झारखण्ड से हो रहे निरंतर पलायन पर राज्य के विधायक और सांसद मौन धारण किए हुए हैं: बिरसा सोय झारखण्ड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, बॉक्साइट, चूना पत्थर और अन्य बहुमूल्य खनिजों का अपार भंडार है। जंगल, जल और उपजाऊ भूमि इस राज्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। इसके बावजूद यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है कि झारखण्ड का युवा, किसान और मजदूर आज भी सम्मानजनक रोजगार के लिए अपने ही राज्य को छोड़ने के लिए मजबूर है। राज्य गठन के बाद झारखण्ड की जनता ने यह सपना देखा था कि यहां के संसाधनों पर पहला अधिकार झारखण्डियों का होगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, उद्योगों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी और गाँवों से पलायन रुक जाएगा। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह सपना अधूरा है। हजारों-लाखों झारखण्डी मजदूर आज भी दिल्ली, मुंबई, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पंजाब और देश के अन्य राज्यों में कठिन परिस्थितियों में मजदूरी करने को विवश हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर झारखण्ड के अधिकांश विधायक और सांसद मौन धारण किए हुए हैं। चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही बेरोजगारी, पलायन और स्थानीय युवाओं के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे राजनीतिक प्राथमिकता से बाहर हो जाते हैं। यदि राज्य के जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता के प्रति जवाबदेह हैं, तो उन्हें विधानसभा और संसद में झारखण्ड के युवाओं के रोजगार, स्थानीय नियोजन नीति, उद्योगों में स्थानीय नियुक्ति तथा पलायन रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। आज आवश्यकता केवल भाषणों और घोषणाओं की नहीं, बल्कि ऐसी नीतियों की है जो झारखण्ड के युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराएं। राज्य के खनिज, उद्योग और विकास परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। कृषि, वन आधारित उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग, कौशल विकास तथा नए निवेश के माध्यम से प्रत्येक जिले में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं, ताकि किसी भी झारखण्डी को अपने परिवार से दूर दूसरे राज्यों में पलायन करने के लिए मजबूर न होना पड़े। वृहद झारखण्ड मोर्चा (VJM) का स्पष्ट मानना है कि झारखण्ड का विकास तभी सार्थक होगा, जब यहां का युवा अपने ही राज्य में सम्मान के साथ रोजगार प्राप्त करेगा। पलायन केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय संकट भी है। इसलिए यह समय है कि राज्य सरकार, सभी जनप्रतिनिधि और समाज मिलकर इस गंभीर चुनौती का स्थायी समाधान निकालें। आइए, हम सभी झारखण्ड के जल, जंगल, जमीन, संसाधनों और झारखंडियों के रोजगार के अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट हों। अब समय आ गया है कि हम पलायन मुक्त, आत्मनिर्भर, समृद्ध और स्वाभिमानी झारखण्ड के निर्माण के लिए संगठित जनआंदोलन को मजबूत करें। बिरसा सोय केन्द्रीय अध्यक्ष वृहद झारखण्ड मोर्चा (VJM)
झारखण्ड से हो रहे निरंतर पलायन पर राज्य के विधायक और सांसद मौन धारण किए हुए हैं: बिरसा सोय झारखण्ड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, बॉक्साइट, चूना पत्थर और अन्य बहुमूल्य खनिजों का अपार भंडार है। जंगल, जल और उपजाऊ भूमि इस राज्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। इसके बावजूद यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है कि झारखण्ड का युवा, किसान और मजदूर आज भी सम्मानजनक रोजगार के लिए अपने ही राज्य को छोड़ने के लिए मजबूर है। राज्य गठन के बाद झारखण्ड की जनता ने यह सपना देखा था कि यहां के संसाधनों पर पहला अधिकार झारखण्डियों का होगा, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, उद्योगों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी और गाँवों से पलायन रुक जाएगा। लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह सपना अधूरा है। हजारों-लाखों झारखण्डी मजदूर आज भी दिल्ली, मुंबई, गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, पंजाब और देश के अन्य राज्यों में कठिन परिस्थितियों में मजदूरी करने को विवश हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर झारखण्ड के अधिकांश विधायक और सांसद मौन धारण किए हुए हैं। चुनाव के समय जनता से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही बेरोजगारी, पलायन और स्थानीय युवाओं के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे राजनीतिक प्राथमिकता से बाहर हो जाते हैं। यदि राज्य के जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता के प्रति जवाबदेह हैं, तो उन्हें विधानसभा और संसद में झारखण्ड के युवाओं के रोजगार, स्थानीय नियोजन नीति, उद्योगों में स्थानीय नियुक्ति तथा पलायन रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। आज आवश्यकता केवल भाषणों और घोषणाओं की नहीं, बल्कि ऐसी नीतियों की है जो झारखण्ड के युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराएं। राज्य के खनिज, उद्योग और विकास परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। कृषि, वन आधारित उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग, कौशल विकास तथा नए निवेश के माध्यम से प्रत्येक जिले में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं, ताकि किसी भी झारखण्डी को अपने परिवार से दूर दूसरे राज्यों में पलायन करने के लिए मजबूर न होना पड़े। वृहद झारखण्ड मोर्चा (VJM) का स्पष्ट मानना है कि झारखण्ड का विकास तभी सार्थक होगा, जब यहां का युवा अपने ही राज्य में सम्मान के साथ रोजगार प्राप्त करेगा। पलायन केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और मानवीय संकट भी है। इसलिए यह समय है कि राज्य सरकार, सभी जनप्रतिनिधि और समाज मिलकर इस गंभीर चुनौती का स्थायी समाधान निकालें। आइए, हम सभी झारखण्ड के जल, जंगल, जमीन, संसाधनों और झारखंडियों के रोजगार के अधिकार की रक्षा के लिए एकजुट हों। अब समय आ गया है कि हम पलायन मुक्त, आत्मनिर्भर, समृद्ध और स्वाभिमानी झारखण्ड के निर्माण के लिए संगठित जनआंदोलन को मजबूत करें। बिरसा सोय केन्द्रीय अध्यक्ष वृहद झारखण्ड मोर्चा (VJM)
