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Dev Raj Thakur
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- पंचायती राज चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं, इसे सेमीफाइनल कहना गुमराह करना, भाजपा असल मुद्दों से ध्यान हटाने का कर रही काम, खालसा टैक्स कानूनी की अवहेलना, पंजाब सरकार को करनी चाहिए कार्रवाई - जगत सिंह नेगी पंचायती राज चुनाव को लेकर भाजपा के सेमीफाइनल वाले दावे पर पलटवार करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि पंचायत चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए, इसलिए इन्हें विधानसभा चुनाव का जनादेश बताना गलत है। भाजपा महंगाई, मनरेगा और बेरोजगारी जैसे असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस्तीफा मांगने के बजाय जयराम ठाकुर को देना चाहिए जिन्होंने चुनी हुई सरकार को धनबल से गिराने का प्रयास किया । जगत सिंह नेगी ने कहा,3754 पंचायतों में 2400 ऐसी पंचायते हैं जहां प्रधान कांग्रेस समर्थित जीते हैं पंचायत में असली ताकत वार्ड मेंबर की होती है। अगर वार्ड मेंबर साथ न हो तो प्रधान अकेला कुछ नहीं कर सकता। नगर निगम के चुनाव पार्टी लाइन पर हुए। 4 में से 3 पर भाजपा जीती, लेकिन पंचायतें ओपन चुनाव थे। कुल्लू की 6 नगर पंचायतों में कांग्रेस जीती है कुल 53 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 29 पर कांग्रेस जीती। भाजपा सिर्फ झूठी जीत का ढिंढोरा पीट रही है।नेगी ने कहा कि पंचायती राज महात्मा गांधी की सोच थी। *“1993 में राजीव गांधी 73वें-74वें संविधान संशोधन लाए। महिलाओं को 50% आरक्षण, SC-ST-OBC को प्रतिनिधित्व कांग्रेस ने दिया। भाजपा तो आरक्षण की विरोधी रही है।मनरेगा पर भाजपा को घेरते हुए नेगी ने कहा,मनमोहन सरकार में 120 दिन का रोजगार गारंटी कानून था। भाजपा ने इसे कमजोर कर दिया। अब केंद्र तय करेगा कि हिमाचल के किस गांव में कितना काम होगा। मनरेगा का पैसा दिल्ली सरकार ने रोक रखा है।महंगाई पर उन्होंने कहा, *“कमर्शियल सिलेंडर 3000 पार है। डोमेस्टिक ब्लैक में मिल रहा है। लोग लाइनों में लग रहे हैं। ट्रंप कहते हैं रूस से तेल कब तक खरीदोगे। आर्थिक और विदेश नीति दोनों फेल हैं। इस्तीफा मुख्यमंत्री को नहीं बल्कि जयराम ठाकुर को देना चाहिए। इन्होंने धन-बल से सरकार गिराने की कोशिश की। 9 विधायक अयोग्य हुए, उपचुनाव में 6 सीटें हम जीते। ये जय श्री राम का नारा लगाकर लोकतंत्र को खतरा पैदा कर रहे हैं। चुनाव भगवान राम का नहीं, दो व्यक्तियों के बीच था। बाइट..... जगत सिंह नेगी राजस्व एवं बागवानी मंत्री हिमाचल प्रदेश वहीं पंजाब में हिमाचल की गाड़ियों पर खालसा टैक्स वसूलने के सवाल पर नेगी ने कहा कि विभिन्न राज्यों को अपने कर लगाने का अधिकार है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति या संगठन कानून से बाहर जाकर अवैध वसूली करता है तो वह पूरी तरह गलत है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर पंजाब सरकार से बातचीत भी की है और हिमाचल प्रदेश सरकार इस मामले को उचित स्तर पर उठा रही है। कानून व्यवस्था और राज्यों के बीच सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या लोगों को परेशान करने की घटनाओं का सरकार विरोध करती है। बाइट..... जगत सिंह नेगी ....राजस्व एवं बागवानी मंत्री हिमाचल प्रदेश3
- घुमारवीं में एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन तथा अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस कार्यक्रम में तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- पंजैहरा तहसील के करसोली गांव के कालीबाड़ी पोस्ट ऑफिस क्षेत्र में स्वर्गीय जोगो सिंह की धर्मपत्नी दलवारा देवी पिछले 25 सालों से रास्ते की असुविधा से जूझ रही हैं। आरोप है कि इतने लंबे समय से पंचायत ने उनकी पूरी तरह से अनदेखी की है। परिवार का कहना है कि पंचायत उन्हें सिर्फ चुनाव के समय याद करती है और बाकी समय हर सुविधा से वंचित रखती है। यह सवाल उठाया गया है कि आखिर इस परिवार के साथ इतना मतभेद क्यों किया जा रहा है, जब पंचायत ने उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया है।1
- चारधाम यात्रा-2026 के दौरान श्री गंगोत्री एवं श्री यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं का उत्साह और आस्था लगातार नए आयाम स्थापित कर रही है। 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुई यात्रा के पहले 47 दिनों में, यानी 04 जून 2026 तक, दोनों धामों में कुल 10,15,852 श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और सुगम दर्शन किए हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025 में यात्रा के पहले 47 दिनों में जहाँ 9,44,804 श्रद्धालुओं ने दोनों धामों की यात्रा की थी, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 10,15,852 हो गई है, जिससे कुल 71,048 श्रद्धालुओं की वृद्धि दर्ज की गई है। 47वें दिन तक श्री यमुनोत्री धाम में 4,98,367 और श्री गंगोत्री धाम में 5,17,485 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। इस अवधि में कुल 99,165 यात्रा वाहनों का आवागमन हुआ, जिनमें 74,365 छोटे और 24,800 बड़े वाहन शामिल थे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के “सुरक्षित यात्रा, सुगम दर्शन एवं सतत संवाद” के संकल्प के अनुरूप, पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में उत्तरकाशी पुलिस “सुविधा, सुरक्षा एवं सम्मान” के ध्येय के साथ यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यात्रा मार्ग से लेकर धामों तक श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, जिनमें सुदृढ़ यातायात प्रबंधन, प्रभावी आपदा प्रबंधन, सतत सुरक्षा निगरानी और सीसीटीवी कैमरों तथा ड्रोन के माध्यम से कड़ी नजर शामिल है। इन व्यवस्थाओं की अनेक श्रद्धालुओं द्वारा खुलकर सराहना की जा रही है। यात्रा संचालन को और अधिक सरल तथा सुगम बनाने हेतु दोनों धामों को 02 सुपर जोन, 12 जोन एवं 30 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी द्वारा यात्रा व्यवस्थाओं की निरंतर समीक्षा और निगरानी की जा रही है, तथा प्रत्येक गतिविधि और पल-पल की अपडेट ली जा रही है। उत्तरकाशी पुलिस चारधाम यात्रा-2026 के सुरक्षित, सुगम एवं सफल संचालन हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ निरंतर कार्य कर रही है।1
