नीट पेपर लीक मामले को लेकर टहरौली में युवाओं ने बस स्टैंड से तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी महेश कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर संसद घेराव के दौरान पुलिस द्वारा की गई मारपीट पर कड़ा आक्रोश जताया। ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नीट पेपर लीक में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पेपर लीक माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। वरिष्ठ पत्रकार बाबूसिंह यादव ने प्रदर्शनकारी युवाओं का हौसला बढ़ाया। शिखा आर्य ने कहा कि छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनकी मांगों को पूरा कराया जाएगा। समाजसेवी लेखराज पटेल ने नीट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था NTA को बंद करने की मांग उठाई ताकि भविष्य में पेपर लीक रुक सके। सोनू यादव ने कहा कि बेरोजगार छात्र किसी राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं और सरकार को शिक्षा व पर्यावरण पर काम करना होगा। सुरेन्द्र प्रजापति ने छात्रों पर हमले को लोकतंत्र की हत्या बताया, जबकि राजा ठाकुर ने चेतावनी दी कि सरकार बातचीत कर मांगें पूरी करे, नहीं तो प्रदर्शन और उग्र होगा। वहीं संजय कुशवाहा ने कहा कि देश बचाने और बेरोजगार छात्रों के हक के लिए बदलाव जरूरी है। इस दौरान एडवोकेट रामचरण कुशवाहा, एड चंद्रभान वर्मा, आशाराम कुशवाहा, पूर्व प्रधान हीरालाल अहिरवार, राघवेन्द्र पटेल, अंकित गौतम, हरेंद्र आर्य, अनिल कुशवाहा, विशाल कुशवाहा, बृजेन्द्र कुशवाहा, मनीष पाल, कपिल तिवारी, दीपक यादव, प्रदीप यादव, उदयभान, शिवम अहिरवार, आशीष पाल, विवेक, जाहर सिंह, कुलदीप, अनिल, रामनरेश यादव, राजा बिरथरे, धीरेंद्र कुमार, उजेंद्र पटेल, रामसिंह पटेल, शिवम कुशवाहा और निर्भय सिंह निरंजन सहित कई लोग मौजूद रहे।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर टहरौली में युवाओं ने बस स्टैंड से तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और उपजिलाधिकारी महेश कुमार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे छात्रों पर संसद घेराव के दौरान पुलिस द्वारा की गई मारपीट पर कड़ा आक्रोश जताया। ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नीट पेपर लीक में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पेपर लीक माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। वरिष्ठ पत्रकार बाबूसिंह यादव ने प्रदर्शनकारी युवाओं का हौसला बढ़ाया। शिखा आर्य ने कहा कि छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उनकी मांगों को पूरा कराया जाएगा। समाजसेवी लेखराज पटेल ने नीट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था NTA को बंद करने की मांग उठाई ताकि भविष्य में पेपर लीक रुक सके। सोनू यादव ने कहा कि बेरोजगार छात्र किसी राजनीतिक दल से बंधे नहीं हैं और सरकार को शिक्षा व पर्यावरण पर काम करना होगा। सुरेन्द्र प्रजापति ने छात्रों पर हमले को लोकतंत्र की हत्या बताया, जबकि राजा ठाकुर ने चेतावनी दी कि सरकार बातचीत कर मांगें पूरी करे, नहीं तो प्रदर्शन और उग्र होगा। वहीं संजय कुशवाहा ने कहा कि देश बचाने और बेरोजगार छात्रों के हक के लिए बदलाव जरूरी है। इस दौरान एडवोकेट रामचरण कुशवाहा, एड चंद्रभान वर्मा, आशाराम कुशवाहा, पूर्व प्रधान हीरालाल अहिरवार, राघवेन्द्र पटेल, अंकित गौतम, हरेंद्र आर्य, अनिल कुशवाहा, विशाल कुशवाहा, बृजेन्द्र कुशवाहा, मनीष पाल, कपिल तिवारी, दीपक यादव, प्रदीप यादव, उदयभान, शिवम अहिरवार, आशीष पाल, विवेक, जाहर सिंह, कुलदीप, अनिल, रामनरेश यादव, राजा बिरथरे, धीरेंद्र कुमार, उजेंद्र पटेल, रामसिंह पटेल, शिवम कुशवाहा और निर्भय सिंह निरंजन सहित कई लोग मौजूद रहे।
