लहार में बुधवार दोपहर 2 बजे एसडीएम विजय सिंह यादव ने 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच उपार्जन केंद्र आलमपुर, नारोल दवोह और लहार न्यू बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए, उपार्जन केंद्रों की मौजूदा स्थितियों का जायजा लेने के उद्देश्य से किया गया था। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने बोरों की सिलाई और उनके परिवहन व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आलमपुर उपार्जन केंद्र पर लगभग 6-7 हजार क्विंटल माल, नारोल केंद्र पर अनुमानित 4 हजार क्विंटल माल और लहार उपार्जन केंद्र पर अनुमानित 8 हजार क्विंटल माल संग्रहित है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन सभी केंद्रों से परिवहन कार्य लगातार जारी है। एसडीएम यादव ने समिति प्रबंधकों को हम्मालों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने और परिवहन प्रभारियों को लगातार वाहनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने तीनों समिति प्रबंधकों को यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि तुले हुए गेहूं की बोरियों की उचित स्टेगिंग की जाए और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व प्रभावी त्रिपाल आदि की व्यवस्था हो। इस औचक निरीक्षण में अनुभागीय दंडाधिकारी के साथ कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील मुदगल भी उपस्थित थे, जिन्होंने उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर समिति प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लहार में बुधवार दोपहर 2 बजे एसडीएम विजय सिंह यादव ने 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच उपार्जन केंद्र आलमपुर, नारोल दवोह और लहार न्यू बस स्टैंड का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण बारिश के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए, उपार्जन केंद्रों की मौजूदा स्थितियों का जायजा लेने के उद्देश्य से किया गया था। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने बोरों की सिलाई और उनके परिवहन व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आलमपुर उपार्जन केंद्र पर लगभग 6-7 हजार क्विंटल माल, नारोल केंद्र पर अनुमानित 4 हजार क्विंटल माल और लहार उपार्जन केंद्र पर अनुमानित 8 हजार क्विंटल माल संग्रहित है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इन सभी केंद्रों से परिवहन कार्य लगातार जारी है। एसडीएम यादव ने समिति प्रबंधकों को हम्मालों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने और परिवहन प्रभारियों को लगातार वाहनों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने तीनों समिति प्रबंधकों को यह भी सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि तुले हुए गेहूं की बोरियों की उचित स्टेगिंग की जाए और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त व प्रभावी त्रिपाल आदि की व्यवस्था हो। इस औचक निरीक्षण में अनुभागीय दंडाधिकारी के साथ कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील मुदगल भी उपस्थित थे, जिन्होंने उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेकर समिति प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- मुरैना पुलिस द्वारा अवैध रेत कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत माताबसैया और सिविल लाइन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। माताबसैया पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम जिगनी में अवैध रूप से भंडारित लगभग 20 ट्रॉली रेत को नष्ट किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मुरैना के निर्देश पर जिलेभर में अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के मार्गदर्शन में अंजाम दिया गया। संयुक्त टीम ने ग्राम जिगनी में विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर करीब 40 घनमीटर यानी लगभग 20 ट्रॉली अवैध रेत भंडारित पाई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 44 हजार रुपए है। इस रेत को जेसीबी मशीन की सहायता से मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर, सिविल लाइन थाना पुलिस ने भी अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाने के लिए कड़े कदम उठाए। पुलिस ने घड़ौना मंदिर के पीछे और प्रेम नगर मार्ग पर कुल 4 स्थानों पर गड्ढे खुदवाकर रास्तों को अवरुद्ध कर दिया, ताकि रेत से भरे वाहनों की आवाजाही को रोका जा सके। इस पूरी कार्रवाई में माताबसैया थाना प्रभारी विवेक तामेर, पुलिस स्टाफ, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम का योगदान सराहनीय रहा।2
- पहाड़गढ़ मुख्यालय और इसके मानपुर, मारा, शिकारपुरा सहित कई गाँवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है, जहाँ जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। वर्षों से चल रहे इस गंभीर पेयजल संकट के कारण महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे अपने सारे काम छोड़कर कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। ये तस्वीरें सीधे पहाड़गढ़ मुख्यालय से सामने आई हैं, जो पानी की समस्या के विकराल रूप धारण करने को दर्शाती हैं। ग्रामीणों को सुबह से लेकर रात के 11 बजे तक पानी का इंतजार करना पड़ता है और स्थिति इतनी विकट है कि उन्हें ₹500 देकर निजी टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है। जनता का आरोप है कि नल-जल योजना केवल कागजों तक ही सीमित है, जबकि सरपंच और सचिव इस गंभीर समस्या पर मौन हैं और प्रशासन पूरी तरह बेखबर है। इन हालातों को देखते हुए जनता सवाल कर रही है कि क्या यही विकास है और प्रशासन कब जागेगा।3
