डिंडोरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से कुल 71 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को रखा। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को नियमानुसार जांच कर उनका शीघ्र तथा प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सामाजिक, राजस्व, कृषि, पेयजल और आवास योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। प्राप्त आवेदनों में अनाथ बच्चों के आधार कार्ड बनवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना की शेष राशि दिलाने, खेतों के पानी निकासी मार्ग बहाल कराने, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण विवाद, पेयजल समस्या और भूमि विवाद जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल थे। ग्राम शाहपुर निवासी दुर्गा नामदेव ने अपने संरक्षण में रह रहे दो बेसहारा बच्चों शौर्य और अष्टिका के आधार कार्ड बनवाने तथा उन्हें शिक्षा से जोड़ने हेतु सहायता की मांग रखी। वहीं, नगर परिषद डिंडौरी क्षेत्र की एक हितग्राही ने प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृत शेष राशि नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। ग्राम भाजीटोला माल निवासी बिहारी सिंह ने खेत के पानी निकासी मार्ग को पड़ोसी किसानों द्वारा अवरुद्ध किए जाने की शिकायत करते हुए मार्ग बहाल कराने की मांग की, जबकि किसान राधेश्याम पाराशर ने किसान क्रेडिट कार्ड ऋण की पूर्ण अदायगी के बाद भी ब्याज राशि मांगे जाने का मामला उठाया। एक अन्य शिकायत में, ग्राम बसनिया निवासी 70 वर्षीय खेमलाल ने अपनी भैंस चोरी कर बेचे जाने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने में परेशानी होने पर सामाजिक विभाग के माध्यम से उन्हें सहारा छड़ी उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार, ग्राम पंचायत पलकी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल संकट की समस्या उठाते हुए नए हैंडपंप स्थापित करने और बंद पड़ी नल-जल योजना को पुनः शुरू कराने की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में आवेदक फूलिया बाई, हरवंश लाल, जयवंती और देववंती ने अपनी पैतृक भूमि पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध पंजीयन कराने का आरोप लगाया, जिस पर कलेक्टर ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रही फूलिया बाई को भी सामाजिक विभाग के माध्यम से वॉकर एवं सहारा छड़ी उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके चेहरे पर राहत दिखाई दी। जनसुनवाई के समापन पर, कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों में समयबद्ध जांच की जाए और जनहित को प्राथमिकता देते हुए उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इस कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
डिंडोरी जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से कुल 71 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को रखा। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को नियमानुसार जांच कर उनका शीघ्र तथा प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सामाजिक, राजस्व, कृषि, पेयजल और आवास योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामले सामने आए। प्राप्त आवेदनों में अनाथ बच्चों के आधार कार्ड बनवाने, प्रधानमंत्री आवास योजना की शेष राशि दिलाने, खेतों के पानी निकासी मार्ग बहाल कराने, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण विवाद, पेयजल समस्या और भूमि विवाद जैसे प्रमुख मुद्दे शामिल थे। ग्राम शाहपुर निवासी दुर्गा नामदेव ने अपने संरक्षण में रह रहे दो बेसहारा बच्चों शौर्य और अष्टिका के आधार कार्ड बनवाने तथा उन्हें शिक्षा से जोड़ने हेतु सहायता की मांग रखी। वहीं, नगर परिषद डिंडौरी क्षेत्र की एक हितग्राही ने प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृत शेष राशि नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। ग्राम भाजीटोला माल निवासी बिहारी सिंह ने खेत के पानी निकासी मार्ग को पड़ोसी किसानों द्वारा अवरुद्ध किए जाने की शिकायत करते हुए मार्ग बहाल कराने की मांग की, जबकि किसान राधेश्याम पाराशर ने किसान क्रेडिट कार्ड ऋण की पूर्ण अदायगी के बाद भी ब्याज राशि मांगे जाने का मामला उठाया। एक अन्य शिकायत में, ग्राम बसनिया निवासी 70
