logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, आधी रात के रेफरल पर उठे गंभीर सवाल* *जिला अस्पताल से शहडोल रेफर हुई प्रसूता ने हाईवे पर एम्बुलेंस में दिया बेटे को जन्म, ईएमटी-पायलट की तत्परता से जच्चा-बच्चा सुरक्षित* *रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, आधी रात के रेफरल पर उठे गंभीर सवाल* *जिला अस्पताल से शहडोल रेफर हुई प्रसूता ने हाईवे पर एम्बुलेंस में दिया बेटे को जन्म, ईएमटी-पायलट की तत्परता से जच्चा-बच्चा सुरक्षित* *नसबंदी के बावजूद पांचवे बच्चों को जन्म शहडोल रेफर के कुछ देर बाद एंबुलेंस में गुंजी किलकारी* उमरिया। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। देर रात करीब 1 बजे शहडोल रेफर की गई प्रसूता ने अस्पताल से निकलने के कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। अमहा के समीप हाईवे पर अचानक प्रसव पीड़ा तेज होने के बाद एम्बुलेंस में ही प्रसव कराना पड़ा। राहत की बात यह रही कि ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने तत्काल सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए जच्चा-बच्चा को सुरक्षित संभाला और देर रात करकेली अस्पताल पहुंचाया। मामला मुख्यालय से सटे ग्राम महिमार निवासी 31 वर्षीय प्रेम बाई पति मोती कोल का है। बताया गया कि प्रसव पीड़ा के चलते महिला को एक दिन पहले ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसूता की हालत को चिकित्सकों द्वारा एब्नॉर्मल प्रेजेंटेशन बताया गया, जिसके बाद उसे देर रात शहडोल रेफर कर दिया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर प्रसूता रेफर होने के कुछ ही समय बाद रास्ते में बच्चे को जन्म देने की स्थिति में थी, तो रेफरल से पहले उसकी हालत का आकलन किस स्तर पर किया गया? 🚨 आधी रात का रेफरल, कुछ देर बाद ही प्रसव—किस आधार पर लिया गया फैसला? प्रसूता को पहले से प्रसव पीड़ा थी और वह जिला अस्पताल में भर्ती थी। ऐसे में रात करीब 1 बजे उसे शहडोल रेफर किया गया। अस्पताल से निकलने के बाद कुछ ही समय में हाईवे पर प्रसव की नौबत आ गई। अब सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या महिला की स्थिति का समय रहते सही मूल्यांकन किया गया था? क्या जिला अस्पताल में प्रसव कराने की संभावना नहीं थी? क्या रेफरल से पहले प्रसव के जोखिम का पर्याप्त आकलन किया गया? इन सवालों का जवाब सामने आना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यह मामला सीधे मां और नवजात की सुरक्षा से जुड़ा है। 👶 एम्बुलेंस बनी प्रसव कक्ष, कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा हाईवे पर अचानक प्रसव की स्थिति बनने के बाद एम्बुलेंस ही अस्थायी प्रसव कक्ष बन गई। ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने स्थिति को संभालते हुए प्रसव कराया और जच्चा-बच्चा को सुरक्षित करकेली अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों को देर रात भर्ती कराया गया। एम्बुलेंस कर्मचारियों की तत्परता निश्चित तौर पर राहत देने वाली रही, लेकिन इससे रेफरल के निर्णय और जिला अस्पताल की व्यवस्था से जुड़े सवाल खत्म नहीं होते। ⚠️ पांचवीं डिलीवरी, पूर्व नसबंदी और विशेषज्ञ सेवाओं पर भी सवाल बताया जा रहा है कि प्रेम बाई की यह पांचवीं डिलीवरी थी। पूर्व में उनका नसबंदी ऑपरेशन भी हो चुका था। उनके पूर्व में जन्मे एक पुत्र की मृत्यु होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में गर्भावस्था और प्रसव की स्थिति को सामान्य से अधिक संवेदनशील मानते हुए निगरानी और चिकित्सकीय निर्णय की गंभीरता और बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक के रूप में डॉ. रश्मि धनंजय के पदस्थ होने की जानकारी है, वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी भी बताई जा रही है। पूर्व में सेवाएं दे चुके डॉ. प्रमोद द्विवेदी और डॉ. सरफराज के स्थानांतरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 🔥 अब जांच से ही साफ होगा—रेफरल जरूरी था या व्यवस्था की मजबूरी? इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता, रात 1 बजे शहडोल रेफर, रास्ते में अचानक प्रसव और एम्बुलेंस के भीतर नवजात का जन्म—घटनाओं की यह कड़ी अपने आप में पूरे मामले की चिकित्सकीय समीक्षा की जरूरत बताती है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में रेफरल के चिकित्सकीय आधार, प्रसूता की वास्तविक स्थिति, रेफर किए जाने के समय और जिला अस्पताल में उपलब्ध प्रसव सुविधाओं की जांच करता है या नहीं। सवाल सीधा है—जब प्रसूता जिला अस्पताल में भर्ती थी, तो क्या उसे सुरक्षित प्रसव के लिए वहीं रोका जा सकता था? अगर नहीं, तो शहडोल रेफर करने का निर्णय किस चिकित्सकीय आधार पर लिया गया? इन सवालों का जवाब संबंधित चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

