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दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा पहनकर एक अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है। प्रदर्शनकारियों ने इस तरीके का इस्तेमाल कर अपनी मांगों और असंतोष को जाहिर करने की कोशिश की है। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी के बीच छात्रों का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा कर दिया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग भी की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

9 hrs ago
user_UPNEWS 9
UPNEWS 9
सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा पहनकर एक अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है। प्रदर्शनकारियों ने इस तरीके का इस्तेमाल कर अपनी मांगों और असंतोष को जाहिर करने की कोशिश की है। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी के बीच छात्रों का यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। इस बीच सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा कर दिया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग भी की गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि भारत की न्यायपालिका वैश्विक स्तर पर कई देशों से काफी आगे है। उन्होंने देश की न्याय प्रणाली की पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जनता के अधिकारों की सुरक्षा को इसकी सबसे बड़ी ताकत के रूप में रेखांकित किया है। मुख्य न्यायाधीश के इस बड़े दावे के बाद से देशभर में न्याय व्यवस्था को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं और लोग इसे भारत की बढ़ती न्यायिक ताकत के रूप में देख रहे हैं।
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    भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि भारत की न्यायपालिका वैश्विक स्तर पर कई देशों से काफी आगे है। उन्होंने देश की न्याय प्रणाली की पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जनता के अधिकारों की सुरक्षा को इसकी सबसे बड़ी ताकत के रूप में रेखांकित किया है। मुख्य न्यायाधीश के इस बड़े दावे के बाद से देशभर में न्याय व्यवस्था को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं और लोग इसे भारत की बढ़ती न्यायिक ताकत के रूप में देख रहे हैं।
    user_UPNEWS 9
    UPNEWS 9
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में फर्जी पुलिस वाले आए हैं। इन लोगों के पास न तो कोई नेमप्लेट है और न ही कोई बैच नंबर है। इनके चेहरों को देखकर ये कहीं से भी पुलिस वाले नहीं लग रहे हैं। इस गंभीर मामले में इन फर्जी पुलिस वालों की तुरंत पहचान की जानी चाहिए और इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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    दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में फर्जी पुलिस वाले आए हैं। इन लोगों के पास न तो कोई नेमप्लेट है और न ही कोई बैच नंबर है। इनके चेहरों को देखकर ये कहीं से भी पुलिस वाले नहीं लग रहे हैं। इस गंभीर मामले में इन फर्जी पुलिस वालों की तुरंत पहचान की जानी चाहिए और इन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
    user_Journalist Sonu Pal
    Journalist Sonu Pal
    Media company सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लखनऊ के हजरतगंज के बटलर पैलेस रोड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा बीच सड़क पर कार रोककर हंगामा करने का दावा किया गया है। इस हंगामे के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वहां से गुजरने वाले राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। फिलहाल, वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटना के संबंध में पुलिस या किसी भी संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पूरे मामले की जांच होने या आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इस घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    लखनऊ के हजरतगंज के बटलर पैलेस रोड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति द्वारा बीच सड़क पर कार रोककर हंगामा करने का दावा किया गया है। इस हंगामे के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वहां से गुजरने वाले राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई।

फिलहाल, वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। इस घटना के संबंध में पुलिस या किसी भी संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पूरे मामले की जांच होने या आधिकारिक पुष्टि होने के बाद ही इस घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    ᴛʜᴇ ʟᴜᴄᴋɴᴏᴡ ᴄʀɪᴍᴇ
    Court reporter लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वर्ल्ड ब्रेन डे के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने लोगों से अपनी ब्रेन हेल्थ के प्रति अधिक जागरूक रहने की अपील की है। अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर चेतावनी दी है कि बदलती लाइफस्टाइल, लंबे समय से अनियंत्रित बीमारियां और इलाज में देरी होने के कारण न्यूरोलॉजिकल बीमारियां अब कम उम्र के लोगों को भी तेजी से प्रभावित कर रही हैं। पिछले पांच वर्षों में इन बीमारियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तनाव, पर्याप्त नींद न लेना, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ती उम्र इसके मुख्य जिम्मेदार कारक हैं। इसके अलावा, कोविड के बाद के समय में नसों से जुड़ी बीमारियों और कम उम्र के लोगों में स्ट्रोक के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में न्यूरोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि स्ट्रोक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं। अब 30 और 40 वर्ष की आयु के मरीज भी बड़ी संख्या में स्ट्रोक और नसों की समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। हालांकि, उन्होंने राहत की बात यह भी बताई कि स्वस्थ लाइफस्टाइल, नियमित हेल्थ चेकअप और जोखिम वाले कारणों का समय पर इलाज करके लगभग 70 से 80 प्रतिशत स्ट्रोक के मामलों को रोका जा सकता है। उत्तर प्रदेश की स्थिति पर बात करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि बेहतर नतीजों में सबसे बड़ी रुकावट समय पर इलाज की व्यवस्था न हो पाना है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों जैसे शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी आना, बोलने में परेशानी होना, चेहरे का एक तरफ झुक जाना या तेज सिरदर्द को नहीं पहचान पाते और महत्वपूर्ण समय सीमा निकल जाने के बाद अस्पताल पहुंचते हैं। डॉक्टरों ने लोगों को 'एफएएसटी' (FAST) सिद्धांत यानी चेहरा टेढ़ा होना (Face), हाथ में कमजोरी आना (Arm), बोलने में दिक्कत होना (Speech) और समय रहते अस्पताल पहुंचना (Time) के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग है या जिनके परिवार में स्ट्रोक का इतिहास रहा है, उन्हें नियमित न्यूरोलॉजिकल स्क्रीनिंग कराने की सलाह दी गई है।
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    उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वर्ल्ड ब्रेन डे के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने लोगों से अपनी ब्रेन हेल्थ के प्रति अधिक जागरूक रहने की अपील की है। अस्पताल के डॉक्टरों ने गंभीर चेतावनी दी है कि बदलती लाइफस्टाइल, लंबे समय से अनियंत्रित बीमारियां और इलाज में देरी होने के कारण न्यूरोलॉजिकल बीमारियां अब कम उम्र के लोगों को भी तेजी से प्रभावित कर रही हैं। पिछले पांच वर्षों में इन बीमारियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तनाव, पर्याप्त नींद न लेना, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ती उम्र इसके मुख्य जिम्मेदार कारक हैं। इसके अलावा, कोविड के बाद के समय में नसों से जुड़ी बीमारियों और कम उम्र के लोगों में स्ट्रोक के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में न्यूरोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि स्ट्रोक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं। अब 30 और 40 वर्ष की आयु के मरीज भी बड़ी संख्या में स्ट्रोक और नसों की समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। हालांकि, उन्होंने राहत की बात यह भी बताई कि स्वस्थ लाइफस्टाइल, नियमित हेल्थ चेकअप और जोखिम वाले कारणों का समय पर इलाज करके लगभग 70 से 80 प्रतिशत स्ट्रोक के मामलों को रोका जा सकता है।