वर्षीय खेमलाल ने अपनी भैंस चोरी कर बेचे जाने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को जांच कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, वृद्धावस्था के कारण चलने-फिरने में परेशानी होने पर सामाजिक विभाग के माध्यम से उन्हें सहारा छड़ी उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार, ग्राम पंचायत पलकी के ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल संकट की समस्या उठाते हुए नए हैंडपंप स्थापित करने और बंद पड़ी नल-जल योजना को पुनः शुरू कराने की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में आवेदक फूलिया बाई, हरवंश लाल, जयवंती और देववंती ने अपनी पैतृक भूमि पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर अवैध पंजीयन कराने का आरोप लगाया, जिस पर कलेक्टर ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रही फूलिया बाई को भी सामाजिक विभाग के माध्यम से वॉकर एवं सहारा छड़ी उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके चेहरे पर राहत दिखाई दी। जनसुनवाई के समापन पर, कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी प्रकरणों में समयबद्ध जांच की जाए और जनहित को प्राथमिकता देते हुए उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इस कार्यक्रम में सीईओ जिला पंचायत दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जे.पी. यादव, एसडीएम डिंडौरी रामबाबू देवांगन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- मंडला जिले के बोरिया नाला में एक युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर गई है, क्योंकि बताया गया है कि यह युवक कल तक अपने जानने वालों के बीच मुस्कुराता हुआ देखा गया था। उसकी अचानक मिली खामोशी ने इलाके के लोगों में गहन चिंता और जिज्ञासा पैदा कर दी है।1
- कवर्धा के पंडरिया में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराधों और कथित पुलिस निष्क्रियता के विरोध में स्थानीय विधायक भावना बोहरा का पुतला दहन कर पंडरिया थाने का जंगी घेराव किया गया। जिला युवा कांग्रेस द्वारा आयोजित इस जनआक्रोश रैली में विभिन्न समाजों के नागरिक, व्यापारी, महिलाएँ, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और पीड़ित परिवार बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने स्थानीय विधायक पर निरंकुश शासन प्रशासन चलाने का सीधा आरोप लगाया। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो इससे भी उग्र आंदोलन किया जाएगा। आंदोलनकर्ताओं ने पंडरिया नगर और क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अपराधों, आदिवासी युवक के नरकंकाल मामले में न्याय की मांग, दो अन्य लापता आदिवासी व्यक्तियों, लगातार हो रही चोरियों, पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे अवैध शराब बिक्री, जंगलों में चल रहे जुए, स्कूलों के पास शराब भट्ठियों के कारण महिलाओं-छात्राओं से छेड़छाड़, अवैध वसूली, अनियंत्रित वाहन राइडिंग तथा थाने के पास हुए हत्याकांड पर तत्काल कार्रवाई की मांग सहित कई जनसमस्याओं को उठाया। उन्होंने पंडरिया थाना प्रभारी की निष्क्रियता और जनता के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग भी की। धरना-प्रदर्शन के बाद निकाली गई विशाल जनआक्रोश रैली नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जिसमें भारी संख्या में नागरिकों ने जोरदार नारेबाजी के साथ हिस्सा लिया। रैली के दौरान विधायक के झूठे वादों, भय मुक्त या भय युक्त माहौल, पुलिस प्रशासन की उदासीनता, अवैध वसूली और बिगड़ती कानून-व्यवस्था में सुधार सहित बारह-तेरह मुख्य बिंदुओं पर आवाज उठाई गई। गांधी चौक स्थित पंडरिया थाने पहुँचने पर आंदोलनकारियों को रोकने के लिए लगाए गए दो बैरिकेड्स में से एक को नाराज भीड़ ने तोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में, आंदोलनकारियों ने आदिवासी युवक के नरकंकाल मामले की निष्पक्ष जांच, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, अवैध शराब, सट्टा-जुआ और नशे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई, स्कूली बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आम जनता के साथ पुलिस के बेहतर व्यवहार की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई और कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो जनता इससे भी बड़ा, व्यापक और उग्र जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आंदोलन के अंत में विधायक भावना बोहरा के तस्वीर रहित पुतले का दहन किया गया, जिसमें उन पर वीडियो रीलबाजी तक सीमित कार्य करने और भय मुक्त पंडरिया के खोखले वादे-दावे के जरिए कुशासन चलाने का आरोप लगाया गया। उपस्थित नागरिकों ने एकजुट होकर न्याय, सुरक्षा और अपराध मुक्त पंडरिया की मांग दोहराई और अपने संघर्ष को जारी रखने का संकल्प लिया।1
