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Teri Kasamयूपीपीसीएल के प्रबंधक निदेशक 5 वर्षों बाद हटाए गए पंकज कुमार स्मार्ट मीटर विवाद के उत्तर प्रदेश में पावर कारपोरेशन के पंकज कुमार को हटाया गया स्मार्ट मीटर विवाद में हटाएं गए, 5 वर्षों बाद हटाए गए पंकज कुमार स्मार्ट मीटर विवाद के ,, पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार को हटा दिया गया है 2002 बैच के आईएएस पंकज कुमार मार्च 2021 से एचडी पद पर कार्यरत थे स्मार्ट मीटर विवाद यूपीपीसीएल के अध्यक्ष आशीष गोयल और विभागीय मंत्री अरविंद शर्मा की नाराजगी चलते उन्हें हटाया गया है उन्हें फिलहाल पोस्टिंग नहीं दी गई है, उनकी जगह दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के एचडी नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन कैंडी बनाया गया है ।

17 hrs ago
user_Dhirendra Shukla
Dhirendra Shukla
ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago
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Teri Kasamयूपीपीसीएल के प्रबंधक निदेशक 5 वर्षों बाद हटाए गए पंकज कुमार स्मार्ट मीटर विवाद के उत्तर प्रदेश में पावर कारपोरेशन के पंकज कुमार को हटाया गया स्मार्ट मीटर विवाद में हटाएं गए, 5 वर्षों बाद हटाए गए पंकज कुमार स्मार्ट मीटर विवाद के ,, पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार को हटा दिया गया है 2002 बैच के आईएएस पंकज कुमार मार्च 2021 से एचडी पद पर कार्यरत थे स्मार्ट मीटर विवाद यूपीपीसीएल के अध्यक्ष आशीष गोयल और विभागीय मंत्री अरविंद शर्मा की नाराजगी चलते उन्हें हटाया गया है उन्हें फिलहाल पोस्टिंग नहीं दी गई है, उनकी जगह दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के एचडी नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन कैंडी बनाया गया है ।

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  • ऊंचाहार: 'आर्यन चाय वाला' पर सस्ती लोकप्रियता के लिए षड्यंत्र रचने का आरोप ​रायबरेली (ऊंचाहार): सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहे चौकी चौराहा स्थित 'आर्यन चाय वाला' विवादों के घेरे में है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का आरोप है कि आर्यन अपनी पुरानी यूट्यूबर पहचान का फायदा उठाकर सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए मामले को जानबूझकर उलझा रहा है।साहीन सुल्तान का कहना है कि ​आरोप है कि वह पक्षपातपूर्ण बयानबाजी और प्रत्यारोप के जरिए जनता को गुमराह कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से अपील की गई है कि वे इस प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराएं। स्थानीय लोगों का मानना है कि 'फेमस' होने की चाहत में रची गई यह कहानी क्षेत्र का माहौल खराब कर रही है, जिसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है।
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    ऊंचाहार: 'आर्यन चाय वाला' पर सस्ती लोकप्रियता के लिए षड्यंत्र रचने का आरोप
​रायबरेली (ऊंचाहार): सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहे चौकी चौराहा स्थित 'आर्यन चाय वाला' विवादों के घेरे में है। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का आरोप है कि आर्यन अपनी पुरानी यूट्यूबर पहचान का फायदा उठाकर सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए मामले को जानबूझकर उलझा रहा है।साहीन सुल्तान का कहना है कि
​आरोप है कि वह पक्षपातपूर्ण बयानबाजी और प्रत्यारोप के जरिए जनता को गुमराह कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से अपील की गई है कि वे इस प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराएं। स्थानीय लोगों का मानना है कि 'फेमस' होने की चाहत में रची गई यह कहानी क्षेत्र का माहौल खराब कर रही है, जिसकी सच्चाई सामने आना जरूरी है।
    user_Harinarayan Tiwari
    Harinarayan Tiwari
    Court reporter Unchahar, Rae Bareli•
    6 min ago
  • ​अमेठी। जिले में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली बर्बादी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा एक बार फिर अमेठी की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ​ताजा मामला नई बनी सड़कों को बिना अनुमति केबल और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर उखाड़ने का है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिस सड़क का निर्माण हाल ही में लाखों-करोड़ों की लागत से हुआ था, उसे कुछ ही दिनों में खोदकर खंडहर बना दिया गया। ​जनता के पैसों की 'खुली बर्बादी' ​यह सिर्फ सड़क का कटना नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स के पैसे पर सीधा प्रहार है। एक तरफ सरकार बेहतर कनेक्टिविटी का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ विभाग आपस में बिना समन्वय किए 'खोदो और भूलो' की नीति पर काम कर रहे हैं। ​मुख्य समस्याएं: ​अनधिकृत खुदाई: बिना उचित अनुमति के सड़कों को भारी मशीनों से खोदा जा रहा है। ​खतरनाक गड्ढे: खुदाई के बाद सड़क को उसी हाल में छोड़ दिया गया है, जिससे आए दिन राहगीर और बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। ​धूल का गुबार: बर्बाद सड़कों की वजह से उड़ती धूल ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ​क्षेत्रीय नागरिकों का सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या इसे ही विकास कहते हैं? अगर पाइपलाइन बिछानी ही थी, तो सड़क निर्माण से पहले यह काम क्यों नहीं किया गया? फिलहाल, इस "सुनियोजित बर्बादी" पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, जबकि जनता धूल और गड्ढों के बीच अपना हक तलाश रही है।
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    ​अमेठी। जिले में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली बर्बादी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा एक बार फिर अमेठी की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
​ताजा मामला नई बनी सड़कों को बिना अनुमति केबल और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर उखाड़ने का है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिस सड़क का निर्माण हाल ही में लाखों-करोड़ों की लागत से हुआ था, उसे कुछ ही दिनों में खोदकर खंडहर बना दिया गया।
​जनता के पैसों की 'खुली बर्बादी'
​यह सिर्फ सड़क का कटना नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स के पैसे पर सीधा प्रहार है। एक तरफ सरकार बेहतर कनेक्टिविटी का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ विभाग आपस में बिना समन्वय किए 'खोदो और भूलो' की नीति पर काम कर रहे हैं।
​मुख्य समस्याएं:
​अनधिकृत खुदाई: बिना उचित अनुमति के सड़कों को भारी मशीनों से खोदा जा रहा है।
​खतरनाक गड्ढे: खुदाई के बाद सड़क को उसी हाल में छोड़ दिया गया है, जिससे आए दिन राहगीर और बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं।
