logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भारत में एक विवाहिता अपने तलाक के मुकदमे के दौरान अपने वकील के 'पेशेवर कदाचार' का शिकार हुई है। आरोपों के अनुसार, वकील ने महिला से सारी जानकारी हासिल कर उसे ‘ट्रैप में ले लिया’। पीड़िता ने इस गंभीर और चिंताजनक मामले को मीडिया के सामने रखा, जो पेशेवर और नैतिक सीमाओं के घोर उल्लंघन को दर्शाता है। तलाक के मामलों में अक्सर पीड़ितों को अत्यधिक भावनात्मक और कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, जिसका ऐसे मामलों में कुछ वकील फायदा उठाते हैं। ऐसी गंभीर स्थिति में महिलाओं को तुरंत कानूनी और सुरक्षात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है। उन्हें अपने सभी कानूनी दस्तावेज, केस की फाइलें और सबूत मौजूदा वकील से वापस लेने और अपना नया केस किसी भरोसेमंद या महिला वरिष्ठ वकील को सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, शादी का सपना दिखाने वाले मौजूदा वकील से सभी प्रकार के संपर्क तुरंत तोड़ना हितकर बताया गया है। पीड़िता भारतीय दंड संहिता (#IPC) या नए भारतीय न्याय संहिता (#BNS) के तहत वकील के खिलाफ एफआईआर (#FIR) दर्ज करा सकती हैं। इसमें विश्वासघात और धोखाधड़ी (यदि वकील ने कानूनी प्रक्रिया के नाम पर यौन शोषण किया है) और गर्भपात के लिए दबाव (अपनी मर्जी के खिलाफ गर्भपात कराने के लिए मजबूर करना) जैसे आरोप शामिल हो सकते हैं। इस हेतु स्थानीय पुलिस स्टेशन या महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर तुरंत कॉल करने की भी बात कही गई है। बिना डरे किसी सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच (#MedicalEvidence) करवाकर अपने मेडिकल रिकॉर्ड्स (#MedicalPregnancyReports) सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। ये मेडिकल रिपोर्ट्स और पीड़िता के इंटरव्यू में लगाए गए आरोप अदालत में सबसे मजबूत सबूत बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बार काउंसिल (#BarCouncil) में भी शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है। यह वकील का 'पेशेवर कदाचार' (#ProfessionalMisconduct) है। महिला अपने राज्य की स्टेट बार काउंसिल में 'मंदिर में शादी' और 'गर्भपात का दबाव' बनाने वाले वकील के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है, जिससे उसका लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। भारत के कानून (#MTPAct) के अनुसार, पीड़िता को अपनी गर्भावस्था को लेकर निर्णय लेने का पूरा कानूनी और शारीरिक अधिकार है। यदि गर्भपात उसकी मर्जी के खिलाफ है या उसे इसके लिए डराया-धमकाया जा रहा है, तो इसके खिलाफ कानूनी मदद लेने की सलाह दी गई है।

15 hrs ago
user_AmanTv
AmanTv
Archive सरोजनी नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

