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शाहजहाँपुर के विधानसभा ददरौल क्षेत्र के ग्राम रौसर कोठी में बीते 25 मई की रात आई भयंकर आँधी ने भारी तबाही मचाई। इस तूफान के कारण प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर और कई ग्रामीणों के मकानों पर विशाल पेड़ गिर गए, जिससे व्यापक क्षति हुई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक अरविंद सिंह ने स्वयं रौसर कोठी, दनियापुर और लालबाग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने मौके से ही राजस्व अधिकारियों को आपदा राहत कोष से प्रभावितों को तत्काल मुआवजा दिलाने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने इस संकट की घड़ी में हर नागरिक के साथ खड़े रहने और क्षतिपूर्ति को अपनी प्राथमिकता बताया।
A K DIXIT
शाहजहाँपुर के विधानसभा ददरौल क्षेत्र के ग्राम रौसर कोठी में बीते 25 मई की रात आई भयंकर आँधी ने भारी तबाही मचाई। इस तूफान के कारण प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर और कई ग्रामीणों के मकानों पर विशाल पेड़ गिर गए, जिससे व्यापक क्षति हुई। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक अरविंद सिंह ने स्वयं रौसर कोठी, दनियापुर और लालबाग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने मौके से ही राजस्व अधिकारियों को आपदा राहत कोष से प्रभावितों को तत्काल मुआवजा दिलाने के लिए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने इस संकट की घड़ी में हर नागरिक के साथ खड़े रहने और क्षतिपूर्ति को अपनी प्राथमिकता बताया।
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- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट गहरा गया है, जिससे लगातार बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। इस स्थिति के साथ-साथ महंगाई भी चरम पर है, जिससे आम जनता खुद को अत्यंत लाचार महसूस कर रही है। बिजली की अनुपलब्धता, महंगाई, और खाद संकट जैसी किसान समस्याओं ने न केवल ग्रामीण भारत बल्कि शहरों में भी जनजीवन को प्रभावित किया है, जिससे जनता परेशान है। इन गंभीर जन मुद्दों और समस्याओं के बावजूद, सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर यह सियासी तंज कसा जा रहा है कि जनता की लाचारी के बावजूद सत्ता की जय-जयकार की जा रही है, जो लोकतंत्र और विकास के दावों पर सवाल उठाती है और जनता की आवाज़ को सामने लाती है।1
- शाहजहांपुर की ईदगाह में ईद-उल-अजहा की नमाज अत्यंत श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज के समापन के बाद, लोगों ने देश की प्रगति, खुशहाली और पूरे विश्व में शांति और अमन-चैन कायम रहने के लिए दुआएँ माँगीं। इस दौरान, आपसी भाईचारे, सौहार्द और कुर्बानी के महत्वपूर्ण संदेश को भी सभी के साथ साझा किया गया।1
- शाहजहाँपुर में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सकुशल सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। बुधवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भारी पुलिस बल के साथ नगर क्षेत्र में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और कानून व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। इस रूट मार्च के दौरान, अधिकारियों ने प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों, सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों, तथा संवेदनशील क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग भी करवाई और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को लगातार सतर्क रहने तथा भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय व्यापारियों, धर्मगुरुओं और आमजन से भी बातचीत की, उनसे बकरीद पर्व को भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित न करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर लगातार पैदल गश्त और निगरानी की जा रही है। वहीं, बाजारों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शाहजहाँपुर पुलिस ने सभी लोगों से शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक ऐतिहासिक घटना के तहत, मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता और पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने अपनी लगभग 222 करोड़ रुपये मूल्य की भू-संपत्तियां प्रदेश के राज्यपाल के नाम दान कर दी हैं। इन संपत्तियों को राजकीय एस एस यूनिवर्सिटी को समर्पित किया गया है। इस कदम को जनपद के शैक्षिक और आध्यात्मिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय माना जा रहा है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के भविष्य, संस्कार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के लिए एक विशाल संकल्प बताया गया है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती स्वयं रजिस्ट्री कार्यालय पहुँचे और विधिवत दान पत्र अभिलेख पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी बरेली प्रोफेसर सुधीर चौहान, विश्वविद्यालय कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य, एसएस कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा और एसएसएमवी के सचिव अशोक अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सब रजिस्ट्रार धर्मेंद्र कुमार सिंह के समक्ष हुई इस कार्यवाही में मुमुक्षु आश्रम की ओर से स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती और राज्यपाल की ओर से प्रोफेसर सुधीर चौहान ने हस्ताक्षर किए, जबकि कुलसचिव वीरेंद्र