पांगी में बस सेवा बहाल, लेकिन कुमार–चस्क–पुंटो अब भी इंतज़ार में। कुमार क्षेत्र के लोगों को महंगे निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा, प्रशासन से शीघ्र बस सेवा शुरू करने की मांग। PANGI NEWS 24 पांगी घाटी में सर्दियों के बाद अधिकांश रूटों पर बस सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, जिससे आम जनमानस को बड़ी राहत मिली है। लेकिन कुमार, चस्क और पुंटो क्षेत्र के लिए अब तक बस सेवा शुरू न होने से स्थानीय लोगों में निराशा और रोष व्याप्त है। जबकि संबंधित सड़कों को साफ कर दिया गया है और यातायात के लिए मार्ग भी सुचारू बताया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व पांगी प्रशासन स्वयं कुमार क्षेत्र के दौरे पर पहुंचा था। इस दौरान एसडीएम पांगी कुमार परमार के साथ लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता भी मौजूद थे। दौरे के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी थी कि शीघ्र ही बस सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है। महंगे किराए की मार झेल रहे ग्रामीण। बस सेवा बंद होने के कारण कुमार, चस्क और पुंटो के लोगों को किलाड़ या अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए छोटी निजी गाड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उन्हें कई गुना अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। चाहे अस्पताल जाना हो, बैंक संबंधी कार्य हो या अन्य जरूरी काम — हर बार महंगे किराए का बोझ उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की कमी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। अन्य रूटों पर भी बस सेवा ठप। केवल कुमार–चस्क–पुंटो ही नहीं, बल्कि हिलौर, कुलाल, मिन्धल और गुवाड़ी रूटों पर भी बस सेवाएं अब तक बहाल नहीं हो पाई हैं। इन क्षेत्रों के लोग भी समान परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रशासन और सरकार से मांग। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पांगी प्रशासन और हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि शीघ्र आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर इन रूटों पर नियमित बस सेवा शुरू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और दैनिक जीवन सामान्य रूप से चल सके। दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र पांगी में सार्वजनिक परिवहन केवल सुविधा नहीं, बल्कि आवश्यकता है। ऐसे में संबंधित विभागों को संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
पांगी में बस सेवा बहाल, लेकिन कुमार–चस्क–पुंटो अब भी इंतज़ार में। कुमार क्षेत्र के लोगों को महंगे निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा, प्रशासन से शीघ्र बस सेवा शुरू करने की मांग। PANGI NEWS 24 पांगी घाटी में सर्दियों के बाद अधिकांश रूटों पर बस सेवाएं बहाल कर दी गई हैं, जिससे आम जनमानस को बड़ी राहत मिली है। लेकिन कुमार, चस्क और पुंटो क्षेत्र के लिए अब तक बस सेवा शुरू न होने से स्थानीय लोगों में निराशा और रोष व्याप्त है। जबकि संबंधित सड़कों को साफ कर दिया गया है और यातायात के लिए मार्ग भी सुचारू बताया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व पांगी प्रशासन स्वयं कुमार क्षेत्र के दौरे पर पहुंचा था। इस दौरान एसडीएम पांगी कुमार परमार के साथ लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता भी मौजूद थे। दौरे के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी थी कि शीघ्र ही बस सेवा प्रारंभ कर दी जाएगी, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है। महंगे किराए की मार झेल रहे ग्रामीण। बस सेवा बंद होने के कारण कुमार, चस्क और पुंटो के लोगों को किलाड़ या अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए छोटी निजी गाड़ियों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उन्हें कई गुना अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। चाहे अस्पताल जाना हो, बैंक संबंधी कार्य हो या अन्य जरूरी काम — हर बार महंगे किराए का बोझ उठाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाएं देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे दूरस्थ क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की कमी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है। अन्य रूटों पर भी बस सेवा ठप। केवल कुमार–चस्क–पुंटो ही नहीं, बल्कि हिलौर, कुलाल, मिन्धल और गुवाड़ी रूटों पर भी बस सेवाएं अब तक बहाल नहीं हो पाई हैं। इन क्षेत्रों के लोग भी समान परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रशासन और सरकार से मांग। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पांगी प्रशासन और हिमाचल प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि शीघ्र आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कर इन रूटों पर नियमित बस सेवा शुरू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और दैनिक जीवन सामान्य रूप से चल सके। दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र पांगी में सार्वजनिक परिवहन केवल सुविधा नहीं, बल्कि आवश्यकता है। ऐसे में संबंधित विभागों को संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
