रायबरेली के लालगंज विकासखंड में स्थित भगवंत नगर रजबहा शारदा नहर के सीमांकन और पुनर्स्थापना कार्य को लेकर किसानों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि अंग्रेजों के समय से मौजूद लगभग 25 फीट चौड़ी ऐतिहासिक नहर को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने के बजाय, उसे मात्र दो से तीन फीट चौड़ी पक्की नाली में बदला जा रहा है। उनकी आशंका है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी, जिससे हजारों बीघा कृषि भूमि प्रभावित होगी। ग्रामीणों के अनुसार, सराय कुर्मी से बिमौरा महेशखेड़ा तक करीब चार किलोमीटर लंबी यह नहर एक दर्जन से अधिक गांवों के किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने का दशकों पुराना और प्रमुख स्रोत रही है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा समय-समय पर इसके रखरखाव पर लाखों रुपये खर्च किए जाते रहे हैं, लेकिन वर्तमान कार्य में नहर की वास्तविक चौड़ाई और स्वरूप को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की उपेक्षा, अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की भी आशंका जताई है। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह स्वयं किसानों के बीच पहुँचे और पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया। उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और मौके पर चल रहे कार्य को लेकर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसानों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों के साथ गंभीर अन्याय और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने विभाग के ज़िम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों की जीवनरेखा रही इस ऐतिहासिक नहर को नाली में बदलने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी, और यदि अधिकारियों ने नियमों तथा स्वीकृत मानकों के विपरीत कार्य कराया है, तो उनके ख़िलाफ़ निष्पक्ष जाँच कर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। सिंह ने किसानों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर उनके साथ खड़े रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को शासन स्तर तक मज़बूती से उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। भाजपा किसान नेता ने शासन एवं प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र तकनीकी जाँच कराने की मांग की है, ताकि नहर के मूल स्वरूप, स्वीकृत मानकों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जाँच हो सके। उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि जाँच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि ऐतिहासिक नहर को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में किसानों को सिंचाई संकट का सामना न करना पड़े, क्योंकि यह केवल एक नहर का मामला नहीं बल्कि क्षेत्र की कृषि व्यवस्था, किसानों की आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते शासन-प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की, तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि किसानों की इस गंभीर शिकायत पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या ऐतिहासिक शारदा रजबहा अपने मूल स्वरूप में संरक्षित रह पाएगी।
रायबरेली के लालगंज विकासखंड में स्थित भगवंत नगर रजबहा शारदा नहर के सीमांकन और पुनर्स्थापना कार्य को लेकर किसानों और ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि अंग्रेजों के समय से मौजूद लगभग 25 फीट चौड़ी ऐतिहासिक नहर को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने के बजाय, उसे मात्र दो से तीन फीट चौड़ी पक्की नाली में बदला जा रहा है। उनकी आशंका है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी, जिससे हजारों बीघा कृषि भूमि प्रभावित होगी। ग्रामीणों के अनुसार, सराय कुर्मी से बिमौरा महेशखेड़ा तक करीब चार किलोमीटर लंबी यह नहर एक दर्जन से अधिक गांवों के किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने का दशकों पुराना और प्रमुख स्रोत रही है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा समय-समय पर इसके रखरखाव पर लाखों रुपये खर्च किए जाते रहे हैं, लेकिन वर्तमान कार्य में नहर की वास्तविक चौड़ाई और स्वरूप को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की उपेक्षा, अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग की भी आशंका जताई है। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा किसान नेता रमेश बहादुर सिंह स्वयं किसानों के बीच पहुँचे और पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया। उन्होंने किसानों की समस्याओं को सुना और मौके पर चल रहे कार्य को लेकर गहरी नाराज़गी व्यक्त की। सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसानों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों के साथ गंभीर अन्याय और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने विभाग के ज़िम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों की जीवनरेखा रही इस ऐतिहासिक नहर को नाली में बदलने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी, और यदि अधिकारियों ने नियमों तथा स्वीकृत मानकों के विपरीत कार्य कराया है, तो उनके ख़िलाफ़ निष्पक्ष जाँच कर कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। सिंह