भारत में एक विवाहिता अपने तलाक के मुकदमे के दौरान अपने वकील के 'पेशेवर कदाचार' का शिकार हुई है। आरोपों के अनुसार, वकील ने महिला से सारी जानकारी हासिल कर उसे ‘ट्रैप में ले लिया’। पीड़िता ने इस गंभीर और चिंताजनक मामले को मीडिया के सामने रखा, जो पेशेवर और नैतिक सीमाओं के घोर उल्लंघन को दर्शाता है। तलाक के मामलों में अक्सर पीड़ितों को अत्यधिक भावनात्मक और कानूनी सहायता की आवश्यकता होती है, जिसका ऐसे मामलों में कुछ वकील फायदा उठाते हैं। ऐसी गंभीर स्थिति में महिलाओं को तुरंत कानूनी और सुरक्षात्मक कदम उठाने की सलाह दी गई है। उन्हें अपने सभी कानूनी दस्तावेज, केस की फाइलें और सबूत मौजूदा वकील से वापस लेने और अपना नया केस किसी भरोसेमंद या महिला वरिष्ठ वकील को सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, शादी का सपना दिखाने वाले मौजूदा वकील से सभी प्रकार के संपर्क तुरंत तोड़ना हितकर बताया गया है। पीड़िता भारतीय दंड संहिता (#IPC) या नए भारतीय न्याय संहिता (#BNS) के तहत वकील के खिलाफ एफआईआर (#FIR) दर्ज करा सकती हैं। इसमें विश्वासघात और धोखाधड़ी (यदि वकील ने कानूनी प्रक्रिया के नाम पर यौन शोषण किया है) और गर्भपात के लिए दबाव (अपनी मर्जी के खिलाफ गर्भपात कराने के लिए मजबूर करना) जैसे आरोप शामिल हो सकते हैं। इस हेतु स्थानीय पुलिस स्टेशन या महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 पर तुरंत कॉल करने की भी बात कही गई है। बिना डरे किसी सरकारी अस्पताल में मेडिकल जांच (#MedicalEvidence) करवाकर अपने मेडिकल रिकॉर्ड्स (#MedicalPregnancyReports) सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। ये मेडिकल रिपोर्ट्स और पीड़िता के इंटरव्यू में लगाए गए आरोप अदालत में सबसे मजबूत सबूत बन सकते हैं। इसके अतिरिक्त, बार काउंसिल (#BarCouncil) में भी शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है। यह वकील का 'पेशेवर कदाचार' (#ProfessionalMisconduct) है। महिला अपने राज्य की स्टेट बार काउंसिल में 'मंदिर में शादी' और 'गर्भपात का दबाव' बनाने वाले वकील के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करा सकती है, जिससे उसका लाइसेंस तक रद्द हो सकता है। भारत के कानून (#MTPAct) के अनुसार, पीड़िता को अपनी गर्भावस्था को लेकर निर्णय लेने का पूरा कानूनी और शारीरिक अधिकार है। यदि गर्भपात उसकी मर्जी के खिलाफ है या उसे इसके लिए डराया-धमकाया जा रहा है, तो इसके खिलाफ कानूनी मदद लेने की सलाह दी गई है।

More news from Lucknow and nearby areas
  • जयसिंहपुर के ग्राम सभा सुरौली के ग्रामीण पिछले तीन दिनों से बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। उघड़पुर पावर हाउस के तहत आने वाले क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने के बावजूद विभाग द्वारा अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है, जिससे समस्या गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारी सरकार के विकास संबंधी मंसूबों पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जहां एक ओर सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय अधिकारी जमीनी हकीकत को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहे हैं। समस्या का स्थायी समाधान देने के बजाय, अधिकारी केवल 1912 पर कॉल करने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
    1
    जयसिंहपुर के ग्राम सभा सुरौली के ग्रामीण पिछले तीन दिनों से बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर हैं। उघड़पुर पावर हाउस के तहत आने वाले क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने के बावजूद विभाग द्वारा अब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया है, जिससे समस्या गंभीर बनी हुई है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि स्थानीय विद्युत विभाग के अधिकारी सरकार के विकास संबंधी मंसूबों पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि जहां एक ओर सरकार बड़े-बड़े वादे करती है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय अधिकारी जमीनी हकीकत को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रहे हैं। समस्या का स्थायी समाधान देने के बजाय, अधिकारी केवल 1912 पर कॉल करने की सलाह देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
    user_क्राइम ब्यूरो लखनऊ उत्तर प्रदेश
    क्राइम ब्यूरो लखनऊ उत्तर प्रदेश
    Court reporter Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
  • एक साक्षात्कार के दौरान, जब एक इंटरव्यूअर ने डोनाल्ड ट्रंप से दुनिया के दो सबसे बड़े नेताओं के बारे में पूछा और शी (Xi) का नाम सुझाया, तो ट्रंप ने दूसरे नेता के रूप में नरेंद्र मोदी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने जबरदस्त तरक्की की है और उनका युद्धों से दूर रहना बहुत समझदारी वाली बात है। ट्रंप ने भारत के बारे में अपनी पुरानी धारणा साझा करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर देखा है कि भारत में हमेशा बदलाव होते रहते थे, जहाँ कोई नेता छह महीने या एक साल के लिए आता था। लेकिन, अचानक मोदी 12 साल से ज्यादा समय से सत्ता में हैं। ट्रंप के अनुसार, मोदी में एक गजब का ठहराव है, हालांकि वे शांत स्वभाव के इंसान नहीं हैं, बल्कि "बहुत सख्त मिजाज वाले इंसान" हैं।
    1
    एक साक्षात्कार के दौरान, जब एक इंटरव्यूअर ने डोनाल्ड ट्रंप से दुनिया के दो सबसे बड़े नेताओं के बारे में पूछा और शी (Xi) का नाम सुझाया, तो ट्रंप ने दूसरे नेता के रूप में नरेंद्र मोदी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने जबरदस्त तरक्की की है और उनका युद्धों से दूर रहना बहुत समझदारी वाली बात है।

