अकेले नहीं जाएंगे नदी, तालाब और पोखरों के पास, बच्चों ने ली शपथ जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की पहल पर जनपद में मनाया जा रहा विशेष जागरूकता सप्ताह जनपद में वर्षा के कारण नदी, तालाब, पोखरों एवं अन्य जलाशयों में बढ़े जलस्तर तथा डूबने की घटनाओं के मद्देनजर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जनपद के सभी विद्यालयों में जल स्रोतों में डूबने से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति विशेष जागरूकता सप्ताह मनाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी की पहल का उद्देश्य बच्चों को जलजनित आपदाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा डूबने से होने वाली मृत्यु की घटनाओं को न्यूनतम करना है। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला आपदा प्रबंधन की टीम द्वारा जनपद के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा विद्यार्थियों को नदी, तालाब, पोखर एवं अन्य जलाशयों के आसपास बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। बच्चों को समझाया जा रहा है कि वे जलाशयों के पास अकेले न जाएं, गहरे पानी में जाने का प्रयास न करें और वर्षा के दौरान जलभराव वाले स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इस दौरान विद्यार्थियों को डूबने से बचाव संबंधी शपथ भी दिलाई जा रही है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा कि जनपद में नदी, तालाब एवं पोखरों में डूबने की घटनाओं में बच्चों की संख्या चिंता का विषय है। बच्चों की कम उम्र, कम शारीरिक क्षमता तथा अनुभवहीनता के कारण वे जल दुर्घटनाओं का अपेक्षाकृत अधिक आसानी से शिकार हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय स्तर से ही बच्चों को जागरूक करने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि सावधानी, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से डूबने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि जनपद का प्रत्येक विद्यार्थी जलाशयों के पास सुरक्षित व्यवहार और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों से परिचित हो। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को केवल खतरे के बारे में बताना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें यह भी समझाना आवश्यक है कि संकट की स्थिति में किस प्रकार स्वयं को सुरक्षित रखते हुए दूसरों की मदद की जा सकती है। अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्यालयों में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों को विशेष रूप से यह बताया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति अथवा बच्चा पानी में डूब रहा हो तो वे स्वयं पानी में उतरकर उसे बचाने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल किसी बड़े व्यक्ति को बुलाएं तथा संबंधित व्यक्ति तक सुरक्षित तरीके से सहायता पहुंचाने का प्रयास करें। इस प्रकार बच्चे आपदा की स्थिति में प्रथम प्रतिक्रिया दाता की सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम के उपरांत बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित गांवों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को डूबने की घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की इस पहल का उद्देश्य केवल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि जनपद में सुरक्षित व्यवहार की संस्कृति विकसित करना और डूबने से होने वाली मृत्यु को शून्य करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करना है। प्रशासन का मानना है कि विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और आमजन मिलकर सतर्कता बरतें तो अनेक अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
अकेले नहीं जाएंगे नदी, तालाब और पोखरों के पास, बच्चों ने ली शपथ जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की पहल पर जनपद में मनाया जा रहा विशेष जागरूकता सप्ताह जनपद में वर्षा के कारण नदी, तालाब, पोखरों एवं अन्य जलाशयों में बढ़े जलस्तर तथा डूबने की घटनाओं के मद्देनजर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जनपद के सभी विद्यालयों में जल स्रोतों में डूबने से होने वाली दुर्घटनाओं के प्रति विशेष जागरूकता सप्ताह मनाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी की पहल का उद्देश्य बच्चों को जलजनित आपदाओं के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना तथा डूबने से होने वाली मृत्यु की घटनाओं को न्यूनतम करना है। जिलाधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला आपदा प्रबंधन की टीम द्वारा जनपद के बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा विद्यार्थियों को नदी, तालाब, पोखर एवं अन्य जलाशयों के आसपास बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में जानकारी दी जा रही है। बच्चों को समझाया जा रहा है कि वे जलाशयों के पास अकेले न जाएं, गहरे पानी में जाने का प्रयास न करें और वर्षा के दौरान जलभराव वाले स्थानों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। इस दौरान विद्यार्थियों को डूबने से बचाव संबंधी शपथ भी दिलाई जा रही है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने कहा कि जनपद में नदी, तालाब एवं पोखरों में डूबने की घटनाओं में बच्चों की संख्या चिंता का विषय है। बच्चों की कम उम्र, कम शारीरिक क्षमता तथा अनुभवहीनता के कारण वे जल दुर्घटनाओं का अपेक्षाकृत अधिक आसानी से शिकार हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय