बरेली के थाना सुभाष नगर क्षेत्र स्थित अनुपम नगर कॉलोनी निवासी शिवम कश्यप की पत्नी शशि कश्यप और उनके नवजात शिशु की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने सिद्धिविनायक अस्पताल में जमकर हंगामा किया और अस्पताल की डॉक्टर मंजू गुप्ता पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार वालों ने डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शिवम कश्यप ने बताया कि उनकी पहले से दो बेटियां हैं, जिनका जन्म सामान्य डिलीवरी से हुआ था। तीसरी डिलीवरी होनी थी और शशि कश्यप का आठवां महीना चल रहा था, जब उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें सिद्धिविनायक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉ. मंजू गुप्ता ने शशि कश्यप को भर्ती कर लिया और डिलीवरी करने की बात कहते हुए ब्लड की व्यवस्था करने को कहा। आरोप है कि डॉ. मंजू गुप्ता ने समय से पहले ही डिलीवरी कर दी, जिससे एक बेटे का जन्म हुआ, लेकिन उसकी हालत काफी गंभीर थी। डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। परिजन नवजात को जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने वेंटिलेटर न होने की बात कहकर भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद नवजात को वापस ले आया गया और रात में ही चौपला स्थित एक अन्य अस्पताल में ले जाते समय रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। परिवार वालों ने बताया कि डॉ. मंजू गुप्ता लगातार ब्लड मंगाती रहीं, और उन्होंने छह बार ब्लड की व्यवस्था करके दिया। अगले दिन सुबह 24 वर्षीय शशि कश्यप की भी मृत्यु हो गई। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज में घोर लापरवाही बरती और समय से पहले बच्चे की डिलीवरी कर दी, जिससे यह दुखद घटना हुई। वे डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और पुलिस इस मामले में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी है।
बरेली के थाना सुभाष नगर क्षेत्र स्थित अनुपम नगर कॉलोनी निवासी शिवम कश्यप की पत्नी शशि कश्यप और उनके नवजात शिशु की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने सिद्धिविनायक अस्पताल में जमकर हंगामा किया और अस्पताल की डॉक्टर मंजू गुप्ता पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार वालों ने डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है, जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शिवम कश्यप ने बताया कि उनकी पहले से दो बेटियां हैं, जिनका जन्म सामान्य डिलीवरी से हुआ था। तीसरी डिलीवरी होनी थी और शशि कश्यप का आठवां महीना चल रहा था, जब उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें सिद्धिविनायक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहाँ डॉ. मंजू गुप्ता ने शशि कश्यप को भर्ती कर लिया और डिलीवरी करने की बात कहते हुए ब्लड की व्यवस्था करने को कहा। आरोप है कि डॉ. मंजू गुप्ता ने समय से पहले ही डिलीवरी कर दी, जिससे एक बेटे का जन्म हुआ, लेकिन उसकी हालत काफी गंभीर थी। डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। परिजन नवजात को जिला अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने वेंटिलेटर न होने की बात कहकर भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद नवजात को वापस ले आया गया और रात में ही चौपला स्थित एक अन्य अस्पताल में ले जाते समय रास्ते में उसकी मृत्यु हो गई। परिवार वालों ने बताया कि डॉ. मंजू गुप्ता लगातार ब्लड मंगाती रहीं, और उन्होंने छह बार ब्लड की व्यवस्था करके दिया। अगले दिन सुबह 24 वर्षीय शशि कश्यप की भी मृत्यु हो गई। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज में घोर लापरवाही बरती और समय से पहले बच्चे की डिलीवरी कर दी, जिससे यह दुखद घटना हुई। वे डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और पुलिस इस मामले में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी है।
- उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने आंवला मनौना से संबंधित एक अपहरण मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से 24 घंटे के भीतर सुरक्षित वापस ले लिया। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने छह अपहरणकर्ताओं को ढेर कर दिया, जिसे बरेली पुलिस का एक बड़ा सफल MHA ऑपरेशन बताया गया है।1