- झांसी जिले की गरौठा तहसील अंतर्गत खड़ौरा गांव में गुरुवार दोपहर बाद आकाशीय बिजली गिरने से 27 वर्षीय युवक अंकित की मौके पर ही मौत हो गई। खड़ौरा निवासी अंकित अपने पिता बृजनंदन और छोटे भाई के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मूंगफली की फसल में खरपतवार नियंत्रण की दवा का छिड़काव करने खेत पर गया था। खेत पर पहुंचते ही अचानक बारिश होने लगी, जिसके बाद पिता अपने दोनों बेटों के साथ पास स्थित एक बरामदे में बैठकर बारिश थमने का इंतजार करने लगे। पक्की सड़क से करीब 100 मीटर अंदर खड़े ट्रैक्टर के गीली मिट्टी में फंसने की आशंका से अंकित उसे दोबारा सड़क पर खड़ा करने के लिए बरामदे से बाहर निकला। इसी दौरान अचानक चमकी आकाशीय बिजली की चपेट में आने से वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आंखों के सामने हुए इस हादसे के बाद मौके पर मौजूद पिता और छोटे भाई ने गांव में घटना की जानकारी दी। ग्राम प्रधान मनोज यादव की सूचना पर उप जिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार और कोतवाली प्रभारी सुरजीत सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मऊरानीपुर भेज दिया है। इस दुखद घटना से मृतक की पत्नी कविता गहरे सदमे में है। मृतक अपने पीछे करीब 2 वर्ष की एक बेटी और महज डेढ़ महीने का एक मासूम बेटा छोड़ गया है। घटना के बाद ग्रामवासियों ने शासन और प्रशासन से पीड़ित परिवार को दैवीय आपदा के तहत राहत मदद दिलाए जाने की मांग की है।3
- झांसी के टहरौली थाना क्षेत्र स्थित ग्राम लुहरगांव घाट में घर में घुसकर मारपीट करने, जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित श्यामकरन, पुत्र दीने, के अनुसार 18 जुलाई 2026 को सुबह करीब 8 बजे गांव के ही सात लोग जबरन उनके घर में घुस आए। आरोप है कि इन सभी लोगों ने गाली-गलौज करते हुए श्यामकरन के साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उन्हें अपमानित किया। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय दिलाने और आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में फिलहाल पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।1
- नीट पेपर लीक के विरोध में बालाघाट कलेक्ट्रेट परिसर में एक युवक ने हाई वोल्टेज प्रदर्शन करते हुए सुतली बम फोड़ दिए। प्रदर्शन के दौरान युवक ने 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'भगत सिंह जिंदाबाद' के नारे लगाए। उसने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद युवक ने अपनी इस हरकत पर खेद व्यक्त किया और एक लिखित माफीनामा पत्र लिखकर माफी मांगी।1
- झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र अंतर्गत ख़ाकोरा में धुआंधार बारिश का माहौल बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आवाजाही में बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। इलाके में अब तक सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है, जिसके कारण इस तेज बारिश में लोगों को रास्ते से आने-जाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से पुलिस की गंभीर लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां रैपुरा थाने में चाबी लगी शासकीय कार छोड़ना पुलिसकर्मियों को भारी पड़ गया। थाने पहुंचे इमलिया निवासी अत्यधिक शराबी युवक सुखेंद्र बुंदेला ने मौका देखते ही पुलिस की गाड़ी स्टार्ट की और उसे लेकर फरार हो गया। कार लेकर भागने के बाद आरोपी ने बुधवार को लगे साप्ताहिक हाट बाजार में तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाते हुए जमकर तांडव मचाया। बेकाबू कार चला रहे शराबी ने कई राहगीरों और वाहनों को रौंद दिया, जिससे आधा दर्जन लोग घायल हो गए। कटनी तिराहे पर एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारने के बाद आरोपी उसे करीब 200 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।1