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राजस्थान के टोंक जिले की मालपुरा तहसील के नगर पोस्ट स्थित डैठानी गांव के निवासियों ने विद्युत विभाग डिग्गी के AEN से बिजली आपूर्ति तुरंत चालू करवाने का निवेदन किया है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव डैठानी में पिछले दो दिनों से बिजली नहीं आ रही है, जिससे समस्त ग्रामवासी भयंकर परेशान हो रहे हैं और जल्द से जल्द विद्युत सप्लाई चालू करवाने की मांग कर रहे हैं।
जयराम जाट
राजस्थान के टोंक जिले की मालपुरा तहसील के नगर पोस्ट स्थित डैठानी गांव के निवासियों ने विद्युत विभाग डिग्गी के AEN से बिजली आपूर्ति तुरंत चालू करवाने का निवेदन किया है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव डैठानी में पिछले दो दिनों से बिजली नहीं आ रही है, जिससे समस्त ग्रामवासी भयंकर परेशान हो रहे हैं और जल्द से जल्द विद्युत सप्लाई चालू करवाने की मांग कर रहे हैं।
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- राजस्थान की राजनीति में अपनी अलग पहचान बना चुके रविंद्र सिंह भाटी एक बार फिर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहे एक वीडियो में, उन्हें बिना किसी बड़े काफिले या सुरक्षा तामझाम के अपनी गाड़ी खुद चलाते हुए देखा गया। इसी दौरान, ट्रैफिक के बीच एक राहगीर की आवाज़ सुनाई दी, जिसने कहा, 'अबकी बार आप एमपी फिक्स हो।' यह टिप्पणी रविंद्र सिंह भाटी के प्रति जनता के बढ़ते भरोसे और समर्थन की झलक के रूप में सामने आई है। समर्थकों का मानना है कि रविंद्र सिंह भाटी का यह सादगी भरा अंदाज़ और आम लोगों से सीधा जुड़ाव ही उनकी बढ़ती लोकप्रियता का प्रमुख कारण है। इस वीडियो को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी ज़ोरदार चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, यह भले ही एक राहगीर की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे व्यापक रूप से जनता के मूड और भाटी के प्रति बढ़ते समर्थन के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।1
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- अजमेर के एक NEET परीक्षा केंद्र पर बुर्का पहनकर परीक्षा देने पहुंची एक महिला अभ्यर्थी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ब्यावर से आई इस अभ्यर्थी से परीक्षा केंद्र पर मौजूद एक महिला शिक्षिका ने सुरक्षा और परीक्षा नियमों का हवाला देते हुए पहचान सत्यापन के लिए बुर्का हटाने को कहा। हालांकि, बताया जा रहा है कि महिला अभ्यर्थी ने बुर्का हटाने से साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद केंद्र पर स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। इस इनकार के बाद परीक्षा नियमों और पहचान सत्यापन को लेकर दोनों पक्षों के बीच चर्चा होती रही। 'जस्ट जयपुर लाइव 24×7' की रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा केंद्र के नियम क्या हैं, पहचान सत्यापन को लेकर प्रशासन क्या कहता है, और इस पूरे मामले में आगे क्या हुआ, इसका विस्तृत विवरण अभी उपलब्ध नहीं है। दर्शकों से इस खास रिपोर्ट और आगे की जानकारी के लिए 'जस्ट जयपुर लाइव 24×7' के साथ जुड़े रहने को कहा गया है।1
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- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को केकड़ी में उपखण्ड स्तरीय कार्यक्रम का गरिमामय एवं हर्षोल्लासपूर्ण आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सैकड़ों नागरिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों तथा योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मील, अधिशासी अधिकारी केंद्र प्रसाद शर्मा, आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरिराज साहू, शिविर प्रभारी डॉ. शिवराम जाट और पतंजलि योग समिति के मुख्य योग शिक्षक जेपी सोनी द्वारा भगवान धन्वंतरि के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अतिथियों ने योग को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और एक स्वस्थ जीवनशैली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और सभी से नियमित योगाभ्यास अपनाने का आह्वान किया। योग प्रशिक्षकों जेपी सोनी, सत्यनारायण सोनी, लोकेश धाकड़ एवं सरिता धाकड़ ने विभिन्न आसनों, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन के लिए योग के महत्व से अवगत कराया। कार्यक्रम का मंच संचालन सुरेन्द्र कुमार जोशी ने प्रभावी ढंग से किया, जहाँ लोगों में योग के प्रति विशेष उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा देखने को मिली। कार्यक्रम के समापन पर उपखण्ड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई ने सभी उपस्थित लोगों को “सुदृढ़ लोकतंत्र के लिए मतदान की शपथ” दिलाई। यह भव्य आयोजन उपखण्ड प्रशासन, आयुर्वेद विभाग एवं पतंजलि योग समिति के संयुक्त तत्वावधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों लोगों की भागीदारी ने योग और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जन-जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इसी के साथ, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर न्यायालय परिसर में भी एक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ प्रह्लाद मेघवंशी और अमरचंद ने विभिन्न योगासन करवाए। इस कार्यक्रम में एसीजेएम 1 आशीष बेदाला, एसीजेएम 2 श्रीमती बीना मीणा, बार अध्यक्ष सीताराम कुमावत, अनेक अधिवक्तागण और न्यायिक कार्मिक उपस्थित रहे।4
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