पटना जिले के दानियावां बाजार स्थित नेहा मोबाइल कॉर्नर में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। तकनीकी अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के सात मोबाइल फोन और एक टैब बरामद किया है। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर उसके चार अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि 6 जुलाई 2026 की रात को अज्ञात चोरों ने नेहा मोबाइल कॉर्नर का शटर और ग्रिल काटकर दुकान में प्रवेश किया था। चोर दुकान से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, टैब, बैटरी, इनवर्टर, लैपटॉप सहित अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर फरार हो गए थे, जिसके बाद पूरे बाजार में हड़कंप मच गया था। घटना की सूचना मिलते ही दानियावां थाना पुलिस ने एफएसएल और तकनीकी टीम की मदद से घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए थे। तकनीकी जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने मो. अफताब आलम उर्फ अमीर खान (27 वर्ष), पिता सिराजुद्दीन, को गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से पटना जिले के सलेमपुर (थाना बाढ़, वार्ड संख्या-12) का निवासी है और वर्तमान में बख्तियारपुर थाने के माधोपुर में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना में अपने चार अन्य साथियों की संलिप्तता स्वीकार की है। इस सफल कार्रवाई में दानियावां थानाध्यक्ष खुशबू खातून, डीआईयू टीम तथा पुलिस पदाधिकारी सरोज कुमार, अमित कुमार व शशि रंजन कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा और चोरी गया शेष सामान भी बरामद कर लिया जाएगा।
पटना जिले के दानियावां बाजार स्थित नेहा मोबाइल कॉर्नर में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। तकनीकी अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के सात मोबाइल फोन और एक टैब बरामद किया है। पुलिस आरोपी की निशानदेही पर उसके चार अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि 6 जुलाई 2026 की रात को अज्ञात चोरों ने नेहा मोबाइल कॉर्नर का शटर और ग्रिल काटकर दुकान में प्रवेश किया था। चोर दुकान से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, टैब, बैटरी, इनवर्टर, लैपटॉप सहित अन्य कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर फरार हो गए थे, जिसके बाद पूरे बाजार में हड़कंप मच गया था। घटना की सूचना मिलते ही दानियावां थाना पुलिस ने एफएसएल और तकनीकी टीम की मदद से घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए थे। तकनीकी जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस ने मो. अफताब आलम उर्फ अमीर खान (27 वर्ष), पिता सिराजुद्दीन, को गिरफ्तार किया। वह मूल रूप से पटना जिले के सलेमपुर (थाना बाढ़, वार्ड संख्या-12) का निवासी है और वर्तमान में बख्तियारपुर थाने के माधोपुर में रह रहा था। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना में अपने चार अन्य साथियों की संलिप्तता स्वीकार की है। इस सफल कार्रवाई में दानियावां थानाध्यक्ष खुशबू खातून, डीआईयू टीम तथा पुलिस पदाधिकारी सरोज कुमार, अमित कुमार व शशि रंजन कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा और चोरी गया शेष सामान भी बरामद कर लिया जाएगा।
- पटना के नौबतपुर प्रखंड के आदर्श ग्राम मोतीपुर गांव में 15 जुलाई से 21 जुलाई तक साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। इस कथा ज्ञान यज्ञ के दौरान कथावाचक श्री श्री 1008 स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भागवत सुनने वाले मनुष्यों पर ईश्वर की कृपा होती है और इससे पूर्वजों को भी शांति मिलती है। उन्होंने भक्तों को सीख दी कि वैष्णव धर्म का पालन करना कठिन अवश्य है, लेकिन यह असंभव नहीं है। यदि मनुष्य अपनी इच्छा को जागृत कर ले, तो उसके सभी कार्य संभव हो जाते हैं। महाराज जी ने जोर देकर कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से ही मनुष्य योनि का जीवन पूरी तरह सफल और संपूर्ण हो जाता है। इस धार्मिक अनुष्ठान के अवसर पर बिक्रम विधानसभा के पूर्व विधायक अनिल कुमार, समाजसेवी हरेंद्र सिंह, संतोष कुमार, विवेक कुमार, अशोक कुमार सिन्हा, मुन्ना सिंह, कौशलेन्द्र कुमार और गुड्डा सिंह समेत हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।1
- पटना में पैक्स अध्यक्ष पद के उम्मीदवार इंद्रदेव प्रसाद के समर्थन में पूर्व मुखिया प्रतिनिधि मनोज कुमार ने अपनी बात रखी है। इंद्रदेव प्रसाद का जोरदार समर्थन करते हुए मनोज कुमार ने बड़ा दावा किया है और कहा है कि इस बार मुकाबले में उनके सामने टक्कर में कोई भी नहीं है।1
- पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) में लालू यादव का इलाज चल रहा है। उनके स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर उनका परिवार सतर्क बना हुआ है।1
- शॉर्ट फिल्म 'तूफान' बच्चों की सुरक्षा और पटाखों (चाइल्ड सेफ्टी पटाखे) के विषय पर आधारित है।1
