बालाघाट जिले के वारासिवनी में ट्रेडिंग के नाम पर स्थानीय निवासियों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक बालाघाट से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी संपत्ति कुर्क करने की मांग की है। यह घटना लाँजी और किरनापुर के बहुचर्चित डबलमनी कांड के बाद ट्रेडिंग के नाम पर हुई एक और बड़ी महाठगी है। शिकायत के अनुसार, मुख्य आरोपी ग्राम वारा निवासी रिजवान अली उर्फ राजा अली, उसका भाई फरहान अली और मुद्दसर कुरैशी हैं। इन्होंने नगर के स्थानीय लोगों को झांसा दिया कि वे ट्रेडिंग का काम करते हैं और निवेशकों को हर महीने न्यूनतम पाँच प्रतिशत ब्याज तथा ₹10,000 के सदस्यता शुल्क पर भारी मुनाफे का लालच दिया। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने एक फर्जी मोबाइल ऐप भी बनाया, जिस पर वे लोगों को झूठा मुनाफा दिखाते थे। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने ज्यादातर रकम नकद में जमा करवाई। कुछ महीनों तक मुनाफा देने के बाद अचानक आरोपियों ने भुगतान बंद कर दिया। जब पीड़ितों ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने खुद को ग्यारंटर बताते हुए तकनीकी दिक्कत का बहाना बनाया। पिछले पाँच महीनों से कोई राशि नहीं दी गई है, और अब आरोपियों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप भी बंद कर दिए हैं तथा पैसे मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ितों ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी विदेश भाग सकते हैं, क्योंकि वे पहले दुबई जा चुके हैं, वहाँ संपत्तियां खरीदने का दावा करते रहे हैं, और उनके पास पासपोर्ट भी हैं। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से उक्त तीनों आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनसे अपने रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
बालाघाट जिले के वारासिवनी में ट्रेडिंग के नाम पर स्थानीय निवासियों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ितों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक बालाघाट से आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उनकी संपत्ति कुर्क करने की मांग की है। यह घटना लाँजी और किरनापुर के बहुचर्चित डबलमनी कांड के बाद ट्रेडिंग के नाम पर हुई एक और बड़ी महाठगी है। शिकायत के अनुसार, मुख्य आरोपी ग्राम वारा निवासी रिजवान अली उर्फ राजा अली, उसका भाई फरहान अली और मुद्दसर कुरैशी हैं। इन्होंने नगर के स्थानीय लोगों को झांसा दिया कि वे ट्रेडिंग का काम करते हैं और निवेशकों को हर महीने न्यूनतम पाँच प्रतिशत ब्याज तथा ₹10,000 के सदस्यता शुल्क पर भारी मुनाफे का लालच दिया। विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने एक फर्जी मोबाइल ऐप भी बनाया, जिस पर वे लोगों को झूठा मुनाफा दिखाते थे। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने ज्यादातर रकम नकद में जमा करवाई। कुछ महीनों तक मुनाफा देने के बाद अचानक आरोपियों ने भुगतान बंद कर दिया। जब पीड़ितों ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपियों ने खुद को ग्यारंटर बताते हुए तकनीकी दिक्कत का बहाना बनाया। पिछले पाँच महीनों से कोई राशि नहीं दी गई है, और अब आरोपियों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप भी बंद कर दिए हैं तथा पैसे मांगने पर पीड़ितों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ितों ने यह भी आशंका जताई है कि आरोपी विदेश भाग सकते हैं, क्योंकि वे पहले दुबई जा चुके हैं, वहाँ संपत्तियां खरीदने का दावा करते रहे हैं, और उनके पास पासपोर्ट भी हैं। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से उक्त तीनों आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनसे अपने रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
- बालाघाट जिले की प्रसिद्ध हट्टा बावली के पास हट्टा निवासी 28 वर्षीय कुलदीप सोनी का शव बरामद हुआ है। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि उनकी गला रेतकर हत्या की गई है। पुलिस घटना के हर पहलू पर गहनता से जाँच कर रही है।1
