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फतेहाबाद (आगरा) में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर विश्वनाथ मैरिज होम के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार मैक्स पिकअप अनियंत्रित होकर पहले सब्जी से भरी एक टिर्री (हाथ ठेला/लोडिंग वाहन) से टकराई और फिर बिजली के पोल से जा भिड़ी। इस दुर्घटना में करीब 12 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैक्स पिकअप लहराते हुए आ रही थी। सामने से आ रहे टिर्री चालक ने वाहन को अनियंत्रित देख समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। बताया गया है कि मैक्स में सवार सभी लोग फतेहाबाद क्षेत्र के नहरे का पूरा गांव के एक ही परिवार के सदस्य थे, जो फिरोजाबाद में अपनी बहन के यहां शादी में भात पहनाकर वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। इस दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस जांच के बाद ही घायलों की संख्या और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट हो सकेगी।

15 hrs ago
user_Virendra Verma
Virendra Verma
फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

फतेहाबाद (आगरा) में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर विश्वनाथ मैरिज होम के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार मैक्स पिकअप अनियंत्रित होकर पहले सब्जी से भरी एक टिर्री (हाथ ठेला/लोडिंग वाहन) से टकराई और फिर बिजली के पोल से जा भिड़ी। इस दुर्घटना में करीब 12 लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मैक्स पिकअप लहराते हुए आ रही थी। सामने से आ रहे टिर्री चालक ने वाहन को अनियंत्रित देख समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। बताया गया है कि मैक्स में सवार सभी लोग फतेहाबाद क्षेत्र के

नहरे का पूरा गांव के एक ही परिवार के सदस्य थे, जो फिरोजाबाद में अपनी बहन के यहां शादी में भात पहनाकर वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। इस दुर्घटना के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस जांच के बाद ही घायलों की संख्या और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट हो सकेगी।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने रात के समय अपनी पत्नी की हत्या कर दी। मृतक की पहचान जैन भट्टा के पीछे प्रतापपुर रोड निवासी जगमोहन उर्फ रामनरेश की पत्नी के रूप में हुई है, जबकि जगमोहन उर्फ रामनरेश पर ही अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी जगमोहन उर्फ रामनरेश को घटना के 24 घंटे से भी कम समय में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। इस संबंध में ग्रामीण ASP अनूप चौधरी ने भी बयान जारी किया है।
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    उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने रात के समय अपनी पत्नी की हत्या कर दी। मृतक की पहचान जैन भट्टा के पीछे प्रतापपुर रोड निवासी जगमोहन उर्फ रामनरेश की पत्नी के रूप में हुई है, जबकि जगमोहन उर्फ रामनरेश पर ही अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है।

पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी जगमोहन उर्फ रामनरेश को घटना के 24 घंटे से भी कम समय में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। इस संबंध में ग्रामीण ASP अनूप चौधरी ने भी बयान जारी किया है।
    user_देवेंद्र सिंह पत्रकार
    देवेंद्र सिंह पत्रकार
    Local News Reporter फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • चुनावी धांधली और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से सत्ता हासिल करने वाली इंदिरा गांधी के खिलाफ जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सरकार को बर्खास्त करने और उन्हें 6 वर्ष तक चुनाव लड़ने से रोकने का आदेश दिया, तो अपनी सत्ता बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या कर दी। उन्होंने 1975 में इमरजेंसी लागू की, जिसके तहत इंदिरा गांधी के विरोध में बोलने वाले नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें यातनाएं दी गईं। इस पूरे इतिहास को अब बच्चों को पढ़ाए जाने का निर्णय स्वागत योग्य है।
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    चुनावी धांधली और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग से सत्ता हासिल करने वाली इंदिरा गांधी के खिलाफ जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी सरकार को बर्खास्त करने और उन्हें 6 वर्ष तक चुनाव लड़ने से रोकने का आदेश दिया, तो अपनी सत्ता बचाने के लिए इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या कर दी। उन्होंने 1975 में इमरजेंसी लागू की, जिसके तहत इंदिरा गांधी के विरोध में बोलने वाले नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें यातनाएं दी गईं।

