BWFS एयरपोर्ट कर्मचारी यूनियन के जनरल सेक्रेटरी फूल बदन पासवान ने प्रबंधन को एक पत्र के माध्यम से कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि न किए जाने, माननीय न्यायालय में लंबित मामले की अनदेखी करने और एक अधिकारी द्वारा दिए गए विवादित बयान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यूनियन ने कर्मचारियों की दयनीय स्थिति को उजागर करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूनियन के अनुसार, इस वर्ष कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं की है, जबकि महंगाई का बोझ उन पर सबसे अधिक पड़ा है। पेट्रोल-डीजल और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे कर्मचारियों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। पासवान ने बताया कि अन्य समकक्ष कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के वेतन में ₹4,000 तक की बढ़ोतरी की है, लेकिन उनकी कंपनी द्वारा एक रुपये की भी वृद्धि न करना बेहद निराशाजनक है और इससे कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। इसके साथ ही, प्रबंधन पर न्यायालय में लंबित वेतन और अधिकारों से जुड़े मामले की अनदेखी करने का भी आरोप है। यूनियन का कहना है कि कोर्ट के नियमों को दरकिनार कर वेतन वृद्धि पर रोक लगाना न्याय प्रणाली की अवहेलना है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी असंतोष है कि कंपनी लगातार 'गलती पर गलती' दोहरा रही है। यूनियन ने प्रबंधन के अधिकारी श्री हरि शर्मा द्वारा कर्मचारियों को दिए गए एक विवादास्पद बयान पर भी कड़ा विरोध जताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "कंपनी में काम करना है तो करो, नहीं तो मत करो; कंपनी इस साल तुम्हारी कोई सैलरी नहीं बढ़ाएगी।" यूनियन का आरोप है कि श्री शर्मा पहले भी ऐसे तानाशाही बयान दे चुके हैं, फिर भी उन पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कार्यस्थल का माहौल खराब हो रहा है। यूनियन ने प्रबंधन से तुरंत कर्मचारियों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि करने और श्री हरि शर्मा के खिलाफ उचित प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि इन जायज मांगों पर तुरंत विचार नहीं किया गया और वेतन वृद्धि लागू नहीं की गई, तो यूनियन अपने अधिकारों की रक्षा और अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होगी।
BWFS एयरपोर्ट कर्मचारी यूनियन के जनरल सेक्रेटरी फूल बदन पासवान ने प्रबंधन को एक पत्र के माध्यम से कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि न किए जाने, माननीय न्यायालय में लंबित मामले की अनदेखी करने और एक अधिकारी द्वारा दिए गए विवादित बयान पर गहरी चिंता व्यक्त की है। यूनियन ने कर्मचारियों की दयनीय स्थिति को उजागर करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूनियन के अनुसार, इस वर्ष कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन में कोई वृद्धि नहीं की है, जबकि महंगाई का बोझ उन पर सबसे अधिक पड़ा है। पेट्रोल-डीजल और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे कर्मचारियों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है। पासवान ने बताया कि अन्य समकक्ष कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के वेतन में ₹4,000 तक की बढ़ोतरी की है, लेकिन उनकी कंपनी द्वारा एक रुपये की भी वृद्धि न करना बेहद निराशाजनक है और इससे कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। इसके साथ ही, प्रबंधन पर न्यायालय में लंबित वेतन और अधिकारों से जुड़े मामले की अनदेखी करने का भी आरोप है। यूनियन का कहना है कि कोर्ट के नियमों को दरकिनार कर वेतन वृद्धि पर रोक लगाना न्याय प्रणाली की अवहेलना है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर भारी असंतोष है कि कंपनी लगातार 'गलती पर गलती' दोहरा रही है। यूनियन ने प्रबंधन के अधिकारी श्री हरि शर्मा द्वारा कर्मचारियों को दिए गए एक विवादास्पद बयान पर भी कड़ा विरोध जताया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि "कंपनी में काम करना है तो करो, नहीं तो मत करो; कंपनी इस साल तुम्हारी कोई सैलरी नहीं बढ़ाएगी।" यूनियन का आरोप है कि श्री शर्मा पहले भी ऐसे तानाशाही बयान दे चुके हैं, फिर भी उन पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कार्यस्थल का माहौल खराब हो रहा है। यूनियन ने प्रबंधन से तुरंत कर्मचारियों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि करने और श्री हरि शर्मा के खिलाफ उचित प्रशासनिक व अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि इन जायज मांगों पर तुरंत विचार नहीं किया गया और वेतन वृद्धि लागू नहीं की गई, तो यूनियन अपने अधिकारों की रक्षा और अपनी आवाज को बुलंद करने के लिए कानूनी रास्ता अपनाने को मजबूर होगी।
- भारतीय गरीब unnayan पार्टीCivil Lines, Central Delhimera party ko support koro 🙏🙏20 hrs ago
- दिल्ली में डबल इंजन सरकार अपनी परिभाषित ताकत, यानी शासन, के माध्यम से एक स्वच्छ और हरित भविष्य को आकार दे रही है। सरकार ने यमुना नदी को पुनर्जीवित करने, लैंडफिल के पहाड़ों को कम करने और प्रदूषण के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके साथ ही, भविष्य के लिए तैयार एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति भी लागू की गई है। इन सभी प्रयासों से दिल्ली को एक क्लीनर और हरियाली वाला शहर बनाने की दिशा में हर कदम उठाया जा रहा है।1
- दिल्ली के समयपुर स्थित गली नंबर 7 में भारी बारिश के कारण स्थानीय निवासियों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के चलते इलाके की नालियाँ उफ़न रही हैं और उनका पानी सीधे घरों में घुस रहा है। लोगों ने अधिकारियों से इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक कराने का अनुरोध किया है।3
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- पुणे-मुंबई मिसिंग लिंक से मलबा हटा दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद, दो लाइनों में यातायात को सफलतापूर्वक बहाल कर दिया गया है।1
- Post by RASHTRA SEARCH NEWS1