कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ में सोमवार को अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉक्टर के एम सिंह ने कहा कि गरमा मौसम में सब्जियों की खेती करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन है। उन्होंने किसानों को गरमा मौसम में सब्जियों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषक महिलाओं को निःशुल्क सब्जियों के विभिन्न बीज उपलब्ध कराए गए, जिनमें भिंडी, साग, खीरा, नेनुआ, बोरा, कद्दू, कोहड़ा, तरबूज, धनिया तथा बीन्स के बीज शामिल थे। इसके साथ ही किसानों को मूंग के बीज भी वितरित किए गए, ताकि वे गरमा मौसम में मूंग की उन्नत खेती कर अधिक उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में बताया गया कि मूंग एक दलहनी फसल है, जिसकी खेती से दाने प्राप्त होने के साथ-साथ पौधों के अवशेषों को जमीन में मिलाकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संतोष कुमार ने किसानों को मृदा प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं डॉक्टर राबिया परवीन ने मूंग की अधिक उत्पादन तकनीक पर प्रकाश डाला तथा डॉ. गोविंद कुमार ने मूंग के शस्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में डोकरेल ग्राम के कुल 25 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ में सोमवार को अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉक्टर के एम सिंह ने कहा कि गरमा मौसम में सब्जियों की खेती करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन है। उन्होंने किसानों को गरमा मौसम में सब्जियों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषक महिलाओं को निःशुल्क सब्जियों के विभिन्न बीज उपलब्ध कराए गए, जिनमें भिंडी, साग, खीरा, नेनुआ, बोरा, कद्दू, कोहड़ा, तरबूज, धनिया तथा बीन्स के बीज शामिल थे। इसके साथ ही किसानों को मूंग के बीज भी वितरित किए गए, ताकि वे गरमा मौसम में मूंग की उन्नत खेती कर अधिक उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में बताया गया कि मूंग एक दलहनी फसल है, जिसकी खेती से दाने प्राप्त होने के साथ-साथ पौधों के अवशेषों को जमीन में मिलाकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संतोष कुमार ने किसानों को मृदा प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं डॉक्टर राबिया परवीन ने मूंग की अधिक उत्पादन तकनीक पर प्रकाश डाला तथा डॉ. गोविंद कुमार ने मूंग के शस्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में डोकरेल ग्राम के कुल 25 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ में सोमवार को अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉक्टर के एम सिंह ने कहा कि गरमा मौसम में सब्जियों की खेती करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन है। उन्होंने किसानों को गरमा मौसम में सब्जियों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषक महिलाओं को निःशुल्क सब्जियों के विभिन्न बीज उपलब्ध कराए गए, जिनमें भिंडी, साग, खीरा, नेनुआ, बोरा, कद्दू, कोहड़ा, तरबूज, धनिया तथा बीन्स के बीज शामिल थे। इसके साथ ही किसानों को मूंग के बीज भी वितरित किए गए, ताकि वे गरमा मौसम में मूंग की उन्नत खेती कर अधिक उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में बताया गया कि मूंग एक दलहनी फसल है, जिसकी खेती से दाने प्राप्त होने के साथ-साथ पौधों के अवशेषों को जमीन में मिलाकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संतोष कुमार ने किसानों को मृदा प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं डॉक्टर राबिया परवीन ने मूंग की अधिक उत्पादन तकनीक पर प्रकाश डाला तथा डॉ. गोविंद कुमार ने मूंग के शस्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में डोकरेल ग्राम के कुल 25 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ में सोमवार को अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉक्टर के एम सिंह ने कहा कि गरमा मौसम में सब्जियों की खेती करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन है। उन्होंने किसानों को गरमा मौसम में सब्जियों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषक महिलाओं को निःशुल्क सब्जियों के विभिन्न बीज उपलब्ध कराए गए, जिनमें भिंडी, साग, खीरा, नेनुआ, बोरा, कद्दू, कोहड़ा, तरबूज, धनिया तथा बीन्स के बीज शामिल थे। इसके साथ ही