- जनहानि की एक घटना से जुड़ी और सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास लगातार विचरण कर रही एक मादा बाघ शावक को सिवनी से सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था। इस शावक को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मगधी रेंज के बहेरहा बाड़े में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। यह बाघ शावक सिवनी के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में लंबे समय से गांवों के आसपास देखी जा रही थी, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा था। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा था। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में शावक को सिवनी से बांधवगढ़ लाया गया था। शावक को बाड़े में छोड़े जाने के दौरान उपसंचालक, सहायक संचालक मगधी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य वनकर्मी मौजूद थे। रिलीज़ के बाद क्षेत्र संचालक ने शावक का निरीक्षण किया, जिसमें उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वह बाड़े में सहज रूप से घूमती और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालती दिखाई दी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाएगी और उसकी गतिविधियों व स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपयुक्त समय आने पर उसे पुनः वन क्षेत्र में मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास मानव-वन्यप्राणी संघर्ष में शामिल, अनाथ या घायल बाघों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चल रहे कार्यों का हिस्सा है, जिसे वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात और टीआई ज्योति शुक्ला के निर्देशन में दो दिवसीय चालानी कार्यवाही सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई करते हुए कुल एक लाख छह हजार नौ सौ रुपये (₹1,06,900) समन शुल्क के रूप में वसूल किए गए। दिनांक 21/06/26 को हुई कार्रवाई में बिना हेलमेट वाहन के 26 प्रकरणों से 7,800 रुपये और बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 6,000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। वहीं, दिनांक 22/06/26 को बिना हेलमेट के 16 प्रकरणों से 4,800 रुपये, बिना वैध बीमा वाहन के 1 प्रकरण से 500 रुपये, ओवर लोड माल के 2 प्रकरणों से 42,000 रुपये और बिना परमिटवस के मामलों में 10,000 रुपये वसूल किए गए। इसके अतिरिक्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई और उनके प्रकरण तैयार कर न्यायालय में भेजे गए। इस पूरी कार्यवाही को सफलतापूर्वक संचालित करने में भारतेड पाण्डेय, कल्याण सिंह, अमय प्रताप सिंह, पीयूष मिश्रा, ब्रजेश यादव और चंद्र भान महोबिया ने अहम भूमिका निभाई।1
- मानपुर की एसडीएम हरनीत कौर कलसी ने सोमवार देर रात करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानपुर का औचक निरीक्षण कर सभी को चौंका दिया। इस आधी रात हुए प्रशासनिक दौरे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि नाइट ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ नर्स उपस्थित थे, और अस्पताल में भर्ती मरीजों को आवश्यक उपचार व दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही थीं। हालांकि, इस औचक निरीक्षण में अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था में कुछ खामियां पाई गईं। इन कमियों पर एसडीएम कलसी ने संबंधित अधिकारियों से सफाई कर्मियों का रोस्टर तलब किया है। एसडीएम कलसी ने इस दौरान जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था में पाई गई कमियों को लेकर जवाब तलब किया जाएगा। प्रशासन द्वारा आधी रात किए गए इस निरीक्षण को प्रशासन की सक्रियता और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसकी लोगों ने सराहना की है।2
- SECL हॉस्पिटल कोतमा कोलियरी में पदस्थ एक्स-रे टेक्निशियन जयंत चक्रवर्ती के ज्येष्ठ पुत्र जैनिल चक्रवर्ती लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में हुए अग्निकांड का शिकार हो गए। इस दुखद घटना में जैनिल का निधन हो गया। अग्निकांड के बाद, उनके पार्थिव शरीर को उनके निज निवास अनूपपुर जिले के भालूमांडा लाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। इस मुश्किल घड़ी में भगवान से जैनिल की आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की गई है।4
- जय श्री राम कहते हुए सबको हार्दिक बधाई दी गई है। आज मौसम ने करवट ली है, जिसके बाद घाट पिपरिया में भारी बारिश हुई है। इस बारिश का एक छोटा सा नज़ारा साझा किया गया है। संदेश में लोगों से कहा गया है कि बारिश आ चुकी है, इसलिए वे अब खेती-बाड़ी का काम शुरू करें।1
- रातभर चली तलाश के बाद सुबह एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसमें गुमशुदगी दर्ज कराने से पहले ही एक शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई।1