इस पूरे इतिहास को अब बच्चों को पढ़ाए जाने का निर्णय स्वागत योग्य है।
    user_Pt. Shrikant upadhyay
    Pt. Shrikant upadhyay
    शोषित व पीड़ितों की आवाज उठाना, समाज सेवक फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • शिकोहाबाद में पुलिस प्रशासन की निगरानी के बीच ताजिए सफलतापूर्वक स्थापित किए गए।
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    शिकोहाबाद में पुलिस प्रशासन की निगरानी के बीच ताजिए सफलतापूर्वक स्थापित किए गए।
    user_Sabuddin Abbas
    Sabuddin Abbas
    फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मुहर्रम के अवसर पर समाजवादी पार्टी (SP) के नेता जफर आलम ने एक सेवा कैंप का आयोजन किया। इस कैंप के माध्यम से, उन्होंने ताजियादारों की खिदमत की, जिससे उनकी सेवा ने लोगों का दिल जीत लिया।
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    मुहर्रम के अवसर पर समाजवादी पार्टी (SP) के नेता जफर आलम ने एक सेवा कैंप का आयोजन किया। इस कैंप के माध्यम से, उन्होंने ताजियादारों की खिदमत की, जिससे उनकी सेवा ने लोगों का दिल जीत लिया।
    user_AWAZ TV UTTAR PRADESH
    AWAZ TV UTTAR PRADESH
    फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मॉं कामाख्या अंबुवाची महोत्सव जसराना आज अपने अंतिम दिवस पर है। इस विशेष अवसर पर, सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन किया गया है।
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    मॉं कामाख्या अंबुवाची महोत्सव जसराना आज अपने अंतिम दिवस पर है। इस विशेष अवसर पर, सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन किया गया है।
    user_विकास यादव मीडिया
    विकास यादव मीडिया
    Lawyer फिरोजाबाद, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • आज 27 जून, शनिवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा जा रहे एक परिवार ने खुद को असुरक्षित बताते हुए मदद की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में परिवार की एक महिला ने दावा किया है कि लगभग 15 संदिग्ध व्यक्ति एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठे हैं, जिनके हाथों में अवैध हथियार हैं। महिला के अनुसार, ये लोग गाड़ी को बेतरतीब ढंग से चला रहे थे और बार-बार उनकी गाड़ी के आगे ब्रेक मार रहे थे। परिवार ने आरोप लगाया है कि राजमार्ग पर तत्काल कोई पुलिस गश्त दिखाई नहीं दी, जिसके चलते उन्होंने वीडियो बनाकर सहायता के लिए अपील की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और संबंधित पुलिस अधिकारियों से इस घटना का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। यह जानकारी AIN नेटवर्क की रिपोर्ट से सामने आई है।
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    आज 27 जून, शनिवार को यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा से नोएडा जा रहे एक परिवार ने खुद को असुरक्षित बताते हुए मदद की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में परिवार की एक महिला ने दावा किया है कि लगभग 15 संदिग्ध व्यक्ति एक स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठे हैं, जिनके हाथों में अवैध हथियार हैं। महिला के अनुसार, ये लोग गाड़ी को बेतरतीब ढंग से चला रहे थे और बार-बार उनकी गाड़ी के आगे ब्रेक मार रहे थे।

