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नीट (NEET) के बहाने देश की संसद को नेपाल बनाने की कोशिश कर रहे सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की अनुमति के बिना संसद में घुसने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं द्वारा बिना अनुमति संसद परिसर में प्रवेश की इस कोशिश के बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए उनका 'तीर्थंमेंट' किया है।
SADAS LIVE NEWS
नीट (NEET) के बहाने देश की संसद को नेपाल बनाने की कोशिश कर रहे सीजेपी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की अनुमति के बिना संसद में घुसने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं द्वारा बिना अनुमति संसद परिसर में प्रवेश की इस कोशिश के बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए उनका 'तीर्थंमेंट' किया है।
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- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र के पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने ताला जड़ दिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर यह कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस स्थानांतरण सूची के आने के बाद से भदेसर क्षेत्र के कई विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हो गए हैं, जिससे बच्चों का शैक्षणिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पीपलवास के अलावा भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित कई अन्य जगहों पर भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। पीपलवास के इस राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इस वर्ष यहाँ कार्यरत तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का स्थानांतरण हो गया है, जबकि एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही खाली चल रहा था। स्कूल में हिंदी, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के अध्यापकों के पद रिक्त होने से कुल सात शिक्षकों की कमी हो गई है, जिससे छात्रों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित है। उग्र प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के शिक्षकों को भी भीतर प्रवेश करने नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि छात्रों के भविष्य को देखते हुए इन खाली पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति की जाए और जब तक ऐसा नहीं होता, उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इसे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया है और ग्रामीणों के सुर में सुर मिलाते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर संसद मार्च को लेकर छात्रों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस विरोध प्रदर्शन के लिए छात्रों की भारी भीड़ एकत्रित हुई है, जो पूरी तरह से आक्रोशित नजर आ रही है।1
- भीलवाड़ा के ओडो का खेड़ा में हुए बहुचर्चित हत्या मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां आरोपी पक्ष के परिवार ने खुद के बेघर होने और दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होने का दावा किया है। दो महिलाओं और आठ बच्चों समेत इस परिवार ने सोमवार शाम करीब 5 बजे पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर अपने घर में सुरक्षित वापसी कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद विपक्षी पक्ष के लोग उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। परिजनों के अनुसार, 4 मार्च को हुई यह घटना आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद का नतीजा थी, जिसमें सामने वाले पक्ष के पेमालाल ओड ने पूरे परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर हत्या का मामला दर्ज करा दिया था। इस मामले में परिवार के सात पुरुष और दो महिलाएं जेल में बंद हैं, जबकि बाहर बचे आठ बच्चे और दो महिलाएं पिछले साढ़े चार महीने से भटक रहे हैं। परिजन भोंपू लाल ओड ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस इन लोगों को उनके पास छोड़ गई थी, जिसके बाद राहुल ओड ने उन्हें फोन कर धमकी दी कि इन लोगों को यहां से निकाल दो, वरना तुम्हारी भी खैर नहीं होगी। पीड़ित परिवार के पास वर्तमान में न रहने के लिए घर है, न खाने-पीने का सामान और न ही पहनने-ओढ़ने के कपड़े व बिस्तर हैं। वहीं दूसरी तरफ, पीड़िता अंशी ने आरोप लगाया कि राहुल ओड उन्हें उनके घर में घुसने नहीं दे रहा है और उसने केबिनों में रखा सारा सामान चोरी कर बेच दिया है, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने का दावा किया गया है। अंशी का कहना है कि वे जब भी रिश्तेदारों के यहां रहने जाते हैं, तो राहुल उन्हें भी जान से मारने की धमकी देता है। इन्हीं धमकियों और प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार परिवार को सुरक्षा और न्याय पाने के लिए एसपी कार्यालय की शरण लेनी पड़ी है।1
- भीलवाड़ा में सोमवार, 20 जुलाई को भीलवाड़ा जिला टेम्पू यूनियन (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने टेम्पू चालकों और संचालकों की विभिन्न समस्याओं के शीघ्र समाधान की पुरजोर मांग की है। संगठन का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया था, लेकिन कई महत्वपूर्ण मुद्दे अब भी लंबित हैं। संघ ने प्रशासन और पुलिस के साथ बेहतर समन्वय की बात करते हुए भरोसा दिलाया कि सभी टेम्पू चालक नियमों का पालन करेंगे, लेकिन साथ ही प्रशासन से उनकी समस्याओं का नियमानुसार समाधान कर राहत देने का आग्रह भी किया। यूनियन ने ज्ञापन के जरिए भीलवाड़ा शहर, पुर और सांगानेर क्षेत्र में टेम्पू स्टैंड निर्धारित करने तथा ऑटो स्टॉपेज पर लाइनिंग और सूचना बोर्ड लगाने की मांग की है। परिवहन विभाग द्वारा ऑटो चालकों के लिए वर्ष में 3 विशेष शिविर आयोजित करने और लाइसेंस नियमों में राहत देने की भी बात कही गई है। इसके अलावा, पुर और रीको स्टैंड पर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2-2 