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लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के देवती गांव में सोमवार दिन में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस हादसे में कई अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है, जबकि फैक्ट्री पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रहा है।
Umesh chandra patrkar
लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के देवती गांव में सोमवार दिन में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हो गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस हादसे में कई अन्य लोगों के घायल होने की भी सूचना है, जबकि फैक्ट्री पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में जुट गए। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की जांच पड़ताल कर रहा है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रयागराज के झूंसी इलाके में एक तेंदुए के दिखाई देने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो वहाँ के एक स्थानीय निवासी ने रिकॉर्ड कर साझा किया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से पूरे क्षेत्र में इस घटना पर चर्चा का माहौल बना हुआ है।1
- प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र में शास्त्री पुल के पास ईदगाह के सामने एक तेंदुआ फिर से देखा गया है। एसटीपी पर मौजूद लोगों ने तेंदुए को अपने मोबाइल कैमरे में एकदम साफ-साफ कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि यह तेंदुआ एक मां है जो अपने दोनों शावकों के लिए भोजन की तलाश में निकली है। कुत्तों को तेंदुए के स्वादिष्ट भोजन में से एक माना जाता है, इसलिए यह मां तेंदुआ कुत्तों के शिकार पर निकली थी। जानकारी के अनुसार, तेंदुआ इंसानों पर तभी हमला करता है जब उसे भोजन के लिए कोई अन्य जानवर उपलब्ध न हो। इस तेंदुआ मां ने झूंसी के गंगा नदी के किनारे वाले क्षेत्र पर अपना डेरा डाल रखा है और यह अनुमान है कि उसके दोनों शावक भी वहीं पर होंगे।1
- कल जोरहाट AFS पर भारतीय वायु सेना का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया, जिसका चौंकाने वाला CCTV फुटेज सामने आया है। इस फुटेज में देखा जा सकता है कि विमान आसानी से लैंड कर रहा था, लेकिन अचानक बाईं ओर मुड़ गया, रनवे से हट गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पाँच एयरमैन की मौत हो गई।1
- प्रयागराज जिले के मेजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत चिलबिला में स्थित नवीन प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र की हालत अत्यधिक जर्जर हो चुकी है। इस केंद्र पर डॉक्टर नहीं बैठते, जिसके कारण ग्रामीण मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। नवीन प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र की यह दयनीय स्थिति और डॉक्टरों की गैरमौजूदगी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बनी हुई है।1
- घूरपुर पुलिस थाना परिसर में आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पीस कमेटी की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता एसीपी अब्दुल सलाम खान ने की, जबकि घूरपुर थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने इसका सफल संचालन किया। बैठक में घूरपुर थाना क्षेत्र की विभिन्न ग्राम सभाओं से पहुंचे ताजियादारों, ग्राम प्रधानों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अधिकारियों ने उपस्थित सभी लोगों से मुहर्रम का जुलूस और ताजिया पारंपरिक तरीके से निकालने के साथ-साथ आपसी भाईचारे एवं सौहार्द की भावना बनाए रखने की विशेष अपील की। एसीपी अब्दुल सलाम खान ने इस बात पर जोर दिया कि मुहर्रम का पर्व शांति, अनुशासन और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाया जाए। उन्होंने सभी ताजियादारों से प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन करने का अनुरोध करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दिया जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए। थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्रा ने यह भी सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि जुलूस निर्धारित मार्ग एवं तय समय के अनुसार ही निकाला जाए, साथ ही डीजे, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा मानकों एवं अन्य प्रशासनिक निर्देशों का पालन हो ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। उन्होंने दोहराया कि पुलिस प्रशासन मुहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार है। इस दौरान, विभिन्न ग्राम सभाओं से आए ताजियादारों और स्थानीय लोगों ने अधिकारियों को बिजली, साफ-सफाई, मार्ग की मरम्मत, सुरक्षा व्यवस्था तथा जुलूस मार्ग में आने वाली अन्य समस्याओं से अवगत कराया। अधिकारियों ने इन सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। बैठक का समापन आपसी सहयोग, भाईचारे और शांति व्यवस्था बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ। इस अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारी, कर्मचारी, पत्रकार बन्धु, ग्राम प्रधान, ताजियादार तथा क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।4
- प्रयागराज के जसरा स्थित मदरहा जसरा इरादतगंज रेलवे स्टेशन पर तेंदू पत्ते का बड़े पैमाने पर काला कारोबार चल रहा है, जिससे प्रतिदिन लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि शंकरगढ़ वन क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले जसरा बीट प्रभार के सह पर ही तेंदू पत्ते की यह तस्करी की जा रही है। इस अवैध कारोबार में जीआरपी, आरपीएफ के साथ-साथ रेलवे स्टेशन का एक स्थानीय दबंग वेंडर और स्थानीय ठेकेदार भी कथित तौर पर पूरी तरह से संलिप्त हैं। सूत्रों के अनुसार, तेंदू पत्ता लाने वाले लोगों से अवैध वसूली की जाती है, जिसमें दबंग वेंडर और ठेकेदार मिलकर प्रति बोरी 100 रुपये की धन उगाही कर रहे हैं। वन विभाग इस तस्करी को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है, जिसके चलते यह अवैध धंधा बेरोकटोक जारी है और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- प्रयागराज जिलाधिकारी मनीष वर्मा ने आज एक जनसुनवाई की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सख्त निर्देश दिए कि फरियादियों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द सुनिश्चित किया जाए।1
- कौंधियारा क्षेत्र में बिना लाइसेंस और परमिशन के बड़े पैमाने पर अवैध खनन का गोरखधंधा धड़ल्ले से जारी है। इस अवैध कारोबार में जुटे लोगों का एक वीडियो इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें स्पष्ट रूप से अवैध खनन गतिविधियों और संबंधित बातचीत को देखा और सुना जा सकता है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर मामले की संबंधित विभागों को भनक तक नहीं लगी। वायरल वीडियो के माध्यम से स्थानीय पुलिस, खनन विभाग और तहसील स्तर के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि ये संबंधित विभाग हमेशा की तरह अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटने में लगे रहते हैं। वीडियो में चल रही बातचीत से यह संकेत मिलता है कि अवैध कारोबारियों को स्थानीय पुलिस की 'परमिट' पर पूरी छूट मिली हुई है, जिसके चलते वे रात के सन्नाटे में चोरी-छिपे इस गोरखधंधे को अंजाम दे रहे हैं। सवाल उठता है कि क्या रात में गश्त के दौरान पुलिस को यह सब दिखाई नहीं पड़ता, या संभव है कि इलाकाई पुलिस गश्त पर जाती ही न हो। बताया जाता है कि संबंधित पुलिस को सब कुछ पता होने के बावजूद वे कार्रवाई करने या उच्च अधिकारियों को सूचना देने से कतराते हैं। जब भी अवैध खनन का यह 'महाखेल' सामने आता है, तो पुलिस सीधे तौर पर खनन विभाग और तहसील स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की जिम्मेदारी डाल देती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या खाकी (पुलिस) अपने कर्तव्यों का पालन करने से पीछे हट रही है, खासकर जब उनके थाना क्षेत्र में बिना लाइसेंस और परमिट के इस तरह का अवैध कारोबार चल रहा हो। यदि वे कार्रवाई में अक्षम हैं, तो संबंधित विभागों को जानकारी भी क्यों नहीं मुहैया कराई जाती? वायरल वीडियो के जरिए ऐसे ही कई सवाल इलाकाई पुलिस और संबंधित विभागों की पोल खोलकर रख रहे हैं, जिसमें रात के सन्नाटे में अवैध खनन करते हुए कारोबारियों को साफ देखा जा सकता है।1