उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 31 मई तक के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसमें राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। चेतावनी के अनुसार, इस दौरान 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। इस मौसम के साथ गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है, वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। IMD ने यूपी के 30 से अधिक जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिनमें आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा, कासगंज, अलीगढ़, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, हमीरपुर, बांदा, जालौन, महोबा, चित्रकूट, रायबरेली, फतेहपुर, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। तेज आंधी से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने के साथ-साथ मकानों के क्षतिग्रस्त होने का भी खतरा है। हाल के दिनों में हमीरपुर में पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत हुई थी, जबकि रायबरेली, कौशांबी और जालौन में भी ऐसी घटनाओं के कारण हादसे हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आंधी-तूफान और बारिश का यह दौर 31 मई तक जारी रहेगा, और 1 जून से धीरे-धीरे मौसम साफ होने की उम्मीद है। इसी के मद्देनजर, मुख्यमंत्री योगी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नुकसान का तुरंत आकलन करें और 24 घंटे के भीतर प्रभावितों तक राहत पहुंचाएं। लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है कि वे पेड़, बिजली के खंभों और कच्ची दीवारों से दूर रहें, खुले में मोबाइल या धातु की चीजों का इस्तेमाल न करें। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फसल और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें, और जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। मौसम का मिजाज बेईमान बना हुआ है, इसलिए सावधान रहना बेहद आवश्यक है।
उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 31 मई तक के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसमें राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में तेज आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है। चेतावनी के अनुसार, इस दौरान 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। इस मौसम के साथ गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है, वहीं कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। IMD ने यूपी के 30 से अधिक जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिनमें आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, एटा, कासगंज, अलीगढ़, मैनपुरी, इटावा, औरैया, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, झांसी, हमीरपुर, बांदा, जालौन, महोबा, चित्रकूट, रायबरेली, फतेहपुर, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद और बरेली जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। तेज आंधी से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने के साथ-साथ मकानों के क्षतिग्रस्त होने का भी खतरा है। हाल के दिनों में हमीरपुर में पुल गिरने से छह मजदूरों की मौत हुई थी, जबकि रायबरेली, कौशांबी और जालौन में भी ऐसी घटनाओं के कारण हादसे हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आंधी-तूफान और बारिश का यह दौर 31 मई तक जारी रहेगा, और 1 जून से धीरे-धीरे मौसम साफ होने की उम्मीद है। इसी के मद्देनजर, मुख्यमंत्री योगी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे नुकसान का तुरंत आकलन करें और 24 घंटे के भीतर प्रभावितों तक राहत पहुंचाएं। लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है कि वे पेड़, बिजली के खंभों और कच्ची दीवारों से दूर रहें, खुले में मोबाइल या धातु की चीजों का इस्तेमाल न करें। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फसल और पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें, और जब तक बहुत जरूरी न हो, घर से बाहर न निकलें। मौसम का मिजाज बेईमान बना हुआ है, इसलिए सावधान रहना बेहद आवश्यक है।
- कलम की ताकत पत्रकार महा संगठन ने हिंदी पत्रकारिता दिवस धूमधाम से मनाया। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में पत्रकारिता के मूल्यों को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।1
- उत्तर प्रदेश में कथित 'तेज़ विकास' की जमीनी हकीकत पर कटाक्ष करते हुए, अलीगढ़ के चिल्कोरा क्षेत्र की दयनीय सड़क की स्थिति को उजागर किया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि यह 'विकसित प्रदेश' की एक ऐसी झलक है जहाँ कोई वास्तविक काम नहीं हो रहा है, बल्कि लोगों को बेवजह परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस स्थिति पर सवाल उठाया गया है कि इन खराब सड़कों से स्कूल के बच्चे कैसे आ-जा सकेंगे और कारोबारी अपना व्यापार कैसे सुचारु रूप से चला पाएंगे।4
- एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी गई है कि शुगर यानी मधुमेह के रोगी भी फलों का सेवन कर सकते हैं। यह पोस्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि मधुमेह की स्थिति में फलों को अपने आहार में शामिल किया जा सकता है।1
- दादों मैन चौराहे पर अतिक्रमण के कारण स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चौराहे पर लोगों द्वारा अपना सामान रखने से आए दिन भारी जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे सभी बेहद परेशान हैं। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के सभी नालों पर भी लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिसके कारण बारिश का पानी निकलने में काफी दिक्कत आती है।1
- हाथरस से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ घर से लापता हुई तीन युवतियों को पुलिस ने महज छह घंटों के भीतर दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस द्वारा बरामद की गई तीनों युवतियों में दो मुस्लिम और एक हिन्दू युवती शामिल हैं। पुलिस ने इन युवतियों को दिल्ली के द्वारका नजफगढ़ स्थित एक होटल से बरामद किया। इस कार्रवाई के दौरान, पाँच युवकों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। हाथरस पुलिस की कई टीमें इन हिरासत में लिए गए पाँचों युवकों से सघन पूछताछ करने में जुटी हैं। थाना सदर कोतवाली क्षेत्र से लापता हुई इन युवतियों को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीमों की सराहना करते हुए, एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उन्हें पच्चीस हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है।3
- अलीगढ़ जिले के गोंडा क्षेत्र के ढांटौली गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब जल विभाग के अधिकारियों और पुलिस प्रशासन ने नीरज चौधरी को उनके ही निजी निवास पर नजरबंद कर दिया। आज सुबह 6:00 बजे से ही नीरज चौधरी के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह पूरा मामला ढांटौली नदी की सफाई के लिए निकाले गए एक सरकारी निविदा (टेंडर) से जुड़ा है। नीरज चौधरी के मुताबिक, जल विभाग ने 25 मई 2026 को यह टेंडर जारी किया था, जिसकी अंतिम तिथि 30 मई 2026 तय की गई थी। हालांकि, आरोप है कि अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा कोई टेंडर नहीं खोला गया। जब नीरज चौधरी ने इस संबंध में जल विभाग के आला अधिकारियों से बात कर नदी सफाई कार्य में हो रही देरी का कारण पूछा, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों के इस 'अड़ियल रवैये' से नाराज होकर नीरज चौधरी ने आज विभाग को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपने का ऐलान किया था। लेकिन, इससे पहले कि वह घर से निकल पाते, आज सुबह 06:00 बजे पुलिस प्रशासन ने उन्हें उनके ही घर में नजरबंद कर दिया। नीरज चौधरी ने अपनी नजरबंदी पर बयान देते हुए इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया। उन्होंने कहा कि जल विभाग की लापरवाही के कारण ढांटौली नदी की सफाई 'अधर में लटकी है' और जब उन्होंने जवाब मांगा तथा 'शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने की बात कही', तो प्रशासन ने 'आवाज दबाने के लिए' उन्हें सुबह से ही घर में कैद कर दिया।1
- थाना गोंडा पुलिस ने दिन के समय चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो चोरों को जेल भेज दिया है। ये दोनों चोर अलीगढ़ से संबंधित बताए गए हैं, जिन्हें पुलिस ने पकड़कर न्यायिक हिरासत में भेजा है।1