- नेरचौक में ठेकेदारों का प्रदर्शन 🔥 31 मार्च तक पेमेंट न मिलने पर फूटा गुस्सा | Mandi News Himachal1
- devbhumi Kullu Himachal Pradesh1
- सुजानपुर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह बजट सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद देर रात अपने क्षेत्र में पहुंचे और पहुंचते ही जनहित कार्यों में सक्रिय नजर आए। उन्होंने गाव समोना के लिए बन रही सड़क का औचक निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया। यह सड़क लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है। बरसात के मौसम में खड्ड (नाले) के उफान पर होने के कारण समोना के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्थिति इतनी गंभीर होती थी कि लोग अपनी गाड़ियां बगेहरा या अपने गांव में ही खड़ी कर देते थे और समोना तक पैदल पहुंचना पड़ता था। यहां तक कि गौशाला के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री भी लोगों को सिर पर उठाकर ले जानी पड़ती थी। विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने जनता की इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह सड़क बनने से न केवल समोना के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी। विधायक ने आश्वासन दिया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा जनहित के कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा करवाना है।1
- हमीरपुर हमीरपुर ज़िला के उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत नंदन के गांव बल्ह हरिजन बस्ती नारकीय जीवन जी रही है। इस बस्ती की विडंबना यह है कि अपनी जमीन देने के उपरांत भी सडक़ गांव तक नहीं पहुंच पाई। करीब 500 मीटर सडक़ निकलने के बाद इसे बंद कर दिया गया जिस वजह से यह बस्ती भारी मुसीबतें झेल रही है। यहां के रास्ते तक टूट चुके हैं तथा मार्ग चलने योग्य नहीं बचे हैं। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। इस बस्ती के लोगों ने आरोप जड़े हैं कि जहां से सडक़ मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है वहां पर इनकी जमीन है। उसी जमीन से मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है। इन्होंने तो जमीन दे दी लेकिन वायदे मुताबिक बल्ह गांव के सामान्य वर्ग ने सिर्फ अपना फायदा देखा तथा इनकी बस्ती को मार्ग नहीं निकलने दिया। वर्ष 2020 में सडक़ मार्ग का निर्माण कार्य किया गया है। जब सडक़ का टै्रक बना तो बताया गया कि सामान्य वर्ग व हरिजन बस्ती के लिए इस मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। हरिजन बस्ती के ग्रामीणों ने बताया कि सडक़ का निर्माण अनुसूचित जाति उपयोग में हुआ है। ग्रामीणों ने अनुसार बरसात के दिनों में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपने बच्चे स्कूल भेजने में भी हिचकिचाहट हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो इनके गांव तक का मार्ग साईकिल योग्य भी नहीं बचा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप जड़ा है कि प्रशासन के कई मर्तबा चक्कर काट चुके हैं तथा हर बार समस्या के समाधान का आश्वसान देकर पल्ला झाड़ दिया जाता है। इन ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग इनकी बस्ती तक नहीं निकाला गया तो फिर मार्ग को उस जगह पर बंद कर देंगे जहां से इनकी जमीन को लिया गया है। इन्होंने बताया कि मार्ग निकालने के लिए इनसे जमीन की कोई एनओसी नहीं ली गई है तथा मार्ग लोकनिर्माण विभाग ने निकाला है। ऐसे में अब ये लोग मजबूरीवश मार्ग को उस जगह से बंद करने की बात कह रहे हैं जहां इनकी जमीन का इस्तेमाल किया गया है। शनिवार को उपायुक्त के दरबार पहुंचे ग्रामीणों ने गुहार लगाई है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान कर राहत पहुंचाई जाए। वर्तमान में इनका गांव विकास की दृष्टि से दूर हो चला है। यदि आज इनकी आवाज को दबाया गया तो फिर आने वाले समय में पूरा गांव सडक़ समस्या का सामना करेगा। उपायुक्त हमीरपुर ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल उनके पास पहुंचा था। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण पवन कुमार का कहना है कि वर्ष 2021 से प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। स्वर्ण समाज ने अपने घरों तक सडक़ मार्ग को निकलने दिया तथा आगे का रास्ता बंद कर दिया है। यदि ऐसा ही रहा तो यह मजबूरी में वहां से रास्ता बंद कर देंगे जहां पर सडक़ मार्ग के लिए इनकी जमीन ली गई है। राकेश कुमार का कहना है कि सडक़ सुविधा के आभाव में ग्रामीण भारी परेशानियों झेल रहे हैं। बस्ती के रास्ते तक ध्वस्त हो चुके हैं तथा कई घरों को सडक़ मार्ग के लिए बनाए ट्रैक से नुकसान हो चुका है। बरसात के दिनों में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुषमा देवी ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ मार्ग की सुविधा न मिलने से काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पहले दोपहिया किसी तरह घरों तक पहुंच जाता था लेकिन अब तो रास्ते साईकिल चलाने के योग्य भी नहीं है।3
