उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के राज्यमंत्री, श्री संजय सिंह गंगवार ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीलीभीत के गांधी प्रेक्षागृह में विकास प्रदर्शनी का समापन किया। यह कार्यक्रम पीलीभीत सूचना विभाग द्वारा 20 जून 2026 को आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न विकास योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जबकि संस्कृति विभाग से आए कलाकारों ने थारू नृत्य से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी भुवन चंद्र पंत ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और उनकी प्रगति की विस्तृत जानकारी दी, वहीं जिला मलेरिया अधिकारी ने संक्रामक रोगों के फैलने के कारणों और उनसे बचाव के तरीकों पर प्रकाश डाला। स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों ने डिप्थीरिया, टिटनेस, काली खांसी, पोलियो और एचपीवी जैसे महत्वपूर्ण टीकों के बारे में विस्तार से बताया, यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए इन टीकों का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता, बल्कि ये आमजन का जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर, राज्यमंत्री ने लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत क्षय रोग पर विजय प्राप्त करने वाले मरीजों को पोषण पोटली भी प्रदान की गई। अपने संबोधन में, राज्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, और अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने आशा बहनों की सराहना करते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर नया जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि 2017 से पहले की खराब कानून व्यवस्था की तुलना में, आज माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के राज्यमंत्री, श्री संजय सिंह गंगवार ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पीलीभीत के गांधी प्रेक्षागृह में विकास प्रदर्शनी का समापन किया। यह कार्यक्रम पीलीभीत सूचना विभाग द्वारा 20 जून 2026 को आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न विकास योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जबकि संस्कृति विभाग से आए कलाकारों ने थारू नृत्य से उपस्थित जनसमूह को
मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी भुवन चंद्र पंत ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और उनकी प्रगति की विस्तृत जानकारी दी, वहीं जिला मलेरिया अधिकारी ने संक्रामक रोगों के फैलने के कारणों और उनसे बचाव के तरीकों पर प्रकाश डाला। स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारियों ने डिप्थीरिया, टिटनेस, काली खांसी, पोलियो और एचपीवी जैसे महत्वपूर्ण टीकों के बारे में विस्तार से बताया, यह भी स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए इन टीकों का कोई दुष्प्रभाव नहीं होता, बल्कि ये आमजन का जीवन बचाने में
अहम भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर, राज्यमंत्री ने लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के स्वीकृति पत्र वितरित किए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत क्षय रोग पर विजय प्राप्त करने वाले मरीजों को पोषण पोटली भी प्रदान की गई। अपने संबोधन में, राज्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, और अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी मेडिकल कॉलेज की तर्ज पर सेवाएँ दे रहे हैं। उन्होंने आशा
बहनों की सराहना करते हुए कहा कि वे घर-घर जाकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर नया जीवन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि 2017 से पहले की खराब कानून व्यवस्था की तुलना में, आज माननीय मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
- बीसलपुर तहसील के मोहल्ला बख्तावर लाल में भीषण गर्मी के चलते आए दिन बिजली के तारों में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं के कारण पूरे नगर की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो जाती है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के कारण ट्रांसफार्मर में भी आग लगने की सूचना है। इस गंभीर समस्या के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों की बेखबर स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।1
- बरेली पुलिस ने चोरी की एक घटना का सफलतापूर्वक अनावरण कर दिया है। इस कार्रवाई में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से नगदी और एक बैग बरामद किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में स्थित भुता थाना क्षेत्र के अठाना गांव में चोरों ने एक दो मंजिला मकान को निशाना बनाते हुए लाखों की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। पीड़ित मदनलाल पुत्र श्याम बिहारी द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 17 जून 2026 की रात को हुई, जब अज्ञात चोर पड़ोसी की छत के रास्ते उनके मकान तक पहुंचे और खिड़की तोड़कर घर में घुस गए। चोरों ने अलमारी में रखे सोने और चांदी के जेवरात सहित नकदी पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित के मुताबिक, चोरों ने तीन सोने की चेन, एक जोड़ी कुंडल, दो नाक के फूल, दो जोड़ी झुमकी, एक लॉकेट, एक जोड़ी टॉप्स, एक मंगलसूत्र, दो अंगूठियां, पांच जोड़ी चांदी की पायल, दस जोड़ी कड़वा, दस कंधनी और लगभग 1.50 लाख रुपये नकद चुरा लिए। सुबह परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी तब हुई जब उन्होंने घर में सामान बिखरा हुआ पाया। काफी तलाश के बाद भी चोरी हुए सामान का कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद पीड़ित ने भुता थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, साथ ही चोरों की तलाश कर रही है।1
- मुजफ्फरनगर में एक पति की गला घोंटकर हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें दो आरोपियों की संलिप्तता बताई गई है। जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरनगर में रहने वाले प्रेमी के पति ने इस वारदात को अंजाम दिया। उसने पति का गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर शव को आग लगाने की भी कोशिश की। इसी बीच, मुजफ्फरनगर में एक अन्य घटनाक्रम में, न्यायालय ने 8 वर्ष के दो दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।2
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर में रात लगभग दो बजे एक टेंट के गोदाम में भीषण आग लग गई। इस घटना के कारण गोदाम तो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो ही गया, आग की चपेट में आने से एक मकान को भी नुकसान पहुँचा है। इस अग्निकांड में गोदाम के मालिक को लाखों रुपए का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।4