किसानों को मूंग के बीज भी वितरित किए गए, ताकि वे गरमा मौसम में मूंग की उन्नत खेती कर अधिक उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में बताया गया कि मूंग एक दलहनी फसल है, जिसकी खेती से दाने प्राप्त होने के साथ-साथ पौधों के अवशेषों को जमीन में मिलाकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संतोष कुमार ने किसानों को मृदा प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं डॉक्टर राबिया परवीन ने मूंग की अधिक उत्पादन तकनीक पर प्रकाश डाला तथा डॉ. गोविंद कुमार ने मूंग के शस्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में डोकरेल ग्राम के कुल 25 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया।
कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ में सोमवार को अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉक्टर के एम सिंह ने कहा कि गरमा मौसम में सब्जियों की खेती करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन है। उन्होंने किसानों को गरमा मौसम में सब्जियों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषक महिलाओं को निःशुल्क सब्जियों के विभिन्न बीज उपलब्ध कराए गए, जिनमें भिंडी, साग, खीरा, नेनुआ, बोरा, कद्दू, कोहड़ा, तरबूज, धनिया तथा बीन्स के बीज शामिल थे। इसके साथ ही किसानों को मूंग के बीज भी वितरित किए गए, ताकि वे गरमा मौसम में मूंग की उन्नत खेती कर अधिक उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में बताया गया कि मूंग एक दलहनी फसल है, जिसकी खेती से दाने प्राप्त होने के साथ-साथ पौधों के अवशेषों को जमीन में मिलाकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संतोष कुमार ने किसानों को मृदा प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं डॉक्टर राबिया परवीन ने मूंग की अधिक उत्पादन तकनीक पर प्रकाश डाला तथा डॉ. गोविंद कुमार ने मूंग के शस्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में डोकरेल ग्राम के कुल 25 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ में सोमवार को अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉक्टर के एम सिंह ने कहा कि गरमा मौसम में सब्जियों की खेती करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन है। उन्होंने किसानों को गरमा मौसम में सब्जियों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषक महिलाओं को निःशुल्क सब्जियों के विभिन्न बीज उपलब्ध कराए गए, जिनमें भिंडी, साग, खीरा, नेनुआ, बोरा, कद्दू, कोहड़ा, तरबूज, धनिया तथा बीन्स के बीज शामिल थे। इसके साथ ही किसानों को मूंग के बीज भी वितरित किए गए, ताकि वे गरमा मौसम में मूंग की उन्नत खेती कर अधिक उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में बताया गया कि मूंग एक दलहनी फसल है, जिसकी खेती से दाने प्राप्त होने के साथ-साथ पौधों के अवशेषों को जमीन में मिलाकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संतोष कुमार ने किसानों को मृदा प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं डॉक्टर राबिया परवीन ने मूंग की अधिक उत्पादन तकनीक पर प्रकाश डाला तथा डॉ. गोविंद कुमार ने मूंग के शस्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में डोकरेल ग्राम के कुल 25 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। कृषि विज्ञान केंद्र, जलालगढ़ में सोमवार को अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉक्टर के एम सिंह ने कहा कि गरमा मौसम में सब्जियों की खेती करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन है। उन्होंने किसानों को गरमा मौसम में सब्जियों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषक महिलाओं को 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प्रधान डॉक्टर के एम सिंह ने कहा कि गरमा मौसम में सब्जियों की खेती करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होने के साथ-साथ किसानों के लिए आय बढ़ाने का अच्छा साधन है। उन्होंने किसानों को गरमा मौसम में सब्जियों की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कृषक महिलाओं को निःशुल्क सब्जियों के विभिन्न बीज उपलब्ध कराए गए, जिनमें भिंडी, साग, खीरा, नेनुआ, बोरा, कद्दू, कोहड़ा, तरबूज, धनिया तथा बीन्स के बीज शामिल थे। इसके साथ ही किसानों को मूंग के बीज भी वितरित किए गए, ताकि वे गरमा मौसम में मूंग की उन्नत खेती कर अधिक उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम में बताया गया कि मूंग एक दलहनी फसल है, जिसकी खेती से दाने प्राप्त होने के साथ-साथ पौधों के अवशेषों को जमीन में मिलाकर हरी खाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संतोष कुमार ने किसानों को मृदा प्रबंधन की जानकारी दी। वहीं डॉक्टर राबिया परवीन ने मूंग की अधिक उत्पादन तकनीक पर प्रकाश डाला तथा डॉ. गोविंद कुमार ने मूंग के शस्य प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में डोकरेल ग्राम के कुल 25 महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया।