- स्थानीय जनता की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने से ग्रामीणों में खुशी, विधायक विवेक शर्मा का जिताया आभार, किसानों व श्रद्धालुओं को मिलेगी बड़ी राहत, बंगाणा, कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत लमलेहड़ी गांव में मुख्य सड़क से बाबा बालक रूपी मंदिर और श्मशान घाट तक बन रही लिंक सड़क का विधायक विवेक शर्मा ने निरीक्षण किया। लगभग अढ़ाई किलोमीटर लंबाई वाली इस लिंक सड़क का निर्माण कार्य इन दिनों युद्ध स्तर पर जारी है। इस सड़क के निर्माण को लेकर क्षेत्र की जनता लंबे समय से मांग कर रही थी, जो अब पूरी होती नजर आ रही है। निरीक्षण के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी मांग थी, जिसे अब साकार किया जा रहा है। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि इस लिंक सड़क के बनने से जहां श्रद्धालुओं को बाबा बालक रूपी मंदिर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी, वहीं श्मशान घाट तक पहुंचने का रास्ता भी सुगम हो जाएगा। पहले लोगों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता था, विशेषकर बरसात के दिनों में यह समस्या और अधिक गंभीर हो जाती थी। अब इस सड़क के बनने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क का लाभ केवल मंदिर और श्मशान घाट तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास की दर्जनों मलकीयत भूमि वाले किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। किसानों को अपनी कृषि उपज को खेतों से मुख्य सड़क तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनके समय और श्रम दोनों की बचत होगी। साथ ही ग्रामीणों के आवागमन की सुविधा भी पहले से कहीं अधिक बेहतर हो जाएगी। निरीक्षण के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार ही कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सड़क बनाना नहीं, बल्कि टिकाऊ और मजबूत सड़कें बनाना है, जो लंबे समय तक जनता की सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और समय-समय पर इसकी निगरानी की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की कमी न रह जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि यह सड़क निर्धारित समय के भीतर पूर्ण कर जनता को समर्पित की जाएगी। हर गांव और धार्मिक स्थल को कुटलैहड़ में हर घर हर गांव को सड़क से जोड़ना हमारा संकल्प, विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि उनका संकल्प है कि कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव, हर घर और हर धार्मिक स्थल को सड़क और पक्के रास्ते से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि सड़क विकास किसी भी क्षेत्र की प्रगति की रीढ़ होती है और बेहतर सड़कें बनने से क्षेत्र के सामाजिक व आर्थिक विकास को गति मिलती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता ने जो विश्वास उन पर जताया है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में कई अन्य लिंक सड़कों और विकास कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा सके। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक विवेक शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सड़क उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग थी। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बनने से उनके जीवन में काफी सहूलियत आएगी और क्षेत्र का समग्र विकास भी सुनिश्चित होगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इसी प्रकार अन्य विकास कार्य भी क्षेत्र में निरंतर जारी रहेंगे।1
- Post by Dinesh Kumar1
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- हमीरपुर, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर द्वारा सोमनाथ मंदिर में प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना की पहल के तहत निकाली जा रही पवित्र ज्योतिर्लिंग यात्रा हमीरपुर पहुंची। गांधी चौक पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर ज्योतिर्लिंग का भव्य स्वागत किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बन गया। यह यात्रा पूरे भारत में आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह पवित्र अवशेष लगभग 1000 वर्षों से संरक्षित थे, जिन्हें अब पुनः स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं स्थानीय निवासी कपिल मोहन शामा ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दिन हमीरपुर जिला के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि “1000 वर्ष पुराना ज्योतिर्लिंग हमारे शहर के गांधी चौक पर पहुंचा है, जो हमारे लिए गर्व और आस्था का विषय है।” उन्होंने बताया कि यह यात्रा लगभग 10 दिनों तक हिमाचल प्रदेश में रहेगी। यात्रा इससे पहले चंबा और धर्मशाला में सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। हमीरपुर के बाद यह यात्रा अगले पड़ाव के रूप में ऊना जिला पहुंचेगी।श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और लोग बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।2
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