🛺 10 साल का संघर्ष, सिर्फ झूठे आश्वासन और जनता परेशान! 🌧️ वार्ड नंबर 41 के हालात आज किसी से छुपे नहीं हैं। जिस इंसान ने आपदा के समय पूरे भोपाल के लिए अपनी एंबुलेंस सेवा समर्पित कर दी, आज उसे अपने ही क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं (सड़क और नाली निर्माण) के लिए मीडिया को साथ लेकर ज़मीन पर उतरना पड़ रहा है। हर बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सिर्फ वादे मिलते हैं, लेकिन ज़मीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं। झूठी साज़िशें और खोखले आश्वासन हमें रोक नहीं पाएंगे। जब तक यहाँ की जनता को गड्ढों और गंदगी से निजात नहीं मिल जाती, हक की यह आवाज़ बुलंद रहेगी। सच्चाई को सामने लाने के लिए मीडिया टीम का आभार। जीत हमेशा सच की ही होती है! — जावेद खान (भोपाल) #BhopalMunicipalCorporation #PublicAwakening #JavedKhan #BhopalNews 🛺 10 साल का संघर्ष, सिर्फ झूठे आश्वासन और जनता परेशान! 🌧️ वार्ड नंबर 41 के हालात आज किसी से छुपे नहीं हैं। जिस इंसान ने आपदा के समय पूरे भोपाल के लिए अपनी एंबुलेंस सेवा समर्पित कर दी, आज उसे अपने ही क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं (सड़क और नाली निर्माण) के लिए मीडिया को साथ लेकर ज़मीन पर उतरना पड़ रहा है। हर बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सिर्फ वादे मिलते हैं, लेकिन ज़मीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं। झूठी साज़िशें और खोखले आश्वासन हमें रोक नहीं पाएंगे। जब तक यहाँ की जनता को गड्ढों और गंदगी से निजात नहीं मिल जाती, हक की यह आवाज़ बुलंद रहेगी। सच्चाई को सामने लाने के लिए मीडिया टीम का आभार। जीत हमेशा सच की ही होती है! — जावेद खान (भोपाल) #BhopalMunicipalCorporation #PublicAwakening #JavedKhan #BhopalNews
🛺 10 साल का संघर्ष, सिर्फ झूठे आश्वासन और जनता परेशान! 🌧️ वार्ड नंबर 41 के हालात आज किसी से छुपे नहीं हैं। जिस इंसान ने आपदा के समय पूरे भोपाल के लिए अपनी एंबुलेंस सेवा समर्पित कर दी, आज उसे अपने ही क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं (सड़क और नाली निर्माण) के लिए मीडिया को साथ लेकर ज़मीन पर उतरना पड़ रहा है। हर बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सिर्फ वादे मिलते हैं, लेकिन ज़मीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं। झूठी साज़िशें और खोखले आश्वासन हमें रोक नहीं पाएंगे। जब तक यहाँ की जनता को गड्ढों और गंदगी से निजात नहीं मिल जाती, हक की यह आवाज़ बुलंद रहेगी। सच्चाई को सामने लाने के लिए मीडिया टीम का आभार। जीत हमेशा सच की ही होती है! — जावेद खान (भोपाल) #BhopalMunicipalCorporation #PublicAwakening #JavedKhan #BhopalNews 🛺 10 साल का संघर्ष, सिर्फ झूठे आश्वासन और जनता परेशान! 🌧️ वार्ड नंबर 41 के हालात आज किसी से छुपे नहीं हैं। जिस इंसान ने आपदा के समय पूरे भोपाल के लिए अपनी एंबुलेंस सेवा समर्पित कर दी, आज उसे अपने ही क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं (सड़क और नाली निर्माण) के लिए मीडिया को साथ लेकर ज़मीन पर उतरना पड़ रहा है। हर बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सिर्फ वादे मिलते हैं, लेकिन ज़मीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं। झूठी साज़िशें और खोखले आश्वासन हमें रोक नहीं पाएंगे। जब तक यहाँ की जनता को गड्ढों और गंदगी से निजात नहीं मिल जाती, हक की यह आवाज़ बुलंद रहेगी। सच्चाई को सामने लाने के लिए मीडिया टीम का आभार। जीत हमेशा सच की ही होती है! — जावेद खान (भोपाल) #BhopalMunicipalCorporation #PublicAwakening #JavedKhan #BhopalNews
- रिहायशी इलाकों की दुकानों पर नगर निगम का बड़ा एक्शन! ⚠️ अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कला की 429 दुकानों, ऑफिस, बैंक और शोरूम को नोटिस जारी। 🏢 शहरभर में 1500+ नोटिस, जबकि 30 हजार तक दुकानों पर सीलिंग का खतरा बताया जा रहा है। ⏳ 19 भवन मालिकों को 24 घंटे में दुकानें बंद करने की चेतावनी, नहीं तो हो सकती है सीलिंग कार्रवाई। 🗣️ व्यापारियों का आरोप— सालों तक टैक्स लेने के बाद अब दुकानों को अवैध बताना गलत है। कई नोटिसों की वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं। ⚖️ मामला अब हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है। 👉 क्या नगर निगम की कार्रवाई सही है या व्यापारियों के साथ अन्याय? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। #Bhopal #BreakingNews #BhopalNews #NagarNigam #AreraColony #RohitNagar #SealAction #MPNews #SABNewsT1
