ग्राम काजीपुर में किसानों के रुके हुए मुआवजे के मुद्दे को लेकर एक किसान पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत की अध्यक्षता श्री सतपाल जी ने की, जबकि प्रिंस भड़ाना ने इसका संचालन किया। किसान पंचायत में कई वक्ताओं ने मुआवजे से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें मास्टर महावीर जी, श्री सुरेंद्र भड़ाना जी, श्री गौरव गुर्जर काजीपुर, श्री पोपीन प्रधान जी, विनय प्रधान, अमित बैंसला उर्फ सोनू, विनोद चेयरमैन जी, भारत भड़ाना पार्षद जी, सुमित बैंसला, प्रतीक एडवोकेट, गौरव भड़ाना झल्लू घोसीपुर, मुस्तफा घोसीपुर और उम्रदराज जैसे लोग शामिल थे। सभा में विनोद कुमार उर्फ पप्पू, रिंकू भड़ाना, नीटू भड़ाना, कपिल भड़ाना, मनोज प्रधान, लीलू प्रधान, ज्ञानेंद्र भड़ाना, अक्षय भड़ाना, दिनेश काजीपुर, सागर बैंसला, आलोक बैंसला, नरेश कुमार और देवेंद्र जाटव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
ग्राम काजीपुर में किसानों के रुके हुए मुआवजे के मुद्दे को लेकर एक किसान पंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत की अध्यक्षता श्री सतपाल जी ने की, जबकि प्रिंस भड़ाना ने इसका संचालन किया। किसान पंचायत में कई वक्ताओं ने मुआवजे से संबंधित अपने विचार प्रस्तुत किए। इनमें मास्टर महावीर जी, श्री सुरेंद्र भड़ाना जी, श्री गौरव गुर्जर काजीपुर, श्री पोपीन प्रधान जी, विनय प्रधान, अमित बैंसला उर्फ सोनू, विनोद चेयरमैन जी, भारत भड़ाना पार्षद जी, सुमित बैंसला, प्रतीक एडवोकेट, गौरव भड़ाना झल्लू घोसीपुर, मुस्तफा घोसीपुर और उम्रदराज जैसे लोग शामिल थे। सभा में विनोद कुमार उर्फ पप्पू, रिंकू भड़ाना, नीटू भड़ाना, कपिल भड़ाना, मनोज प्रधान, लीलू प्रधान, ज्ञानेंद्र भड़ाना, अक्षय भड़ाना, दिनेश काजीपुर, सागर बैंसला, आलोक बैंसला, नरेश कुमार और देवेंद्र जाटव सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
- मेरठ जिले के सरधना तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दादरी गांव में आज उपजिलाधिकारी (एसडीएम) उदित नारायण सेंगर की उपस्थिति दर्ज की गई।1
- सुदर्शन चक्र के प्रभारी डॉक्टर पवन आर्या ने भारत को राष्ट्र निर्माण की योजना की जानकारी देकर सनातन धर्म को जोड़ने के लिए एक 'सुनहरी पहल' की है। उनका सपना है कि 'नए युग का उदय' हो। इसी क्रम में, सुदर्शन चक्र न्यूज़ ने राष्ट्र निर्माण की इन योजनाओं का विस्तार करना आरंभ कर दिया है।1
- हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में बछलोता फ्लाईओवर से पहले नेशनल हाईवे-9 पर गुरुवार रात करीब 11 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। गढ़मुक्तेश्वर से दिल्ली की ओर जा रही टमाटरों से भरी एक पिकअप 'बुलबुल' नामक वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर गलत दिशा में आ गया और सामने से आ रही बुलेट मोटरसाइकिल से टकरा गया। इस हादसे में बुलेट सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेरठ रेफर कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकअप वाहन तेज़ गति में था, जिसके कारण चालक उस पर नियंत्रण नहीं रख सका। घटनास्थल पर बुलेट मोटरसाइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त मिली, और उस पर नंबर प्लेट नहीं थी। घायल युवक का हेलमेट भी मौके पर पड़ा मिला। गनीमत रही कि हादसे के समय हाईवे पर कोई अन्य तेज़ रफ़्तार वाहन इस दुर्घटना की चपेट में नहीं आया, अन्यथा एक और बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस अब मामले की जाँच में जुटी है और घायल युवक की पहचान के साथ-साथ दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।1