- भिंड के अटेर विधानसभा अंतर्गत कल्याणपुरा गांव निवासी पूर्व सैनिक हरिदास देपुरिया की पत्नी सुशीला देवी की हत्या और लूट के 15 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के खाली हाथ रहने पर वीरता पदक प्राप्त शहीदों के परिजनों और पूर्व सैनिकों ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने भिंड पुलिस अधीक्षक से सैनिकों के प्रकरणों को प्राथमिकता देने और हरिदास देपुरिया की पत्नी के हत्यारों को तुरंत गिरफ्तार करने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, रमा में श्री कृष्ण शर्मा के घर हुई डकैती, जहाँ सेना में कार्यरत तीन बेटों के माता-पिता को बंधक बनाकर लूटा गया, को भी पूर्व सैनिकों ने असहनीय और फौजियों के प्रति बढ़ते अत्याचारों का एक और उदाहरण बताया है। बडेरी निवासी अमर शहीद अनूप शर्मा शौर्य चक्र के पिताजी श्री रामशंकर शर्मा और कुपावली निवासी शौर्य चक्र विजेता पवन सिंह भदौरिया के पिताजी श्री राजकुमार भदौरिया ने पूर्व सैनिक हरिदास देपुरिया के परिवार के साथ खड़े रहने और अनशन में शामिल होने की बात कही है। इंडियन वेटर्न ऑर्गनाइजेशन के भिंड शहर अध्यक्ष सूबेदार कपिल शर्मा ने बताया कि 01 जून को पूरे संभाग से पूर्व सैनिक एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर जुटेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र की सेवा में जीवन समर्पित करने वालों की बात को भिंड पुलिस को सुनना चाहिए। इस धरना प्रदर्शन में जाने-माने समाजसेवी किन्नर धर्म गुरु किरण दद्दा भी शामिल होंगे। भूतपूर्व सैनिकों ने सभी भिंड वासियों, समाजसेवियों और पूर्व सैनिकों से इस आंदोलन में भाग लेने की अपील की है ताकि सैनिकों के परिवारों को न्याय मिल सके। अपील करने वालों में सूबेदार अरुण शर्मा, जोरी कोतवाल सूबेदार सीताराम शर्मा, वाष्पित शर्मा, सूबेदार राजेश शर्मा, कैप्टन कालीचरण शर्मा, महेश करारिया (अध्यक्ष गोहद), सूबेदार बसन्त सिंह राजावत, रामदत्त शुक्ला, जनक सिंह, विनोद थापक, संजीव पुरोहित, गोपाल शर्मा, राजेश यादव, सोमबीर यादव, नरेंद्र सिंह सेंगर, संजय भदौरिया और आलोक यादव सहित कई अन्य पूर्व सैनिक शामिल हैं।2
- भिंड जिले में रौन थाना पुलिस ने सिंध नदी से अवैध रेत का परिवहन करते हुए तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। यह कार्रवाई बिना रॉयल्टी के रेत के अवैध परिवहन के खिलाफ की गई, जहाँ पुलिस ने मौके पर पहुँचकर रेत से भरी इन ट्रॉलियों को पकड़ा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रेत का परिवहन जारी है। सिंध नदी में हो रहे अवैध उत्खनन को रोकने के लिए एक बार फिर कार्रवाई की गई है। हालांकि, प्रशासन द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई के बावजूद भी रेत माफिया बेखौफ होकर अवैध उत्खनन कर रहा है और यह गतिविधियाँ रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।1
- भिंड जिले में टाटा कंपनी द्वारा बिछाई गई पानी की पाइपलाइन से मीटर चुराते हुए एक चोर का लाइव फुटेज सामने आया है। चोरी की यह पूरी वारदात वहां लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, और अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- झांसी में एक बहुत पुराने और अनुभवी मिस्त्री उपलब्ध हैं, जो पंप और नल फिटिंग का कार्य अत्यंत कुशलता के साथ और बहुत अच्छे से करते हैं।1
- मुरैना जिले के अंबाह नगर में ईद-उल-जुहा का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया गया। ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली तथा भाईचारे की दुआ मांगी। ईदगाह परिसर में “अल्लाहु अकबर” की तकबीरों से पूरा वातावरण गूंज उठा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरे नगर में प्रेम, सौहार्द और खुशियों का माहौल बना रहा। इस अवसर पर प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। नगर के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी मुस्लिम समाज को ईद की शुभकामनाएं दीं।1
- मुरैना जिले की देवगढ़ थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, वन विभाग की टीम पर हमला कर जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाने के मामले में पिछले 5 साल से फरार चल रहे ₹5000 के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह सफलता पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा के निर्देश पर जिलेभर में फरार और इनामी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मिली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह डावर एवं एसडीओपी नितिन एस. बघेल के मार्गदर्शन में देवगढ़ थाना पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित पुत्र अनार सिंह सिकरवार के रूप में हुई है, जो थाना देवगढ़ के अपराध क्रमांक 46/21 में करीब 5 साल से फरार चल रहा था और उस पर ₹5000 का इनाम घोषित था। आरोपी पर वन विभाग की टीम पर हमला करने और अवैध रेत से भरी जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली छुड़ाकर ले जाने का आरोप है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को 27 मई 2026 को ग्राम लहोरीपुरा पुलिया के पास से दबोचा, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार चल रहे अन्य 2 आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी जयपाल सिंह गुर्जर सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और जवानों की भूमिका सराहनीय रही।1