परिवार ने आरोप लगाया है कि राजमार्ग पर तत्काल कोई पुलिस गश्त दिखाई नहीं दी, जिसके चलते उन्होंने वीडियो बनाकर सहायता के लिए अपील की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और संबंधित पुलिस अधिकारियों से इस घटना का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। यह जानकारी AIN नेटवर्क की रिपोर्ट से सामने आई है।
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    37 min ago
  • जोधपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' महारैली को संबोधित किया। यह आयोजन NEET पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता पर केंद्रित था, जिसमें हजारों छात्र शामिल हुए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं थी, बल्कि छात्रों की पीड़ा सुनने और उनकी आवाज बनने का एक मंच था, जिसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में क्रांति लाना है। उन्होंने बताया कि देश इस समय गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट का सामना कर रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है। प्रश्नपत्र लीक होने की लगातार घटनाएँ, परीक्षाओं का अचानक रद्द होना, छात्रों को बार-बार परीक्षा देने पर मजबूर करना, भर्ती प्रक्रियाओं में भारी देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का सीधा परिणाम हैं। राहुल गांधी ने NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की विफलताओं पर चिंता व्यक्त की, जिससे छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा का माहौल बन रहा है, और दुखद रूप से छात्र आत्महत्याओं की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह से मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था एक "लूट की मशीन" बन गई है, जहाँ देशभर के परिवार प्रति वर्ष 3.5 लाख करोड़ रुपये सिर्फ पाँच बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE) पर खर्च करते हैं, जो केंद्र सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है। कोचिंग उद्योग फलता-फूलता है, लेकिन छात्रों के सपने टूट रहे हैं; NEET में 22 लाख छात्रों के साथ धोखा हुआ है, जो बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने का परिणाम है, यह एक "सिस्टमिक नाकाम" है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार इस पर चुप है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कोई जवाबदेही नहीं ली जा रही है, जबकि माता-पिता घर बेचकर और कर्ज लेकर अपने बच्चों को कोटा भेजते हैं। राहुल गांधी ने आकांक्षा नामक एक छात्रा के आत्महत्या का मार्मिक उदाहरण दिया, जिसने पेपर लीक और सिस्टम की वजह से अपनी जान दी, और उन्होंने जोर देकर कहा कि सालों की मेहनत कुर्बान करने वाले छात्रों का सपना एक पेपर लीक से खत्म नहीं होना चाहिए। राहुल गांधी ने वर्तमान व्यवस्था को "रिजेक्शन सिस्टम" करार देते हुए "सिलेक्शन सिस्टम" की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था छात्रों को केवल 'रिजेक्शन' और 'फ्रस्ट्रेशन' दे रही है, जहाँ 3000 में से केवल 1 IAS या 30 IIT जैसे बहुत कम सफलता दर हैं, और युवाओं के पास रोजगार व करियर के सिर्फ 5-6 ही विकल्प हैं। कोटा में छात्रों पर अत्यधिक दबाव, महंगे कोचिंग और लोन के कारण होने वाली आत्महत्याओं को सिस्टम की नाकामी बताया गया, न कि छात्रों की। सरकार को एक ऐसी व्यवस्था देनी चाहिए जो शिक्षा, करियर सपोर्ट और रोजगार के माध्यम से छात्रों को सक्षम बनाए। इसी उद्देश्य के साथ, 'छात्रों की गूंज' अभियान कोटा से पूरे देश में छात्र आंदोलन की शुरुआत कर रहा है, जिसके तहत छात्र ऑनलाइन पिटिशन के जरिए अपनी कहानियाँ और सुझाव साझा कर सकते हैं, ताकि लाखों छात्रों की आवाज को एक "गूंज" बनाया जा सके जिसे अनसुना न किया जा सके। इसे शिक्षा को निष्पक्ष, सस्ता और सुगम बनाने की क्रांति बताया गया है। इस अभियान के माध्यम से सरकार से सीधी माँगें रखी गई हैं, जिनमें पेपर लीक रैकेट पर सख्त कार्रवाई, NTA में सुधार, शिक्षा मंत्री की जवाबदेही, परीक्षाओं में पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और युवाओं के लिए निष्पक्ष अवसर शामिल हैं, क्योंकि युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार की है। राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल का भी जिक्र किया, जिन्होंने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 'एकल खिड़की' के तहत एक बार रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया था, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे बंद कर दिया, जिसे बेरोजगार युवाओं के साथ "कुठाराघात" बताया गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अशोक गहलोत ने पेपर लीक करने वालों की संपत्ति जब्त करने और आजीवन कारावास का प्रावधान वाला एक कानून बनाया था, जिसे वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिया। रैली में प्रधानमंत्री द्वारा प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे को भी याद दिलाया गया, यह कहते हुए कि यदि वह क्रियान्वित हो जाता तो देश की दशा व दिशा दोनों ही बदल जाती।
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    जोधपुर से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 17 जून 2026 को कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' महारैली को संबोधित किया। यह आयोजन NEET पेपर लीक और देश की शिक्षा व्यवस्था की विफलता पर केंद्रित था, जिसमें हजारों छात्र शामिल हुए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक रैली नहीं थी, बल्कि छात्रों की पीड़ा सुनने और उनकी आवाज बनने का एक मंच था, जिसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में क्रांति लाना है।

