इंदौर में रविवार को नीट (NEET) परीक्षा के सफल और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पेयजल और अन्य आवश्यक इंतजामों का जायजा लिया। कलेक्टर वर्मा ने एसजीएसआईटीएस और होलकर साइंस कॉलेज सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे चर्चा कर परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार भी उपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से आयोजित की गई। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और उचित मूल्य पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के विशेष इंतजाम किए गए थे। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहें। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के लिए बसों की विशेष व्यवस्था भी की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इंदौर जिले में नीट की परीक्षा सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।
इंदौर में रविवार को नीट (NEET) परीक्षा के सफल और सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की सुविधा, पेयजल और अन्य आवश्यक इंतजामों का जायजा लिया। कलेक्टर वर्मा ने एसजीएसआईटीएस और होलकर साइंस कॉलेज सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित परीक्षा केंद्रों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे चर्चा कर परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में फीडबैक लिया और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पंवार भी
उपस्थित रहे। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से आयोजित की गई। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर छाया, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और उचित मूल्य पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के विशेष इंतजाम किए गए थे। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहें। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के लिए बसों की विशेष व्यवस्था भी की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप इंदौर जिले में नीट की परीक्षा सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।
- यह पोस्ट शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त दोहरे मापदंडों की तीखी आलोचना करता है, जिसे "लीक पर ढील, दो मिनट पर सील!" के नारे से बखूबी दर्शाया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि जब पेपर लीक होते हैं, तो व्यवस्था निष्क्रिय रहती है, और घोटालों के दौरान जिम्मेदार कुर्सियां मौन साध लेती हैं। लेकिन, जब कोई मासूम छात्र परीक्षा केंद्र पर मात्र दो मिनट की देरी से पहुँचता है, तो सभी नियम अचानक सक्रिय हो जाते हैं और कठोरता से लागू किए जाते हैं। यह लघु नाटक, जैसा कि पोस्ट में बताया गया है, इसी विरोधाभासी रवैये और उस गहरी पीड़ा को व्यक्त करता है जिसे आज देश का हर छात्र महसूस कर रहा है। पोस्ट अंत में नियमों के इस तराजू की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है और लोगों से अपनी राय साझा करने का आग्रह करता है।1
- नमो नमो शंकरा संस्था ने इंदौर की सिंधी धर्मशाला में आठवीं से बारहवीं क्लास तक के मेघावी छात्रों का सम्मान किया। जिन बच्चों ने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करते हुए अच्छे अंक प्राप्त किए, उन्हें प्रमाण पत्र और शील्ड के साथ नगद राशि भी प्रदान की गई। यह जानकारी नमो नमो शंकरा संस्था के अध्यक्ष पंकज फतेहचंदानी ने दी।1
- प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में जल संकट के बीच पानी की कालाबाजारी का एक बड़ा मामला सामने आया है। समाजसेवी रमेश सिंह तोमर ने इसका खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि शहर के कई क्षेत्रों में कुछ प्रभावशाली लोगों ने सरकारी बोरिंगों पर कब्जा कर रखा है और अवैध कनेक्शनों के माध्यम से पानी का कारोबार कर रहे हैं। इस स्थिति के कारण गरीब, मजदूर और जरूरतमंद परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तोमर के अनुसार, सरकारी बोरिंगों से एक से दो इंच की अवैध पाइप लाइनें सीधे निजी मकानों और कॉलोनियों तक पहुँचाई गई हैं, जिससे आम जनता के लिए निर्धारित पानी का उपयोग कुछ लोग अपने निजी लाभ के लिए कर रहे हैं। इन लोगों द्वारा आसपास के गरीब परिवारों को पानी भरने से भी रोका जाता है और उन्हें निजी टैंकरों या अन्य माध्यमों से महंगे दामों पर पानी खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से संचालित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। मामले का एक और गंभीर पहलू यह है कि इस कथित पानी कारोबार को चलाने के लिए घरेलू बिजली कनेक्शनों का उपयोग किया जा रहा है, जो बिजली नियमों का खुला उल्लंघन और शासन को राजस्व हानि का मामला हो सकता है। रमेश सिंह तोमर ने प्रशासन से कई बड़े सवाल किए हैं, जिनमें सरकारी बोरिंगों से अवैध कनेक्शनों की अनुमति, पानी की कालाबाजारी में शामिल लोग, घरेलू बिजली कनेक्शनों से चल रहे कारोबार पर कार्रवाई की तारीख, गरीबों के हिस्से का पानी हड़पने वाले और इस पूरे खेल को प्राप्त प्रभावशाली संरक्षण शामिल हैं। रमेश सिंह तोमर ने नगर निगम आयुक्त से पूरे शहर में सरकारी बोरिंगों का विशेष सर्वे कराने, सभी अवैध कनेक्शनों को तत्काल हटाने और पानी की कालाबाजारी तथा बिजली चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जल संकट के समय गरीबों के हिस्से के पानी पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए, और प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर आम नागरिकों को राहत प्रदान करनी चाहिए। तोमर ने यह भी पूछा है कि, "जल संकट के बीच पानी माफियाओं का आतंक, गरीबों का हक छीनने वालों पर कब चलेगा प्रशासन का बुलडोजर?"1
- इंदौर में सोशल मीडिया पर एक 'वीडियो वॉर' छिड़ गई है। यह विवाद वेयरहाउस कॉरपोरेशन के चेयरमैन संजय नगाइच और एक पटवारी के बीच सामने आया है। दरअसल, पटवारी ने संजय नगाइच से जुड़े एक वीडियो के जवाब में अपना एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में पटवारी वेयरहाउस कॉरपोरेशन के एक अफसर को फोन पर यह कहते हुए सुना जा रहा है कि "हमारा वेयरहाउस दो"। यह घटनाक्रम इस 'वीडियो वॉर' के तहत पटवारी की ओर से चेयरमैन नगाइच को दिया गया सीधा जवाब माना जा रहा है।1
- इंडिया न्यूज़ 7 पर संवाददाता रेखा मेणा, इंदौर और आसपास के जिलों की 'पेपर हेडलाइन सुपरफास्ट खबरें' प्रस्तुत करेंगी।1
- सबसे स्वस्थ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर की एक अलग ही हकीकत सामने आई है। शहर के मल्हारगंज क्षेत्र में स्थित लाल अस्पताल परिसर में चारों ओर सिर्फ कचरा ही कचरा दिखाई दे रहा है। यह स्थिति इंदौर के 'स्वच्छतम शहर' होने के दावे के विपरीत गंभीर सवाल उठाती है, जो इस पहचान की वास्तविक स्थिति को दर्शाती है।1
- गुरुवार दोपहर इंदौर के भंवरकुआं न्यू ब्रिज पर एक चलती कार में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने यातायात को डायवर्ट कर स्थिति को संभाला, जिसके चलते कुछ समय के लिए ब्रिज पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार चालक समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गया, जिससे कोई बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच की जा रही है।1