कुमार मौर्य और डॉ. अवनीश कुमार मिश्रा ने गवाह के रूप में दस्तखत किए। मीडिया से बात करते हुए स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि लगभग छह दशक पहले पूज्य स्वामी शुकदेवानंद ने शिक्षा-साधना का जो सपना देखा था, वह अब साकार हो रहा है। उन्होंने स्मरण किया कि 1989 में जब वे शाहजहांपुर आए थे, तब जिले की शिक्षा व्यवस्था कमजोर थी, लेकिन संकल्प और सेवा के बल पर शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की गई। इसी कड़ी में पहला सीबीएसई अंग्रेजी माध्यम विद्यालय 'श्री शंकर मुमुक्षु विद्यापीठ' स्थापित हुआ, एसएस कॉलेज में 14 विषयों में परास्नातक कक्षाएँ शुरू की गईं और विधि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एसएस लॉ कॉलेज की भी स्थापना हुई। चिन्मयानंद सरस्वती ने कहा कि स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय को शाहजहांपुर की जनता को समर्पित करते हुए उन्हें आत्मिक संतोष और प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह विश्वविद्यालय भविष्य में उच्च शिक्षा, शोध, भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र चेतना का एक बड़ा केंद्र बनेगा। शिक्षा के क्षेत्र में यह दान केवल शाहजहांपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल कायम कर रहा है।1
- शाहजहांपुर शहर में बिगड़ती यातायात व्यवस्था और सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए बुधवार को पुलिस और नगर निगम ने एक संयुक्त अभियान चलाया। अन्जान चौकी से कन्नौजिया तिराहे तक चले इस अभियान के दौरान नो पार्किंग जोन में खड़े 100 से अधिक वाहनों के चालान काटे गए। इसके अतिरिक्त, कई वाहन स्वामियों को सख्त चेतावनी देकर उनके वाहन हटवाए गए, ताकि यातायात सुचारु रह सके। यह अभियान पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक नगर देवेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण में क्षेत्राधिकारी यातायात शुभम वर्मा द्वारा नगर निगम प्रवर्तन दल के साथ संचालित किया गया। टीम ने सड़क किनारे अव्यवस्थित ढंग से खड़े वाहनों और दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण की गहन जांच की। संजीवनी अस्पताल, एसबी डायग्नोस्टिक, बालाजी अस्पताल और परविन्दर अस्पताल के बाहर खड़े वाहनों को भी हटवाया गया, क्योंकि वे यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। पुलिस ने नो पार्किंग क्षेत्र में खड़े वाहनों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान जारी किए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में जाम की समस्या को कम करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे। क्षेत्राधिकारी यातायात शुभम वर्मा ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें, ताकि आमजन को जाम और असुविधा का सामना न करना पड़े।3
- शाहजहाँपुर के थाना तिलहर क्षेत्र के ग्राम बंधीचक में, एक प्रार्थना पत्र की जाँच के लिए गए उपनिरीक्षक के साथ दो व्यक्तियों द्वारा अभद्रता की घटना सामने आई है। इस मामले में पुलिस ने आवश्यक कार्यवाही की है, जिसकी जानकारी क्षेत्राधिकारी तिलहर की बाइट के माध्यम से दी गई है।1
- शाहजहांपुर में 27 मई, बुधवार को जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित अपने कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त जनशिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि जनशिकायतों का समाधान सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि वे निर्धारित जनता दर्शन अवधि में अपने कार्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ सुनकर उनका समयबद्ध समाधान किया जाए, जिससे आमजन का विश्वास अर्जित किया जा सके। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या हीलाहवाली स्वीकार नहीं की जाएगी, और वास्तविकता तथा पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए। आवश्यकता पड़ने पर जांच प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन के दौरान, जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक फरियादी की समस्या सुनी। गंभीर मामलों में उन्होंने संबंधित उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और दूरभाष के माध्यम से बात कर मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व विभाग सहित सभी विभागीय अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और मनोयोग से कार्य करें, तथा जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरतें। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को त्वरित न्याय और राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।4
- बकरीद जैसे संवेदनशील त्योहार पर शाहाबाद के मोहल्ला चौक में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों के बीच अचानक हिंसक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और बीच बाजार की सड़क एक 'दंगल' का अखाड़ा बन गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले ही, त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से इलाके में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया था। लेकिन अगले ही दिन दबंगों ने खुलेआम बवाल कर पुलिस के खौफ को सीधी चुनौती दे डाली। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर त्योहार के दिन भी सरेआम लाठियां चलेंगी, तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने दावा किया है कि माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1