- कसबा के पूर्व विधायक सैयद गुलाम हुसैन के निधन पर शोक कसबा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक जनाब सैयद गुलाम हुसैन साहब के इंतकाल की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन को सीमांचल की राजनीति और समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। वे एक अनुभवी एवं लोकप्रिय जनप्रतिनिधि थे, जिन्होंने अपने कार्यकाल में क्षेत्र के विकास और सामाजिक समरसता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुख की घड़ी में धैर्य एवं शक्ति दें। लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- “नीतीश कुमार को सीएम पद से क्यों हटाया BJP | सबको फसाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री अपने ही जाल में फंसे | JDU आज तक कभी भी छोटे पार्टी को नहीं दिया भाव || राजनीतिक के छोटे-छोटे पार्टीयों की मदद से ही भाजपा ने सीएम नीतीश की छीनी कुर्सी, परिवार वाद कहने वाला पार्टी आज परिवारवाद को ही दिया बढ़ावा जिसने छोटे दलों को कभी भाव नहीं दिया,आज उन्हीं की वजह से हिली सत्ता!”सत्ता का अहंकार टूटा! छोटे दलों की ताकत से बदला बिहार का राजनीतिक समीकरण”#Political #news #CM #NitishKumarCM #BiharPolitics #BJP4IND #LJP #LJPRamvilas #JitanRamManjhi #UpendraKushwaha #ChiragPaswan #JDU Nitish Kumar Chirag Paswan Upendra Kushwaha Narendra Modi Nitesh Kumar Singh Rajesh Ranjan Tejashwi Yadav Santosh Kumar Kushwaha Rajesh Verma1
- फलका थाना क्षेत्र के कवलसिया गांव से चार बच्चे की पिता अपने पत्नी और बच्चे को छोड़ दूसरी महिला को लेकर फरार, बच्चे ने पिता की देख रही है आस1
- Post by Dilshad Khan1
- वायरल वीडियो को लेकर मौलाना अब्दुल्ला सालिम ने दी सफाई बयान को एडिट कर गलत तरीके से फैलाने का लगाया आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग जोकीहाट/अररिया जोकीहाट प्रखंड के पथराबाड़ी गांव निवासी मौलाना अब्दुल्लाह सालिम चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित विवादित वीडियो को लेकर अपनी सफाई दी है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उनका पुराना बयान काट-छांट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच गलतफहमी फैल रही है।मौलाना ने कहा कि उनके बयान को वास्तविक संदर्भ से हटाकर दिखाया गया है। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य कभी भी किसी धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि वे हमेशा समाज में आपसी भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करते आए हैं। बताया जा रहा है कि उनके कथित बयान को लेकर उत्तर प्रदेश के कई थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद यह मामला चर्चा में आया और संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वहीं आसपास के इलाकों में मौलाना की सफाई सामने आने के बाद लोग मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है।1
- Post by Danish Alam1
- Post by Araria News1
- संजीव कुमार सिंह को कार्यकारी जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई भाजपा पूर्णिया के सम्मानित जिला महामंत्री श्री संजीव कुमार सिंह को भाजपा पूर्णिया का कार्यकारी जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर जलालगढ़ मंडल के कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया है। इस अवसर पर जलालगढ़ मंडल की ओर से उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि श्री सिंह के नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त होगा तथा पार्टी की नीतियों और विचारों को जन-जन तक पहुंचाने में नई गति मिलेगी। मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके सफल कार्यकाल की कामना की है।1