- यात्रियों के लिए अब एक महत्वपूर्ण सुविधा सामने आई है, जिसके तहत चलती ट्रेन में भी कन्फर्म टिकट प्राप्त करना संभव हो गया है। इसे एक नया 'ट्रैवल हैक' या 'रेलवे टिप' बताया जा रहा है, जो आईआरसीटीसी और भारतीय रेलवे से संबंधित है। यह जानकारी लोगों को अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित करती है।1
- उत्तर प्रदेश की धौलाना तहसील में ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडरों का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को इन सभी ने मिलकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के स्टाम्प एवं निबंधन मंत्री रविन्द्र जायसवाल का पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा पंजीकरण कार्य को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित करने की योजना से हजारों लोगों के रोजगार पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। धरने में मौजूद अधिवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि तहसीलों में पंजीकरण प्रक्रिया में उनकी वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका साफ कहना है कि नई ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टाम्प वेंडर का काम सीधे तौर पर प्रभावित होगा, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोग बेरोजगारी का सामना कर सकते हैं।1
- हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र अंतर्गत शेखपुर गांव में एक किसान द्वारा करीब 100 वर्ष पुराने अपने मकान को ऊंचा उठाने और दोबारा मरम्मत कराने का कार्य शुरू किया गया है। इस काम को तहसील प्रशासन और पुलिस ने रोक दिया है। प्रशासन का कहना है कि पहले मकान की पैमाइश की जाएगी, जिसके बाद ही आगे का कार्य संभव हो पाएगा। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि प्रशासन प्रधान के इशारे पर वर्षों बाद जागा है और इसी कारण उसके मकान के कार्य पर रोक लगाई गई है।1
- उत्तर प्रदेश में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। अधिवक्ताओं का कहना है कि नई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे आम जनता के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि उनकी आपत्तियों और सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ई-रजिस्ट्री को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब चर्चा का विषय बन गया है, और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में सरकार और अधिवक्ताओं के बीच इस मुद्दे पर क्या समाधान निकलता है।1
- मेरठ के सरधना में तालाबों पर अवैध निर्माण कर उन पर कब्ज़ा कर लिया गया है। जो तालाब अभी बचे हुए हैं, उन पर भी अवैध निर्माण कार्य जारी है। इस संबंध में मंगलवार को नगर पालिका परिषद को सूचना दी गई थी, लेकिन अगले दिन तक इस अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।1
- हापुड़ के पिलखुवा स्थित अशोक नगर में रुपयों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद एक कामगार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय जॉनी के रूप में हुई है, जो धौलाना रोड पर एक फैक्ट्री में कार्यरत था। परिजनों ने बताया कि जॉनी ने कुछ समय पहले एक ठेकेदार से लगभग 20 हजार रुपये उधार लिए थे। बुधवार सुबह वह ठेकेदार अपने कुछ साथियों के साथ जॉनी के घर पहुंचा और पैसे वापस मांगने को लेकर उनसे कहासुनी हो गई। परिवार का आरोप है कि इस विवाद के दौरान जॉनी के साथ मारपीट भी की गई और उस पर लगातार पैसे लौटाने का दबाव बनाया गया। स्वजनों के अनुसार, इस घटना के बाद जॉनी अत्यधिक तनाव में आ गया था। देर रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले गए। हालांकि, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का गंभीर आरोप है कि मानसिक दबाव और अपमान से आहत होकर जॉनी ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके कारण उसकी मौत हुई।1