पीलीभीत में सपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान समाज और प्रशासन पर बेटियों के साथ हुए अपराधों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि क्या गुस्सा बेटी की जाति देखकर जागता है, क्योंकि बेटियों की सुरक्षा किसी भी जाति या धर्म की परवाह किए बिना सुनिश्चित होनी चाहिए। वर्मा ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि एक घटना में जब दूसरे समुदाय का व्यक्ति शामिल था, तो सबका खून खौल उठा और तुरंत बुलडोजर कार्रवाई की गई। इसके विपरीत, जब उसी क्षेत्र में एक मंदबुद्धि नाबालिग बेटी के साथ उसी के समुदाय के व्यक्ति ने दुष्कर्म का प्रयास किया, तो आंदोलन करने वालों के मुंह में दही जम गया और कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पीलीभीत दौरे के समय पीड़ित परिवार के घर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया, ताकि वे अपनी बात प्रशासन के सामने न रख सकें। वर्मा के अनुसार, यह घटना प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पीलीभीत में सपा नेता और पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान समाज और प्रशासन पर बेटियों के साथ हुए अपराधों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि क्या गुस्सा बेटी की जाति देखकर जागता है, क्योंकि बेटियों की सुरक्षा किसी भी जाति या धर्म की परवाह किए बिना सुनिश्चित होनी चाहिए। वर्मा ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि एक घटना में जब दूसरे समुदाय का व्यक्ति शामिल था, तो सबका खून खौल उठा और तुरंत बुलडोजर कार्रवाई की गई। इसके विपरीत, जब उसी क्षेत्र में एक मंदबुद्धि नाबालिग बेटी के साथ उसी के समुदाय के व्यक्ति ने दुष्कर्म का प्रयास किया, तो आंदोलन करने वालों के मुंह में दही जम गया और कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पीलीभीत दौरे के समय पीड़ित परिवार के घर पुलिस का पहरा बैठा दिया गया, ताकि वे अपनी बात प्रशासन के सामने न रख सकें। वर्मा के अनुसार, यह घटना प्रशासन की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
- पीलीभीत में बुधवार को जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर से संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तहत आयोजित जन जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने आमजन से अभियान को सफल बनाने के लिए स्वच्छता अपनाने और संचारी रोगों से बचाव के प्रति जागरूक रहने की अपील की। इस रैली का उद्देश्य लोगों को डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य संचारी रोगों की रोकथाम के उपायों तथा दस्तक अभियान के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान करना था।1
- एक वीडियो के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा पिछले 12 सालों में किए गए कार्यों के बारे में जानकारी प्रदान की जा रही है। दर्शकों को इन कार्यों का विस्तृत अवलोकन करने के लिए यह वीडियो देखने का निमंत्रण दिया गया है।1
- एडवोकेट डॉ. कौशलेंद्र नारायण ने फैजल खान द्वारा स्थापित खान ग्लोबल स्ट्डीज और खान जीएस रिसर्च सेंटर समेत कई कोचिंग संस्थानों के खिलाफ माननीय पटना उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। याचिका में इन संस्थानों पर केंद्र सरकार और बिहार सरकार के मानकों तथा सुरक्षा गाइडलाइन का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया गया है, साथ ही उन पर छात्रों का आर्थिक और शैक्षणिक रूप से निर्भीकता के साथ शोषण करने का भी आरोप है। डॉ. नारायण के अनुसार, ये कोचिंग संस्थान गुरु-शिष्य की परंपरा को भी नष्ट कर रहे हैं और 'देशद्रोही कार्य' में लिप्त हैं, जिन्हें उन्होंने 'लुटेरे कोचिंग संस्थान' करार दिया है। पटना उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के अधिवक्ता डॉ. कौशलेंद्र नारायण, जो सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA), लॉयर्स एसोसिएशन, पटना हाईकोर्ट, पटना और अंडमान एंड निकोबार द्वीप समूह बार एसोसिएशन, पोर्ट ब्लेयर के सदस्य भी हैं, ने PIL दायर करने के बाद बिहार के चर्चित मीडिया चैनलों को इस मामले में ब्रीफिंग दी। उन्होंने जोर दिया कि ये PIL खान सर जैसे कोचिंग सेंटरों की तमाम अनियमितताओं को लेकर दायर की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे, जहाँ मंच से विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे। ठीक उसी दौरान, 10 साल का एक बच्चा अपनी भूख मिटाने के लिए संघर्ष कर रहा था। यह घटना विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के विरोधाभास को उजागर करती है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पीलीभीत का दौरा किया, जहाँ उन्होंने लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ मिलकर कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस कार्यक्रम के तहत पीलीभीत को कुल ₹569 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात मिली। कार्यक्रम के दौरान, जब सांसद जितिन प्रसाद ने मंच पर स्थानीय मुद्दों पर अपना जोरदार भाषण दिया, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उनके भाषण की सराहना में भरपूर तालियां बजाईं। यह उत्साहजनक नज़ारा वहाँ मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक रहा। जितिन प्रसाद ने अपने संबोधन में पीलीभीत के समग्र विकास, रोजगार सृजन, और केंद्र तथा राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सशक्त नेतृत्व में पीलीभीत अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, और यह ₹569 करोड़ की राशि सीधे जनता की भलाई के लिए समर्पित है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत पहुंचकर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की विकास योजनाओं, कानून-व्यवस्था में हुए सुधार और विस्थापित बंगाली परिवारों को नागरिकता तथा भूमि के मालिकाना अधिकार प्रदान किए जाने का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार पात्र लोगों तक अपनी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई और उन्होंने मुख्यमंत्री का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।1
- पीलीभीत जिले की तहसील कलीनगर क्षेत्र में मानसून की पहली बारिश ने दस्तक दे दी है। इलाके में सुबह से ही झमाझम बारिश जारी है, जिससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से आम जनता को बड़ी राहत मिली है। इस बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहाना हो गया है। यह पहली बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। कृषि जानकारों के मुताबिक, यह बारिश धान की रोपाई के काम को गति देने के लिए बेहद मुफीद है। इसके साथ ही, क्षेत्र की मुख्य फसल गन्ने के लिए भी यह पानी अमृत समान है, जिससे फसल को नया जीवन मिलेगा। लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे खेतों को पानी मिलने से अन्नदाताओं के चेहरे खिल उठे हैं और वे पूरे उत्साह के साथ खेतों की तरफ रुख करने लगे हैं।1
- पीलीभीत में 'गौ-रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा' को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। नाथ संप्रदाय के बाबा हनुमान नाथ उर्फ निर्मल बाबा ने सीधे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर हमला बोलते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। बाबा हनुमान नाथ का आरोप है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पिछले डेढ़ साल से लगातार सनातन परंपराओं, गौरक्षा पीठ और उसके अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले बयान दे रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में, उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि अविमुक्तेश्वरानंद अपने आरोपों पर कायम हैं, तो वे गौ संरक्षण के मुद्दे पर सार्वजनिक शास्त्र चर्चा करें। अन्यथा, उन्हें इसे अपनी हार माननी चाहिए और पीलीभीत में घुसने की जुर्रत नहीं करनी चाहिए।1
- पीलीभीत जिले की बरखेड़ा विधानसभा के विधायक द्वारा की गई किसी बात को लेकर सवाल उठाया गया है। इस संबंध में पोस्ट में जनता से आग्रह किया गया है कि वे अपनी राय कमेंट बॉक्स में साझा करें।1