उन्होंने बताया कि देश इस समय गंभीर शिक्षा और रोजगार संकट का सामना कर रहा है, जहाँ भ्रष्टाचार और अक्षमता ने शिक्षा व्यवस्था के हर स्तर को जकड़ लिया है। प्रश्नपत्र लीक होने की लगातार घटनाएँ, परीक्षाओं का अचानक रद्द होना, छात्रों को बार-बार परीक्षा देने पर मजबूर करना, भर्ती प्रक्रियाओं में भारी देरी और बढ़ती बेरोजगारी सरकार की घोर अक्षमता का सीधा परिणाम हैं। राहुल गांधी ने NEET, CBSE, PSCs और NTA जैसी संस्थाओं की विफलताओं पर चिंता व्यक्त की, जिससे छात्रों में निराशा, तनाव और असुरक्षा का माहौल बन रहा है, और दुखद रूप से छात्र आत्महत्याओं की घटनाएँ भी सामने आ रही हैं। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार इस अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे पर पूरी तरह से मौन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था एक "लूट की मशीन" बन गई है, जहाँ देशभर के परिवार प्रति वर्ष 3.5 लाख करोड़ रुपये सिर्फ पाँच बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे NEET, JEE) पर खर्च करते हैं, जो केंद्र सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है। कोचिंग उद्योग फलता-फूलता है, लेकिन छात्रों के सपने टूट रहे हैं; NEET में 22 लाख छात्रों के साथ धोखा हुआ है, जो बार-बार पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने का परिणाम है, यह एक "सिस्टमिक नाकाम" है। उन्होंने यह भी बताया कि मोदी सरकार इस पर चुप है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कोई जवाबदेही नहीं ली जा रही है, जबकि माता-पिता घर बेचकर और कर्ज लेकर अपने बच्चों को कोटा भेजते हैं। राहुल गांधी ने आकांक्षा नामक एक छात्रा के आत्महत्या का मार्मिक उदाहरण दिया, जिसने पेपर लीक और सिस्टम की वजह से अपनी जान दी, और उन्होंने जोर देकर कहा कि सालों की मेहनत कुर्बान करने वाले छात्रों का सपना एक पेपर लीक से खत्म नहीं होना चाहिए।

राहुल गांधी ने वर्तमान व्यवस्था को "रिजेक्शन सिस्टम" करार देते हुए "सिलेक्शन सिस्टम" की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था छात्रों को केवल 'रिजेक्शन' और 'फ्रस्ट्रेशन' दे रही है, जहाँ 3000 में से केवल 1 IAS या 30 IIT जैसे बहुत कम सफलता दर हैं, और युवाओं के पास रोजगार व करियर के सिर्फ 5-6 ही विकल्प हैं। कोटा में छात्रों पर अत्यधिक दबाव, महंगे कोचिंग और लोन के कारण होने वाली आत्महत्याओं को सिस्टम की नाकामी बताया गया, न कि छात्रों की। सरकार को एक ऐसी व्यवस्था देनी चाहिए जो शिक्षा, करियर सपोर्ट और रोजगार के माध्यम से छात्रों को सक्षम बनाए। इसी उद्देश्य के साथ, 'छात्रों की गूंज' अभियान कोटा से पूरे देश में छात्र आंदोलन की शुरुआत कर रहा है, जिसके तहत छात्र ऑनलाइन पिटिशन के जरिए अपनी कहानियाँ और सुझाव साझा कर सकते हैं, ताकि लाखों छात्रों की आवाज को एक "गूंज" बनाया जा सके जिसे अनसुना न किया जा सके। इसे शिक्षा को निष्पक्ष, सस्ता और सुगम बनाने की क्रांति बताया गया है।

इस अभियान के माध्यम से सरकार से सीधी माँगें रखी गई हैं, जिनमें पेपर लीक रैकेट पर सख्त कार्रवाई, NTA में सुधार, शिक्षा मंत्री की जवाबदेही, परीक्षाओं में पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और युवाओं के लिए निष्पक्ष अवसर शामिल हैं, क्योंकि युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी सरकार की है। राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पहल का भी जिक्र किया, जिन्होंने सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए 'एकल खिड़की' के तहत एक बार रजिस्ट्रेशन का प्रावधान किया था, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे बंद कर दिया, जिसे बेरोजगार युवाओं के साथ "कुठाराघात" बताया गया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अशोक गहलोत ने पेपर लीक करने वालों की संपत्ति जब्त करने और आजीवन कारावास का प्रावधान वाला एक कानून बनाया था, जिसे वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिया। रैली में प्रधानमंत्री द्वारा प्रति वर्ष 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वादे को भी याद दिलाया गया, यह कहते हुए कि यदि वह क्रियान्वित हो जाता तो देश की दशा व दिशा दोनों ही बदल जाती।
    user_रबेन्द्र सिंह परमार संपादक
    रबेन्द्र सिंह परमार संपादक
    एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • आगरा में नुनिहाई-प्रकाश नगर के बीच प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर नुनिहाई इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों ने कड़ा विरोध जताया है। खंडेलवाल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में हुई एक बैठक के दौरान उद्यमियों ने एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह से मुलाकात कर अपनी गंभीर चिंताएं रखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से 200 से अधिक फैक्टरियों का संचालन बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों की ढुलाई में भारी कठिनाइयां आएंगी। उद्यमियों ने आगाह किया कि इसका सीधा असर करीब 10 हजार मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा, जिस पर संकट खड़ा हो सकता है। फैक्टरी ओनर्स एसोसिएशन ने विधायक से प्रमुख मांग की है कि फ्लाईओवर का प्रस्तावित मार्ग इंडस्ट्रियल एरिया से हटाकर किसी वैकल्पिक रास्ते से निकाला जाए। इस पर, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि वे उनकी इन चिंताओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष गंभीरता से उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी के भी साथ अन्याय न हो। बैठक में मुख्य रूप से किशोर खन्ना, डॉ. बब्बू साहनी, राजीव खंडेलवाल, रजनीश खंडेलवाल, यशपाल चाहर, आदर्श चौहान सहित इंडस्ट्रियल एरिया के कई उद्यमी और फैक्टरी संचालक उपस्थित रहे।
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    आगरा में नुनिहाई-प्रकाश नगर के बीच प्रस्तावित फ्लाईओवर को लेकर नुनिहाई इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों ने कड़ा विरोध जताया है। खंडेलवाल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में हुई एक बैठक के दौरान उद्यमियों ने एत्मादपुर विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह से मुलाकात कर अपनी गंभीर चिंताएं रखीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से 200 से अधिक फैक्टरियों का संचालन बुरी तरह प्रभावित होगा, जिससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों की ढुलाई में भारी कठिनाइयां आएंगी। उद्यमियों ने आगाह किया कि इसका सीधा असर करीब 10 हजार मजदूरों की रोजी-रोटी पर पड़ेगा, जिस पर संकट खड़ा हो सकता है।