3 hrs ago
user_अनुज सेन  राष्ट्रचंडिका अखबार
अनुज सेन राष्ट्रचंडिका अखबार
Lawyer Bandhogarh, Umaria•
3 hrs ago
95012460-3698-4c10-b756-87ef91c5bca3

रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, आधी रात के रेफरल पर उठे गंभीर सवाल* *जिला अस्पताल से शहडोल रेफर हुई प्रसूता ने हाईवे पर एम्बुलेंस में दिया बेटे को जन्म, ईएमटी-पायलट की तत्परता से जच्चा-बच्चा सुरक्षित* *रेफर के कुछ देर बाद एम्बुलेंस में गूंजी किलकारी, आधी रात के रेफरल पर उठे गंभीर सवाल* *जिला अस्पताल से शहडोल रेफर हुई प्रसूता ने हाईवे पर एम्बुलेंस में दिया बेटे को जन्म, ईएमटी-पायलट की तत्परता से जच्चा-बच्चा सुरक्षित* *नसबंदी के बावजूद पांचवे बच्चों को जन्म शहडोल रेफर के कुछ देर बाद एंबुलेंस में गुंजी किलकारी* उमरिया। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। देर रात करीब 1 बजे शहडोल रेफर की गई प्रसूता ने अस्पताल से निकलने के कुछ ही देर बाद एम्बुलेंस में ही बच्चे को जन्म दे दिया। अमहा के समीप हाईवे पर अचानक प्रसव पीड़ा तेज होने के बाद एम्बुलेंस में ही प्रसव कराना पड़ा। राहत की बात यह रही कि ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने तत्काल सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए जच्चा-बच्चा को सुरक्षित संभाला और देर रात करकेली अस्पताल पहुंचाया। मामला मुख्यालय से सटे ग्राम महिमार निवासी 31 वर्षीय प्रेम बाई पति मोती कोल का है। बताया गया कि प्रसव पीड़ा के चलते महिला को एक दिन पहले ही जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसूता की हालत को चिकित्सकों द्वारा एब्नॉर्मल प्रेजेंटेशन बताया गया, जिसके बाद उसे देर रात शहडोल रेफर कर दिया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर प्रसूता रेफर होने के कुछ ही समय बाद रास्ते में बच्चे को जन्म देने की स्थिति में थी, तो रेफरल से पहले उसकी हालत का आकलन किस स्तर पर किया गया? 🚨 आधी रात का रेफरल, कुछ देर बाद ही प्रसव—किस आधार पर लिया गया फैसला? प्रसूता को पहले से प्रसव पीड़ा थी और वह जिला अस्पताल में भर्ती थी। ऐसे में रात करीब 1 बजे उसे शहडोल रेफर किया गया। अस्पताल से निकलने के बाद कुछ ही समय में हाईवे पर प्रसव की नौबत आ गई। अब सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या महिला की स्थिति का समय रहते सही मूल्यांकन किया गया था? क्या जिला अस्पताल में प्रसव कराने की संभावना नहीं थी? क्या रेफरल से पहले प्रसव के जोखिम का पर्याप्त आकलन किया गया? इन सवालों का जवाब सामने आना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि यह मामला सीधे मां और नवजात की सुरक्षा से जुड़ा है। 👶 एम्बुलेंस बनी प्रसव कक्ष, कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा हाईवे पर अचानक प्रसव की स्थिति बनने के बाद एम्बुलेंस ही अस्थायी प्रसव कक्ष बन गई। ईएमटी पुष्पराज यादव और पायलट शिवम यादव ने स्थिति को संभालते हुए प्रसव कराया और जच्चा-बच्चा को सुरक्षित करकेली अस्पताल पहुंचाया, जहां दोनों को देर रात भर्ती कराया गया। एम्बुलेंस कर्मचारियों की तत्परता निश्चित तौर पर राहत देने वाली रही, लेकिन इससे रेफरल के निर्णय और जिला अस्पताल की व्यवस्था से जुड़े सवाल खत्म नहीं होते। ⚠️ पांचवीं डिलीवरी, पूर्व नसबंदी और विशेषज्ञ सेवाओं पर भी सवाल बताया जा रहा है कि प्रेम बाई की यह पांचवीं डिलीवरी थी। पूर्व में उनका नसबंदी ऑपरेशन भी हो चुका था। उनके पूर्व में जन्मे एक पुत्र की मृत्यु होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में गर्भावस्था और प्रसव की स्थिति को सामान्य से अधिक संवेदनशील मानते हुए निगरानी और चिकित्सकीय निर्णय की गंभीरता और बढ़ जाती है। जिला अस्पताल में महिला चिकित्सक के रूप में डॉ. रश्मि धनंजय के पदस्थ होने की जानकारी है, वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की कमी भी बताई जा रही है। पूर्व में सेवाएं दे चुके डॉ. प्रमोद द्विवेदी और डॉ. सरफराज के स्थानांतरण के बाद विशेषज्ञ सेवाओं की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 🔥 अब जांच से ही साफ होगा—रेफरल जरूरी था या व्यवस्था की मजबूरी? इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती प्रसूता, रात 1 बजे शहडोल रेफर, रास्ते में अचानक प्रसव और एम्बुलेंस के भीतर नवजात का जन्म—घटनाओं की यह कड़ी अपने आप में पूरे मामले की चिकित्सकीय समीक्षा की जरूरत बताती है। अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में रेफरल के चिकित्सकीय आधार, प्रसूता की वास्तविक स्थिति, रेफर किए जाने के समय और जिला अस्पताल में उपलब्ध प्रसव सुविधाओं की जांच करता है या नहीं। सवाल सीधा है—जब प्रसूता जिला अस्पताल में भर्ती थी, तो क्या उसे सुरक्षित प्रसव के लिए वहीं रोका जा सकता था? अगर नहीं, तो शहडोल रेफर करने का निर्णय किस चिकित्सकीय आधार पर लिया गया? इन सवालों का जवाब संबंधित चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार* *बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश की विशेष रूप से संरक्षित जनजातीय समूहो में शामिल है। सरकार उनके उत्थान के लिए अलग से योजनाएं चलती हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फंड भी दिया जाता है। लेकिन कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार इस्कोई पलीता लगा रहे हैं।* *मध्य प्रदेश उमरिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, जननी एक्सप्रेस एवं 108 एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम बरतराई निवासी एक आदिवासी बैगा परिवार को प्रशव के लिए गर्भवती महिला को जिला चिकित्सालय उमरिया तक पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देर तक वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने मजबूरी में किराए की पिकअप वाहन की व्यवस्था की और गर्भवती महिला को उसी से जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रशव के लिए अस्पताल ले जाने की आवश्यकता थी। इसके लिए लगातार 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया जा रहा था। लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। प्रसव पीड़ा से परेशान आखिरकार परिजन किराए की पिकअप में लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे।
    1
    स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार
स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, जननी एक्सप्रेस नहीं मिली तो गर्भवती महिला को पिकअप वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बैगा परिवार* 
*बैगा आदिवासी मध्य प्रदेश की विशेष रूप से संरक्षित जनजातीय समूहो में शामिल है। सरकार उनके उत्थान के लिए अलग से योजनाएं चलती हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए फंड भी दिया जाता है। लेकिन कुर्सी पर बैठे जिम्मेदार इस्कोई पलीता लगा रहे हैं।*
*मध्य प्रदेश 
उमरिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं, जननी एक्सप्रेस एवं 108 एम्बुलेंस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम बरतराई निवासी एक आदिवासी बैगा परिवार को प्रशव के लिए गर्भवती महिला को जिला चिकित्सालय उमरिया तक पहुंचाने के लिए जननी एक्सप्रेस का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। देर तक वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने मजबूरी में किराए की पिकअप वाहन की व्यवस्था की और गर्भवती महिला को उसी से जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे।
