बुरहानपुर में लोहार मंडी वार्ड के पार्षद एवं डिप्टी स्पीकर फहीम हाशमी पिछले 13 वर्षों से 'फरिश्ता-ए-तालीम' बनकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं। वे हजारों बच्चों के पढ़ने के सपनों को पूरा करने में मदद कर रहे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति कॉपी, पेन और किताबों का खर्च उठाने की अनुमति नहीं देती। हर वर्ष नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले चार दिनों तक एक विशेष अभियान चलाया जाता है, जिसके तहत कक्षा पहली से बारहवीं तक के लगभग 15 से 20 हजार विद्यार्थियों को मुफ्त स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाती है। इसमें कॉपियां, पेन, पेंसिल, रबर, ज्योमेट्री बॉक्स और लॉन्ग रजिस्टर सहित पढ़ाई के लिए लगभग सभी आवश्यक सामग्री शामिल होती है, सिलेबस की पुस्तकें छोड़कर। इस पहल में धर्म, जाति या संप्रदाय का कोई भेद नहीं किया जाता; केवल बच्चे की गरीबी और पढ़ने की इच्छा ही उसकी सबसे बड़ी पहचान होती है। सहायता प्राप्त करने के लिए भी एक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसके तहत केवल सरकारी और निम्न आय वर्ग के स्कूलों के विद्यार्थियों को यह सुविधा मिलती है। पहले से उनके गरीबी रेखा कार्ड पंजीकृत किए जाते हैं और सामग्री वितरण के समय माता-पिता की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाती है, ताकि सहायता सही मायने में सबसे जरूरतमंद बच्चों तक पहुँचे, जो आईएएस बनने जैसे सपने देखते हैं। इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि किसी बच्चे के चेहरे पर आई मुस्कान, माता-पिता की आँखों में राहत और उनके सिर से आर्थिक बोझ का हटना है। यह पूरी पहल इस सिद्धांत पर आधारित है कि इंसानियत सबसे ऊपर है, और यही कारण है कि सभी समाजों के लोग इसकी सराहना करते हैं। इस नेक कार्य पर हर साल करीब दो से तीन लाख रुपये का खर्च आता है, जिसे फहीम हाशमी स्वयं वहन करते हैं। उन्हें किसी संस्था या सरकारी अनुदान से कोई मदद नहीं मिलती, जो इसे व्यक्तिगत संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी का एक अनूठा उदाहरण बनाता है। फहीम हाशमी का मानना है कि "बच्चे पढ़ेंगे, तो समाज आगे बढ़ेगा।" 13 वर्षों से हजारों बच्चों की आँखों में शिक्षा का उजाला भरने का यह प्रयास केवल स्टेशनरी बांटना नहीं है, बल्कि उम्मीद, विश्वास और इंसानियत की एक ऐसी मिसाल है जो दर्शाती है कि समाज बदलने के लिए हमेशा बड़े पद की नहीं, बल्कि बड़े दिल की आवश्यकता होती है। यह एक कॉपी है जो भविष्य में किसी डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या अधिकारी की नींव बन सकती है, और आगे चलकर किसी और जरूरतमंद बच्चे का हाथ थाम सकती है।
बुरहानपुर में लोहार मंडी वार्ड के पार्षद एवं डिप्टी स्पीकर फहीम हाशमी पिछले 13 वर्षों से 'फरिश्ता-ए-तालीम' बनकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं। वे हजारों बच्चों के पढ़ने के सपनों को पूरा करने में मदद कर रहे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति कॉपी, पेन और किताबों का खर्च उठाने की अनुमति नहीं देती। हर वर्ष नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले चार दिनों तक एक विशेष अभियान चलाया जाता है, जिसके तहत कक्षा पहली से बारहवीं तक के लगभग 15 से 20 हजार विद्यार्थियों को मुफ्त स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाती है। इसमें कॉपियां, पेन, पेंसिल, रबर, ज्योमेट्री बॉक्स और लॉन्ग रजिस्टर सहित पढ़ाई के लिए लगभग सभी आवश्यक सामग्री शामिल होती है, सिलेबस की पुस्तकें छोड़कर। इस पहल में धर्म, जाति या संप्रदाय का कोई भेद नहीं किया जाता; केवल बच्चे की गरीबी और पढ़ने की इच्छा