फैक्टरी ओनर्स एसोसिएशन ने विधायक से प्रमुख मांग की है कि फ्लाईओवर का प्रस्तावित मार्ग इंडस्ट्रियल एरिया से हटाकर किसी वैकल्पिक रास्ते से निकाला जाए। इस पर, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि वे उनकी इन चिंताओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष गंभीरता से उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी के भी साथ अन्याय न हो। बैठक में मुख्य रूप से किशोर खन्ना, डॉ. बब्बू साहनी, राजीव खंडेलवाल, रजनीश खंडेलवाल, यशपाल चाहर, आदर्श चौहान सहित इंडस्ट्रियल एरिया के कई उद्यमी और फैक्टरी संचालक उपस्थित रहे।
    user_BHARAT NEWS
    BHARAT NEWS
    Media company एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • फिरोजाबाद के सिरसागंज (नगला खंगर) के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक तेज रफ्तार डबल डेकर स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर में जा घुसी। यह दर्दनाक घटना गुरुवार/शुक्रवार की रात 26 जून, 2026 को करीब 2:00 बजे एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 63 पर हुई। यह क्षेत्र नगला खंगर थानांतर्गत सिरसागंज सर्किल में आता है। गोरखपुर से चंडीगढ़/लुधियाना जा रही डबल डेकर प्राइवेट स्लीपर बस की शुरुआती जाँच के अनुसार, चालक को रात के समय अचानक नींद की झपकी आ गई। इसके परिणामस्वरूप, अनियंत्रित बस आगे चल रहे भारी वाहन ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। मृतकों में बस का चालक, गुरी (निवासी पंजाब), और केबिन में बैठा एक अन्य व्यक्ति, दलजीत (निवासी रोपड़), शामिल हैं। हादसे में घायल अन्य यात्रियों को जिला अस्पताल शिकोहाबाद में भर्ती कराया गया है। AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 27 जून, 2026 को इस खबर को अपडेट किया गया है।
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    फिरोजाबाद के सिरसागंज (नगला खंगर) के पास आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ है, जहाँ एक तेज रफ्तार डबल डेकर स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर में जा घुसी। यह दर्दनाक घटना गुरुवार/शुक्रवार की रात 26 जून, 2026 को करीब 2:00 बजे एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 63 पर हुई। यह क्षेत्र नगला खंगर थानांतर्गत सिरसागंज सर्किल में आता है।

गोरखपुर से चंडीगढ़/लुधियाना जा रही डबल डेकर प्राइवेट स्लीपर बस की शुरुआती जाँच के अनुसार, चालक को रात के समय अचानक नींद की झपकी आ गई। इसके परिणामस्वरूप, अनियंत्रित बस आगे चल रहे भारी वाहन ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई है। मृतकों में बस का चालक, गुरी (निवासी पंजाब), और केबिन में बैठा एक अन्य व्यक्ति, दलजीत (निवासी रोपड़), शामिल हैं।

हादसे में घायल अन्य यात्रियों को जिला अस्पताल शिकोहाबाद में भर्ती कराया गया है। AIN नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 27 जून, 2026 को इस खबर को अपडेट किया गया है।
    user_Anuj Rawat Editor In Chief
    Anuj Rawat Editor In Chief
    टूंडला, फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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