पीडब्ल्यूडी की जमीन पर हो रहे रहा पिंक शौचालय का निर्माण रुकवाया पालिका प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल, निर्माणाधीन भवन पर विभाग ने लगाया क्रास का निशान; बिना अनुमति निर्माण कराने का आरोप पलिया नगर के स्टेशन चौराहा के पास नगर पालिका प्रशासन की ओर से कराये जा रहे पिंक शौचालय का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने रुकवा दिया है। निर्माणाधीन शौचालय भवन पर विभाग की ओर से क्रास का निशान भी लगा दिया गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि जिस भूमि पर निर्माण कराया जा रहा था, वह विभाग की भूमि है और पालिका प्रशासन ने बिना अनुमति लिए वहां शौचालय का निर्माण शुरू करा दिया है। निर्माण रुकने के बाद नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि भूमि की स्थिति स्पष्ट किए और संबंधित विभाग से अनुमति लिए बिना निर्माण शुरू कराना पालिका प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। यदि निर्माण से पहले विभागीय अनुमति और भूमि संबंधी स्थिति की जांच कर ली जाती तो अब तक खर्च हो चुकी धनराशि की बर्बादी से बचा जा सकता था। ऐसे में निर्माण अधूरा रुकने से सरकारी धन के लाखों रुपयों का नुकसान हो सकता है। पिंक शौचालय के निर्माण को लेकर पूर्व में जानकारी लिए जाने पर पालिका प्रशासन की ओर से चेयरमैन पुत्र ने कहा था कि नगर के अंदर आने वाली जमीन नगर पालिका की है और उस पर निर्माण कराया जा सकता है। ऐसे में अब पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माण रुकवाए जाने के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि भूमि वास्तव में नगर पालिका की थी तो निर्माण आखिर क्यों रुकवा दिया गया? स्थानीय लोगों का कहना है कि पालिका प्रशासन के 'तुगलकी फरमान' के चलते बिना आवश्यक अनुमति और भूमि की वास्तविक स्थिति की जांच किए निर्माण शुरू कराया गया था। इसका खामियाजा अब सरकारी धन की संभावित बर्बादी के रूप में भुगतना पड़ सकता है। संबंधित जेई संजय वर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर पिंक शौचालय का निर्माण रुकवाया गया है। उन्होंने बताया कि अंतिम निर्णय तक निर्माण कार्य पर रोक रहेगी। निर्माण कार्य रुकने के बाद अब देखना होगा कि भूमि को लेकर दोनों विभागों के बीच स्थिति किस तरह स्पष्ट होती है और निर्माण में अब तक खर्च हो चुकी धनराशि का जिम्मेदार कौन होता है। वहीं नगरवासियों ने मामले की जांच कर पालिका प्रशासन की लापरवाही पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
पीडब्ल्यूडी की जमीन पर हो रहे रहा पिंक शौचालय का निर्माण रुकवाया पालिका प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल, निर्माणाधीन भवन पर विभाग ने लगाया क्रास का निशान; बिना अनुमति निर्माण कराने का आरोप पलिया नगर के स्टेशन चौराहा के पास नगर पालिका प्रशासन की ओर से कराये जा रहे पिंक शौचालय का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने रुकवा दिया है। निर्माणाधीन शौचालय भवन पर विभाग की ओर से क्रास का निशान भी लगा दिया गया है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि जिस भूमि पर निर्माण कराया जा रहा था, वह विभाग की भूमि है और पालिका प्रशासन ने बिना अनुमति लिए वहां शौचालय का निर्माण शुरू करा दिया है। निर्माण रुकने के बाद नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि भूमि की स्थिति स्पष्ट किए और संबंधित विभाग से अनुमति लिए बिना निर्माण शुरू कराना पालिका प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। यदि निर्माण से पहले विभागीय अनुमति और भूमि संबंधी स्थिति की जांच कर ली जाती तो अब तक खर्च हो चुकी धनराशि की बर्बादी से बचा जा सकता था। ऐसे में निर्माण अधूरा रुकने से सरकारी धन के लाखों रुपयों का नुकसान हो सकता है। पिंक शौचालय के निर्माण को लेकर पूर्व में जानकारी लिए जाने पर पालिका प्रशासन की ओर से चेयरमैन पुत्र ने कहा था कि नगर के अंदर आने वाली जमीन नगर पालिका की है और उस पर निर्माण कराया जा सकता है। ऐसे में अब पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्माण रुकवाए जाने के बाद सवाल उठ रहा है कि यदि भूमि वास्तव में नगर पालिका की थी तो निर्माण आखिर क्यों रुकवा दिया गया? स्थानीय लोगों का कहना है कि पालिका प्रशासन के 'तुगलकी फरमान' के चलते बिना आवश्यक अनुमति और भूमि की वास्तविक स्थिति की जांच किए निर्माण शुरू कराया गया था। इसका खामियाजा अब सरकारी धन की संभावित बर्बादी के रूप में भुगतना पड़ सकता है। संबंधित जेई संजय वर्मा ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर पिंक शौचालय का निर्माण रुकवाया गया है। उन्होंने बताया कि अंतिम निर्णय तक निर्माण कार्य पर रोक रहेगी। निर्माण कार्य रुकने के बाद अब देखना होगा कि भूमि को लेकर दोनों विभागों के बीच स्थिति किस तरह स्पष्ट होती है और निर्माण में अब तक खर्च हो चुकी धनराशि का जिम्मेदार कौन होता है। वहीं नगरवासियों ने मामले की जांच कर पालिका प्रशासन की लापरवाही पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
