प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के काछी पट्टी में न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद बैनामे की भूमि पर लगे महुआ के हरे पेड़ काटने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने कई लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। काछी पट्टी निवासी पीर मोहम्मद, पुत्र रफीक अहमद ने मानिकपुर थाने में दी गई तहरीर में बताया कि वह ग्राम काछी पट्टी स्थित गाटा संख्या 27 व 28 में बैनामे के आधार पर सह-खातेदार हैं। इस भूमि का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और उपजिलाधिकारी कुंडा की अदालत से स्थगन आदेश भी पारित है। इसके बावजूद सोमवार सुबह विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से न्यायालय के आदेश की अनदेखी करते हुए भूमि पर लगे महुआ के हरे-भरे पेड़ों को मशीन से कटवाना शुरू कर दिया। पीर मोहम्मद का आरोप है कि जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर पेड़ काटने का विरोध किया, तो नुरुल हक (पुत्र बुरहानुल हक), उसके पुत्र नोमानुल व अताउल और दो अन्य लोगों ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। आरोपितों ने वीडियो बनाने से मना किया और जान से मारने की धमकी दी। नुरुल हक ने अपने बेटों को पीर मोहम्मद को मारने के लिए भी ललकारा, जिससे वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकले। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया है, जिसे वह साक्ष्य के रूप में पुलिस को देने के लिए तैयार हैं। पेड़ काटने के बाद आरोपित लकड़ियां भी अपने साथ ले गए। पीड़ित ने पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, थाना प्रभारी मानिकपुर ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है और शिकायत व साक्ष्यों के आधार पर जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र के काछी पट्टी में न्यायालय के स्थगन आदेश के बावजूद बैनामे की भूमि पर लगे महुआ के हरे पेड़ काटने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने कई लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। काछी पट्टी निवासी पीर मोहम्मद, पुत्र रफीक अहमद ने मानिकपुर थाने में दी गई तहरीर में बताया कि वह ग्राम काछी पट्टी स्थित गाटा संख्या 27 व 28 में बैनामे के आधार पर सह-खातेदार हैं। इस भूमि का
विवाद न्यायालय में विचाराधीन है और उपजिलाधिकारी कुंडा की अदालत से स्थगन आदेश भी पारित है। इसके बावजूद सोमवार सुबह विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से न्यायालय के आदेश की अनदेखी करते हुए भूमि पर लगे महुआ के हरे-भरे पेड़ों को मशीन से कटवाना शुरू कर दिया। पीर मोहम्मद का आरोप है कि जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर पेड़ काटने का विरोध किया, तो नुरुल हक (पुत्र बुरहानुल हक), उसके पुत्र नोमानुल व अताउल और दो अन्य लोगों ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। आरोपितों ने वीडियो बनाने से मना किया और जान से मारने की धमकी
दी। नुरुल हक ने अपने बेटों को पीर मोहम्मद को मारने के लिए भी ललकारा, जिससे वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकले। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड किया है, जिसे वह साक्ष्य के रूप में पुलिस को देने के लिए तैयार हैं। पेड़ काटने के बाद आरोपित लकड़ियां भी अपने साथ ले गए। पीड़ित ने पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, थाना प्रभारी मानिकपुर ने बताया कि तहरीर मिल चुकी है और शिकायत व साक्ष्यों के आधार पर जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि किन्नर समुदाय का एक समूह दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचा है। वीडियो में लोगों को प्रदर्शन स्थल पर मौजूद देखा जा सकता है। हालांकि, इस वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब का है या उसमें दिखाई दे रहे लोग किस उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय स्रोतों से पुष्टि करना आवश्यक है।1
- दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे और दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कुछ विपक्षी नेताओं को कुछ देर पहले ही पुलिस स्टेशन लाया गया है। इसी थाने में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को भी पुलिस हिरासत में रखा गया है। इस बीच, कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी भी मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंची हैं।1
- कौशांबी के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए कुबरी घाट और कालेश्वर घाट का दौरा किया। इस भ्रमण के दौरान उन्होंने आम जनता की सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सिराथू प्रमेश श्रीवास्तव और दारानगर के अधिशासी अधिकारी को घाटों पर जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग और जेटी की व्यवस्था तुरंत कराने के लिए निर्देशित किया। नावों के संचालन को लेकर उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए और सभी के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य किया जाए। बिना लाइफ जैकेट के किसी भी व्यक्ति को नाव यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही, घाटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता बनाए रखने और संवेदनशील जगहों पर लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए उप जिलाधिकारी, थाना प्रभारी और अधिशासी अधिकारी को पब्लिक एड्रेस (पी.ए.) सिस्टम के माध्यम से लोगों को गहरे पानी में न जाने के प्रति लगातार जागरूक करने को कहा गया है। इसके अलावा, घाटों पर सुव्यवस्थित पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, रोशनी और चेतावनी संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि डूबने जैसी किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को पूरी तरह से रोका जा सके।1
- क्या Gen-Z पर लाठीचार्ज करने के लिए कोई गुप्त मास्टरप्लान बनाया गया था? अब यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि क्या अमित शाह का यह पूरा प्लान पूरी तरह से उल्टा पड़ गया है। इस पूरे मामले को लेकर #cjpprotest और #abhijeetdipke के साथ अमित शाह की इस कथित रणनीति के विफल होने पर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं। युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग की इस कथित कोशिश और योजना के नाकाम होने को लेकर लगातार आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिला अंतर्गत ग्राम देवाना में प्रधान जी के द्वारा नाले की सफाई और खुदाई का कार्य कराया जा रहा है। दरअसल, नाले में कबाड़ जमा हो जाने की वजह से पानी का निकास नहीं हो पा रहा था। इसी समस्या को दूर करने के लिए अब ग्राम देवाना में नाले की खुदाई और सफाई का कार्य तेजी से किया जा रहा है।1
- संसद परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आंसू गैस छोड़े जाने के बीच कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि बच्चों पर आंसू गैस के गोले दागना सरासर कायरता है। इस बयान के सामने आने के बाद छात्र आंदोलन, पुलिस की कार्रवाई और सरकार की भूमिका पर देश की राजनीति गर्मा गई है। एक तरफ जहां प्रशासन अपनी इस कार्रवाई के पीछे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ की गई इस सख्ती को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहा है।1
- जंतर मंतर पर नीट परीक्षा और पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मामले में मोदी, धर्मेंद्र प्रधान और सोनम वांगचुक के नाम भी सामने आ रहे हैं, जहां पेपर लीक के गंभीर मुद्दे को लेकर कड़ा विरोध दर्ज किया जा रहा है।1