स्तर से ही बच्चों को जागरूक करने की पहल की गई है। उन्होंने कहा कि सावधानी, जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से डूबने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि जनपद का प्रत्येक विद्यार्थी जलाशयों के पास सुरक्षित व्यवहार और आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों से परिचित हो। जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को केवल खतरे के बारे में बताना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें यह भी समझाना आवश्यक है कि संकट की स्थिति में किस प्रकार स्वयं को सुरक्षित रखते हुए दूसरों की मदद की जा सकती है। अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर विद्यालयों में चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों को विशेष रूप से यह बताया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति अथवा बच्चा पानी में डूब रहा हो तो वे स्वयं पानी में उतरकर उसे बचाने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल किसी बड़े व्यक्ति को बुलाएं तथा संबंधित व्यक्ति तक सुरक्षित तरीके से सहायता पहुंचाने का प्रयास करें। इस प्रकार बच्चे आपदा की स्थिति में प्रथम प्रतिक्रिया दाता की सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम के उपरांत बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित गांवों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को डूबने की घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश की इस पहल का उद्देश्य केवल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि जनपद में सुरक्षित व्यवहार की संस्कृति विकसित करना और डूबने से होने वाली मृत्यु को शून्य करने की दिशा में सामूहिक प्रयास करना है। प्रशासन का मानना है कि विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और आमजन मिलकर सतर्कता बरतें तो अनेक अनमोल जिंदगियों को बचाया जा सकता है।
- भारत का रहने वाला हूं भारत की बात सुनाता हूं, है प्रीत जहाँ की रीत सदा...!! अधिकार और कर्तव्य दोंनों🇮🇳☝एक ही सिक्के के दो पहलू होते है2
- कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर कुजान घाट पर डूबा पुल, जान जोखिम में डालकर निकल रहे राहगीर मिदरवाहा। ग्राम पंचायत मिदरवाहा के समीप कुजान घाट पर जामनी नदी का पानी बढ़ने से पुल पानी में डूब गया है। इसके बावजूद राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर नदी के तेज बहाव के बीच से मोटरसाइकिल निकालने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ लोग करीब 50 रुपये लेकर मोटरसाइकिलों को पानी के बीच से निकालने में मदद कर रहे हैं। बरसात के दिनों में कुजान घाट पर पानी बढ़ने से आवागमन की समस्या लगातार बनी रहती है। पानी का बहाव तेज होने के बावजूद लोग मजबूरी में इस रास्ते से निकल रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को मौके पर पहुंचकर आवागमन रोकने और राहगीरों की सुरक्षा के लिए तत्काल व्यवस्था करनी चाहिए। बताया जाता है कि मिदरवाहा और पठा के बीच जामनी नदी पर बने कुजान घाट के रपटे पर बरसात में अक्सर पानी ऊपर से बहने लगता है। इस समस्या को देखते हुए यहां स्थायी पुल की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन से मौके पर निगरानी बढ़ाने तथा पानी कम होने तक लोगों को जोखिम उठाकर नदी पार करने से रोकने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल डूबने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त निगरानी नहीं की जा रही है, जिससे राहगीरों की जान खतरे में बनी हुई है। फोटो कैप्शन: कुजान घाट पर जामनी नदी के बढ़े पानी में डूबा रपटा, जोखिम के बीच मोटरसाइकिल निकालते राहगीर।1
- ललितपुर बम बम भोले के लगे जयकारे सावन के महीने का विशेष महत्व होता है भक्तों की होती है मनोकामना पूर्ण ललितपुर सावन के महीने में भोलेनाथ के जयकारों के साथ निकल रहे हैं भक्त जय करो मैं बम बम भोले के नाम से गूंज रहा है शहर जहां बच्चों के साथ-साथ महिलाएं भी नजर आ रही सावन के महीने में भोलेनाथ के अनंत भक्त जय भोले बाबा बाबा के लिए जल लेकर आ रहे हैं भक्त करेंगे भोलेनाथ का अभिषेक होगी मनोकामनाएं पूर्ण सावन के महीने का विशेष महत्व होता है सावन के महीने में हजारों साल से यह परंपरा चली आ रही है1
- ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों की परेशानी.। ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों की परेशानी.। पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत टोरिया में सड़क निर्माण न होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है, जिससे महिलाओं को पानी भरने के लिए कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। इससे आए दिन फिसलकर गिरने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे कई वर्षों से सड़क निर्माण की मांग प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने रख चुके हैं, लेकिन आज तक इस ओर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। सड़क न होने के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत टोरिया में शीघ्र सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के समय लोगों को कीचड़ और जलभराव की समस्या से राहत मिल सके तथा ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन क1
