सबलगढ़ में खेत को लेकर हुए विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 22-05-26 की सुबह करीब 08 बजे हुई, जब फरियादी रामनिवास पुत्र दौलत सिंह केवट अपने रिश्तेदारों के साथ गांव के खेत पर जा रहे थे। तभी भल्ला उर्फ सीताराम केवट, घमंडी केवट, भवानी केवट, अमर सिंह जादौन, उसका लड़का काजू और शिवम पुत्र ओमप्रकाश जादौन एक राय होकर मौके पर पहुंचे और खेत में जेसीबी चलाने लगे। जब फरियादी के भाई जगदीश केवट ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह खेत उनका है और वे 50 साल से इस पर खेती कर रहे हैं, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर घमंडी केवट ने जगदीश केवट पर जान से मारने की नीयत से बंदूक से फायर कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसी दौरान, शिवम जादौन ने फरियादी पर तथा काजू जादौन और भवानी केवट ने अन्य लोगों पर फायरिंग की। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सबलगढ़ में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह और एसडीओपी राजकृष्णा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सबलगढ़ की पुलिस टीम ने लगातार प्रयास किए। इन प्रयासों के बाद, पुलिस ने 26-05-2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मामले में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से एक देशी अवैध कट्टा, एक 315 बोर का राउंड और एक खाली खोखा बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभी भी चार आरोपी फरार हैं, और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
सबलगढ़ में खेत को लेकर हुए विवाद में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 22-05-26 की सुबह करीब 08 बजे हुई, जब फरियादी रामनिवास पुत्र दौलत सिंह केवट अपने रिश्तेदारों के साथ गांव के खेत पर जा रहे थे। तभी भल्ला उर्फ सीताराम केवट, घमंडी केवट, भवानी केवट, अमर सिंह जादौन, उसका लड़का काजू और शिवम पुत्र ओमप्रकाश जादौन एक राय होकर मौके पर पहुंचे और खेत में जेसीबी चलाने लगे। जब फरियादी के भाई जगदीश केवट ने यह कहते हुए विरोध किया कि यह खेत उनका है और वे 50 साल से इस पर खेती कर रहे हैं, तो आरोपियों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर घमंडी केवट ने जगदीश केवट पर जान से मारने की नीयत से बंदूक से फायर कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसी दौरान, शिवम जादौन ने फरियादी पर तथा काजू जादौन और भवानी केवट ने अन्य लोगों पर फायरिंग की। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना सबलगढ़ में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह और एसडीओपी राजकृष्णा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सबलगढ़ की पुलिस टीम ने लगातार प्रयास किए। इन प्रयासों के बाद, पुलिस ने 26-05-2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मामले में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से एक देशी अवैध कट्टा, एक 315 बोर का राउंड और एक खाली खोखा बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अभी भी चार आरोपी फरार हैं, और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
- पोरसा के श्री नागाजी सरोवर परिसर में आयोजित अष्टोत्तर पितृ मोक्ष विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा के दौरान, प्रसिद्ध कथावाचक श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्म, दान और मर्यादा का गहरा संदेश दिया। महाराज श्री ने जोर देकर कहा कि “दान करने से धन कभी घटता नहीं, बल्कि बढ़ता है” और यह भी बताया कि “धर्म मार्ग पर चलने वाले की कभी पराजय नहीं होती।” उन्होंने अपने प्रवचन में कलयुग में दान के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि जहां सतयुग में धर्म के चार पैर थे, वहीं कलयुग में यह केवल एक पैर पर खड़ा है और ऐसे में केवल दान ही वह माध्यम है जिससे मनुष्य भवसागर से पार हो सकता है। कथा के दौरान, महाराज श्री ने सती चरित्र का वर्णन करते हुए यह संदेश दिया कि बिना बुलाए किसी के घर नहीं जाना चाहिए, चाहे वह पिता का ही घर क्यों न हो, जिससे मर्यादा और सम्मान की सीख मिलती है। इसके अतिरिक्त, कथा में कपिल भगवान