- बरेली के कैंट विधानसभा क्षेत्र में स्थित बुखारपुरा पुराना शहर में सूफी जमील अहमद हसनी के आस्ताने पर उर्स-ए-मुबारक के पावन अवसर पर एक अत्यंत प्रतिष्ठित और रूहानी महफिल का आयोजन किया गया। यह महफिल अलहाज ख्वाजा सूफी जमील अहमद हसनी रहमतुल्लाह अलैह के मुकद्दस आस्ताने पर कुल शरीफ के पुरनूर मौके पर बुलाई गई थी। इस पवित्र अवसर पर प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अनीस बेग ने आस्ताने पर अपनी हाजिरी दी और सज्जादा नशीन का खैर-मकदम किया।1
- बरेली जिले के थाना भुता क्षेत्र में एक महिला ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से न्याय की गुहार लगाई है।1
- राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट, भारत, महिलाओं में ल्यूकोरिया, स्तन कैंसर, बच्चेदानी में गांठ और बच्चेदानी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लगातार हो रही मौतों को लेकर चिंतित है। इसी गंभीरता को देखते हुए, संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया ने अपनी टीम के साथ बरेली के पीलीभीत बाईपास स्थित होटल कैसा डिवाइन में मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटपड़गंज, नई दिल्ली की कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनु वालिया से मुलाकात की। इस बैठक का उद्देश्य ब्रेस्ट कैंसर, बच्चेदानी कैंसर और बच्चेदानी में सिस्ट जैसी जानलेवा बीमारियों पर चर्चा करना और इनके लक्षणों को समझना था। डॉ. मीनु वालिया ने बताया कि स्तन कैंसर तब होता है जब कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, जो अक्सर दूध नलिकाओं या ग्रंथियों में शुरू होता है; इसकी शुरुआती पहचान होने पर पूरा इलाज संभव है। उन्होंने गर्भाशय के कैंसर (बच्चेदानी का कैंसर) को महिलाओं के प्रजनन अंगों की एक गंभीर बीमारी बताया, जिसमें एंडोमेट्रियल कैंसर सबसे आम प्रकार है। इसके मुख्य लक्षणों में महामारी बंद होने के बाद भी ब्लीडिंग होना, पीरियड के बीच में अधिक ब्लीडिंग, पेट के निचले हिस्से में दर्द या ऐंठन शामिल हैं। डॉ. वालिया के अनुसार, बच्चेदानी में गांठ के ठीक होने का समय उसके आकार, प्रकार और इलाज की विधि पर निर्भर करता है; छोटी गांठें दवाइयों और जीवन शैली से कुछ महीनों में छोटी हो सकती हैं, जबकि बड़ी गांठों को पूरी तरह ठीक होने या निकालने में हफ्तों से लेकर कई महीने लग सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नई तकनीक, सही जांच, अल्ट्रासाउंड प्रणाली, दवाइयां, इंजेक्शन, हार्मोनल थेरेपी और सही चिकित्सा से इन गंभीर बीमारियों का इलाज संभव है। राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान 'हमारी किशोरी हमारा आधार' कार्यक्रम के माध्यम से इन गंभीर महिला रोगों के प्रति लगातार जागरूकता फैलाता रहा है। डॉ. मीनु वालिया ने संस्थान के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि सही समय पर सही उपचार से महिलाओं की जान बचाई जा सकती है, और वे भी संस्थान से जुड़कर 'रोग मुक्त महिला सशक्तिकरण' की मुहिम में सहयोग करना चाहेंगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया और उनकी टीम ने डॉ. मीनु वालिया का भव्य स्वागत किया और उन्हें धन्यवाद दिया। मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश मेहंदीरत्ता, अंजू शुक्ला, अंजू भारद्वाज, डॉ. कुलदीप, शैलेंद्र कुमार गुप्ता सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।1
- समाज में बहुत से लोग यह विचार रखते हैं कि किसी भी व्यक्ति का सम्मान उसके अच्छे कर्मों, व्यवहार, मेहनत और चरित्र के आधार पर किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जाति, नाम या जन्म के आधार पर किसी के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।1