ही उसकी सबसे बड़ी पहचान होती है। सहायता प्राप्त करने के लिए भी एक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसके तहत केवल सरकारी और निम्न आय वर्ग के स्कूलों के विद्यार्थियों को यह सुविधा मिलती है। पहले से उनके गरीबी रेखा कार्ड पंजीकृत किए जाते हैं और सामग्री वितरण के समय माता-पिता की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाती है, ताकि सहायता सही मायने में सबसे जरूरतमंद बच्चों तक पहुँचे, जो आईएएस बनने जैसे सपने देखते हैं। इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि किसी बच्चे के चेहरे पर आई मुस्कान, माता-पिता की आँखों में राहत और उनके सिर से आर्थिक बोझ का हटना है। यह पूरी पहल इस सिद्धांत पर आधारित है कि इंसानियत सबसे ऊपर है, और यही कारण है कि सभी समाजों के लोग इसकी सराहना करते हैं। इस नेक कार्य पर हर साल करीब दो से तीन लाख रुपये का खर्च आता है, जिसे फहीम हाशमी स्वयं वहन करते हैं। उन्हें किसी संस्था या सरकारी अनुदान से कोई मदद नहीं मिलती, जो इसे व्यक्तिगत संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी का एक अनूठा उदाहरण बनाता है। फहीम हाशमी का मानना है कि "बच्चे पढ़ेंगे, तो समाज आगे बढ़ेगा।" 13 वर्षों से हजारों बच्चों की आँखों में शिक्षा का उजाला भरने का यह प्रयास केवल स्टेशनरी बांटना नहीं है, बल्कि उम्मीद, विश्वास और इंसानियत की एक ऐसी मिसाल है जो दर्शाती है कि समाज बदलने के लिए हमेशा बड़े पद की नहीं, बल्कि बड़े दिल की आवश्यकता होती है। यह एक कॉपी है जो भविष्य में किसी डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या अधिकारी की नींव बन सकती है, और आगे चलकर किसी और जरूरतमंद बच्चे का हाथ थाम सकती है।
- खंडवा के ट्रांसपोर्ट उद्योग में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रफ्फा सेठ, विनोद गंगराड़े और अरुण जैन को इंदौर में सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सायजी इंदौर में आयोजित अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) की बैठक के दौरान प्रदान किया गया। इन तीनों सदस्यों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए शील्ड देकर सम्मानित किया गया, जिससे खंडवा का मान बढ़ा है।1
- बड़वानी जिले के खेतिया पुलिस थाना क्षेत्र अंतर्गत भातकी-करणपुरा मार्ग पर सोमवार को एक 45 वर्षीय महिला का शव फांसी के फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मृतका की पहचान ग्राम भातकी निवासी गीताबाई पति पनिया शितोले के रूप में की गई। ग्रामीणों और परिजनों की उपस्थिति में पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मृतका के भतीजे संदीप ने घटना को संदिग्ध बताते हुए अपनी चाची की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है। खेतिया थाना प्रभारी सुरेंद्र कनेश ने बताया कि पुलिस ने सूचना पर घटनास्थल पहुंचकर मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और मृत्यु के कारणों की स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी।2
- इंदौर जिले की महू तहसील के अंतर्गत आने वाले प्रमुख पर्यटन स्थल पातालपानी के पार्किंग/वाहन स्टैंड की नीलामी 7 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। यह नीलामी सुबह 11:00 बजे ग्राम पंचायत चोरड़िया के कार्यालय में संपन्न होगी। इच्छुक बोलीदाताओं को 5 जुलाई 2026 तक ₹25,000 का पंजीयन शुल्क पंचायत कार्यालय में जमा करना होगा, जिसे सफल बोलीदाता की कुल बोली राशि में समायोजित कर दिया जाएगा। पार्किंग स्टैंड के लिए ₹6,11,000 की न्यूनतम आरक्षित बोली निर्धारित की गई है, और इससे कम की किसी भी बोली को स्वीकार नहीं किया जाएगा।1