- हिमाचल प्रदेश के ज़िला सोलन स्थित अर्की नागरिक अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान सीमा शर्मा नामक महिला की मौत का मामला अब लोकभवन पहुँच गया है। मृतका के पति हंस राज शर्मा और अन्य परिजनों ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और मामले की निष्पक्ष तथा उच्चस्तरीय जांच की मांग की। राज्यपाल को सौंपे गए ज्ञापन में परिजनों ने बताया कि 41 वर्षीय सीमा शर्मा को 12 एमएम की पथरी की शिकायत थी, जिसके लिए चिकित्सकों की सलाह पर उनका ऑपरेशन करवाया गया था। परिवार को यह एक सामान्य प्रक्रिया लग रही थी, लेकिन परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में हुई घटनाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बाद में सीमा शर्मा को 108 एम्बुलेंस से आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया, लेकिन इस दौरान न तो विस्तृत मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराया गया और न ही मरीज की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी गई। परिवार के लोगों ने बताया कि जब वे आईजीएमसी पहुँचे, तो उन्हें सीमा शर्मा की मृत्यु की सूचना मिली। मृतका के पति हंस राज शर्मा ने आज तक यह जानकारी न मिलने पर गहरा दुख व्यक्त किया कि आखिर ऑपरेशन के दौरान ऐसा क्या हुआ जिसके कारण उनकी पत्नी की जान चली गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उनसे पोस्टमार्टम न करवाने संबंधी एक लिखित बयान लिया गया, जबकि वे उस समय सदमे में थे और परिस्थितियों को समझने की स्थिति में नहीं थे। परिवार ने दावा किया कि अंतिम संस्कार के दौरान सीमा शर्मा की पीठ पर नीले निशान दिखाई दिए, जिससे उनके संदेह और बढ़ गए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऑपरेशन, उपचार और रेफरल प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए, और मरीज को किस स्थिति में रेफर किया गया तथा उपचार के दौरान क्या चिकित्सकीय कदम उठाए गए, इसकी भी जानकारी नहीं दी गई। परिजनों ने राज्यपाल से मांग की है कि मामले की जांच स्वतंत्र विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम से करवाई जाए और जांच समिति में अर्की तथा सोलन के स्थानीय चिकित्सकों को शामिल न किया जाए ताकि निष्पक्षता बनी रहे। उन्होंने ऑपरेशन, उपचार और रेफरल से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखने और चिकित्सकीय लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। परिवार का कहना है कि यह मामला केवल एक परिवार की पीड़ा तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जनता के विश्वास से भी जुड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा, साथ ही यह भी कहा कि यदि उन्हें समय पर संतोषजनक जवाब और पारदर्शिता मिली होती तो उन्हें न्याय की मांग लेकर लोकभवन का दरवाजा नहीं खटखटाना पड़ता।4
- आज घुमारवीं में उपमंडल अधिकारी (ना.) गौरव चौधरी की अध्यक्षता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) के बैठक कक्ष में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन हेतु अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना प्रक्रिया, डेटा संग्रहण और तकनीकी पहलुओं से अवगत करवाना है। इस अवसर पर उपमंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने बताया कि जनगणना देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने जानकारी दी कि जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-जनगणना की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून, 2026 तक संचालित की जाएगी। इसके बाद, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी और कर्मचारी 15 जून से 15 जुलाई, 2026 तक घर-घर जाकर आवास और परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे। इस चरण में मकानों की स्थिति, आवासीय सुविधाओं और परिवारों से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाएंगे, जिसके उपरांत जनगणना का दूसरा चरण वर्ष 2027 में प्रारंभ किया जाएगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी। गौरव चौधरी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से जनगणना कार्य को गंभीरता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने जोर दिया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार को विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता प्रदान करते हैं, जिससे जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जाती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनरों द्वारा उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, डेटा प्रविष्टि, सत्यापन और अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- भारत के सभी राज्यों की ग्राम पंचायतों को हर साल एक निश्चित राशि प्राप्त होती है। यह जानकारी सामने आई है कि ग्राम पंचायतों को मिलने वाले पैसे की मात्रा इतनी है, जिसे जानकर लोग हैरान रह जाएंगे और उनके होश उड़ सकते हैं।1
- कुल्लू मनाली नेशनल हाईवे रोड पर जिया गोल चौक के पास एक HRTC बस के ब्रेक फेल हो गए। यह बस जम्मू से कुल्लू की ओर जा रही थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।1