- *भोपाल: रिहायशी इलाकों की दुकानों पर नगर निगम की सख्ती* भोपाल नगर निगम ने रिहायशी कॉलोनियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पहले चरण में अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कला की 429 दुकानों, कार्यालयों, बैंकों और शोरूमों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत हो रही है। शहर भर में अब तक 1500 से ज़्यादा नोटिस जारी हो चुके हैं, अकेले गुरुवार को 589 नए नोटिस दिए गए। अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के 19 भवन मालिकों को 24 घंटे में दुकानें बंद न करने पर सीलिंग की चेतावनी भी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक शहर की रिहायशी बस्तियों में करीब 30 हजार दुकानों पर सीलिंग का खतरा है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से टैक्स वसूलने के बाद अब इन दुकानों को अवैध बताना अन्यायपूर्ण है। साथ ही कई नोटिसों में तारीख और अफसर का नाम न होने से उनकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामला अदालत तक पहुंच गया है — अरेरा अलर्ट ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचने की कोशिश की है, वहीं भोपाल हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर है। अब यह विवाद सिर्फ दुकानदारों और निगम तक सीमित न रहकर रहवासी संगठनों और अदालतों तक फैल चुका है। गुलिस्तां टाइम्स डिजिटल भोपाल (म.प्र.)1
- *भोपाल: रिहायशी इलाकों की दुकानों पर नगर निगम की सख्ती* भोपाल नगर निगम ने रिहायशी कॉलोनियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पहले चरण में अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कला की 429 दुकानों, कार्यालयों, बैंकों और शोरूमों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत हो रही है। शहर भर में अब तक 1500 से ज़्यादा नोटिस जारी हो चुके हैं, अकेले गुरुवार को 589 नए नोटिस दिए गए। अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के 19 भवन मालिकों को 24 घंटे में दुकानें बंद न करने पर सीलिंग की चेतावनी भी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक शहर की रिहायशी बस्तियों में करीब 30 हजार दुकानों पर सीलिंग का खतरा है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से टैक्स वसूलने के बाद अब इन दुकानों को अवैध बताना अन्यायपूर्ण है। साथ ही कई नोटिसों में तारीख और अफसर का नाम न होने से उनकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामला अदालत तक पहुंच गया है — अरेरा अलर्ट ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचने की कोशिश की है, वहीं भोपाल हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर है। अब यह विवाद सिर्फ दुकानदारों और निगम तक सीमित न रहकर रहवासी संगठनों और अदालतों तक फैल चुका है। गुलिस्तां टाइम्स डिजिटल भोपाल (म.प्र.) *भोपाल: रिहायशी इलाकों की दुकानों पर नगर निगम की सख्ती* भोपाल नगर निगम ने रिहायशी कॉलोनियों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। पहले चरण में अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़िया कला की 429 दुकानों, कार्यालयों, बैंकों और शोरूमों को नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 और नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत हो रही है। शहर भर में अब तक 1500 से ज़्यादा नोटिस जारी हो चुके हैं, अकेले गुरुवार को 589 नए नोटिस दिए गए। अरेरा कॉलोनी और रोहित नगर के 19 भवन मालिकों को 24 घंटे में दुकानें बंद न करने पर सीलिंग की चेतावनी भी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक शहर की रिहायशी बस्तियों में करीब 30 हजार दुकानों पर सीलिंग का खतरा है। व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से टैक्स वसूलने के बाद अब इन दुकानों को अवैध बताना अन्यायपूर्ण है। साथ ही कई नोटिसों में तारीख और अफसर का नाम न होने से उनकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मामला अदालत तक पहुंच गया है — अरेरा अलर्ट ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान खींचने की कोशिश की है, वहीं भोपाल हाईकोर्ट में भी जनहित याचिका दायर है। अब यह विवाद सिर्फ दुकानदारों और निगम तक सीमित न रहकर रहवासी संगठनों और अदालतों तक फैल चुका है। गुलिस्तां टाइम्स डिजिटल भोपाल (म.प्र.)1
- राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ VHP-बजरंग दल का जोरदार विरोध राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ VHP-बजरंग दल का जोरदार विरोध1
- 🚨 BREAKING NEWS "बजरंग दल का इससे बड़ा पाखंड नहीं" — विपक्ष का बड़ा हमला संसद परिसर में हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद बजरंग दल पर विपक्ष ने तीखा निशाना साधा। बयान में आरोप लगाया गया कि राम मंदिर चंदा मामले पर संगठन की भावनाएं आहत नहीं हुईं, लेकिन संसद के बाहर हुए नाट्य रूपांतरण के बाद विरोध किया जा रहा है। इस बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। मामले पर अलग-अलग पक्ष अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आपकी राय क्या है? कमेंट में बताइए। #Breaking #Politics #Parliament #BajrangDal #RahulGandhi #SABNewsTak1
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद। भोपाल में बजरंग दल का उग्र प्रदर्शन, राहुल गांधी के खिलाफ फूटा गुस्सा संसद में राम मंदिर चढ़ावे को लेकर हुए ड्रामे और विवाद की आंच अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गई है। इसके विरोध में बजरंग दल ने सड़कों1