- देवास शहर के जिला अस्पताल में मनमानी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ किसी स्वास्थ्यकर्मी की अनुपस्थिति में ही एक डिलीवरी हो गई। इस घटना को शहर के लिए अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। लेखक ने इस गंभीर स्थिति के लिए विधायक, महापौर और अस्पताल की सीएमएचओ जैसे जिम्मेदार अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि इन सभी अधिकारियों के महिला होने के बावजूद भी महिलाओं की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस तरह की घटनाओं के वीडियो अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जो इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। एम जी अस्पताल का नाम लेते हुए, लेखक ने तीखे शब्दों में पूछा है कि क्या देवास के जनप्रतिनिधि केवल फोटो खिंचवाने और जन्मदिन मनाने के लिए ही अस्पताल आते हैं, जबकि जन समस्याओं पर उनका ध्यान बिल्कुल नहीं जाता है। इस दोहराए गए सवाल ने जनप्रतिनिधियों की जन-कल्याण के प्रति उदासीनता पर गहरा रोष व्यक्त किया है।2
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में, इंदौर में कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब का उपयोग कर 23 नमूनों की मौके पर ही जांच की गई, जिनमें से 3 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन 3 फेल नमूनों पर तुरंत कानूनी नमूना कार्रवाई शुरू की गई है। यह अभियान विद्यालयों, डेयरी प्रतिष्ठानों, मसाला निर्माण इकाइयों, नमकीन उद्योगों और मिठाई प्रतिष्ठानों जैसे विभिन्न स्थानों पर केंद्रित था। निरीक्षण के दौरान कुल 64 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए। इसके अतिरिक्त, प्राप्त शिकायतों पर त्वरित जांच की गई और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई गई।1
- इंदौर की सड़कों पर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी, जो स्वचालित दरवाजों से लैस होंगी और यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव देंगी। इसके साथ ही, आने वाली 1, 2, 3 और 4 तारीख को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस वर्ष कम बारिश होने के कारण बुवाई के कार्यों में देरी हो रही है। खबर में डॉक्टर मोहन यादव और शिवानी का भी उल्लेख है।1
- इंदौर के कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आम नागरिकों ने प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएँ रखीं। फरियादियों ने भूमि विवाद, पेंशन, राशन कार्ड, आवास, बिजली-पानी सहित अन्य प्रशासनिक शिकायतों के शीघ्र निराकरण की गुहार लगाई। जनसुनवाई में पहुँचे लोगों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर प्रशासन के दरवाजे पर आए हैं, और अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि संबंधित विभाग उनकी शिकायतों पर कितनी जल्द कार्रवाई करते हैं।1
- मध्य प्रदेश के मूंदी में एक कलाली दुकान में चोरी का प्रयास दुकान कर्मचारियों की सतर्कता के कारण विफल हो गया। कर्मचारियों की तत्परता से एक आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। हालांकि, इस दौरान उसके दो साथी मोटरसाइकिल से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी संदीप भीलाला, जो जुलवानिया का निवासी है, के कब्जे से एक देशी पिस्टल, टीन काटने वाली कटर और आरी का पत्ता बरामद किया। आरोपी संदीप भीलाला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस फरार हुए अन्य दो आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इस पूरी कार्रवाई में थाना मूंदी पुलिस के उपनिरीक्षक उमेश कुमार लाखरे, सहायक उपनिरीक्षक पुनमचंद पाटिल, प्रधान आरक्षक मोहनसिंह मुवेल, आरक्षक राहुल धाकड़ और आरक्षक संतोष चौहान की भूमिका सराहनीय रही।1