परिजनों के अनुसार, गर्भवती महिला को प्रशव के लिए अस्पताल ले जाने की आवश्यकता थी। इसके लिए लगातार 108 एंबुलेंस और जननी एक्सप्रेस के लिए फोन किया जा रहा था। लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। प्रसव पीड़ा से परेशान आखिरकार परिजन किराए की पिकअप में लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • हरितालिका तीज और गणेश जी मूर्ति की स्थापना बहुत धूम धम और उत्सव से मनाया हरितालिका महिला ब्रत रखा कर और बच्चे गणेश जी की पूजा कर उमरिया नगर सहित जिले भर में हरितालिका तीज पर्व मनाने को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला मंदिरों शिवालयों एवं देवालयों भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की पूजा अर्चना भक्ति भाव के साथ की गई । महिलाएं व्रत रखकर अपने पुत्र एवं पति की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत करती है हरितालिका तीज पर्व मुख्य रूप से भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर मिलन एवं उनके पवित्र विवाह स्मृति की याद में मनाया जाता है । तभी से सभी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना को लेकर यह व्रत धारण करती है ।
    1
    हरितालिका तीज और गणेश जी मूर्ति की स्थापना बहुत धूम धम और उत्सव से मनाया 
हरितालिका महिला ब्रत रखा कर और बच्चे गणेश जी की पूजा कर 
उमरिया नगर  सहित जिले भर में हरितालिका तीज पर्व मनाने को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह देखने को मिला मंदिरों शिवालयों एवं देवालयों भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की पूजा अर्चना भक्ति भाव के साथ की गई ।
महिलाएं व्रत रखकर अपने पुत्र एवं पति की लंबी आयु की कामना के लिए यह व्रत करती है हरितालिका तीज पर्व मुख्य रूप से भगवान भोलेनाथ माता पार्वती के पुनर मिलन एवं उनके पवित्र विवाह  स्मृति की याद में मनाया जाता है ।
तभी से सभी महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं परिवार की सुख समृद्धि की कामना को लेकर यह  व्रत धारण करती है  ।
    user_Chandu Yadav
    Chandu Yadav
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के बैनर तले मंगलवार को उमरिया जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राम सिंह बघेल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय युवा रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मार्ग पर भगवा ध्वज नजर आए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन कर कथित दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। संगठन ने उमरिया जिले में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं और उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें युवाओं और आम जनता के हित से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी समय में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
    4
    उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उमरिया में करणी सेना परिवार का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
उमरिया। करणी सेना परिवार (टीम जीवन सिंह शेरपुर) के बैनर तले मंगलवार को उमरिया जिला मुख्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। जिला अध्यक्ष राम सिंह बघेल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय युवा रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और मार्ग पर भगवा ध्वज नजर आए।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन कर कथित दुरुपयोग रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
संगठन ने उमरिया जिले में स्थापित होने वाली नई औद्योगिक परियोजनाओं और उद्योगों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की मांग भी उठाई। इसके अलावा UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें युवाओं और आम जनता के हित से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत मांगों पर उचित निर्णय लेने की अपील की। साथ ही मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी समय में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
    user_Deepak kumar verma
    Deepak kumar verma
    Local News Reporter बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
  • घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग कर डामर रोड मे सफेद लाइन बनाने का काम किया जा रहा है सड़क किनारे की रेखा हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के ग्राम पंचायत पटपरा की जहां पर जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत छादा से पटपरा और पटपरा से नागो ताल के लिए डामर रोड का निर्माण किया गया है। विडंबना देखिए बरसात के समय जबकि रोड के किनारे की मिट्टी घास उगी हुई है डामर रोड गीली है उस पर सड़क किनारे की सफेद रेखा बनाई जा रही है बनने के बाद इतना सुखना संभव नहीं है क्योंकि बरसात का मौसम है और पानी भी गिर रहा है। उससे बड़ी बात यह है कि सड़क किनारे की रेखा बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है जहां लोग गैस एजेंसी में घंटों सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहते हैं अपने घर की उपयोग के लिए गैस सिलेंडर के लिए उन्हें आसानी से गैस सिलेंडर नहीं मिलता वहीं ठेकेदारों को रोड निर्माण के ऊपर किनारे की सफेद रेखा के लिए गैस सिलेंडर आसानी से मिल जाता है।
    1
    घरेलू गैस सिलेंडर उपयोग कर डामर रोड मे सफेद लाइन बनाने  का काम किया जा रहा है सड़क किनारे की रेखा
हम बात कर रहे हैं उमरिया जिले के ग्राम पंचायत पटपरा की जहां पर जनपद पंचायत करकेली अंतर्गत ग्राम पंचायत छादा से पटपरा और पटपरा से नागो ताल के लिए डामर रोड का निर्माण किया गया है। विडंबना देखिए बरसात के समय जबकि रोड के किनारे की मिट्टी घास उगी हुई है डामर रोड गीली है उस पर सड़क किनारे की सफेद रेखा बनाई जा रही है बनने के बाद इतना सुखना संभव नहीं है क्योंकि बरसात का मौसम है और पानी भी गिर रहा है। उससे बड़ी बात यह है कि सड़क किनारे की रेखा बनाने के लिए घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किया जा रहा है जहां लोग गैस एजेंसी में घंटों सुबह से लेकर शाम तक खड़े रहते हैं अपने घर की उपयोग के लिए गैस सिलेंडर के लिए उन्हें आसानी से गैस सिलेंडर नहीं मिलता वहीं ठेकेदारों को रोड निर्माण के ऊपर किनारे की सफेद रेखा के लिए गैस सिलेंडर आसानी से मिल जाता है।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
    1
    UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन
UGC कानून के विरोध में उमरिया में करणी सेना का आक्रोश, 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन उमरिया जिले में करणी सेना ने विरोध जताते हुए पांच सूत्री मांगों को लेकर कलेक्टर ऑफिस पहुंच कर ज्ञापन सोपा
    user_Shammi khan niyazi
    Shammi khan niyazi
    Court reporter नवरोजाबाद, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • chotraw।ke।pas। बसा chitraw ke, पाश बसा गौ, जंगली जातियों,बैग,जाति, नष्ट हुआ है पानी बरसात में
    2
    chotraw।ke।pas। बसा 
chitraw ke, पाश बसा गौ, जंगली जातियों,बैग,जाति, नष्ट हुआ है पानी बरसात में
    user_Durgesh Ashirwar
    Durgesh Ashirwar
    Singer Jaisinghnagar, Shahdol•
    1 hr ago
  • राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शहडोल की अनुष्का करंगले अपनी प्रतिभा का करेगी प्रदर्शन। #shahdol #शहडोल
    1
    राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में शहडोल की अनुष्का करंगले  अपनी प्रतिभा का करेगी प्रदर्शन।

#shahdol #शहडोल
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मध्य प्रदेश सरकार का मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव सख्त निर्देश अपराधी को बक्सा नहीं जाएगा सागर में आज हमारी पुलिस ने एनकाउंटर की कार्रवाई की है। हमारी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।कल भी अपराधियों के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। अपराध और अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं है। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
    1
    मध्य प्रदेश सरकार का मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव सख्त निर्देश अपराधी को बक्सा नहीं जाएगा 
सागर में आज हमारी पुलिस ने एनकाउंटर की कार्रवाई की है। हमारी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।कल भी अपराधियों के अवैध ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। अपराध और अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए हमारी सरकार में कोई जगह नहीं है।
- *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*
    user_Chandu Yadav
    Chandu Yadav
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 day ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.