- पटना के दनियावां बाजार स्थित नेहा मोबाइल दुकान में हुई करीब 40 लाख रुपये की बड़ी चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बाढ़ थाना क्षेत्र के सलेमपुर निवासी अफताब आलम उर्फ अमीर खान के रूप में हुई है, जिसके पास से पुलिस ने चोरी के 7 मोबाइल फोन और एक टैब बरामद किए हैं। फतुहा 2 के डीएसपी संजीव कुमार ने शनिवार को बताया कि चोरी गए मोबाइल फोन के स्विच ऑन होने के बाद तकनीकी अनुसंधान के जरिए आरोपी की लोकेशन बख्तियारपुर के माधोपुर में मिली, जिसके बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर उसे दबोचा गया। छह जून की रात चोरों ने दुकान का शटर और ग्रिल काटकर मोबाइल, टैब, लैपटॉप और टीवी समेत करीब 40 लाख रुपये मूल्य के सामान की चोरी की थी। पुलिस के अनुसार, मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और बचे हुए सामान की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।1
- बिहार के गया में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के पवित्र सात फेरे लेने और मांग में सिंदूर भरने के महज कुछ ही घंटे बाद नई नवेली दुल्हन सोने-कांस्य के जेवर और नकदी समेटकर अपने गैंग के साथ फरार हो गई। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, खोड़ा कॉलोनी के रहने वाले पीड़ित दूल्हे रविंद्र कुमार अपनी दुल्हन ब्याहने बड़ी उम्मीदों के साथ गया आए थे। लेकिन शादी के नाम पर उनसे लाखों रुपये ऐंठने के बाद दुल्हन ने उन्हें ऐसा तगड़ा झटका दिया जिससे दूल्हा, उनका भाई धर्मेंद्र कुमार और उनका एक दोस्त पूरी तरह सन्न हैं। यह पूरी वारदात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गांधी मुहल्ले में अंजाम दी गई। ठगी की यह पूरी साजिश बेहद शातिर तरीके से रची गई थी। पीड़ित रविंद्र के अनुसार, अलीगढ़ के एक व्यक्ति ने उन्हें इस गैंग के संपर्क में लाया था, जिसने एजेंट के जरिए उन्हें शादी के लिए गया बुलाया। शादी तय होने के बाद दुल्हन ने दूल्हे के खर्चे पर ₹10,000 के कपड़े खरीदे और सौंदर्य प्रसाधन (मेकअप) के नाम पर ₹4,000 नकद लिए। विवाह के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को सोने का मंगलसूत्र, सोने के झुमके, चांदी की पायल और बिछिया पहनाए। विदाई से ठीक पहले दुल्हन पक्ष ने चालाकी दिखाते हुए शादी के सारे वीडियो और मोबाइल से खींचे गए फोटो तक डिलीट करवा दिए ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। शादी संपन्न होने के तुरंत बाद कथित एजेंट शकील ने पीड़ित पक्ष से ₹1 लाख कैश लिया और पहचान पत्र की फोटोकॉपी कराने का बहाना बनाकर दुल्हन को अपनी बाइक पर बैठाकर फुर्र हो गया। काफी देर तक जब दोनों वापस नहीं लौटे और उनके मोबाइल फोन भी बंद मिले, तब दूल्हे के भाइयों को ठगी का अहसास हुआ। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार सीधे मुफस्सिल थाने पहुंचा। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है जो नाम और पहचान बदलकर भोले-भाले लोगों को शादी के नाम पर ठगता है। मुफस्सिल थाना पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए दुल्हन की कथित बड़ी बहन और मुख्य बिचौलिया को हिरासत में ले लिया है और उनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है। हालांकि, घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी मुख्य आरोपी दुल्हन और एजेंट शकील का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हिरासत में ली गई कथित बड़ी बहन पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। उधर, थाने में एफआईआर दर्ज होने में हुई देरी से नाराज होकर परेशान दूल्हा रविंद्र, उनके भाई और दोस्त वापस गाजियाबाद लौट गए हैं। पीड़ित भाइयों ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और उन्होंने ब्याज पर कर्ज लेकर बिचौलिए को मोटी रकम दी थी, जिसके कारण अब वे दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। मुफस्सिल थाना के इंस्पेक्टर देवराज इंद्र ने बताया कि पुलिस हर एंगल से इस रैकेट की जांच कर रही है और जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।1
- सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार ग्रामीण टैक्स कानून के मुद्दे पर सीधे तौर पर सरकार को घेरा है। इस कानून को लेकर उन्होंने सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस ने धरना स्थल से हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद से ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस छिड़ गई है। शनिवार तड़के जब दिल्ली पुलिस की टीम धरना स्थल पर पहुंची और उन्हें अपने साथ ले गई, तो मौके पर मौजूद उनके समर्थकों ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध जताया। सोनम वांगचुक का आरोप है कि NEET परीक्षा में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए। फिलहाल पुलिस की ओर से इस कार्रवाई को लेकर एक विस्तृत बयान का इंतजार किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थकों ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया है।1