ट्रंप ने भारत के बारे में अपनी पुरानी धारणा साझा करते हुए कहा कि उन्होंने जीवनभर देखा है कि भारत में हमेशा बदलाव होते रहते थे, जहाँ कोई नेता छह महीने या एक साल के लिए आता था। लेकिन, अचानक मोदी 12 साल से ज्यादा समय से सत्ता में हैं। ट्रंप के अनुसार, मोदी में एक गजब का ठहराव है, हालांकि वे शांत स्वभाव के इंसान नहीं हैं, बल्कि "बहुत सख्त मिजाज वाले इंसान" हैं।
    user_Mamta singh Up beuro chief namo TV live
    Mamta singh Up beuro chief namo TV live
    पत्रकारिता एवं समस्या समाधान Sadar, Lucknow•
    12 hrs ago
  • लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर एक नया पोस्टर लगाया गया है, जिसे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और उनकी पार्टी के आंतरिक शक्ति संघर्ष पर एक बड़ा सियासी तंज माना जा रहा है। सपा नेता मोहम्मद इखलाक द्वारा लगवाए गए इस होर्डिंग में राजभर की एक परेशान तस्वीर छपी है। पोस्टर में सवाल उठाया गया है कि जब उनके खुद के विधायक समाजवादी पार्टी का झंडा लगाए घूम रहे हैं, तो राजभर किस आधार पर सपा को तोड़ने का दावा कर रहे हैं। दरअसल, ओम प्रकाश राजभर ने साल 2022 का चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था और उनकी पार्टी के 6 विधायक जीते थे। राजभर भले ही अब पाला बदलकर एनडीए सरकार में मंत्री बन चुके हैं, लेकिन उनके कई विधायक आज भी अखिलेश यादव के खेमे के करीब खड़े दिखाई देते हैं।
    1
    लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर एक नया पोस्टर लगाया गया है, जिसे कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर और उनकी पार्टी के आंतरिक शक्ति संघर्ष पर एक बड़ा सियासी तंज माना जा रहा है। सपा नेता मोहम्मद इखलाक द्वारा लगवाए गए इस होर्डिंग में राजभर की एक परेशान तस्वीर छपी है।

पोस्टर में सवाल उठाया गया है कि जब उनके खुद के विधायक समाजवादी पार्टी का झंडा लगाए घूम रहे हैं, तो राजभर किस आधार पर सपा को तोड़ने का दावा कर रहे हैं। दरअसल, ओम प्रकाश राजभर ने साल 2022 का चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था और उनकी पार्टी के 6 विधायक जीते थे।

राजभर भले ही अब पाला बदलकर एनडीए सरकार में मंत्री बन चुके हैं, लेकिन उनके कई विधायक आज भी अखिलेश यादव के खेमे के करीब खड़े दिखाई देते हैं।
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा पलटवार किया है। शिवपाल यादव को चुनौती देने के बाद फखरुल हसन चांद ने राजभर को 'एहसान फरामोश नेता' बताया और कहा कि उन्हें एहसान मानना चाहिए। सपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि सुभासपा का समाजवादी पार्टी में विलय नहीं हो रहा है, बावजूद इसके सुभासपा के छह में से चार विधायक सपा का झंडा लगाकर घूम रहे हैं। फखरुल हसन चांद ने यहाँ तक कहा कि यदि सपा का कोई छोटा कार्यकर्ता भी राजभर के खिलाफ चुनाव लड़ेगा, तो उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि ओमप्रकाश राजभर की राजनीतिक जमीन पूरी तरह से खिसक चुकी है।
    1
    सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा पलटवार किया है। शिवपाल यादव को चुनौती देने के बाद फखरुल हसन चांद ने राजभर को 'एहसान फरामोश नेता' बताया और कहा कि उन्हें एहसान मानना चाहिए।

सपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि सुभासपा का समाजवादी पार्टी में विलय नहीं हो रहा है, बावजूद इसके सुभासपा के छह में से चार विधायक सपा का झंडा लगाकर घूम रहे हैं। फखरुल हसन चांद ने यहाँ तक कहा कि यदि सपा का कोई छोटा कार्यकर्ता भी राजभर के खिलाफ चुनाव लड़ेगा, तो उनकी जमानत जब्त हो जाएगी।

उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि ओमप्रकाश राजभर की राजनीतिक जमीन पूरी तरह से खिसक चुकी है।
    user_Anurag Kashyap
    Anurag Kashyap
    Local News Reporter Sadar, Lucknow•
    13 hrs ago
  • लखनऊ में एक बस संचालक ने यातायात विभाग के एक दीवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संचालक के अनुसार, मुंबई से आए लगभग 40 यात्रियों ने ऐशबाग से बहराइच जाने के लिए पूरी बस आरक्षित की थी। आरोप है कि जब बस यात्रियों को लेकर ऐशबाग से चली, तो बंदरियाबाग चौराहे पर तैनात यातायात दीवान ने उसे रोक लिया। बस संचालक का दावा है कि सभी वैध कागजात और ड्राइवर का लाइसेंस दिखाने के बावजूद दीवान ने ₹5,000 की मांग की। संचालक के आरोपों के मुताबिक, जब ड्राइवर ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो यात्रियों को बस से उतार दिया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान एक युवक की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाना पड़ा। बस संचालक ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में बस के अलग-अलग स्थानों पर चालान किए गए और अंततः बस को सीज कर दिया गया। उनका स्पष्ट कहना है कि बस के सभी दस्तावेज वैध थे और यह कार्रवाई केवल रिश्वत न देने के कारण की गई है। बस संचालक ने इस पूरे मामले में डीसीपी ट्रैफिक से न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल, सभी की नजरें ईमानदार पुलिस अधिकारी रवीना त्यागी पर टिकी हैं कि इस मामले की जांच में क्या कार्रवाई सामने आती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आरोप बस संचालक द्वारा लगाए गए हैं, और संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी आना बाकी है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    1
    लखनऊ में एक बस संचालक ने यातायात विभाग के एक दीवान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संचालक के अनुसार, मुंबई से आए लगभग 40 यात्रियों ने ऐशबाग से बहराइच जाने के लिए पूरी बस आरक्षित की थी। आरोप है कि जब बस यात्रियों को लेकर ऐशबाग से चली, तो बंदरियाबाग चौराहे पर तैनात यातायात दीवान ने उसे रोक लिया। बस संचालक का दावा है कि सभी वैध कागजात और ड्राइवर का लाइसेंस दिखाने के बावजूद दीवान ने ₹5,000 की मांग की।

संचालक के आरोपों के मुताबिक, जब ड्राइवर ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो यात्रियों को बस से उतार दिया गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान एक युवक की तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाना पड़ा। बस संचालक ने यह भी आरोप लगाया है कि बाद में बस के अलग-अलग स्थानों पर चालान किए गए और अंततः बस को सीज कर दिया गया। उनका स्पष्ट कहना है कि बस के सभी दस्तावेज वैध थे और यह कार्रवाई केवल रिश्वत न देने के कारण की गई है।

बस संचालक ने इस पूरे मामले में डीसीपी ट्रैफिक से न्याय की गुहार लगाई है। फिलहाल, सभी की नजरें ईमानदार पुलिस अधिकारी रवीना त्यागी पर टिकी हैं कि इस मामले की जांच में क्या कार्रवाई सामने आती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये सभी आरोप बस संचालक द्वारा लगाए गए हैं, और संबंधित अधिकारियों का पक्ष अभी आना बाकी है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें 'एहसानफरामोश नेता' बताया। चांद ने जोर देकर कहा कि राजभर को उन पर किए गए एहसानों को मानना चाहिए। फखरुल हसन चांद ने आगे एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) का सपा में विलय नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुभासपा के कुल छह विधायकों में से चार विधायक समाजवादी पार्टी का झंडा लगाकर घूम रहे हैं। सपा प्रवक्ता ने शिवपाल यादव को चुनौती देने पर भी ओमप्रकाश राजभर पर जमकर निशाना साधा। चांद ने यहाँ तक कहा कि अगर सपा का एक छोटा कार्यकर्ता भी ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ चुनाव लड़ेगा, तो उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि ओमप्रकाश राजभर की राजनीतिक जमीन पूरी तरह से खिसक चुकी है।
    1
    लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने मंत्री ओमप्रकाश राजभर पर तीखा पलटवार करते हुए उन्हें 'एहसानफरामोश नेता' बताया। चांद ने जोर देकर कहा कि राजभर को उन पर किए गए एहसानों को मानना चाहिए।