​धूल का गुबार: बर्बाद सड़कों की वजह से उड़ती धूल ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
​क्षेत्रीय नागरिकों का सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या इसे ही विकास कहते हैं? अगर पाइपलाइन बिछानी ही थी, तो सड़क निर्माण से पहले यह काम क्यों नहीं किया गया? फिलहाल, इस "सुनियोजित बर्बादी" पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, जबकि जनता धूल और गड्ढों के बीच अपना हक तलाश रही है।
    user_Dhirendra Shukla
    Dhirendra Shukla
    ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    54 min ago
  • रायबरेली। जिले के जगतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत अलावलपुर गांव निवासी सुरेश पटेल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा है कि प्रकरण के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और निष्पक्ष विवेचना के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि यह मामला फर्जी लोन और कथित उत्पीड़न से जुड़ा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा दबाव बनाए जाने के कारण सुरेश की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर 22 मार्च को जगतपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों और एक अन्य व्यक्ति को नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में बैंक के सीसीटीवी फुटेज, उपस्थिति रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सुरेश पटेल और उनके भाई का अनाज व्यापार से संबंध था। साथ ही, बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। सीओ गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि बिना जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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    रायबरेली।
जिले के जगतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत अलावलपुर गांव निवासी सुरेश पटेल की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा है कि प्रकरण के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और निष्पक्ष विवेचना के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि यह मामला फर्जी लोन और कथित उत्पीड़न से जुड़ा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा दबाव बनाए जाने के कारण सुरेश की तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजनों की तहरीर पर 22 मार्च को जगतपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों और एक अन्य व्यक्ति को नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में बैंक के सीसीटीवी फुटेज, उपस्थिति रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सुरेश पटेल और उनके भाई का अनाज व्यापार से संबंध था। साथ ही, बैंक खातों और लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।
सीओ गिरिजा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि बिना जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    user_Deepak Kumar
    Deepak Kumar
    Local News Reporter ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Shailendra Gupta jansewak unchahar
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    Shailendra Gupta jansewak unchahar
    user_ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
    ललित अपराध लाइव न्यूज़ चैनल उत्तर प्रदेश
    पत्रकार ऊंचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
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    Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
    user_प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
    प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by KEN
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    Post by KEN
    user_KEN
    KEN
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
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    Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    user_कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज
    सिराथू, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कानपुर से एक रूहानी कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह के कुछ समय बाद ही एक युवती का जीवन नर्क बन गया। पीड़िता ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अंतरजातीय विवाह के बाद उसका पति हैवानियत पर उतर आया है। ​प्रमुख आरोप और घटनाक्रम ​पीड़िता के अनुसार, उसका पति न केवल शारीरिक शोषण करता है, बल्कि वह आपत्तिजनक दवाइयों (सेक्सुअल स्टिमुलेंट्स) का सेवन कर उसे प्रताड़ित करता है। युवती का आरोप है कि पति उसे अपने दोस्तों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है और विरोध करने पर बुरी तरह मारपीट करता है। ​धमकी और कानूनी पेच ​हैरानी की बात यह है कि आरोपी पति अपनी जाति (SC) का हवाला देकर पत्नी को डराता है। पीड़िता (जो ब्राह्मण समुदाय से है) ने बताया कि विरोध करने पर उसे SC/ST एक्ट के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। ​निष्कर्ष: यह घटना समाज के उस काले चेहरे को दर्शाती है जहां वैवाहिक रिश्ते के नाम पर दरिंदगी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन से इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके
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    कानपुर से एक रूहानी कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम विवाह के कुछ समय बाद ही एक युवती का जीवन नर्क बन गया। पीड़िता ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अंतरजातीय विवाह के बाद उसका पति हैवानियत पर उतर आया है।
​प्रमुख आरोप और घटनाक्रम
​पीड़िता के अनुसार, उसका पति न केवल शारीरिक शोषण करता है, बल्कि वह आपत्तिजनक दवाइयों (सेक्सुअल स्टिमुलेंट्स) का सेवन कर उसे प्रताड़ित करता है। युवती का आरोप है कि पति उसे अपने दोस्तों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता है और विरोध करने पर बुरी तरह मारपीट करता है।
​धमकी और कानूनी पेच
​हैरानी की बात यह है कि आरोपी पति अपनी जाति (SC) का हवाला देकर पत्नी को डराता है। पीड़िता (जो ब्राह्मण समुदाय से है) ने बताया कि विरोध करने पर उसे SC/ST एक्ट के तहत झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है।
​निष्कर्ष: यह घटना समाज के उस काले चेहरे को दर्शाती है जहां वैवाहिक रिश्ते के नाम पर दरिंदगी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन से इस मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके
    user_Harinarayan Tiwari
    Harinarayan Tiwari
    Court reporter Unchahar, Rae Bareli•
    1 hr ago
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