दिनांक 19 अप्रैल, 2026 को मुहम्मद शाकिब वसीम सिद्दीकी, जो वसीम सिद्दीकी के पुत्र हैं, के मोबाइल फोन पर एक संदिग्ध लिंक प्राप्त हुआ था। पीड़ित ने जैसे ही इस अज्ञात लिंक पर क्लिक किया, उनका फोन हैक हो गया, जिसके परिणामस्वरूप उनके बैंक खाते से ₹20,000 की धनराशि किसी अज्ञात खाते में स्थानांतरित हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने हरिद्वार स्थित साइबर क्राइम सेल से संपर्क किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही साइबर क्राइम सेल हरिद्वार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित राशि को तुरंत होल्ड करवा दिया। लगातार किए गए तकनीकी प्रयासों और प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप, दिनांक 11 जून, 2026 को पीड़ित मुहम्मद शाकिब वसीम सिद्दीकी को उनके ₹20,000 सफलतापूर्वक वापस दिलवा दिए गए, जिससे युवक खुशी से खिल उठा। इस मामले को सुलझाने के साथ ही, साइबर सेल की टीम ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग तथा व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। इस सफल कार्रवाई के लिए हरिद्वार पुलिस को धन्यवाद दिया गया है।
दिनांक 19 अप्रैल, 2026 को मुहम्मद शाकिब वसीम सिद्दीकी, जो वसीम सिद्दीकी के पुत्र हैं, के मोबाइल फोन पर एक संदिग्ध लिंक प्राप्त हुआ था। पीड़ित ने जैसे ही इस अज्ञात लिंक पर क्लिक किया, उनका फोन हैक हो गया, जिसके परिणामस्वरूप उनके बैंक खाते से ₹20,000 की धनराशि किसी अज्ञात खाते में स्थानांतरित हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने हरिद्वार स्थित साइबर क्राइम सेल से संपर्क किया और अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही साइबर क्राइम सेल हरिद्वार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित राशि को तुरंत होल्ड करवा दिया। लगातार किए गए तकनीकी प्रयासों और प्रभावी समन्वय के फलस्वरूप, दिनांक 11 जून, 2026 को पीड़ित मुहम्मद शाकिब वसीम सिद्दीकी को उनके ₹20,000 सफलतापूर्वक वापस दिलवा दिए गए, जिससे युवक खुशी से खिल उठा। इस मामले को सुलझाने के साथ ही, साइबर सेल की टीम ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग तथा व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने की सलाह दी गई है। इस सफल कार्रवाई के लिए हरिद्वार पुलिस को धन्यवाद दिया गया है।
- हरिद्वार के भगवानपुर में हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। माननीय न्यायालय के आदेश पर भगवानपुर पुलिस ने आरोपियों के गिरफ्तारी से बचने के प्रयासों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ढोल-नगाड़ों के साथ आरोपियों के घरों पर 84 BNSS (भारतीय न्याय संहिता) के अंतर्गत उद्घोषणा की कार्रवाई को अंजाम दिया, यह सुनिश्चित करते हुए कि अपराध कर फरार होने वालों को हर हाल में सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। यह मामला दिनांक 17.05.2026 का है, जब होटल धरोहर में कलीम नामक युवक की होटल संचालकों द्वारा मारपीट के कारण मृत्यु हो गई थी। इस घटना के संबंध में दर्ज अभियोग में भगवानपुर पुलिस पहले ही 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज चुकी है। हालांकि, इस गंभीर हत्याकांड में नामजद आरोपी अर्पित, जो प्रवीण चौहान का पुत्र और खुब्बनपुर, कोतवाली भगवानपुर, जनपद हरिद्वार का निवासी है, तथा ऋषिकेश सिंह, जो रमेश सिंह का पुत्र और खुब्बनपुर, कोतवाली भगवानपुर, जनपद हरिद्वार का निवासी है, लगातार गिरफ्तारी से बचते हुए फरार चल रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देश पर इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में, माननीय न्यायालय रुड़की से प्राप्त आदेश के अनुपालन में, आज दिनांक 17.06.2026 को पुलिस टीम द्वारा मुकदमा अपराध संख्या 207/26, धारा 103(1)/115(2)/127(2)/352/238(1)/61(2)/315 BNS से संबंधित दोनों फरार आरोपियों के निवास स्थानों पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ उद्घोषणा की गई। इस उद्घोषणा के माध्यम से आम जनता को सूचित किया गया कि उक्त अभियुक्त न्यायालय द्वारा निर्धारित अवधि में उपस्थित हों। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हरिद्वार पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।1
- दिनांक 17.05.2026 को होटल धरोहर में कलीम नामक एक युवक की होटल संचालकों द्वारा की गई मारपीट के कारण मृत्यु हो गई थी। इस घटना के संबंध में दर्ज किए गए अभियोग में भगवानपुर पुलिस द्वारा पूर्व में ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है। हत्या के इस गंभीर मामले में नामित आरोपी अर्पित पुत्र प्रवीण चौहान और ऋषिकेश सिंह पुत्र रमेश सिंह, दोनों निवासी खुब्बनपुर, कोतवाली भगवानपुर, जनपद हरिद्वार, लगातार गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशों के अनुसार, इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, माननीय न्यायालय रुड़की से प्राप्त आदेश का पालन करते हुए, आज दिनांक 17.06.2026 को पुलिस टीम ने धारा 84 BNSS के अंतर्गत मुकदमा अपराध संख्या 207/26, धारा 103(1)/115(2)/127(2)/352/238(1)/61(2)/315 BNS से संबंधित दोनों फरार आरोपियों के निवास स्थानों पर पहुंचकर ढोल-नगाड़ों के साथ उद्घोषणा की कार्रवाई की। इस उद्घोषणा के माध्यम से आम जनता को सूचित किया गया कि अभियुक्त न्यायालय द्वारा निर्धारित अवधि में उपस्थित हों, अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हरिद्वार पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- उज्ज्वल भविष्य के निर्माण हेतु लोगों से रोबराज दाव शाहपुर शितला खेड़ा में एक बार अवश्य पधारने का आग्रह किया गया है। यह आमंत्रण एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए दिया गया है।1