- रवि गुप्ता की रिपोर्ट शुरू ऐप न्यूज़ चैनल जेपीएससी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन सरायकेला-खरसावां में भारतीय जनता पार्टी द्वारा जेपीएससी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा युवाओं के साथ न्याय करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के उपरांत भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जेपीएससी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। इस अवसर पर भाजपा नगर कमेटी, पंचायत कमेटी, प्रखंड कमेटी एवं जिला कमेटी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखेगी। कार्यक्रम के दौरान भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सरकार से भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने की मांग करते हुए युवाओं को समयबद्ध न्याय दिलाने की अपील की। रवि गुप्ता शुरू ऐप न्यूज़ चैनल4
- Seraikella | Kandra : कांड्रा में टोल सड़क पर उड़ती धूल से जनजीवन प्रभावित... Seraikella | kandra : कांड्रा में टोल वसूली जारी, धूल से जनजीवन प्रभावित; सड़क रखरखाव और प्रदूषण नियंत्रण पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों ने नियमित सफाई, खुले व ओवरलोड मालवाहक वाहनों पर कार्रवाई तथा जिम्मेदार एजेंसियों से निष्पक्ष जांच और प्रभावी कदम उठाने की मांग की.... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) कांड्रा क्षेत्र में उड़ती धूल से स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क की नियमित सफाई, धूल नियंत्रण, खुले तथा ओवरलोड मालवाहक वाहनों पर कार्रवाई और संबंधित विभागों से निष्पक्ष जांच कर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की | jharkhandnews | kolhanupdate | pollution | janasamasya | suryodaysamvaad1
- JPSC/JSSC भर्ती घोटाले के विरोध में भाजयुमो का आक्रोश मार्च, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन चाईबासा: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), पश्चिमी सिंहभूम के नेतृत्व में शनिवार को झारखंड में JPSC, JSSC, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती घोटालों के विरोध में जिला मुख्यालय चाईबासा में आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च की शुरुआत गीता पेट्रोल पंप, कॉलेज मोड़ से हुई, जहां से कार्यकर्ता और छात्र समर्थक नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। इसके बाद राज्यपाल के नाम उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।1
- आभार कार्यक्रम, मंत्री दीपक बिरुवा और जिला के विधायक हुए शामिल। लाभुकों को 226 करोड़ की परिसम्पत्तियों का किया गया वितरण। चाईबासा के कोल्हान विश्वविद्यालय सभागार में आज जिला प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में झारखंड सरकार भू-राजस्व और परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा के साथ जिला के सभी विधायक शामिल हुए। मौके पर सरकार के विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को 226 करोड़ की परिसम्पत्तियों का वितरण किया गया। जिसमें मईया सम्मान योजना और पेंशन योजनाओं का डीबीटी के माध्यम से ऑनलाईन ट्रांसफर, आवास योजना, छात्रवृत्ति समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। कार्यक्रम में परिसर में लगाए गए कई स्टॉलों का मंत्री और विधायकों ने निरीक्षण किया। Byte - दीपक बिरुवा, भू-राजस्व और परिवहन मंत्री, झारखंड सरकार1
- जेपीएससी सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में भाजपा का प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन सरायकेला -झारखंड में जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल, उत्पाद सिपाही सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक एवं अनियमितताओं के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिला सरायकेला-खरसावां द्वारा उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद पार्टी नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में पिछले सात वर्षों के दौरान कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भर्ती घोटालों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को शीघ्र सजा दिलाई जानी चाहिए। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के रूप में वर्ष 2019 के बाद हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने, फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करने, मुख्यमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग, जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एवं संबंधित सदस्यों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने तथा उत्पाद सिपाही दौड़ परीक्षा में मृत अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग शामिल की गई। इस अवसर पर पूर्व महापौर विनोद श्रीवास्तव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश हांसदा, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष सारथी महतो, शंभू मंडल, ऋतिका मुखी, सतीश शर्मा, ललन शुक्ला, कृष्णा प्रधान, मनोहर दास, गुरजीत सिंह, राजकुमार सिंह, विनय कंचन, सावन गुप्ता सहित भाजपा के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4