उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मंडावली थाना क्षेत्र में रविवार को राजस्व प्रशासन द्वारा ओवरलोड और ओवरहाइट वाहनों के खिलाफ की गई कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई। नायब तहसीलदार नजीबाबाद ने अभियान चलाकर दो डंपरों को रोका और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि एक डंपर भागूवाला स्थित स्वामी अवधेशानंद चौकी के पास पकड़ा गया, जबकि दूसरा मोटा महादेव चौकी के समीप रोका गया। इन मामलों में आगे की कार्रवाई उपजिलाधिकारी नजीबाबाद स्तर से की जाएगी। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई के बावजूद उसी मार्ग पर भारी संख्या में ओवरलोड और ओवरहाइट डंपरों की आवाजाही जारी रहने की बात कही है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या केवल दो वाहनों पर की गई कार्रवाई इस गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पर्याप्त है। गौरतलब है कि उत्तराखंड सीमा से नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग के रास्ते बड़ी संख्या में भारी वाहन लगातार उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और निर्धारित भार क्षमता के पालन को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल राजस्व और पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि परिवहन और खनन विभाग की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। यदि सभी संबंधित विभाग मिलकर नियमित अभियान चलाएं, तो ही ओवरलोड और ओवरहाइट वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। फिलहाल, स्थानीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं और उनकी मांग है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि लगातार चलाया जाए ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो। अब यह देखना होगा कि यह कार्रवाई व्यापक अभियान का रूप लेती है या फिर क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का सिलसिला पहले की तरह जारी रहता है।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मंडावली थाना क्षेत्र में रविवार को राजस्व प्रशासन द्वारा ओवरलोड और ओवरहाइट वाहनों के खिलाफ की गई कार्रवाई चर्चा का विषय बन गई। नायब तहसीलदार नजीबाबाद ने अभियान चलाकर दो डंपरों को रोका और पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि एक डंपर भागूवाला स्थित स्वामी अवधेशानंद चौकी के पास पकड़ा गया, जबकि दूसरा मोटा महादेव चौकी के समीप रोका गया। इन मामलों में आगे की कार्रवाई उपजिलाधिकारी नजीबाबाद स्तर से की जाएगी। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई के बावजूद उसी मार्ग पर भारी संख्या में ओवरलोड और ओवरहाइट
डंपरों की आवाजाही जारी रहने की बात कही है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या केवल दो वाहनों पर की गई कार्रवाई इस गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पर्याप्त है। गौरतलब है कि उत्तराखंड सीमा से नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग के रास्ते बड़ी संख्या में भारी वाहन लगातार उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और निर्धारित भार क्षमता के पालन को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल राजस्व और पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि परिवहन और खनन विभाग की भी
महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। यदि सभी संबंधित विभाग मिलकर नियमित अभियान चलाएं, तो ही ओवरलोड और ओवरहाइट वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है। फिलहाल, स्थानीय नागरिकों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं और उनकी मांग है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित न रहे, बल्कि लगातार चलाया जाए ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम कम हो। अब यह देखना होगा कि यह कार्रवाई व्यापक अभियान का रूप लेती है या फिर क्षेत्र में ओवरलोड वाहनों का सिलसिला पहले की तरह जारी रहता है।
- बिजनौर जिले के भनेड़ा टोल पर ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा एक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान, शराब पीकर वाहन चला रहे लोगों की जाँच की गई और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, उन वाहन चालकों पर भी कार्यवाही की गई जिनके पास यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज़ पूरे नहीं पाए गए।1
- लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर ऐसे पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें साल 2027 में अखिलेश यादव के सत्ता में आने का जिक्र किया गया है। इन पोस्टरों में अखिलेश यादव को हनुमान जी की पूजा करते हुए दिखाया गया है। पोस्टरों पर स्पष्ट रूप से लिखा है, "मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हुए नाराज अब ना आएंगे योगी महाराज।" इसके साथ ही एक अन्य पंक्ति में भाजपाइयों पर निशाना साधते हुए कहा गया है, "महापापीयों का खुला भेद भाजपाइयों से सच्चे सनातनियों को है खेद।" इन पोस्टरों में लगी तस्वीरें सपा विधायक पंकज मलिक और कार्यकर्ता सोमिल सिंह श्रीनेत्र द्वारा लगाई गई हैं।1
- आशीष सिंह अपने भाइयों के साथ दलजीत की आवाज पर ग्राम जवाली पहुंचे। वहां उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जावेद से मुलाकात की, जो ग्राम जवाली दल से संबंधित हैं।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार में हजारों की तादाद में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए पहुंचे, जहाँ हरकी पैड़ी पर भक्तों की भारी भीड़ नजर आई। हिन्दू समाज में हरिद्वार को आस्था का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, जहाँ दूर-दराज से भक्त अपनी मन्नतें लेकर आते हैं। इन श्रद्धालुओं ने ईश्वर से अपने किए पापों की क्षमा याचना की और पवित्र गंगाजल लेकर अपने शहर वापस लौटे।1
- जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य अभियान के दौरान उत्तराखंड के वीर सपूत वीरेश्वर गोस्वामी शहीद हो गए। इस दुःखद घड़ी में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शहीद वीरेश्वर गोस्वामी के घर पहुंचे। मुख्यमंत्री धामी ने शहीद के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।1
- उत्तराखंड सरकार द्वारा विद्युत विभाग के माध्यम से जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने और पुराने बिजली बिलों पर बकाया सरचार्ज माफी की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज लक्सर में जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को उठाते हुए उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने इन जनविरोधी फैसलों को जल्द से जल्द वापस लेने की मांग की।1
- उत्तर प्रदेश में, चंद्रशेखर आज़ाद ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर एक बड़ा बयान दिया है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कथित तौर पर 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए और पत्थरों के बीच से गाड़ियां निकाली गईं।1
- जनपद बिजनौर के नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने मजार प्रकरण के संबंध में जनता के बीच अपनी बात रखी।1