवालों पर ही हत्या का गंभीर आरोप लगाया गया है।1
- Mr X wife bari mata maa seema choti mata maa soni bisexul song1
- बिहार के जमुई जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक 19 वर्षीय युवक ने गलती से लगे एक फोन कॉल के बाद 42 वर्षीय शादीशुदा महिला से प्यार कर लिया और फिर उससे शादी कर घर ले आया। यह महिला पाँच बच्चों की माँ है और उम्र में युवक से करीब 23 साल बड़ी है। यह घटना जमुई जिले के खैरा थाना क्षेत्र की है, जहाँ के निवासी महावीर कुमार ठाकुर ने लगभग दो साल पहले एक दोस्त को फोन लगाने के प्रयास में गलत नंबर डायल कर दिया था। उस गलत नंबर पर बात एक स्त्री से हुई, जिसके साथ धीरे-धीरे उनकी दोस्ती और फिर मोहब्बत में बदल गई। दिलचस्प बात यह है कि जिस महिला से उन्हें प्यार हुआ, वह पूर्णिया की रहने वाली 42 वर्षीय बिंदु देवी उर्फ सीमा परवीन हैं, जो पहले से ही शादीशुदा होने के साथ-साथ पाँच बच्चों की माँ भी हैं। उम्र में करीब 23 साल का बड़ा अंतर होने के बावजूद, दोनों ने अपनी मर्जी से कोलकाता के एक मंदिर में शादी कर ली। इस शादी की जानकारी मिलने पर गांव वालों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर दोनों से पूछताछ की, लेकिन चूँकि दोनों ही बालिग थे और अपनी मर्जी से साथ रहने की बात पर अड़े थे, पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। युवक माँ की उम्र वाली उसी स्त्री को ब्याह कर अपने घर ले आया है।1
- पटना में भाजपा की तेजतर्रार नेत्री एडवोकेट प्रज्ञा पटेल जी ने मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया। यह सवाल भोजपुरी सिंगर और एक्टर पवन सिंह जी की उम्मीदवारी से संबंधित थे।1