मंडलेश्वर बाजार में त्योहारों की रौनक बरकरार, UPI पर MDR के बावजूद चहल-पहल मंडलेश्वर (महेश्वर)मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में त्योहारों के मौसम में बाजार गुलजार नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को मुख्य बाजार की सड़कों पर गाड़ियों, बाइकों और खरीदारों की भारी भीड़ थी। दुकानों पर सामान सजा हुआ था और “माँ नर्मदा हार” जैसे बोर्ड वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने ग्राहक घूम रहे थे। पेड़ों की छांव में छाते लगे थे और पूरे इलाके में त्योहारी माहौल साफ झलक रहा था। सरकार द्वारा यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले के बावजूद स्थानीय बाजार में विशेष तौर पर चल-पाल दिखाई दी। 15 अक्टूबर 2026 से व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) यूपीआई लेन-देन पर ₹2,000 से ऊपर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा, जो अधिकतम ₹300 प्रति लेन-देन तक सीमित रहेगा। रेलवे, टेलीकॉम, ईंधन, बीमा और कृषि इनपुट जैसे क्षेत्रों में फ्लैट ₹5 का चार्ज होगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेन-देन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे और ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट भी फ्री रहेंगे। छोटे व्यापारियों (मासिक ₹1 लाख तक यूपीआई QR से प्राप्त करने वाले) को भी छूट मिलेगी। वित्त मंत्रालय और NPCI के अनुसार यह MDR न तो कर है और न ही सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला चार्ज। यह राशि बैंकों और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स में बांटी जाएगी ताकि यूपीआई सिस्टम की दीर्घकालिक स्थिरता बनी रहे। FY 2025-26 में यूपीआई पर कुल 24,161.69 करोड़ लेन-देन हुए जिनकी वैल्यू लगभग ₹314 लाख करोड़ थी। इनमें P2M लेन-देन का केवल करीब 4 प्रतिशत हिस्सा ₹2,000 से ऊपर का था, लेकिन वैल्यू के हिसाब से ये दो-तिहाई हिस्सेदारी रखते हैं। यानी 96 प्रतिशत मर्चेंट लेन-देन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंडलेश्वर जैसे छोटे शहर के बाजारों में ज्यादातर रोजमर्रा की खरीदारी ₹2,000 से कम की होती है। त्योहारों (हरतालिका तीज, गणेशोत्सव और आने वाले नवरात्रि-दीवाली) के दौरान भी ग्राहक नकदी या छोटे यूपीआई पेमेंट से खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि अभी तक कोई गिरावट महसूस नहीं हुई और भीड़ पहले जैसी है। सरकार का जोर इस बात पर है कि उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
मंडलेश्वर बाजार में त्योहारों की रौनक बरकरार, UPI पर MDR के बावजूद चहल-पहल मंडलेश्वर (महेश्वर)मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर में त्योहारों के मौसम में बाजार गुलजार नजर आ रहे हैं। शुक्रवार को मुख्य बाजार की सड़कों पर गाड़ियों, बाइकों और खरीदारों की भारी भीड़ थी। दुकानों पर सामान सजा हुआ था और “माँ नर्मदा हार” जैसे बोर्ड वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों के सामने ग्राहक घूम रहे थे। पेड़ों की छांव में छाते लगे थे और पूरे इलाके में त्योहारी माहौल साफ झलक रहा था। सरकार द्वारा यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने के फैसले के बावजूद स्थानीय बाजार में विशेष तौर पर चल-पाल दिखाई दी। 15 अक्टूबर 2026 से व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) यूपीआई लेन-देन पर ₹2,000 से ऊपर 0.4 प्रतिशत MDR लगेगा, जो अधिकतम ₹300 प्रति लेन-देन तक सीमित रहेगा। रेलवे, टेलीकॉम, ईंधन, बीमा और कृषि इनपुट जैसे क्षेत्रों में फ्लैट ₹5 का चार्ज होगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) लेन-देन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे और ₹2,000 तक के मर्चेंट पेमेंट भी फ्री रहेंगे। छोटे व्यापारियों (मासिक ₹1 लाख तक यूपीआई QR से प्राप्त करने वाले) को भी छूट