उत्तर प्रदेश की स्थिति पर बात करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि बेहतर नतीजों में सबसे बड़ी रुकावट समय पर इलाज की व्यवस्था न हो पाना है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों जैसे शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी आना, बोलने में परेशानी होना, चेहरे का एक तरफ झुक जाना या तेज सिरदर्द को नहीं पहचान पाते और महत्वपूर्ण समय सीमा निकल जाने के बाद अस्पताल पहुंचते हैं। डॉक्टरों ने लोगों को 'एफएएसटी' (FAST) सिद्धांत यानी चेहरा टेढ़ा होना (Face), हाथ में कमजोरी आना (Arm), बोलने में दिक्कत होना (Speech) और समय रहते अस्पताल पहुंचना (Time) के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही, जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग है या जिनके परिवार में स्ट्रोक का इतिहास रहा है, उन्हें नियमित न्यूरोलॉजिकल स्क्रीनिंग कराने की सलाह दी गई है।
    user_Journalist Himanshu Garg
    Journalist Himanshu Garg
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि भारत की न्यायपालिका वैश्विक स्तर पर कई देशों से आगे है। उन्होंने न्याय प्रणाली की पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जनता के अधिकारों की सुरक्षा को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया है। मुख्य न्यायाधीश के इस बयान के बाद अब देशभर में न्याय व्यवस्था को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है और लोग इसे भारत की मजबूत न्यायिक ताकत के रूप में देख रहे हैं।
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    भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) ने एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि भारत की न्यायपालिका वैश्विक स्तर पर कई देशों से आगे है। उन्होंने न्याय प्रणाली की पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जनता के अधिकारों की सुरक्षा को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताया है। मुख्य न्यायाधीश के इस बयान के बाद अब देशभर में न्याय व्यवस्था को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है और लोग इसे भारत की मजबूत न्यायिक ताकत के रूप में देख रहे हैं।
    user_UPNEWS 9
    UPNEWS 9
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • देश की राजधानी दिल्ली का प्रसिद्ध प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर इन दिनों छात्रों के विरोध प्रदर्शन से गर्माया हुआ है। विभिन्न प्रतियोगी और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के गंभीर आरोपों के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों का आंदोलन दिन-ब-दिन और उग्र होता जा रहा है। परीक्षाओं के आयोजन के महीनों बाद तक परिणाम न आना, धांधली के मामलों में कड़ी कार्रवाई न होना और रोजगार की अनिश्चितता ने लाखों युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। सालों-साल तैयारी करने वाले छात्र अब परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए संस्थागत सुधारों की मांग कर रहे हैं। छात्रों के इस बढ़ते जनाक्रोश को अब विपक्षी दलों का भी मजबूत राजनीतिक समर्थन मिलने लगा है। विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं और सांसदों ने खुद जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बैठकर उनकी मांगों का खुलकर समर्थन किया है। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है और इस मुद्दे को संसद के भीतर भी जोर-शोर से उठाने की बात कही है। इसके साथ ही, विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक और धांधली के मामलों की सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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    देश की राजधानी दिल्ली का प्रसिद्ध प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर इन दिनों छात्रों के विरोध प्रदर्शन से गर्माया हुआ है। विभिन्न प्रतियोगी और राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के गंभीर आरोपों के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों का आंदोलन दिन-ब-दिन और उग्र होता जा रहा है। परीक्षाओं के आयोजन के महीनों बाद तक परिणाम न आना, धांधली के मामलों में कड़ी कार्रवाई न होना और रोजगार की अनिश्चितता ने लाखों युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। सालों-साल तैयारी करने वाले छात्र अब परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए संस्थागत सुधारों की मांग कर रहे हैं।

छात्रों के इस बढ़ते जनाक्रोश को अब विपक्षी दलों का भी मजबूत राजनीतिक समर्थन मिलने लगा है। विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं और सांसदों ने खुद जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बैठकर उनकी मांगों का खुलकर समर्थन किया है। विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है और इस मुद्दे को संसद के भीतर भी जोर-शोर से उठाने की बात कही है। इसके साथ ही, विपक्षी सांसदों ने पेपर लीक और धांधली के मामलों की सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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