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70वीं राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता 16 से 19 सितंबर तक शहडोल में, 240 खिलाड़ी दिखाएंगे दम शहडोल। मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 70वीं राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता 2026 का आयोजन इस वर्ष शहडोल जिले में किया जा रहा है। प्रतियोगिता 16 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 10 संभागों के 120 बालक और 120 बालिका सहित कुल 240 प्रतिभावान चयनित खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही 10 प्रमुख प्रबंधक, 10 टीम मैनेजर, 20 कोच तथा 30 स्टेट ऑफिशियल (निर्णायक एवं रेफरी) सहित कुल 310 प्रतिभागी इस आयोजन में सहभागिता करेंगे। प्रतिभागियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था बी.टी.आई. कैम्पस में पृथक-पृथक भवनों में की गई है। प्रतियोगिता के मुकाबले गांधी स्टेडियम, अशासकीय गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल एवं बी.टी.आई. स्थित बास्केटबॉल मैदान में खेले जाएंगे। तीनों खेल मैदानों में आगंतुकों एवं अतिथियों के लिए वाटरप्रूफ बैठक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मैचों के लिए स्कोरबोर्ड का डिजिटल डिस्प्ले एवं खेल मैदान में प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। प्रतियोगिता में बालक एवं बालिका वर्ग के पृथक-पृथक 20 लीग मैच, 02 सेमीफाइनल, 01 थर्ड पोजीशन और 01 फाइनल सहित कुल 48 मैच खेले जाएंगे। दिनांक 16 सितंबर 2026 को प्रातः अशासकीय गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल में उद्घाटन समारोह एवं उद्घाटन मैच का आयोजन होगा। प्रतियोगिता का समापन समारोह एवं फाइनल मैच भी गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल में ही संपन्न होगा। उद्घाटन समारोह में अतिथियों के आगमन उपरांत मार्च पास्ट, ध्वजारोहण, खेल शपथ, संक्षिप्त सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं अतिथियों का उद्बोधन होगा।

1 day ago
user_JIYAUDDIN ANSARI
JIYAUDDIN ANSARI
Voice of people Budar, Shahdol•
1 day ago
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70वीं राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता 16 से 19 सितंबर तक शहडोल में, 240 खिलाड़ी दिखाएंगे दम शहडोल। मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 70वीं राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता 2026 का आयोजन इस वर्ष शहडोल जिले में किया जा रहा है। प्रतियोगिता 16 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक आयोजित होगी। प्रतियोगिता में प्रदेश के सभी 10 संभागों के 120 बालक और 120 बालिका सहित कुल 240 प्रतिभावान चयनित खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही 10 प्रमुख प्रबंधक, 10 टीम मैनेजर, 20 कोच तथा 30 स्टेट ऑफिशियल (निर्णायक एवं रेफरी) सहित कुल 310 प्रतिभागी इस आयोजन में सहभागिता करेंगे। प्रतिभागियों के ठहरने की समुचित व्यवस्था बी.टी.आई. कैम्पस में पृथक-पृथक भवनों में की गई है। प्रतियोगिता के मुकाबले गांधी स्टेडियम, अशासकीय गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल एवं बी.टी.आई. स्थित बास्केटबॉल मैदान में खेले जाएंगे। तीनों खेल मैदानों में आगंतुकों एवं अतिथियों के लिए वाटरप्रूफ बैठक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मैचों के लिए स्कोरबोर्ड का डिजिटल डिस्प्ले एवं खेल मैदान में प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। प्रतियोगिता में बालक एवं बालिका वर्ग के पृथक-पृथक 20 लीग मैच, 02 सेमीफाइनल, 01 थर्ड पोजीशन और 01 फाइनल सहित कुल 48 मैच खेले जाएंगे। दिनांक 16 सितंबर 2026 को प्रातः अशासकीय गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल में उद्घाटन समारोह एवं उद्घाटन मैच का आयोजन होगा। प्रतियोगिता का समापन समारोह एवं फाइनल मैच भी गुड शेफर्ड कॉन्वेंट स्कूल शहडोल में ही संपन्न होगा। उद्घाटन समारोह में अतिथियों के आगमन उपरांत मार्च पास्ट, ध्वजारोहण, खेल शपथ, संक्षिप्त सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं अतिथियों का उद्बोधन होगा।

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  • थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। घटना का विवरण - दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। गिरफ्तार आरोपी - पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है - अरसद अंसारी भक्ती कोल योगेन्द्र उर्फ छोट्टू तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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    थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार

अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है।
घटना का विवरण -
दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी -
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है -
अरसद अंसारी
भक्ती कोल  
योगेन्द्र उर्फ छोट्टू
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    1 hr ago
  • ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन अनूपपूर/अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई। ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा। सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया। ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं। ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं। तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।
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    ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी
पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन
अनूपपूर/अमरकंटक - 
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई।
ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा।
सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया।
ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं।
ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं।
तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है।
इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
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    कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन हेतु सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जन संचार का सशक्त माध्यम है, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाए, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता भी सुनिश्चित करें। बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति सहित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मौजूद रहें। #शहडोल #shahdol
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    कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की बैठक ली।
उन्होंने कहा कि जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 
उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन हेतु सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जन संचार का सशक्त माध्यम है, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाए, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले  सेवा संकल्प  अभियान की कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता  भी सुनिश्चित करें।
बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति सहित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मौजूद रहें।
#शहडोल #shahdol
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • गणपति भगवान का प्रोग्राम सूचित किया जाता है ग्राम पंचायत चित्र में गणपति भगवान का प्रोग्राम बनाना बना रहे हैं प्रोग्राम गणपति भगवान का तो समय में आकर के गणपति भगवान का पंडित पूजा करदे
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    गणपति भगवान का प्रोग्राम
सूचित किया जाता है ग्राम पंचायत चित्र में गणपति भगवान का प्रोग्राम बनाना बना रहे हैं प्रोग्राम गणपति भगवान का तो समय में आकर के गणपति भगवान का पंडित पूजा करदे
    user_Durgesh Ashirwar
    Durgesh Ashirwar
    Singer Jaisinghnagar, Shahdol•
    13 hrs ago
  • UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
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    UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
    user_Shammi khan niyazi
    Shammi khan niyazi
    Court reporter नवरोजाबाद, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    46 min ago
  • धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* *कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है। दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है— थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़ किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फसल की लगातार निगरानी जरूरी विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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    धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* 
*कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* 
डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है।
दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव
डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है—
थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़
इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़
किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें।
विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव
*वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है।
नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
फसल की लगातार निगरानी जरूरी
विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। #शहडोल #shahdol
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    कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

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    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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