- दशकों पढ़ाया, अब फिर परीक्षा क्यों? TET के विरोध में शिक्षक कांग्रेस का हल्ला बोल 15 से 30 वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग, जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल को भेजा ज्ञापन; संज्ञान में नहीं लिया तो आंदोलन की चेतावनी। टीकमगढ़। वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के सामने एक बार फिर परीक्षा की बाध्यता का मुद्दा खड़ा हो गया है। 15 से 30 वर्षों तक शासकीय सेवा दे चुके शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में शामिल होने के लिए बाध्य किए जाने के विरोध में मध्यप्रदेश शिक्षक कांग्रेस ने मंगलवार को आवाज बुलंद की। संगठन ने जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से मुक्त करने की मांग की है। शिक्षक कांग्रेस का तर्क है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले अनेक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों की नियुक्ति शासन द्वारा निर्धारित नियमों और चयन प्रक्रिया के तहत 15 से 30 वर्ष पहले हुई थी। इन शिक्षकों ने नियुक्ति के बाद लगातार सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्षों के अनुभव के आधार पर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है। संगठन के जिला अध्यक्ष धीरज मिश्रा ने कहा कि शिक्षक विभिन्न शासकीय नियमों और निर्धारित चयन प्रक्रियाओं के माध्यम से नियुक्त हुए हैं। बड़ी संख्या में शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें सेवा करते हुए दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान उन्होंने लगातार अध्यापन कार्य किया और अपने विषय में अनुभव हासिल किया। शिक्षक कांग्रेस का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की योग्यता और कार्य अनुभव को नजरअंदाज कर फिर से परीक्षा की अनिवार्यता लागू करने से शिक्षकों में असंतोष और मानसिक दबाव की स्थिति बन रही है। ज्ञापन में शिक्षक कांग्रेस ने टीईटी की बाध्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए अनुभव और पूर्व में निर्धारित चयन प्रक्रिया को भी महत्व दिया जाना चाहिए। शिक्षकों के हित में सरकार को इस विषय पर तत्काल निर्णय लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के बीच बना असमंजस और असंतोष दूर हो सके। शिक्षक कांग्रेस ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी है। संगठन का कहना है कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो शिक्षक कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री, मध्यप्रदेश शासन को भी भेजी गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान धीरज मिश्रा, नसीम खान, अमानत उल्ला, हिदायत उल्ला खान, अमर शर्मा, अनुपम दीक्षित, बृजेश मिश्रा, अशोक जैन क्रांतिकारी बल्देवगढ़,रईस खान, अशोक शर्मा, निखिल शर्मा, सदीक मोहम्मद, श्रीमती संगीता यादव,संतोष यादव, संजीव मिश्रा, बृजेश प्रजापति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।4
- धामना गांव में लाखों की चोरी, सोने चांदी के जेवरात सहित नगदी ले गए चोर, दिगौड़ा पुलिस जांच में जुटी दिगौड़ा 25 अगस्त दिगौड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धामना में बीती सोमवार की रात को अज्ञात चोरों ने रविराज यादव के मकान से लाखों रुपए की चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इस घटना में सोने चांदी के जेवरात सहित एक लाख रुपए से अधिक की चोरी की गई। आज सुबह पीड़ित युवक अपने परिजनों व ग्रामवासियों के साथ पुलिस थाने में पहुंचा और चोरी की घटना की जानकारी दी। पीड़ित युवक की रिपोर्ट पर पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच की गई है और परिजनों के साथ साथ आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ जिले में पहाड़ी तिलवारन मडूमर रोड़ पर बरसात के मौसम में एक ट्रक नियंत्रित रूप से फिसल कर पलट गया मौका पर तुरंत जेसीबी मशीन से सीधा कर ले जाया गया1
- चलते कैलगुवा-ललितपुर मार्ग पर सागौन का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से मार्ग पर करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। ब्लॉक बार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मिर्चवारा में मंगलवार को तेज बारिश के चलते कैलगुवा-ललितपुर मार्ग पर सागौन का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। पेड़ गिरने से मार्ग पर करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुकने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बीच मार्ग बाधित होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतें हुईं। बताया गया कि तेज बारिश के कारण जमीन में नमी बढ़ने से सागौन का पेड़ अचानक सड़क पर आ गिरा। पेड़ की बड़ी शाखाएं सड़क पर फैल जाने से वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। गनीमत रही कि पेड़ गिरने के दौरान कोई वाहन या राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। पेड़ गिरने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए पेड़ को काटकर सड़क से हटवाया। इसके बाद मार्ग पर यातायात व्यवस्था दोबारा सुचारू हो सकी। वहीं पेड़ गिरने के कारण ग्राम मिर्चवारा को जाने वाली बिजली लाइन भी प्रभावित हो गई। इसके चलते गांव की बिजली आपूर्ति करीब छह घंटे तक बाधित रही। बिजली बंद रहने से ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में विद्युत विभाग की टीम द्वारा लाइन को दुरुस्त किए जाने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई। ग्रामीणों ने बारिश के मौसम में सड़क किनारे खड़े कमजोर पेड़ों का निरीक्षण कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से यातायात और बिजली व्यवस्था प्रभावित न हो.1