उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के मिश्रौलिया स्थित युवा चेतना पुस्तकालय में "सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण में बौद्ध दृष्टिकोण" विषय पर एक ग्रीष्मकालीन बोधि पथ साप्ताहिक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से युवा विकास समिति द्वारा आयोजित इस कार्यशाला के पाँचवें दिन, पर्यावरण और बौद्ध आधारित कविता पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नवीन सिंह ने अपनी कविताओं के माध्यम से "वृक्ष लगाओ, जीवन बचाओ" का प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने वृक्षों को धरती की शान, प्राणियों के लिए वरदान और प्राणवायु प्रदान करने वाला बताते हुए जोर दिया कि वे हमारे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य हैं। डॉ. नवीन सिंह ने बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण सिद्धांत प्रतित्यसमुत्पाद यानी परस्पर निर्भरता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संसार की प्रत्येक वस्तु और जीव एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, और पर्यावरण को होने वाली क्षति अंततः मानव जीवन को भी प्रभावित करती है, इसलिए प्रकृति की रक्षा मानव कल्याण के लिए अनिवार्य है। उन्होंने करुणा के सिद्धांत को सभी जीवों के प्रति दया और संवेदनशीलता का संदेश देने वाला बताया, जो पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। इसके अतिरिक्त, स्मृति या सजगता (माइंडफुलनेस) का सिद्धांत हमें अपने उपभोग, संसाधनों के उपयोग और जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाता है, जिससे हम पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार व्यवहार अपना सकते हैं। विशिष्ट अतिथि राम पूरन चौधरी ने भी कविताओं का पाठ करते हुए प्रतिभागियों को वृक्षों के महत्व से अवगत कराया, यह कहते हुए कि वृक्ष किसी जाति या धर्म का भेद नहीं करते और सभी के लिए समान हैं। विशेषज्ञ वक्ता संजय कुमार गौतम ने अपनी कविताओं के जरिये वृक्षों के जीवन चक्र और जन्म से लेकर मृत्यु तक मानव जीवन में उनके विविध योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम संयोजक बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने सूचना दी कि इस साप्ताहिक कार्यशाला का समापन रविवार को होगा, और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के मिश्रौलिया स्थित युवा चेतना पुस्तकालय में "सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण में बौद्ध दृष्टिकोण" विषय पर एक ग्रीष्मकालीन बोधि पथ साप्ताहिक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ एवं संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश के सहयोग से युवा विकास समिति द्वारा आयोजित इस कार्यशाला के पाँचवें दिन, पर्यावरण और बौद्ध आधारित कविता पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नवीन सिंह ने अपनी कविताओं के माध्यम से "वृक्ष लगाओ, जीवन बचाओ" का प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने वृक्षों को धरती की शान, प्राणियों के लिए वरदान और प्राणवायु प्रदान करने वाला बताते हुए जोर दिया कि वे हमारे वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य हैं। डॉ. नवीन सिंह ने बौद्ध धर्म के महत्वपूर्ण सिद्धांत प्रतित्यसमुत्पाद यानी परस्पर निर्भरता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संसार की प्रत्येक वस्तु और जीव एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, और पर्यावरण को होने वाली क्षति अंततः मानव जीवन को भी प्रभावित करती है, इसलिए प्रकृति
की रक्षा मानव कल्याण के लिए अनिवार्य है। उन्होंने करुणा के सिद्धांत को सभी जीवों के प्रति दया और संवेदनशीलता का संदेश देने वाला बताया, जो पर्यावरण और जैव विविधता की रक्षा के लिए प्रेरित करता है। इसके अतिरिक्त, स्मृति या सजगता (माइंडफुलनेस) का सिद्धांत हमें अपने उपभोग, संसाधनों के उपयोग और जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाता है, जिससे हम पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार व्यवहार अपना सकते हैं। विशिष्ट अतिथि राम पूरन चौधरी ने भी कविताओं का पाठ करते हुए प्रतिभागियों को वृक्षों के महत्व से अवगत कराया, यह कहते हुए कि वृक्ष किसी जाति या धर्म का भेद नहीं करते और सभी के लिए समान हैं। विशेषज्ञ वक्ता संजय कुमार गौतम ने अपनी कविताओं के जरिये वृक्षों के जीवन चक्र और जन्म से लेकर मृत्यु तक मानव जीवन में उनके विविध योगदान को रेखांकित किया। कार्यक्रम संयोजक बृहस्पति कुमार पाण्डेय ने सूचना दी कि इस साप्ताहिक कार्यशाला का समापन रविवार को होगा, और सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
- बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के महराजगंज कस्बे में सर्विस रोड पर लंबे समय से पड़ी खराब गिट्टी और बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे राहगीरों व वाहन चालकों के लिए लगातार खतरे का कारण बने हुए हैं। यहां निर्माण कार्य के लिए डाली गई गिट्टी को कई दिनों बाद भी हटाया नहीं गया है। इसके साथ ही, बारिश से खराब हुए सीमेंट के बोरे भी सड़क किनारे पड़े हैं, जिससे निर्माण सामग्री तो बर्बाद हो ही रही है, व्यस्त मार्ग पर दुर्घटना की आशंका भी लगातार बढ़ रही है। जिम्मेदार एनएचआई (NHAI) की घोर लापरवाही को इस स्थिति का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जिससे सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय यह गिट्टी वाहन चालकों को ठीक से दिखाई नहीं देती, जिससे बाइक सवारों के फिसलने और छोटे वाहनों के अनियंत्रित होने का खतरा बना रहता है। महराजगंज सर्विस रोड पर फैले इस मलबे के कारण राहगीरों के चोटिल होने की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों ने सड़क सुरक्षा के प्रति बरती जा रही इस लापरवाही पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनकी मांग है कि यदि समय रहते सर्विस रोड से गिट्टी और अन्य खराब सामग्री को नहीं हटाया गया, तो यह लापरवाही किसी दिन बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है और किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। जिम्मेदार विभाग की इस उदासीनता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है, जबकि सर्विस रोड पर पड़ी कंक्रीट की सफाई अत्यंत आवश्यक है ताकि सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।1
- उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक घटना सामने आई है जहाँ प्रशासन और पुलिस बल द्वारा एक महिला को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक दिया गया। महिला उनसे मिलने की इच्छा लेकर आई थी और वीडियो फुटेज में उसे अपने हाथ में कुछ कागजात लिए हुए देखा जा सकता है, जबकि पुलिस उसे वहाँ से हटाती हुई नज़र आ रही थी। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के इस कदम के खिलाफ विरोध जताया। इस पूरे मामले को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि अपनी फरियाद लेकर सत्ता के गलियारों तक पहुँचने की कोशिश करने वाले आम नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार कहाँ तक उचित है।1
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन माफिया दिनदहाड़े और रात-दिन जेसीबी और डंपरों के जरिए बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन कर रहे हैं, जिससे माझा जमथरा का सीना चीरा जा रहा है। आरोपों के अनुसार, जिम्मेदार विभाग इस पर आँखें मूंदे बैठा है और कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जनता पूछ रही है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। लोगों का यह भी सवाल है कि सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी, और कौन ईमानदार प्रशासनिक छवि वाले जिलाधिकारी व एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस अवैध खनन के खेल पर कब लगाम लगती है।1
- आम आदमी पार्टी ने चंपत राय के विरोध में एक प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने आम आदमी पार्टी द्वारा दिया गया ज्ञापन स्वीकार कर लिया।1
- अयोध्या जिले के ग्राम सभा पाली अचलपुर में तेज आंधी-पानी के कारण एक पेड़ गिर गया। इस घटना से एक घर को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है। घटना से संबंधित एक वीडियो भी उपलब्ध है।1
- अयोध्या के कैंट थाना क्षेत्र स्थित माझा जमथरा में बेलगाम खनन माफियाओं द्वारा अवैध मिट्टी खनन का खेल खुलेआम जारी होने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन-रात जेसीबी और मिट्टी से लदे डंपरों के ज़रिए बड़े पैमाने पर क्षेत्र का “सीना चीरने” का काम जारी है, लेकिन संबंधित विभाग इस पर “आँखें मूँदे बैठा है”, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नजूल विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस अवैध खनन पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। जनता यह सवाल उठा रही है कि आखिर यह अवैध खनन किसके संरक्षण में चल रहा है और खनन माफियाओं को किसका राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसके साथ ही, सरकारी भूमि और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों पर कार्रवाई कब होगी और “ईमानदार प्रशासनिक छवि” वाले जिलाधिकारी और एसएसपी को बदनाम करने की कोशिश कौन कर रहा है, जैसे प्रश्न भी पूछे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो माझा क्षेत्र का भूगोल ही बदल जाएगा। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनन विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस “अवैध खनन के खेल” पर कब लगाम लगती है।1
- अयोध्या में स्थापित सुनील्स रामायण वैक्स म्यूजियम धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के लिहाज से एक महत्वपूर्ण आकर्षण के तौर पर उभर रहा है। संग्रहालय के संस्थापक और प्रसिद्ध वैक्स कलाकार सुनील कंडल्लूर ने बताया कि यह म्यूजियम उनकी एक स्वप्न परियोजना है, जिसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। सुनील्स वैक्स म्यूजियम की शुरुआत वर्ष 2005 में कन्याकुमारी में हुई थी, जहाँ स्वतंत्रता सेनानियों और विभिन्न प्रसिद्ध हस्तियों की जीवंत और वास्तविक आकार की मोम प्रतिमाएँ प्रदर्शित की गईं। इसके बाद वर्ष 2010 में लोनावाला में एक नई शाखा स्थापित की गई, जहाँ वर्तमान में लगभग 100 मोम प्रतिमाएँ मौजूद हैं। बाद में तिरुवनंतपुरम में भी एक वैक्स म्यूजियम खोला गया, जो प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के निकट स्थित है। अयोध्या में स्थित सुनील्स रामायण वैक्स म्यूजियम में फिलहाल लगभग 40 प्रतिमाएँ प्रदर्शित हैं। संग्रहालय प्रबंधन की योजना भविष्य में इस संख्या को बढ़ाकर 200 तक करने की है, जिससे रामायण काल की घटनाओं और पात्रों को और भी व्यापक रूप में प्रस्तुत किया जा सके। संग्रहालय के शिल्पकार और कलाकार सुनील कंडल्लूर वर्ष 2001 से वैक्स मॉडलिंग के क्षेत्र में सक्रिय हैं। एक स्व-शिक्षित कलाकार के रूप में उन्होंने भारत में वैक्स मॉडलिंग को नई पहचान दिलाई और देश का पहला वैक्स म्यूजियम स्थापित करने का गौरव हासिल किया। अब तक वे 400 से अधिक मोम प्रतिमाओं का निर्माण कर चुके हैं, जो उनकी कला, मेहनत और समर्पण का प्रमाण है। पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने की दिशा में यह संग्रहालय अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।2
- अयोध्या में आम आदमी पार्टी (आप) ने श्री राम मंदिर के ट्रस्टी चंपत राय के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने चंपत राय पर धावा बोला और उनके विरुद्ध अपना तीव्र रोष व्यक्त किया। इस प्रदर्शन के दौरान प्रशासन ने विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं को सड़क पर ही रोक दिया और उनका ज्ञापन स्वीकार किया।1