संदलपुर विकासखंड क्षेत्र के जसापुर गांव में पिछले चार महीने से सफाई कर्मी के न पहुंचने के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है। गांव की नालियां कूड़े-कचरे से पटी पड़ी हैं, जिससे उठती दुर्गंध और बढ़ते मच्छरों के प्रकोप से ग्रामीण बेहाल हैं। बारिश के मौसम में जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने के कारण गांव में जगह-जगह जलभराव होने और संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। गांव निवासी राजेश शर्मा, वीरपाल सिंह राठौड़ और देवेश सिंह राठौड़ समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत में तैनाती होने के बावजूद सफाई कर्मी नियमित रूप से गांव नहीं आ रहा है। नालियों के चोक होने से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल गांव में सफाई अभियान चलाने और सफाई कर्मी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है। इस मामले में एडीओ पंचायत रंजीत सिंह ने शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बताया कि जसापुर गांव में सफाई कर्मी के न पहुंचने की सूचना उन्हें मिली है। उन्होंने कहा कि जल्द ही रोस्टर लगाकर गांव में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा।
संदलपुर विकासखंड क्षेत्र के जसापुर गांव में पिछले चार महीने से सफाई कर्मी के न पहुंचने के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो गई है। गांव की नालियां कूड़े-कचरे से पटी पड़ी हैं, जिससे उठती दुर्गंध और बढ़ते मच्छरों के प्रकोप से ग्रामीण बेहाल हैं। बारिश के मौसम में जलनिकासी व्यवस्था प्रभावित होने के कारण गांव में जगह-जगह जलभराव होने और संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। गांव निवासी राजेश शर्मा, वीरपाल सिंह राठौड़ और देवेश सिंह राठौड़ समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत में तैनाती होने के बावजूद सफाई कर्मी नियमित रूप से गांव नहीं आ रहा है। नालियों के चोक होने से बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल गांव में सफाई अभियान चलाने और सफाई कर्मी की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है। इस मामले में एडीओ पंचायत रंजीत सिंह ने शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बताया कि जसापुर गांव में सफाई कर्मी के न पहुंचने की सूचना उन्हें मिली है। उन्होंने कहा कि जल्द ही रोस्टर लगाकर गांव में सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाएगा।
- सिकंदरा-झींझक मार्ग पर जिला प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद इस मार्ग पर लगातार भारी वाहन फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम हो रही इस अनदेखी के कारण स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे भी इस मार्ग से कई भारी वाहन गुजरते दिखाई दिए। मामले की सूचना मिलने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद वाहन चालक बाज नहीं आ रहे हैं और लगातार प्रतिबंधित मार्ग पर बेधड़क वाहनों का संचालन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई किए जाने के बाद भी यदि वाहन चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर प्रशासनिक निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन के आदेशों का इस मार्ग पर सख्ती से पालन कब तक सुनिश्चित कराया जाता है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित तहसील मूसानगर में शुक्रवार को समाजसेवियों और छात्रों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समाजसेविका निहारिका सिंह एवं समाजसेवी राजा पवन के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में प्रदेश में लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पेपर लीक की इन घटनाओं से लाखों छात्रों की मेहनत और उनका भविष्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही ज्ञापन में जोहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विद्यार्थियों की शिक्षा, परीक्षा, डिग्री और भविष्य की सुरक्षा पूरी तरह सुनिश्चित किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि प्रदेश में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक में शामिल दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा छात्रों के शैक्षिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।1
- कानपुर देहात के राजपुर ब्लॉक स्थित खोजारामपुर गांव में शुक्रवार को खेत पर जा रहे एक किसान को सांप ने काट लिया। खोजारामपुर निवासी 30 वर्षीय अखिलेश पुत्र श्रीराम शुक्रवार को अपने खेत पर कद्दू की फसल देखने जा रहे थे। खेत की मेड़ पर चलते समय उनका पैर अचानक एक सांप पर पड़ गया, जिसने उन्हें काट लिया। घटना के बाद भयभीत अखिलेश के शोर मचाने पर आसपास के किसान मौके पर एकत्र हो गए और परिजनों को सूचना दी। परिजन तत्काल उन्हें राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले गए, जहां डॉक्टर जीपी द्विवेदी ने मरीज का सैंपल लेकर उपचार शुरू कर दिया है।2
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित मूसानगर तहसील में शुक्रवार को समाजसेवियों और छात्रों ने उप जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य की राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समाजसेविका निहारिका सिंह और समाजसेवी राजा पवन के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन के ज़रिए प्रदेश में लगातार हो रही पेपर लीक की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि पेपर लीक की वजह से लाखों छात्रों की मेहनत और उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विद्यार्थियों की शिक्षा, परीक्षा, डिग्री और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश की पूरी परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित व पारदर्शी बनाने, पेपर लीक के दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने और छात्रों के शैक्षिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।4
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सनिहाँपुर ब्राम्हाणन में गाली-गलौज का विरोध करने पर एक युवक पर डंडे से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित अभिलेष कुमार पुत्र स्व. मिहीलाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 21 जुलाई 2026 की शाम करीब साढ़े पांच बजे वह गांव में राजन श्रीवास्तव के दरवाजे पर बैठा था। इसी दौरान गांव निवासी बृजभान पुत्र राम भरोसे हाथ में डंडा लेकर पहुंचा और गाली-गलौज करने लगा। जब अभिलेष ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उस पर डंडे से हमला कर दिया, जिससे पीड़ित के सिर और हाथ में चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी और कार्रवाई की मांग की। प्रभारी निरीक्षक धीरेन्द्र सिंह ने बताया कि पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1