- जनपद बस्ती के थाना कोतवाली अंतर्गत रौता चौकी क्षेत्र में दबंगों ने एक शिकायतकर्ता के घर पर दिनदहाड़े फायरिंग की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हमलावरों की यह दुस्साहसिक करतूत घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और रौता चौकी प्रभारी तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनकी मदद से घर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों की साफ तौर पर पहचान कर ली गई है। पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में अभियोग (मुकदमा) पंजीकृत कर लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए, आरोपियों की धरपकड़ के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं, जो अब आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई हैं।1
- बरेली के रामपुर रोड स्थित आनंद विहार कॉलोनी गेट पर मौजूद हजरत मुर्तजा हुसैन मोती मियां निजामी और कोड़ा शाह बाबा के सालाना उर्स-ए-पाक के आयोजन को लेकर रविवार को एक पोस्टर जारी किया गया। यह पोस्टर सिविल लाइंस स्थित प्रसाद टॉकीज के पास सेंट्रल पैलेस शादी हॉल में खानकाह-ए-निजामिया के गद्दीनशीन हजरत पाशा मियां निजामी की सरपरस्ती में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान जारी किया गया। प्रेस वार्ता में वसी अहमद वारसी ने जानकारी देते हुए बताया कि उर्स की शुरुआत 3 जून को सुबह 10 बजे गुस्ल शरीफ से होगी। पूरे दिन दरगाह पर चादरपोशी का सिलसिला जारी रहेगा। नमाज-ए-असर के बाद शाम 5:30 बजे महफिल-ए-समा का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद रंग शरीफ का नजराना पेश होगा। शाम 6:30 बजे बारगाह-ए-इलाही में हजरत मोती मियां निजामी नियाजी के कुल शरीफ की फातिहा अदा की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि 4 जून को नमाज-ए-फज्र के बाद मजार शरीफ पर कुरानखानी, गुस्ल शरीफ और संदल पेश किया जाएगा। इस दिन भी शाम 5:30 बजे महफिल-ए-समा का आयोजन होगा, और रंग शरीफ के बाद शाम 6:30 बजे हजरत अली कोड़ा शाह बाबा के कुल शरीफ की फातिहा अदा की जाएगी। 5 जून को नमाज-ए-फज्र के बाद कुरानखानी होगी। दिनभर दरगाह पर चादरपोशी और गुलपोशी का कार्यक्रम चलता रहेगा, और इस दौरान हजरत पाशा मियां साहब अपने मुरीदों को सरकार गौसे आजम के तबर्रुकात की जियारत भी कराएंगे। आयोजकों ने बताया कि उर्स की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और निजामी सेवा ट्रस्ट कमेटी का गठन कर विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जा चुकी हैं। इस अवसर पर वसी अहमद वारसी, शादाब कुरैशी, रिजवान नियाजी, सलीम रजा, सलमान शम्शी, खुसरो निजामी, शाजेब अली खान, इब्राहिम निजामी, मोहम्मद कासिम कुरैशी, सैयद आरिफ अली, कामरान हुसैन, अली मियां, फैजान मोइन चिश्ती, असीम नियाजी, अनस नियाजी, अमान हुसैन, फिरोज नियाजी, फैजी निजामी, शम्मू खान सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।1
- हाथरस के अनीगढ़ी गांव में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती बड़े ही श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। ग्राम पंचायत अनीगढ़ी और अनीगढ़ी बिसाना में सर्वसमाज ने एकजुट होकर इस आयोजन को गरिमापूर्ण और शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न किया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा, और जयंती समारोह कमेटी अध्यक्ष शिव बघेल की अगुवाई में धूमधाम से मनाया गया।1
- बरेली के भुता थाना क्षेत्र में पुलिस ने शुक्रवार को सड़क सुरक्षा के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। राघोपुर मोड़ पर चलाए गए इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले लगभग 50 वाहन चालकों के चालान किए गए। यह कार्रवाई 'जीरो फेटलिटी जिला अभियान' का हिस्सा थी। उपनिरीक्षक देवेंद्र सारस्वत के नेतृत्व में हुई इस जाँच में, पुलिस टीम ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहन पड़ताल की। विशेष रूप से बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट गाड़ी चलाने वाले, गलत दिशा में वाहन चलाने वाले और आवश्यक दस्तावेज न रखने वाले चालकों पर कार्रवाई की गई। चेकिंग के साथ-साथ, पुलिस ने सैकड़ों लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। वाहन चालकों और यात्रियों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जानकारी दी गई और उनसे हेलमेट तथा सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग के साथ-साथ यातायात संकेतों का पालन करने की अपील की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।1