- भारी बारिश तथा नदियों में पानी छोड़े जाने से आई बाढ़ से हालात बदतर1
- अवैध मेडिकल स्टोर पर छापा, 40 हजार की दवाएं सीज पांच दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे, लाइसेंस-बिल नहीं दिखा सका संचालक लखीमपुर खीरी,। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायत और जिलाधिकारी के निर्देश पर औषधि निरीक्षक बबीता रानी ने रविवार को पुलिस बल के साथ थाना पड़वा क्षेत्र के गांव दुलही में अवैध रूप से संचालित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दीपक कुमार के घर में एलोपैथिक औषधियां रखी मिलीं। मौके पर कोई वैध औषधि लाइसेंस और खरीद संबंधी बिल प्रस्तुत नहीं किया जा सका। दीपक कुमार मौके पर मौजूद नहीं थे। उनकी माता निशा देवी की मौजूदगी में करीब 40 हजार रुपये की औषधियां सीज की गईं। औषधियों को संदिग्ध मानते हुए पांच नमूने जांच एवं विश्लेषण के लिए लिए गए हैं, जिन्हें राजकीय प्रयोगशाला उत्तर प्रदेश भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दीपक कुमार के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया जाएगा। औषधि निरीक्षक ने बताया कि बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों के खिलाफ आगे भी लगातार छापेमारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।1
- लखीमपुर में कल से हो रही बरसात के बाद सेट घाट नदी का जलस्तर बड़ा1
- आज तेज बारिश से मैं रोड बना तालाब गर्मी से मिली राहत वीडियो में देखें बनका गांव में तेज बरसात से रोड पर पानी भर गया आज दिन भर रुक कर बरसात होती रही वहीं किसानों की फसल को फायदा पहुंचा है आप इस वीडियो से अंदाजा लगा सकते हैं मैं रोड बना तालाब गाड़ी गुजरती हुई कमरे में कैद हुआ वीडियो उमस भरी गर्मी से मिली राहत1
- गुजरात पुलिस ने लिव इन पार्टनर काजल बेन की हत्या के आरोपी फैजल को 5 मिनट तक 100 से ज्यादा डंडे मारे पुलिस, फैजल को क्राइम स्पॉट पर सीन री–क्रिएशन के लिए लाई थी हत्या का CCTV फुटेज भी सामने आया है गुजरात पुलिस ने लिव इन पार्टनर काजल बेन की हत्या के आरोपी फैजल को 5 मिनट तक 100 से ज्यादा डंडे मारे पुलिस, फैजल को क्राइम स्पॉट पर सीन री–क्रिएशन के लिए लाई थी हत्या का CCTV फुटेज भी सामने आया है1
- दिल्ली के सत्य निकेतन में बिल्डिंग गिर गई है. कई छात्रों के दबे होने की आशंका पिछले चार साल में इस इलाके में यह दूसरी घटना है इससे पहले 25 अप्रैल 2022 को एक पुरानी तीन मंजिला इमारत में अवैध मरम्मत कार्य के दौरान हादसा हुआ. इसमें दो मजदूरों की मौत हो गई थी1
- बाढ़ के पानी में उतरे डीएम, ग्रामीणों की सुनी समस्याएं लखीमपुर खीरी की तहसील निघासन के ग्राम ग्रंट नंबर-12 के मजरा रण्डौहा में रविवार को बाढ़ प्रभावितों का हाल जानने पहुंचे डीएम अंजनी कुमार सिंह ने संवेदनशीलता का परिचय दिया। डीएम ट्रैक्टर से गांव पहुंचे और आगे रास्ते में भरे पानी के बीच पैंट चढ़ाकर खुद ग्रामीणों के बीच पहुंच गए।डीएम ने ग्रामीणों से बातचीत कर बाढ़ से हुई परेशानियों, आवागमन और घरों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।डीएम ने सुरक्षित स्थान पर भूमि चिह्नित कर प्रभावित परिवारों के आवास निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।वापसी के दौरान डीएम ने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। इस दौरान एसडीएम यदुवीर सिंह, तहसीलदार देवेंद्र मणि त्रिपाठी, बीडीओ जयेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।4
- चार साल की मासूम से दुष्कर्म का आरोप, 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार सिंगाही क्षेत्र की घटना से मचा हड़कंप, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को दबोचा लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही थाना क्षेत्र में चार वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की कथित घटना ने इलाके को झकझोर कर रख दिया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की उम्र करीब 65 वर्ष है। पुलिस के अनुसार, 06 सितंबर 2026 को पीड़िता के परिजन थाना सिंगाही पहुंचे और गांव के ही खलील पुत्र अशर्फी, निवासी ग्राम सिंगहा कलां, पर चार वर्षीय बच्ची को जबरन घर ले जाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। तहरीर के आधार पर थाना सिंगाही में मु0अ0सं0 174/2026 दर्ज किया गया। आरोपी के विरुद्ध धारा 65(2) बीएनएस तथा धारा 5(m)/6 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी खलील को गिरफ्तार कर लिया है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सा सहायता के लिए भेजा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण में नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में चलाए जा रहे वांछित एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में अपर पुलिस अधीक्षक खीरी, क्षेत्राधिकारी निघासन के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष सिंगाही के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। चार साल की मासूम से जुड़े इस गंभीर मामले ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।1