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लखनऊ के माल थानाक्षेत्र में एक दबंग के हौसले इतने बुलंद दिखे कि उसने डायल 112 पुलिस के सामने ही एक पीड़ित पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित का सिर फट गया और उसे गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद 112 पुलिस मूकदर्शक बनी रही और हमलावर दबंग अपने एक साथी के साथ मिलकर मारपीट करता रहा। हमले के दौरान दबंग ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और मां-बहन-बेटी को संबोधित कर गंदी-गंदी गालियां दीं। उसने पीड़ित की बेटी का मोबाइल भी छीनकर उसे पीटा, जिससे बेटी को अंदरूनी चोटें आईं। यह घटना तब हुई जब दबंग न्यायालय तहसील में विचाराधीन सरकारी बटवारे वाली भूमि पर जबरन बोलबेल लगवाने पहुंचा था और पीड़ित इस पर आपत्ति करने गया था। अचरज की बात यह है कि हमला होता देख भी 112 पुलिस टीम मूकदर्शक बनी रही, फिर थाने पहुंचने की बात कहकर वहां से भाग गई। बाद में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने हल्की धाराओं में मुकदमा लिखकर मामले को रफा-दफा कर दिया। इस लचर कानूनी कार्रवाई के चलते दबंग के हौसले और बुलंद हो गए हैं। बताया गया है कि इस दबंग पर माल थाने में पहले से ही नाबालिग की जमीन हड़पने और भाई का हिस्सा हड़पने सहित कई गंभीर मुकदमें दर्ज हैं। बावजूद इसके, माल का पुलिस प्रशासन इस आरोपी पर मेहरबान बना हुआ है।

2 hrs ago
user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
2 hrs ago

लखनऊ के माल थानाक्षेत्र में एक दबंग के हौसले इतने बुलंद दिखे कि उसने डायल 112 पुलिस के सामने ही एक पीड़ित पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पीड़ित का सिर फट गया और उसे गंभीर चोटें आईं। मौके पर मौजूद 112 पुलिस मूकदर्शक बनी रही और हमलावर दबंग अपने एक साथी के साथ मिलकर मारपीट करता रहा। हमले के दौरान दबंग ने पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और मां-बहन-बेटी को संबोधित कर गंदी-गंदी गालियां दीं। उसने पीड़ित की बेटी का मोबाइल भी छीनकर उसे पीटा, जिससे बेटी को अंदरूनी चोटें आईं। यह घटना तब हुई जब दबंग न्यायालय तहसील में विचाराधीन सरकारी बटवारे वाली भूमि पर जबरन बोलबेल लगवाने पहुंचा था और पीड़ित इस पर आपत्ति करने गया था। अचरज की बात यह है कि हमला होता देख भी 112 पुलिस टीम मूकदर्शक बनी रही, फिर थाने पहुंचने की बात कहकर वहां से भाग गई। बाद में पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने हल्की धाराओं में मुकदमा लिखकर मामले को रफा-दफा कर दिया। इस लचर कानूनी कार्रवाई के चलते दबंग के हौसले और बुलंद हो गए हैं। बताया गया है कि इस दबंग पर माल थाने में पहले से ही नाबालिग की जमीन हड़पने और भाई का हिस्सा हड़पने सहित कई गंभीर मुकदमें दर्ज हैं। बावजूद इसके, माल का पुलिस प्रशासन इस आरोपी पर मेहरबान बना हुआ है।

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  • बख्शी का तालाब तहसील में पिछले पांच दिनों से जारी किसान आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर अभद्रता, उत्पीड़न और आंदोलन को जबरन कुचलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया, हालांकि भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। भाकियू श्रमिक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि 15 जून से चल रहे इस शांतिपूर्ण धरने को खत्म करने के लिए प्रशासन ने पहले धरनास्थल की बिजली और पानी बंद करवा दी। जब किसान पीछे नहीं हटे, तो शनिवार को अधिकारियों की मौजूदगी में धरनास्थल से तंबू और बैनर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिसके दौरान किसानों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यादव ने तहसील में भूमि विवाद, नामांतरण, रजिस्ट्री और खनन से जुड़े मामलों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों को प्रताड़ित करने और समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और महिला किसानों को भी जबरन हटाने का प्रयास किया गया, जबकि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। संगठन के एक सेवानिवृत्त सैनिक पदाधिकारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया। enraged किसानों ने तहसील रोड जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस फोर्स और बीकेटी सहायक पुलिस आयुक्त विकास पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अभद्रता के आरोपित अधिकारियों के निलंबन की मांग पर अड़े रहे और एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक लिया। घंटों तक चली वार्ता और मान-मनौव्वल के बाद, सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा शिकायतों की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर किसानों ने 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और अपना प्रदर्शन समाप्त किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक, तहसील प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।
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    बख्शी का तालाब तहसील में पिछले पांच दिनों से जारी किसान आंदोलन शनिवार को अचानक उग्र हो गया। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे किसानों ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार पर अभद्रता, उत्पीड़न और आंदोलन को जबरन कुचलने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर दिया, हालांकि भारी पुलिस बल ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया।

