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बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत तस्करों को दबोचा गया है, जिसके बाद नशा तस्कर अब सलाखों के पीछे हैं। क्या कुछ हुआ, इसकी जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई है।
Jalal News 901
बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत तस्करों को दबोचा गया है, जिसके बाद नशा तस्कर अब सलाखों के पीछे हैं। क्या कुछ हुआ, इसकी जानकारी अधिकारियों द्वारा दी गई है।
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- उत्तर प्रदेश पुलिस के तहत बरेली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन दहन' के अंतर्गत अब तक ₹173 करोड़ 53 लाख 28 हजार 51 रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को नष्ट किया गया है। इस संबंध में एसपी नॉर्थ, श्री मुकेश चन्द्र मिश्र ने जानकारी दी है।1
- बरेली के भोजीपुरा थाना पुलिस ने हाईवे पर बस रोककर फायरिंग करने, मारपीट और रंगदारी मांगने के आरोप में एक गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस, लाठी-डंडे और घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार बरामद की है। यह घटना 02 जून 2026 को हुई थी, जब वादी रनवेंद्र सिंह के भाई मोनू की बस (संख्या AR06C3208) निगोही से दिल्ली जा रही थी। रास्ते में, आरोपी वीरेन्द्र सिंह उर्फ गोल्डी, पिंटू भटिवारी और लगभग 10 अन्य अज्ञात लोगों ने अपनी खाली बस (संख्या UP27BT0739) से ओवरटेक कर मोनू की बस को रोक दिया। आरोपियों ने बस के ड्राइवर के साथ मारपीट की और उसे धमकाया। इसके बाद, बिल्वा पुल के पास भोजीपुरा थाना क्षेत्र में, आरोपी वीरेन्द्रपाल उर्फ गोल्डी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोनू पर अवैध असलहों से जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह विवाद मोनू उर्फ मानवेन्द्र से बस चलाने को लेकर पुरानी रंजिश के कारण हुआ था। इस संबंध में, वादी की तहरीर पर 04 जून 2026 को भोजीपुरा थाने में मु0अ0सं0 376/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 351(3), 308(2), 324(4), 191(2), 193(3), 190, 115(2), 352, 109(1), 61(2), 125 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 3, 25, 27 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विनय बहादुर सिंह कर रहे हैं। गिरफ्तार मुख्य आरोपी वीरेन्द्र सिंह गोल्डी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।1
- बदायूं में पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ थाना सहसवान क्षेत्र के ग्राम परसौना में कबूतरों को मारने के एक मामले को लेकर महिलाओं को धमकाने वाले पुलिसकर्मियों के व्यवहार की जांच की मांग की गई है। इस घटना पर @IPSAnkitaS को टैग करते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या बदायूं में पुलिस का ऐसा ही आचरण जारी रहेगा, साथ ही @budaunpolice और @Uppolice से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील की गई है।2
- पुलिस ने हाल ही में बड़ी संख्या में खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कुल 462 मोबाइल फोन खोजे गए, जिन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सफलतापूर्वक वापस लौटा दिया गया है।1
- बरेली के भोजीपुरा में मुर्गों की लड़ाई पर चल रहे सट्टे के एक खूनी खेल का भंडाफोड़ हुआ है। बरेली पुलिस ने इस खेल को बिगाड़ते हुए जुआरियों पर कड़ा एक्शन लिया। मुर्गों की इस 'हार-जीत की लड़ाई' में सट्टे का खेल चल रहा था, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने इस पूरे मामले की जानकारी दी।1
- बरेली के थाना बिसौली क्षेत्र में एक पीड़ित व्यक्ति ने कुछ दबंगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस पूरे मामले में न्याय पाने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) से गुहार लगाई है।1