- बालाघाट के गर्रा स्थित नव-निर्मित राजा भोज रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण को लेकर चल रहे विवाद के बीच, पंवार समाज ने पूर्व सांसद कंकर मुंजारे द्वारा की गई कथित बयानबाजी का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समाज के पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी आपत्ति व्यक्त की। पंवार समाज का कहना है कि राजा भोज भारतीय इतिहास के एक महान शासक रहे हैं और उनके नाम को लेकर की गई किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक बयानबाजी समाज की भावनाओं को आहत करने वाली है। यह विरोध विशेष रूप से ओवरब्रिज के नामकरण से जुड़े विवादित बयानों को लेकर था। समाज के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि वे राजा भोज रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण विवाद पर संबंधित बयानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हैं।3
- बालाघाट जिले के पीजी कॉलेज में NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) ने विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट को बंद कर धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से NSUI ने कॉलेज में छात्रवृत्ति प्रदान करने, सीटों की संख्या में वृद्धि करने और आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग उठाई।1
- प्रदेश में 155 डिप्टी कलेक्टरों का तबादला किया गया है। इस सूची के अनुसार, कटंगी के एसडीएम के.सी. ठाकुर को खरगोन स्थानांतरित किया गया है।1
- लांजी पुलिस ने अवैध रेत परिवहन के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम बापड़ी स्थित बाघ नदी के कच्चे रास्ते पर नदी की तरफ से आ रहे दो ट्रैक्टरों की ट्रॉलियों में रेत खनिज भरा पाया गया। ड्राइवरों से जब इस रेत खनिज के परिवहन संबंधी रॉयल्टी या वैध दस्तावेजों के बारे में पूछा गया, तो वे कोई भी रॉयल्टी या दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद, वाहन चालक उमेश पिता प्यारेलाल घोरमारे और मोहनलाल पिता टेकचंद दमाहे, जो ग्राम बापड़ी के निवासी हैं, के खिलाफ अपराध क्रमांक 214/26 के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने ट्रैक्टर, ट्रॉली और अवैध खनिज (रेत) को जब्त कर लिया है।1
- सिवनी में लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनादौन अपर कलेक्टर के रीडर माधव प्रसाद तिवारी को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने यह गिरफ्तारी उपभोक्ता फोरम कार्यालय के पास की। बताया गया है कि माधव प्रसाद तिवारी ने गंगाढाना गांव, ब्लॉक छपारा के निवासी फरियादी ठाकुर संतोष सिंह सिसोदिया से बिना अनुमति पेड़ काटने के एक प्रकरण में लगी जुर्माना कार्रवाई को निरस्त करने और मामले का निराकरण कराने के एवज में यह रिश्वत मांगी थी।1
- मध्य प्रदेश के कुरई क्षेत्र स्थित जिलापुर गांव में एक 55 वर्षीय महिला की बाघ के हमले में दुखद मृत्यु हो गई। यह घटना कुरई क्षेत्र में बाघों के लगातार हो रहे हमलों का एक और उदाहरण है, जिनसे निर्दोष लोगों की जानें जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न मंचों से वन्य प्राणी हमलों में मृत व्यक्तियों के परिजनों को ₹25 लाख की राहत राशि देने की घोषणा की थी। हालाँकि, इस घोषणा के बावजूद, कई प्रभावित परिवारों को आज तक यह सहायता राशि नहीं मिल पाई है। सरकार से यह मांग की जा रही है कि मुख्यमंत्री केवल घोषणाएँ न करें, बल्कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और सुरक्षा प्रदान करें। साथ ही, वन क्षेत्रों से सटे गांवों में बाघों और अन्य वन्य प्राणियों के बढ़ते हमलों को रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएँ।1
- बालाघाट में एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंची। महिला ने बताया कि उसका प्रेम विवाह टूट गया है और उसने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला के अनुसार, उसका पति उसके साथ मारपीट करता है, उसे जातिसूचक गालियाँ देता है, और भरण-पोषण भी नहीं दे रहा है।1