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सरायकेला-खरसवां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चिलगु गाँव निवासी जितेन दास की राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33) पर एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सड़क सुरक्षा उपायों को लागू करने, वाहनों की गति को नियंत्रित करने और इस मामले में ठोस प्रशासनिक कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से प्रशासनिक जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया है।
Suryoday Samvaad
सरायकेला-खरसवां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चिलगु गाँव निवासी जितेन दास की राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33) पर एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के बाद, स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सड़क सुरक्षा उपायों को लागू करने, वाहनों की गति को नियंत्रित करने और इस मामले में ठोस प्रशासनिक कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से प्रशासनिक जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया है।
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- पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने हाल ही में चाईबासा मंडल कारा का औचक निरीक्षण किया। इस गहन निरीक्षण के दौरान कारा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन संतोषजनक पाया गया। अधिकारियों को परिसर में किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री, प्रतिबंधित वस्तु या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त नहीं हुई। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने कारा परिसर के विभिन्न वार्डों, बैरकों, सुरक्षा व्यवस्थाओं, प्रवेश एवं निकास बिंदुओं सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने कारा अधिकारियों को सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि कारा की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। इस अवसर पर उपायुक्त मनीष कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि कारा की सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों के कल्याण से संबंधित व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण अत्यंत आवश्यक है।1
- पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) में 15 जून 2026 को प्रशासन ने दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी तरह से अलर्ट होकर एक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य स्कूल से बाहर रह रहे दिव्यांग बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना है, जिसके लिए उपायुक्त मनीष कुमार ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त श्री मनीष कुमार की अगुवाई में समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य उन दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ना था जो वर्तमान में स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (सदर चाईबासा), क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी और सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जिले में स्कूल से बाहर रह रहे दिव्यांग बच्चों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि वे जमीन पर उतरकर काम करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी दिव्यांग बच्चों का स्कूलों में शत-प्रतिशत नामांकन हो सके।4
- गोईलकेरा बाजार में स्थायी रूप से दुकानें लगाकर बाजार की जगह पर अवैध कब्जा किया जा रहा है, जिससे आम लोगों और छोटे दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जहाँ साप्ताहिक बाजार लगता है, वहाँ कुछ लोगों ने अपनी दुकानें स्थायी तौर पर जमा ली हैं और अपना सामान दिन-रात वहीं पड़ा रहने देते हैं। इस कब्जे के कारण आसपास के लोग लगातार परेशान हो रहे हैं। इन कब्जेदार दुकानदारों द्वारा अपने व्यापार के लिए दूसरों को भी परेशान किया जाता है। खास बात यह है कि जहाँ छोटे दुकानदार अपनी आजीविका चलाने के लिए छोटी-मोटी दुकानें लगाते हैं, वहाँ ये कब्जेदार एक दुकान के लिए तीन से चार लोगों की जगह घेर लेते हैं। इससे बाजार में जगह की कमी हो रही है और छोटे व्यापारियों के रोजगार पर सीधा असर पड़ रहा है।3
- रॉंची स्थित शहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा किडनी स्वास्थ्य पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ० मोहम्मद शोएब अहमद खान ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने और किडनी के स्वास्थ्य का ध्यान रखने से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए।1
- झारखंड केसरी मनोज डांगी को सेवा भारती झारखंड द्वारा 'सेवा सम्मान' से सम्मानित किया गया है। रांची में आयोजित सम्मान समारोह में पूर्व मुख्य सचिव ए.एन. पांडेय ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। मनोज डांगी पिछले 27 वर्षों से शिक्षा, बाल अधिकार, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंद लोगों की सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार योगदान दे रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए गर्व का विषय है और इससे समाज सेवा के प्रति उनका संकल्प और भी मजबूत होगा।1
- धनबाद में ए. के. राय की जयंती के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।1
- आज 15 जून 2026 को मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बड़ा गूंटिया ग्राम पंचायत में एक व्यापक एंटी-ड्रग्स अभियान चलाया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों को ड्रग्स के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करना था, ताकि वे नशे से दूर रह सकें और स्वस्थ जीवन अपना सकें। अभियान के दौरान, उपस्थित ग्रामीणों को 'नशा छोड़ो जीवन से नाता जोड़ो' का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया, जिसमें उन्हें नशे की लत के चक्र को तोड़ने और जीवन के सकारात्मक पहलुओं से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त, लोगों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे ड्रग्स और नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री, सेवन या परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति के बारे में जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में या डायल 112 पर दें, ताकि ऐसे असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। इस जागरूकता अभियान में मुफ्फसिल थाना प्रभारी ने स्वयं सक्रिय रूप से भाग लिया और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों तथा इसकी रोकथाम के महत्व को लेकर ग्रामीणों को सचेत किया, जिससे सामुदायिक स्तर पर नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया।1
- राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के सरकारी उद्देश्य के साथ, 15 जून 2026, सोमवार को जिला समाहरणालय परिसर से जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने संयुक्त रूप से 05 जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया। यह बड़ा जन-जागरूकता अभियान, जो नशीले एवं मादक पदार्थों के विरुद्ध है, पूरे राज्य में 10 जून 2026 से 26 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। रवाना किए गए ये सभी पाँच जागरूकता रथ आधुनिक ऑडियो एवं वीडियो उपकरणों से सुसज्जित हैं। ये रथ प्रशासन द्वारा तैयार किए गए एक निर्धारित रोस्टर के अनुसार जिले के अलग-अलग ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। इन रथों के माध्यम से आम जनता से नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहने की अपील की जाएगी। इस महाअभियान के तहत लोगों को मुख्य रूप से तीन स्तरों पर जागरूक किया जाएगा: नशे के सेवन से शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जानलेवा स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव, मादक पदार्थों के कारण परिवारों की कमजोर होती आर्थिक स्थिति, और समाज तथा परिवार में घटती प्रतिष्ठा व बिखरते रिश्तों जैसे सामाजिक प्रभाव। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर अपने आस-पड़ोस को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।3
- झारखंड के धनबाद में, जिन्हें 'मजदूरों के मसीहा' के तौर पर जाना जाता था, उन सूर्य देव सिंह की पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर उन्हें याद किया गया।1