द्वारा माता देवहूति को दिए गए सांख्य शास्त्र के उपदेश, ध्रुव की अटूट भक्ति, प्रह्लाद चरित्र और नरसिंह अवतार का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। समसामयिक विषयों पर भी बात करते हुए, महाराज श्री ने समाज को भ्रूण परीक्षण के प्रति जागरूक किया और चेतावनी दी कि बिना चिकित्सीय कारण के भ्रूण परीक्षण कराना पाप है। कथा में आचार्य बाबूलाल शास्त्री, पं. देवेंद्र उपाध्याय, पं. ओम नारायण शास्त्री, पं. शैलेंद्र शास्त्री और पं. माधव शास्त्री ने मूल पाठ माला एवं भजन में सहयोग किया, जबकि नानक चंद शर्मा व अभय पांडे ने हारमोनियम एवं गायन, शिवम तिवारी ने तबला, मनमोहन रावल ने पेढ और आनंद वरमैया ने बैंजो पर संगत दी। कथा पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा, और समाजसेवी लोग लगातार जल सेवा एवं शरबत सेवा में लगे हुए थे।2
- स्थानीय खबर के असर के चलते मुरैना जिले के पोरसा चौराहे पर नगर पालिका द्वारा एक सार्वजनिक प्याऊ और फ्रीजर स्थापित किया गया है, जिससे अब लोगों को ठंडा पानी उपलब्ध हो सकेगा। यह कदम स्थानीय समाचारों में उठाई गई एक जनहितार्थ खबर का सीधा परिणाम है। यह पहल 25 अप्रैल को सामने आई उस खबर के बाद की गई है, जिसमें भीमसेन सिंह तोमर ने सबसे पहले लोकल न्यूज़ पर लोगों की प्यास की पीड़ा को प्रमुखता से दिखाया था। इस रिपोर्ट के बाद नगर पालिका ने मामले का संज्ञान लिया और इस सार्वजनिक सुविधा को स्थापित करने का निर्णय लिया।1
- एक कोयला खदान में हुए भीषण ब्लास्ट के दौरान 90 लोगों की मृत्यु हो गई है। इस घटना के संबंध में आगे की जांच अभी जारी है।1
- आगरा जिले में एक सरकारी नल का घेरा अब तक नहीं बन पाया है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता है। लोगों ने मांग की है कि इस सरकारी नल के चारों ओर तुरंत एक घेरा बनवाया जाए।1
- उत्तर प्रदेश के बटेश्वर में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर एक युवक यमुना नदी में स्नान करते समय डूब गया। यह घटना पवित्र गंगा दशहरा के दिन हुई है।1
- राजाखेड़ा के मरेना में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में श्रद्धा और उत्साह के साथ एक भव्य शोभायात्रा और वाहन रैली का आयोजन किया गया। इंद्रावली मोड़ से शुरू हुई इस शोभायात्रा को मुख्य अतिथि पागल बाबा 1008 ने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में नीरजा शर्मा, प्रिंस होडवाल, अनुराग मुदगल, अनुपम तिवारी, महेश बोहरे और पवन चंसोरिया अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जिनका समिति ने माला, साफा और भगवान परशुराम की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया। समिति अध्यक्ष रिंकू उपाध्याय के अनुसार, शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां, डोला और वाहन रैली मुख्य आकर्षण रहे। मरेना, पहाड़ी, मछरिया चौराहा, मछरिया और सिहोली में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर इस शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। शोभायात्रा का समापन हनुमानपुरा स्थित भगवान परशुराम मंदिर पर हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसादी ग्रहण की। आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष रिंकू उपाध्याय, कोषाध्यक्ष रामू मुदगल, उपाध्यक्ष अमित लहचोरिया और हरेश शर्मा, मंत्री राजू पहलवान, अनिकेत, कृष्णकांत शुक्ला, अमन दीक्षित, मोहित, रोहित, सचिन शर्मा, जितेंद्र, ओमकांत और अभिषेक सहित समिति के कई सदस्यों ने सहयोग दिया। मंच संचालन मुकेश हनुमान और हरिओम शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. विष्णु शर्मा, रामवीर शर्मा, सरपंच रमाकांत दीक्षित, विष्णु सरपंच, बंटी सरपंच, राहुल शर्मा, शिवा तिवारी, रमाशंकर, शिवजी, सोनू फरासपुरा समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- नौतपा के दूसरे दिन पड़ रही भीषण गर्मी के बीच, पोरसा के फुरसतही रोड और पटेल रोड के व्यापारियों ने समाज सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले राहगीरों और आम लोगों को गर्मी से राहत दिलाने के उद्देश्य से, इन व्यापारियों ने सुबह से ही ठंडे शरबत का वितरण किया। तेज धूप और लू के थपेड़ों के बीच लोगों ने ठंडा शरबत पीकर काफी राहत महसूस की। इस दौरान, उन्होंने व्यापारियों की इस सेवा भावना की जमकर सराहना की, जिससे यह प्रयास जनमानस का दिल जीतने में सफल रहा। एक ओर जहां भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर समाजसेवा का यह जज्बा मानवता का संदेश दे रहा है। एक वायरल वीडियो में भी व्यापारी अपने हाथों से राहगीरों को शरबत पिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, जो इस मानवीय पहल को दर्शाता है।1