मिलेगी। वित्त मंत्रालय और NPCI के अनुसार यह MDR न तो कर है और न ही सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला चार्ज। यह राशि बैंकों और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स में बांटी जाएगी ताकि यूपीआई सिस्टम की दीर्घकालिक स्थिरता बनी रहे। FY 2025-26 में यूपीआई पर कुल 24,161.69 करोड़ लेन-देन हुए जिनकी वैल्यू लगभग ₹314 लाख करोड़ थी। इनमें P2M लेन-देन का केवल करीब 4 प्रतिशत हिस्सा ₹2,000 से ऊपर का था, लेकिन वैल्यू के हिसाब से ये दो-तिहाई हिस्सेदारी रखते हैं। यानी 96 प्रतिशत मर्चेंट लेन-देन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मंडलेश्वर जैसे छोटे शहर के बाजारों में ज्यादातर रोजमर्रा की खरीदारी ₹2,000 से कम की होती है। त्योहारों (हरतालिका तीज, गणेशोत्सव और आने वाले नवरात्रि-दीवाली) के दौरान भी ग्राहक नकदी या छोटे यूपीआई पेमेंट से खरीदारी कर रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि अभी तक कोई गिरावट महसूस नहीं हुई और भीड़ पहले जैसी है। सरकार का जोर इस बात पर है कि उपभोक्ताओं पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा।
- कचरा फेंकने की हमारी छोटी सी आदत किसी अन्य जीव के जीवन का अंत बन सकती है। गंभीर मुद्दे को एक अत्यंत रचनात्मक, मार्मिक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। इसे और अधिक प्रभावशाली, तार्किक और वैचारिक रूप से मजबूत बनाते हुए प्रस्तुत किया गया है: प्रदूषण और मानवता का मौन संकट: एक तार्किक विश्लेषण समस्या की शुरुआत: दैनिक लापरवाही और अदूरदर्शिता वीडियो की शुरुआत आम जीवन के एक सामान्य दृश्य से होती है—लोग अपनी गाड़ियों (स्कूटर) से चलते हुए कचरे और प्लास्टिक की थैलियों को सीधे नदियों या सड़कों पर फेंक देते हैं। यह इस बात का प्रतीक है कि आधुनिक समाज में सुविधा और स्वच्छता के नाम पर हम अपनी नैतिक जिम्मेदारी भूल चुके हैं। जल निकायों का दम घुटना (जल प्रदूषण) जब प्लास्टिक और कचरा पानी में गिरता है, तो यह केवल कचरा नहीं बल्कि जलीय जीवों के लिए मौत का बुलावा बनता है। वीडियो का यह भाग वैज्ञानिक रूप से इस बात को रेखांकित करता है कि: प्लास्टिक कभी नहीं गलता, यह पानी में घुलकर सूक्ष्म कणों (Microplastics) में बदल जाता है। जलीय जीव (मछलियां, कछुए आदि) इसे भोजन समझकर निगल लेते हैं, जिससे उनका दम घुट जाता है और संपूर्ण जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) नष्ट होने लगता है। मानवीय दृष्टिकोण से उलट: पानी के जीवों का दर्द वीडियो का सबसे शक्तिशाली और झकझोर देने वाला मोड़ तब आता है जब जलीय जीव (दरियाई घोड़ा, शार्क, कछुए और मछलियां) मानव बस्ती में आकर विरोध दर्ज कराते हैं। यह दृश्य एक गहरा तार्किक संदेश देता है: "जिस जल को हम केवल एक माध्यम या नाला समझकर गंदा कर रहे हैं, वही जल उन जीवों का पूरा संसार है।" * जैसे इंसानों के लिए अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाएं जीवन रक्षा का आधार हैं, वैसे ही इन बेजुबान जीवों के लिए साफ पानी ही इनका एकमात्र घर और जीवन है। हमारे द्वारा फेंका गया कचरा उनके बच्चों को बीमार कर रहा है और उनकी पीढ़ियों को समाप्त कर रहा है। अंततः सवाल: सबसे बुद्धिमान प्राणी कौन? मानव जाति खुद को इस पृथ्वी की सबसे बुद्धिमान प्रजाति मानती है। वीडियो अंत में यही सवाल खड़े करता है—यदि हम सबसे बुद्धिमान हैं, तो इतनी सी साधारण सी बात क्यों नहीं समझ पा रहे हैं कि जिस पर्यावरण को हम नष्ट कर रहे हैं, अंततः वही हमारे अपने विनाश का कारण बनेगा? निष्कर्ष और संदेश यह वीडियो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि कचरा फेंकने की हमारी छोटी सी आदत किसी अन्य जीव के जीवन का अंत बन सकती है। जल है तो जीवन है, और नदियों को बचाना केवल प्रकृति पर उपकार नहीं, बल्कि स्वयं के अस्तित्व को बचाने की अनिवार्य शर्त है।4
