प्रह्लाद गुंजाल ने गुलाब कोठारी को दी 'नसीहत', बोले- "अब शब्दों के जाल बुनना बंद करें" कोटा। हाल ही में प्रह्लाद गुंजाल जी ने गुलाब कोठारी जी को आड़े हाथों लेते हुए एक तीखी नसीहत दी है। गुंजाल जी ने सीधे शब्दों में अपनी बात रखते हुए कहा कि, "आपने अपना पूरा जीवन मेरी ही हालत को देखने और आंकने में गुज़ार दिया है।" गुंजाल जी ने आगे कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब इस तरह के शब्दों के खेल और 'सलोनों' को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से 'औलाद बंधन' जैसे विषयों का संदर्भ देते हुए गुलाब कोठारी जी को कड़ा संदेश दिया कि इस तरह की बयानबाजी अब बंद होनी चाहिए। मुख्य बिंदु: सीधी नसीहत: गुंजाल जी ने कोठारी जी के लेखन और दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। शब्दों का चयन: 'औलाद बंधन' जैसे शब्दों के माध्यम से तीखा प्रहार किया गया। बदलाव की अपील: गुंजाल जी ने स्पष्ट किया कि अब इन पुरानी बातों और शब्दों के मायाजाल को खत्म करने का समय है।
प्रह्लाद गुंजाल ने गुलाब कोठारी को दी 'नसीहत', बोले- "अब शब्दों के जाल बुनना बंद करें" कोटा। हाल ही में प्रह्लाद गुंजाल जी ने गुलाब कोठारी जी को आड़े हाथों लेते हुए एक तीखी नसीहत दी है। गुंजाल जी ने सीधे शब्दों में अपनी बात रखते हुए कहा कि, "आपने अपना पूरा जीवन मेरी ही हालत को देखने और आंकने में गुज़ार दिया है।" गुंजाल जी ने आगे कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब इस तरह के शब्दों के खेल और 'सलोनों' को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से 'औलाद बंधन' जैसे विषयों का संदर्भ देते हुए गुलाब कोठारी जी को कड़ा संदेश दिया कि इस तरह की बयानबाजी अब बंद होनी चाहिए। मुख्य बिंदु: सीधी नसीहत: गुंजाल जी ने कोठारी जी के लेखन और दृष्टिकोण पर सवाल उठाए। शब्दों का चयन: 'औलाद बंधन' जैसे शब्दों के माध्यम से तीखा प्रहार किया गया। बदलाव की अपील: गुंजाल जी ने स्पष्ट किया कि अब इन पुरानी बातों और शब्दों के मायाजाल को खत्म करने का समय है।
- Post by Rajendra Kumar Doveriya1
- ओपनिंग वीकेंड: फिल्म ने अपने पहले दो दिनों में ही वर्ल्डवाइड ₹60.50 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। घरेलू कमाई: भारत में फिल्म ने दूसरे दिन (शनिवार) जबरदस्त उछाल दिखाते हुए लगभग ₹19 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जिससे दो दिनों की कुल कमाई ₹35 करोड़ (नेट) पहुंच गई है। रिकॉर्ड: फिल्म ने अक्षय कुमार की ही पिछली फिल्म 'भूल भुलैया 2' के ओपनिंग रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया है। क्यों पसंद आ रही है फिल्म? दर्शकों और समीक्षकों के बीच 'भूत बंगला' को लेकर काफी चर्चा है। फिल्म की सफलता के पीछे ये मुख्य कारण माने जा रहे हैं: कल्ट कॉमेडी तिकड़ी: अक्षय कुमार, परेश रावल और राजपाल यादव की वापसी ने दर्शकों को 'हेरा फेरी' और 'भूल भुलैया' वाले पुराने दिन याद दिला दिए हैं। प्रियदर्शन का निर्देशन: 14 साल बाद अक्षय और प्रियदर्शन की जोड़ी ने साबित कर दिया कि कॉमेडी और हॉरर का तालमेल बिठाने में उनका कोई सानी नहीं है। तगड़ी कास्ट: फिल्म में तबू, वामिका गब्बी और मिथिला पालकर की मौजूदगी ने कहानी में और जान फूंक दी है। दर्शकों की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर 'ब्लॉकबस्टर' वाले रिएक्शन मिल रहे हैं। फैंस का कहना है कि फिल्म का फर्स्ट हाफ हंसी से भरपूर है, जबकि सेकंड हाफ में हॉरर और सस्पेंस का जबरदस्त तड़का है। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है: "अगर फिल्म की रफ्तार ऐसी ही रही, तो यह इस साल की सबसे बड़ी हॉरर-कॉमेडी हिट साबित हो सकती है और 'स्त्री 2' जैसे बड़े मुकाम को टक्कर दे सकती है।"1
- कोरोना के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है, वीडियो गुजरात के सूरत स्टेशन का है जहां घर जाने के लिए स्टेशन पर भारी भीड़।।1
- कोरोना के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है, वीडियो गुजरात के सूरत स्टेशन का है जहां घर जाने के लिए भगदड़ जैसे हालात बने हुए हैं, हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल है...1
- कोटा, 19 अप्रैल 2026 (रविवार): प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा कोटा के लैंडमार्क सिटी स्थित सविता सरोवर में “राजयोग एवं सकारात्मक चिंतन” विषय पर विशेष संवाद एवं शुभकामना मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार एवं मीडिया कर्मी उपस्थित होकर सकारात्मक जीवनशैली और आध्यात्मिक मूल्यों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच, मानसिक शांति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में राजयोग ध्यान व्यक्ति को तनावमुक्त करने और आत्मिक शांति प्रदान करने का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं आयोजक बी.के. उर्मिला दीदी (कोटा संभाग प्रभारी) ने मीडिया बंधुओं का स्वागत करते हुए कहा कि समाज को जागरूक करने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सकारात्मक समाचार और विचार समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। इस दौरान उपस्थित मीडिया कर्मियों को राजयोग ध्यान की विधि, सकारात्मक चिंतन के लाभ एवं जीवन में आध्यात्मिकता के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम में संवाद, अनुभव साझा करने और शुभकामनाओं का आदान-प्रदान भी किया जा रहा है। कार्यक्रम में कोटा शहर के विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे आयोजन और भी सार्थक बन गया है।1
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