- पोरसा के श्री नागाजी सरोवर परिसर में श्री नागाजी महाराज के भक्तों द्वारा आयोजित अष्टोत्तर पितृ मोक्ष विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा में प्रसिद्ध कथावाचक श्री कृष्ण चंद्र ठाकुर जी महाराज ने सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों पर गहन संदेश दिए। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिससे कथा पंडाल खचाखच भरा हुआ था। समाजसेवी लोग जल सेवा व सरबत सेवा में संलग्न थे, जिनकी सराहना की गई। अपने प्रवचन में श्री ठाकुर जी महाराज ने दान के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि दान करने से धन कभी घटता नहीं, बल्कि उल्टा बढ़ता है। सतयुग में धर्म के चार पैर थे, त्रेता में तीन, द्वापर में दो, और कलयुग में धर्म केवल एक पैर से खड़ा है, जिसमें दान ही मानव को भवसागर से पार करा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म मार्ग पर चलने वाले की कभी पराजय नहीं होती। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मर्यादा का पालन करने का संदेश देते हुए कहा कि बिना बुलाए किसी के घर नहीं जाना चाहिए, चाहे वह पिता का ही घर क्यों न हो। उन्होंने सती माता और उनके पिता दक्ष के यज्ञ का प्रसंग सुनाया, जहां शंकर जी को आमंत्रित न किए जाने पर भी सती जी गईं और अपमानित होकर अपने प्राण त्याग दिए, जिसके बाद शंकर जी के गणों ने यज्ञ को विध्वंस कर दिया। आज की कथा में श्री ठाकुर जी महाराज ने कपिल भगवान द्वारा माता देवहूति को दिए गए सांख्य शास्त्र के उपदेश का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने सती चरित्र, ध्रुव की अटूट भक्ति, प्रह्लाद की कथा और नरसिंह अवतार के प्रसंगों को भी भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। सृष्टि के रहस्य पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने समझाया कि यह संसार मनु महाराज की कृति है और मनु वही है जिसके पास मन है, क्योंकि सृष्टि मन से ही उत्पन्न होती है। समसामयिक विषय पर बोलते हुए, उन्होंने भ्रूण परीक्षण को पाप बताया और कहा कि बिना किसी चिकित्सीय कारण के इसे कराना गलत है, केवल गंभीर बीमारी की स्थिति में ही इसकी अनुमति होनी चाहिए। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। कथा में मूल पाठ माला और भजन में आचार्य बाबूलाल शास्त्री, पंडित देवेंद्र उपाध्याय, पंडित ओम नारायण शास्त्री, पंडित शैलेंद्र शास्त्री, पंडित माधव शास्त्री सहयोग दे रहे हैं, जबकि हारमोनियम एवं गायन पर नानक चंद शर्मा व अभय पांडे, तबला पर शिवम तिवारी, पेढ पर मनमोहन रावल, बैंजो पर आनंद वरमैया, और लाइव प्रसारण पर कपिल सिंह अपनी सेवाएं दे रहे हैं। कथा का क्रम आगे भी जारी रहेगा, जिसमें प्रतिदिन नए आध्यात्मिक प्रसंगों के साथ श्रद्धालुओं को धर्म और जीवन के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया जाएगा।4
- रीवा में दो दिन पहले हुई एक 'हृदय विदारक घटना' को लेकर देशभर में जैन समाज के साथ-साथ समाजवादी लोगों में भी गहरा आक्रोश व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दो जैन संत माताजी 'बिहार' कर रही थीं, तभी नागपुर पासिंग एक अर्टिगा गाड़ी अपनी साइड से न चलते हुए, लगभग 20 फीट नीचे उतरकर माताजी पर चढ़ गई। इस घटना को 'सोची-समझी साजिश' और 'ओछी मानसिकता' का परिणाम बताते हुए कहा गया है कि गाड़ी चालक ने अपनी गति और तेज़ कर माताजी को कुचल दिया और फिर मौके से बच निकला। अंबाह निवासी और भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री अजय जैन ने इस मामले पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए मांग की है कि जैन संत माताजी आर्यिका दीदी के हत्यारों को तुरंत फांसी दी जानी चाहिए।1