- बरेली पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन बरामदगी अभियान में मई माह के दौरान बड़ी सफलता हासिल की है, जिसके तहत 462 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 95 लाख रुपये बताई गई है। गुरुवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित रविन्द्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा ने ये मोबाइल उनके स्वामियों को लौटाए, जिसके बाद लोगों ने अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर बरेली पुलिस का आभार व्यक्त किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, साइबर टीम, सर्विलांस सेल और विभिन्न थानों के कम्प्यूटर ऑपरेटरों ने सीईआईआर पोर्टल तथा आधुनिक तकनीक का उपयोग करके यह उपलब्धि प्राप्त की। इस अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रेमनगर, कैंट, किला, सीबीगंज, शाही, विशारतगंज, अलीगंज, फरीदपुर, भोजीपुरा, शीशगढ़, देवरनियां, शेरगढ़, नवाबगंज और हाफिजगंज की साइबर टीमों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 से मई 2026 तक कुल 5259 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 10.5 करोड़ रुपये है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तत्काल थाने में सूचना दें और उसे सीईआईआर पोर्टल पर ब्लॉक कराएं, ताकि उसके दुरुपयोग को रोका जा सके।1
- बरेली के दिल्ली रूट पर बस संचालन के वर्चस्व को लेकर शाहजहांपुर के निगोही में बस मालिकों के दो गुटों के बीच भीषण गैंगवार छिड़ गई। दोनों पक्षों ने लाइसेंसी पिस्टल सहित कई असलहों से जमकर गोलीबारी की, जिससे हाईवे पर कई किलोमीटर तक दहशत का माहौल बना रहा। इस दौरान लग्जरी गाड़ियों में सवार होकर एक-दूसरे का पीछा भी किया गया। भोजीपुरा पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों को छुड़ाने के लिए कई विधायकों और मंत्रियों ने पुलिस और अधिकारियों को फोन किए, लेकिन बात नहीं बन पाई। यह विवाद शाहजहांपुर जिले के निगोही के बस संचालक गोल्डी गुट और मानवेंद्र-अमरीश गुट के बीच दिल्ली रूट पर बसों के संचालन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा है। गोल्डी पक्ष करीब दस वर्षों से इस रूट पर बसें चला रहा है, जबकि मानवेंद्र-अमरीश गुट ने इसी साल 1 जून से नई बस सेवा शुरू की है, जिसके बाद से दोनों पक्षों में तनातनी और बढ़ गई थी। मंगलवार देर रात मिलक क्षेत्र के पास दोनों पक्षों की बसों के बीच टक्कर हो गई। यह मामला फतेहगंज पश्चिमी तक पहुंच गया, जहां चालक और संचालकों के बीच कहासुनी बड़े विवाद में बदल गई। दोनों तरफ से समर्थक मौके पर पहुंचे और तनावपूर्ण माहौल में एक-दूसरे पर फायरिंग शुरू कर दी। मानवेंद्र गैंग के लोगों ने एक बस के ड्राइवर और कंडक्टर को अगवा कर अपनी गाड़ी में डाल लिया और उन्हें निगोही थाने ले गए, हालांकि बाद में पता चला कि घटना स्थल भोजीपुरा थाना क्षेत्र का था। अपने ड्राइवर और कंडक्टर को छुड़ाने के लिए गोल्डी पक्ष के लोग फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पहुंचे, जहां दोनों पक्षों का दोबारा आमना-सामना हुआ और फिर से कई राउंड फायरिंग की गई। सूचना मिलते ही भोजीपुरा पुलिस, सर्विलांस टीम और आसपास के थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से पिस्टल समेत अन्य असलहे बरामद किए। मानवेंद्र पक्ष के रानवेन्द्र सिंह की ओर से भोजीपुरा थाने में दर्ज कराई गई तहरीर में आरोप है कि नई बस सेवा शुरू करने पर उनसे दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भोजीपुरा ओवरब्रिज के पास उनकी बस का पीछा कर लाइसेंसी और अवैध असलहों से फायरिंग की गई, जिसके जवाब में उनके साथी ने आत्मरक्षा में हवाई फायर किया। वहीं, दूसरे पक्ष वीरेंद्रपाल सिंह की तहरीर के अनुसार, उनकी बस मेरठ के लिए रवाना हुई थी, जिसे मिलक बाईपास के पास दूसरी बस से टक्कर मारने के बाद पीछा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि फतेहगंज पश्चिमी टोल पार करते ही कई वाहनों में सवार लोगों ने उनकी बस रोकने की कोशिश की, चालक और हेल्पर को पकड़कर मारपीट की, और कथित तौर पर रात भर अलग-अलग स्थानों पर बंधक बनाए रखा, फिर तड़के घायल अवस्था में छोड़ दिया। एएसपी शिवम आशुतोष ने बताया कि बस संचालन को लेकर विवाद और फायरिंग की सूचना मिली थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। भोजीपुरा पुलिस ने दोनों पक्षों के 15 नामजद (वीरेंद्र सिंह गोल्डी, पिन्टू तिवारी, पिन्टू यादव, विशाल यादव, पंकज, बाबी, कामरान, बाबर चौधरी) और 10 अज्ञात लोगों, तथा दूसरे पक्ष के मोनू सिंह, अमरीश, मनोज यादव, सूरज, महेश, तौफीक, मुजीब और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। बरामद असलहों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी।2