- हरिद्वार पुलिस ने किसानों को नुकसान पहुंचा रहे मोटर चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पथरी थाना पुलिस ने इस मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चोरी की गई पांच पानी की मोटरें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में खेतों से लगातार पानी की मोटर चोरी होने की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे किसानों में चिंता का माहौल बना हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पथरी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और मुखबिर तंत्र की मदद से दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर ही पुलिस ने चोरी की गई पांच मोटरें बरामद करने में सफलता पाई। पुलिस की इस सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से चोरी की वारदातों का पर्दाफाश हुआ है, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत मिली है। इस कार्रवाई से किसानों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं अपराधियों को भी यह कड़ा संदेश गया है कि कानून से बच निकलना आसान नहीं है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए उनकी तत्परता की प्रशंसा की है।1
- लक्सर के भिक्कमपुर जीतपुर स्थित आर.पी.एस. पब्लिक स्कूल में नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की गई हैं। स्कूल के उपाध्यक्ष कलीराम ने जानकारी देते हुए बताया कि यहाँ स्कूल के कमरों की सुंदरता पर विशेष ध्यान दिया गया है, साथ ही शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय और बाथरूम की व्यवस्था भी है। बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध है, और खेलने के लिए एक सुसज्जित खेल का मैदान है जिसमें सभी खेल सामग्री मौजूद है। विद्यार्थियों के लिए मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध है और यहाँ के 10 शिक्षक बच्चों को बहुत प्यार से पढ़ाते हैं। आर.पी.एस. पब्लिक स्कूल, भिक्कमपुर जीतपुर में प्रवेश के लिए इच्छुक अभिभावक 9368362531 और 9897323133 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।1
- डोईवाला नगर पालिका में कार्यरत कूड़ा वाहन चालक और हेल्पर कथित वेतन कटौती के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा पूर्व निर्धारित वेतन से अनावश्यक कटौती की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित पक्षों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकला। इसी के चलते सभी कूड़ा गाड़ी चालक और हेल्परों ने कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक वेतन कटौती का मामला स्पष्ट नहीं हो जाता और उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इस मामले पर नगर पालिका परिषद डोईवाला के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी कर्मचारी के साथ गलत हुआ है, तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी भी कर्मचारी के हितों के साथ अन्याय न हो। इस हड़ताल के कारण नगर क्षेत्र में कूड़ा उठान व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है, और स्थिति प्रशासन व कर्मचारियों के बीच वार्ता के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र के कहेड़ा गांव में आम के पेड़ों की कटाई का एक मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इस घटना के संबंध में उद्यान अधिकारी ने जानकारी दी है कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।1
- दिनांक 30.05.2026 को हरिद्वार पुलिस के एक जवान ने इंसानियत का परिचय देते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की दीवार पर उगे एक छोटे पौधे को एक छोटे से प्रयास के तहत, उसे नया जीवनदान देने के लिए उसके स्थान से हटाकर दूसरी जगह लगाया गया। यह पहल इस विचार पर आधारित है कि पेड़ भी बच्चों की तरह होते हैं, जिन्हें प्यार, देखभाल और सही वातावरण की आवश्यकता होती है। अक्सर लोग इमारतों या अनचाहे स्थानों पर उगे छोटे पौधों को देखते हैं और उन्हें हटाने पर विचार करते हैं, लेकिन हर पौधे में जीवन होता है और उसे बस सही जगह की जरूरत होती है। इस संदर्भ में, यह भी कहा गया है कि कोई चीज़ बुरी नहीं होती, बुरा केवल उसका स्थान हो सकता है। अपने नए स्थान पर, यह पौधा अब बढ़ेगा, फल-फूलेगा और जीवनदायिनी मुफ़्त ऑक्सीजन प्रदान करेगा। पोस्ट में दूसरों को भी प्रेरित किया गया है कि यदि उन्हें कहीं ऐसा पौधा दिखाई दे जो गलत जगह पर उग आया हो, तो उसे नष्ट करने के बजाय उचित स्थान पर लगाने का प्रयास करें। ऐसा करने से वह पौधा भी एक दिन विशाल वृक्ष बनकर पर्यावरण और समाज की सेवा कर सकता है। इस प्रयास को 'एक पौधा बचाइए, एक जीवन सजाइए' के संदेश के साथ रेखांकित किया गया है।1