फखरुल हसन चांद ने आगे एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) का सपा में विलय नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुभासपा के कुल छह विधायकों में से चार विधायक समाजवादी पार्टी का झंडा लगाकर घूम रहे हैं। सपा प्रवक्ता ने शिवपाल यादव को चुनौती देने पर भी ओमप्रकाश राजभर पर जमकर निशाना साधा।

चांद ने यहाँ तक कहा कि अगर सपा का एक छोटा कार्यकर्ता भी ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ चुनाव लड़ेगा, तो उनकी जमानत जब्त हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि ओमप्रकाश राजभर की राजनीतिक जमीन पूरी तरह से खिसक चुकी है।
    user_MUSTAQEEM MALIK
    MUSTAQEEM MALIK
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • आज 20 जून को सुल्तानपुर जनपद के करौंदीकला थाना क्षेत्र में हरीपुर प्राथमिक विद्यालय के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक अज्ञात पिकअप ने दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन लड़कों को टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप रवि गौतम और भोला गौतम नामक दो लड़कों की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना में एक अन्य लड़का गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तुरंत उपचार के लिए भेजा गया है। स्थानीय पुलिस द्वारा इस मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर, श्री विनय गौतम ने भी जानकारी दी है।
    1
    आज 20 जून को सुल्तानपुर जनपद के करौंदीकला थाना क्षेत्र में हरीपुर प्राथमिक विद्यालय के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक अज्ञात पिकअप ने दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन लड़कों को टक्कर मार दी, जिसके परिणामस्वरूप रवि गौतम और भोला गौतम नामक दो लड़कों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

इस घटना में एक अन्य लड़का गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे तुरंत उपचार के लिए भेजा गया है। स्थानीय पुलिस द्वारा इस मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी कादीपुर, श्री विनय गौतम ने भी जानकारी दी है।
    user_क्राइम ब्यूरो लखनऊ उत्तर प्रदेश
    क्राइम ब्यूरो लखनऊ उत्तर प्रदेश
    Court reporter Sadar, Lucknow•
    1 hr ago
  • लखनऊ में पोस्टेड उत्तर प्रदेश की असिस्टेंट कमिश्नर श्रद्धा पांडेय ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में टॉप किया है। उन्होंने कुल 593 नंबर प्राप्त किए हैं, जिसके बाद उनके लिए एसडीएम का पद आसानी से प्राप्त होने की संभावना है। इस परीक्षा में शशांक गौरव और आयुष बिजॉय ने 592 नंबर लाकर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है। वर्तमान में यूपी में असिस्टेंट कमिश्नर के तौर पर कार्यरत श्रद्धा पांडेय अब बिहार में एसडीएम के रूप में कार्यभार संभालेंगी।
    1
    लखनऊ में पोस्टेड उत्तर प्रदेश की असिस्टेंट कमिश्नर श्रद्धा पांडेय ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में टॉप किया है। उन्होंने कुल 593 नंबर प्राप्त किए हैं, जिसके बाद उनके लिए एसडीएम का पद आसानी से प्राप्त होने की संभावना है। इस परीक्षा में शशांक गौरव और आयुष बिजॉय ने 592 नंबर लाकर संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया है। वर्तमान में यूपी में असिस्टेंट कमिश्नर के तौर पर कार्यरत श्रद्धा पांडेय अब बिहार में एसडीएम के रूप में कार्यभार संभालेंगी।
    user_आशीष कुमार मिश्रा
    आशीष कुमार मिश्रा
    Court reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने NEET(UG)-2026 परीक्षा के दृष्टिगत किए गए व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधों के संबंध में एक बाइट दी है। यह जानकारी परीक्षा के मद्देनजर किए गए विशेष इंतज़ामों पर आधारित है।
    1
    संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने NEET(UG)-2026 परीक्षा के दृष्टिगत किए गए व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधों के संबंध में एक बाइट दी है। यह जानकारी परीक्षा के मद्देनजर किए गए विशेष इंतज़ामों पर आधारित है।
    user_Journalist prabhat kashyap
    Journalist prabhat kashyap
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.