ने किसानों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर उनके साथ खड़े रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को शासन स्तर तक मज़बूती से उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। भाजपा किसान नेता ने शासन एवं प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और स्वतंत्र तकनीकी जाँच कराने की मांग की है, ताकि नहर के मूल स्वरूप, स्वीकृत मानकों और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जाँच हो सके। उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि जाँच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने भी मांग की है कि ऐतिहासिक नहर को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाए, ताकि भविष्य में किसानों को सिंचाई संकट का सामना न करना पड़े, क्योंकि यह केवल एक नहर का मामला नहीं बल्कि क्षेत्र की कृषि व्यवस्था, किसानों की आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते शासन-प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की, तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि किसानों की इस गंभीर शिकायत पर शासन-प्रशासन क्या कदम उठाता है और क्या ऐतिहासिक शारदा रजबहा अपने मूल स्वरूप में संरक्षित रह पाएगी।
- प्रतापगढ़ के हरि पैलेस में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तत्वावधान में एक कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की शुरुआत दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में राकेश त्रिवेदी उपस्थित रहे, जबकि पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला प्रभारी कौशलेंद्र पटेल भी मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव ने की। सम्मेलन में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया, जिनमें राष्ट्रनिर्माण, आत्मनिर्भरता, एक राष्ट्र-एक संविधान और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद जैसे विषय शामिल थे। मुख्य अतिथि राकेश त्रिवेदी ने डॉ. मुखर्जी के सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक योगदानों को याद किया और उनके विचारों को आज के भारत के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डॉ. मुखर्जी ने शिक्षा, राष्ट्रीय एकता, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला माना था।1
- रायबरेली के लालगंज में किसान धान की फसल के लिए जोर-शोर से तैयारियां कर रहे हैं। उनकी उम्मीद है कि यदि समय पर अच्छी बारिश हुई, तो फसल बेहतर हो सकती है। वर्तमान में किसान आसमान की ओर निहारते हुए बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि उनकी धान की फसल अच्छी हो सके।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली से बाबा अमरनाथ बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना हो गया है। बाबा अमरनाथ जी के दर्शन 3 जुलाई से शुरू होंगे। शहर के चन्दापुर कोठी स्थित श्री जगमोहनेश्वर महादेव मंदिर से यह यात्रा शुरू हुई, जहाँ समाजसेवियों ने बाबा के भक्तों का स्वागत किया। बाबा के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने अपनी यात्रा का श्रीगणेश किया।2
- अमेठी कोतवाली क्षेत्र के रणवीर नगर मजरे जंगल रामनगर स्थित एक खेत में युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी, एएसपी और सीओ अमेठी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। अधिकारियों ने फॉरेंसिक टीम को आवश्यक साक्ष्य संकलन के निर्देश दिए और संबंधित व्यक्तियों को आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। मृतक की पहचान लगभग 19 वर्षीय काजल, निवासी स्थानीय, के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।4
- अमेठी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विधायक महाराजी प्रजापति के पुत्र अनुराग प्रजापति और डीडीसी अरुण प्रजापति ने पीपल, बरगद और आम के पौधे रोपकर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस आयोजन का उद्देश्य सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना रहा, जिसके तहत हजारों महिलाओं और वृद्धजनों को साड़ी व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। अनुराग प्रजापति ने इस दौरान कहा कि अखिलेश यादव ने हमेशा गरीब, किसान, महिला और युवाओं की आवाज उठाई है, और उनके जन्मदिन पर वृक्षारोपण के माध्यम से प्रकृति की सेवा के साथ-साथ जरूरतमंदों का सम्मान किया जा रहा है। कार्यक्रम में घनश्याम वर्मा, शंभूनाथ यादव, महावीर कश्यप, मुन्नू यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। साड़ी व अंगवस्त्र प्राप्त करने वाले लाभार्थियों ने सपा नेतृत्व के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन स्थल पर उत्साह का माहौल देखा गया, जहाँ उपस्थित कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के दीर्घायु होने की कामना की।3
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। अमेठी विधायक महाराजी प्रजापति के प्रतिनिधि अनुराग प्रजापति और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि अरुण कुमार प्रजापति ने विशेष रूप से उन्हें शुभकामनाएं दीं। इन दोनों नेताओं ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी विचारधारा को एक नई दिशा मिली है। उन्होंने अखिलेश यादव के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल सार्वजनिक जीवन की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे प्रदेश के विकास और जनता के हितों के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। इस शुभ अवसर पर, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक अखिलेश यादव का जन्मदिवस मनाया। कार्यकर्ताओं ने उनके उज्ज्वल भविष्य और प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की।1