ट्रैफिक कर्मियों की स्थायी तैनाती करने तथा ऑटो स्टैंड पर दिन और रात की निर्धारित किराया सूची प्रदर्शित करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने उपनगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध वाहनों के खिलाफ स्थायी अभियान चलाने, पुलिसकर्मियों को ऑटो चालकों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने के निर्देश देने, और शहर के 29 रूटों का फिर से सर्वे कर रूट परमिट जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही, उपनगरीय एवं ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों के लिए भी ऑटो रूट परमिट उपलब्ध कराने और जिला यातायात समिति में ऑटो यूनियन के 2 प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग भी की गई है। यूनियन का कहना है कि इन सभी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई होने से चालकों के साथ-साथ आम जनता को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।1
- भीलवाड़ा में भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध भीलवाड़ा जिला टेंपो यूनियन द्वारा प्रभाष चौधरी के नेतृत्व में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर 20 जुलाई को एक विशाल वाहन रैली निकाली गई। राजेश पारीक के अनुसार, यह रैली श्रम विभाग मैदान से रवाना होकर मुख्य मार्गों से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां टेंपो चालकों ने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को अपना मांग पत्र सौंपा। यह रैली श्रम विभाग से शुरू होकर पांसल चौराहे, गंगापुर चौराहा, रेलवे फाटक, साबुन मार्ग, नगर निगम कार्यालय, कोतवाली रोड, रेलवे स्टेशन और सेशन कोर्ट होते हुए कलेक्ट्रेट पर जाकर संपन्न हुई। कलेक्ट्रेट पर रैली के बाद प्रदेश विधिक सलाहकार प्रभाष चौधरी और जिला मंत्री हरीश सुवालका ने उपस्थित चालकों को संबोधित किया। टेंपो यूनियन की 10 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से निर्धारित टैक्सी स्टैंड पर किराया सूची लगाना, टेंपो के लिए निर्धारित स्टैंड तय करना, परिवहन विभाग की बैठकों में यूनियन के दो सदस्यों को शामिल करना, टेंपो के मार्ग तय करना, रीको एवं पुर टेंपो स्टैंड पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात करना, ट्रैफिक पुलिस द्वारा अनावश्यक रूप से बनाए जा रहे चालान रोकना और विभिन्न मार्गों पर अवैध रूप से चल रहे वाहनों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। संघ ने प्रशासन से इन सभी मांगों पर जल्द से जल्द विचार कर समाधान करने का आग्रह किया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समय पर समाधान नहीं किया गया, तो संघ की बैठक आयोजित कर आगे उग्र आंदोलन करने पर विचार किया जाएगा। इस प्रदर्शन और रैली के दौरान रामलाल गुर्जर, इस्माइल, नारायण लाल और कैलाश सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।1
- चित्तौड़गढ़ के बेगू में हल्की-हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया है। इस साल अब तक यहां पर इतनी बारिश नहीं हुई थी, जिसके बाद अब जाकर यह बदलाव देखने को मिल रहा है।1
- चित्तौड़गढ़ के घोसुंडा की निवासी सोहनी बाई वैष्णव पिछले 12 दिनों से अन्न और जल का पूरी तरह त्याग कर गीता श्रवण में लीन हैं। उन्होंने अपना भोजन और पानी छोड़ रखा है और वह निरंतर केवल गीता सुनने में ही मग्न हैं।1
- राजस्थान में अफीम उत्पादक किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर भारतीय किसान संघ की चित्तौड़ प्रांत इकाई ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के जरिए किसानों ने डोडाचूरा की सरकारी खरीद, उचित मुआवजा, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 में संशोधन और अफीम का लाभकारी मूल्य निर्धारित करने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। किसान संघ का कहना है कि डोडाचूरा वर्तमान में किसानों के लिए भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है। ऐसे में सरकार को या तो स्वयं उचित मूल्य पर इसकी खरीद करनी चाहिए या फिर किसानों को इसके बदले उचित मुआवजा देना चाहिए। इसके अलावा, एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के दुरुपयोग को रोकने के लिए किसानों से स्वघोषणा पत्र लेकर उन्हें स्वयं ही डोडाचूरा नष्ट करने की अनुमति दी जानी चाहिए। संघ ने अफीम का समर्थन मूल्य भी लागत के अनुरूप न होने की बात कही है और प्रति हेक्टेयर औसत उत्पादन के आधार पर इसे बढ़ाकर लाभकारी मूल्य देने तथा मनरेगा की तर्ज पर अफीम क्षेत्र में मजदूर किसानों के कार्य दिवस बढ़ाने की मांग की है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि डोडाचूरा में मॉर्फिन की मात्रा बेहद कम होती है, जबकि बाजार में मौजूद कई दवाओं में इससे कहीं अधिक मॉर्फिन पाई जाती है। इसके बावजूद किसानों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है। इसलिए, डोडाचूरा को नारकोटिक्स एक्ट के कठोर प्रावधानों से मुक्त कर सामान्य कृषि अपशिष्ट की श्रेणी में रखा जाना चाहिए ताकि इसका सुरक्षित निस्तारण किया जा सके। भारतीय किसान संघ ने सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की पुरजोर मांग की है।3
- नई दिल्ली में सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले जा रहे प्रदर्शन के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है। प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जबकि पुलिस का कहना है कि इस संसद मार्च की अनुमति नहीं दी गई थी। फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात की गई है। इस पूरे हंगामे के बीच, पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने के लिए सरकार के सामने तीन प्रमुख शर्तें रख दी हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने, अपने प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने की अनुमति देने और सांसदों द्वारा इस विषय को संसद में उठाने का आश्वासन देने की मांग की है।1