भाकियू श्रमिक जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि 15 जून से चल रहे इस शांतिपूर्ण धरने को खत्म करने के लिए प्रशासन ने पहले धरनास्थल की बिजली और पानी बंद करवा दी। जब किसान पीछे नहीं हटे, तो शनिवार को अधिकारियों की मौजूदगी में धरनास्थल से तंबू और बैनर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिसके दौरान किसानों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यादव ने तहसील में भूमि विवाद, नामांतरण, रजिस्ट्री और खनन से जुड़े मामलों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले किसानों को प्रताड़ित करने और समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कई किसान नेताओं के साथ धक्का-मुक्की की गई और महिला किसानों को भी जबरन हटाने का प्रयास किया गया, जबकि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। संगठन के एक सेवानिवृत्त सैनिक पदाधिकारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे आंदोलनकारियों में भारी आक्रोश फैल गया। enraged किसानों ने तहसील रोड जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। मामले की जानकारी मिलने पर कई थानों की पुलिस फोर्स और बीकेटी सहायक पुलिस आयुक्त विकास पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अभद्रता के आरोपित अधिकारियों के निलंबन की मांग पर अड़े रहे और एक बार फिर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक लिया।

घंटों तक चली वार्ता और मान-मनौव्वल के बाद, सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा शिकायतों की जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर किसानों ने 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और अपना प्रदर्शन समाप्त किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक, तहसील प्रशासन की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।
    user_Vishal singh
    Vishal singh
    Local News Reporter बख्शी का तालाब, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • लखनऊ में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों के विरोध में एक अनोखा प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और केसरबाग से हजरतगंज चौराहे की ओर चंदा मांगते हुए मार्च निकाला। इस मार्च के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिसके बाद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
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    लखनऊ में आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों के विरोध में एक अनोखा प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और केसरबाग से हजरतगंज चौराहे की ओर चंदा मांगते हुए मार्च निकाला। इस मार्च के दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया, जिसके बाद सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
    user_MUSTAQEEM MALIK
    MUSTAQEEM MALIK
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक धरोहर छोटे इमामबाड़े के पास एक बड़ा खेल सामने आने का दावा किया जा रहा है। एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ऐतिहासिक गेट के भीतर दुकानों के निर्माण और संचालन की तैयारियां ज़ोरों पर हैं, जहाँ कई स्थानों पर शटर भी लगाए जा चुके हैं। इस गतिविधि ने स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि नवाबी विरासत और ऐतिहासिक महत्व के लिए पहचाने जाने वाले इस गेट के भीतर अब व्यावसायिक गतिविधियों के लिए दुकानें खोले जाने की तैयारी हो रही है। इस पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस ऐतिहासिक संरचना के भीतर दुकानें खोलने की अनुमति किसने दी? पूरे मामले में हुसैनाबाद ट्रस्ट की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि ऐतिहासिक धरोहरों के भीतर इस तरह के व्यावसायिक निर्माण और कब्ज़े की इजाज़त दी जाती है, तो आने वाले समय में शहर की विरासत खतरे में पड़ सकती है। इतिहास प्रेमियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने इस पूरे मामले की तत्काल जांच कराए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि एक ओर करोड़ों रुपये खर्च कर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं धरोहरों के भीतर दुकानें खोलने की तैयारी करना समझ से परे है। इससे यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या ऐतिहासिक गेट पर कब्ज़े का खेल चल रहा है? क्या संबंधित विभाग और हुसैनाबाद ट्रस्ट ने इसके लिए अनुमति दी है, या फिर नवाबी विरासत को चुपचाप व्यापारिक रूप दिया जा रहा है?
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    लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक धरोहर छोटे इमामबाड़े के पास एक बड़ा खेल सामने आने का दावा किया जा रहा है। एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ऐतिहासिक गेट के भीतर दुकानों के निर्माण और संचालन की तैयारियां ज़ोरों पर हैं, जहाँ कई स्थानों पर शटर भी लगाए जा चुके हैं। इस गतिविधि ने स्थानीय लोगों और इतिहास प्रेमियों में गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।

बताया जा रहा है कि नवाबी विरासत और ऐतिहासिक महत्व के लिए पहचाने जाने वाले इस गेट के भीतर अब व्यावसायिक गतिविधियों के लिए दुकानें खोले जाने की तैयारी हो रही है। इस पर सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इस ऐतिहासिक संरचना के भीतर दुकानें खोलने की अनुमति किसने दी? पूरे मामले में हुसैनाबाद ट्रस्ट की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि ऐतिहासिक धरोहरों के भीतर इस तरह के व्यावसायिक निर्माण और कब्ज़े की इजाज़त दी जाती है, तो आने वाले समय में शहर की विरासत खतरे में पड़ सकती है।

इतिहास प्रेमियों और क्षेत्रीय नागरिकों ने इस पूरे मामले की तत्काल जांच कराए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि एक ओर करोड़ों रुपये खर्च कर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर उन्हीं धरोहरों के भीतर दुकानें खोलने की तैयारी करना समझ से परे है। इससे यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या ऐतिहासिक गेट पर कब्ज़े का खेल चल रहा है? क्या संबंधित विभाग और हुसैनाबाद ट्रस्ट ने इसके लिए अनुमति दी है, या फिर नवाबी विरासत को चुपचाप व्यापारिक रूप दिया जा रहा है?
    user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    1 hr ago
  • लखनऊ के माल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतौना चौराहे पर एक घर के पास रखे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में एक मोटरसाइकिल पूरी तरह से जलकर क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।
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    लखनऊ के माल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पतौना चौराहे पर एक घर के पास रखे ट्रांसफार्मर में अचानक आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में एक मोटरसाइकिल पूरी तरह से जलकर क्षतिग्रस्त हो गई है। घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है। सूत्रों के अनुसार, आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।
    user_आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    आदर्श मीडिया एसोसिएशन (रजि.)
    Voice of people Bakshi Ka Talab, Lucknow•
    1 hr ago
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