- प्रतापगढ़ से वरिष्ठ भाजपा नेता विजय सिंह बजरंगी ने मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को लेकर एक बड़ा और विवादित दावा किया है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस मुद्दे को लेकर एक गर्मागर्म बहस छिड़ गई है।1
- न्यू एंजिल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय के प्रथम दिवस पर छात्रों का अनोखे अंदाज में स्वागत किया गया। इस अवसर पर प्रभागीय निदेशक आशुतोष गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने वन महोत्सव के बारे में बताया कि यह 01 जुलाई से 07 जुलाई 2026 तक मनाया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को पौधे भी वितरित किए गए। यह पूरा कार्यक्रम एलायंस क्लब्स इंटरनेशनल के इंटरनेशनल डायरेक्टर रोशन लाल उमरवैश्य के संयोजन में आयोजित किया गया था। रोशन लाल उमरवैश्य ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि एक पौधा लगाना सौ जीवन बचाने के बराबर है। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति से भी जुड़ाव पर विशेष जोर दिया। विद्यालय परिवार की मुखिया डॉ. शाहिदा ने सभी छात्रों को नए सत्र के लिए उत्साहित किया और उनसे पौधरोपण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। डॉ. शाहिदा ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बुके और मोमेंटो भेंटकर सम्मानित भी किया। वन महोत्सव के शुभारंभ पर वन विभाग की इस पहल को 'शिक्षा के साथ-साथ प्रकृति से भी करें जुड़ाव' के रूप में सराहा गया, जिसका उल्लेख डीएफओ द्वारा 'होनाहार बच्चे' कहकर किया गया।1
- अमेठी के गौरीगंज में पुलिस ने एक बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर सहित तीन अंतर्जनपदीय चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से ल्यूमिनस ब्रांड की 26 बैट्री, 05 इन्वर्टर, चोरी के सामान की बिक्री के ₹38,400 नकद, चोरी की घटनाओं में प्रयुक्त विभिन्न उपकरण, एक ब्रेजा कार, एक तीन पहिया लोडर वाहन और 04 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नेता रोड पर खड़ी एक संदिग्ध ब्रेजा कार (नंबर PBX7888) में सवार तीन व्यक्ति किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक-एक एंड्रॉयड फोन तथा ब्रेजा कार से ₹38,400 बरामद किए। ब्रेजा कार के नंबर PBX7888 की जांच करने पर पता चला कि यह नंबर एक थार कार का है। पूछताछ में अभियुक्त सुभाष चंद्र पाठक ने बताया कि यह कार उसकी है, जिसका असली रजिस्ट्रेशन नंबर PB22X7689 है। अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे लोग ब्रेजा कार की नंबर प्लेट बदलकर उसी कार से अयोध्या, सुलतानपुर, बस्ती, अमेठी, प्रतापगढ़, बनारस, प्रयागराज जैसे जनपदों में उन्हीं जनपदों के स्थानीय साथियों के साथ चोरी करते हैं। वे सूनसान जगहों पर बनी इलेक्ट्रॉनिक दुकानों की रेकी करते थे और फिर दुकानों के बाहर रखे कीमती सामानों के साथ ही शटर तोड़कर अंदर रखे सामान को भी चुरा लेते थे। चुराए गए सामान को वे इसी ब्रेजा कार और तीन पहिया लोडर वाहन पर लादकर दूसरे जनपदों में सस्ते दामों पर बेच देते थे। गिरफ्तार किए जाने के समय वे मुसाफिरखाना जाने वाली सड़क पर बनी एक दुकान का शटर तोड़कर चोरी करने की तैयारी कर रहे थे। पूछताछ में अभियुक्तों ने यह भी बताया कि लगभग एक महीना पहले उन्होंने गौरीगंज कस्बे में एक दुकान के बाहर रखे लोहे के फर्मा चुराए थे, जिन्हें तीन पहिया लोडर वाहन से ले जाकर ₹49,000 में बेचा था। ब्रेजा कार से बरामद ₹38,400 उसी बिक्री के बचे हुए रुपये हैं, शेष खर्च कर दिए गए थे। इसी महीने की 20 तारीख को उन्होंने गौरीगंज कस्बे में सुलतानपुर रोड के किनारे एक पुरानी दुकान का शटर उठाकर उसमें रखी बैट्रियां और इन्वर्टर चुराए थे। उन्हें तीन पहिया लोडर पर लादकर अपने साथी राजकुमार तिवारी की देखरेख में एक जगह रखवा दिया था, जिनमें से कुछ छोटी बैट्रियां बेच दी गई थीं। शेष इन्वर्टर और बैट्रियां उनके साथी मोहन वर्मा (निवासी नारायणपुर मिसिर, थाना हरइया, जनपद बस्ती) के पास सैंठा नाला पुल के पास एक तीन पहिया लोडर वाहन पर लदी थीं, जहां वह उनका इंतजार कर रहा था। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर सैंठा नाला पुल के पास पहुंचकर मोहन वर्मा से पूछताछ की, जिसके कब्जे से एक एंड्रॉयड फोन बरामद हुआ। लोडर पर पॉलीथीन से ढका सामान देखने पर 05 नए इन्वर्टर, 18 नई बैट्रियां और 08 पुरानी बैट्रियां बरामद हुईं, जिससे कुल बरामद बैट्रियों की संख्या 26 हो गई। अभियुक्तों के कब्जे से चोरी करने के उपकरण जैसे सरिया, हथौड़ा, पेंचकश और छेनी भी बरामद हुए। वे वाहनों के कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। मौके से सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही की जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्तों में तीन बस्ती जिले के निवासी हैं, जबकि एक अमेठी के संग्रामपुर थाने का रहने वाला है। अमेठी पुलिस के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की जा रही है।4