- मध्यप्रदेश के महू तहसील के मानपुर क्षेत्र स्थित ग्राम खुर्दी में आदिवासी बालक छात्रावास संचालित है। छात्रावास में रहने वाले बच्चों द्वारा वार्डन एवं अधीक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। बच्चों का आरोप है कि जब वे छात्रावास की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से शिकायत करने की बात करते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है और शिकायत करने पर बच्चों के खिलाफ FIR करवाने की बात कही जाती है। बच्चों से 1 हजार रुपए की राशि लेने की बात भी मने आई है। छात्रावास में बच्चों को मिलने वाले भोजन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बच्चों का कहना है कि वार्डन/अधीक्षक के पास दो छात्रावासों की जिम्मेदारी है, जिसके कारण वे छात्रावास में पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं और बच्चों की व्यवस्थाओं पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बच्चों का यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें डराया जाता है तथा उनके साथ मारपीट की जाती है। कुछ बच्चों का कहना है कि वार्डन/अधीक्षक शराब के नशे में छात्रावास में आते हैं और उनके साथ मारपीट करते हैं। इन शिकायतों को देखते हुए छात्रावास की व्यवस्थाओं, भोजन की गुणवत्ता, बच्चों की सुरक्षा तथा वार्डन/अधीक्षक के व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाना आवश्यक है, ताकि यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सके और बच्चों को सुरक्षित एवं उचित वातावरण मिल सके। मध्यप्रदेश के महू तहसील के मानपुर क्षेत्र स्थित ग्राम खुर्दी में आदिवासी बालक छात्रावास संचालित है। छात्रावास में रहने वाले बच्चों द्वारा वार्डन एवं अधीक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। बच्चों का आरोप है कि जब वे छात्रावास की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से शिकायत करने की बात करते हैं, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है और शिकायत करने पर बच्चों के खिलाफ FIR करवाने की बात कही जाती है। बच्चों से 1 हजार रुपए की राशि लेने की बात भी मने आई है। छात्रावास में बच्चों को मिलने वाले भोजन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बच्चों का कहना है कि वार्डन/अधीक्षक के पास दो छात्रावासों की जिम्मेदारी है, जिसके कारण वे छात्रावास में पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं और बच्चों की व्यवस्थाओं पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बच्चों का यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें डराया जाता है तथा उनके साथ मारपीट की जाती है। कुछ बच्चों का कहना है कि वार्डन/अधीक्षक शराब के नशे में छात्रावास में आते हैं और उनके साथ मारपीट करते हैं। इन शिकायतों को देखते हुए छात्रावास की व्यवस्थाओं, भोजन की गुणवत्ता, बच्चों की सुरक्षा तथा वार्डन/अधीक्षक के व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराई जाना आवश्यक है, ताकि यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सके और बच्चों को सुरक्षित एवं उचित वातावरण मिल सके।1
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इंदौर पहुंचे पीएम से लेकर तमाम विषयों पर चर्चा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव इंदौर पहुंचे पीएम से लेकर तमाम विषयों पर चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन सेवा संकल्प के रूप में भारतीय जनता पार्टी बना रही है इस अवसर पर मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना का आज अभियान प्रारंभ किया गया है ग्रामीण क्षेत्र की आबादी की रजिस्ट्री कर अभियान की शुरुआत की जा रही है देश का यह पहला राज्य मध्य प्रदेश होगा जहां ग्रामीणों की निशुल्क रजिस्ट्री होगी आज सहयोग भी है आज विश्वकर्मा जयंती भी है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्वकर्मा योजना भी लागू की गई है गरीब से गरीब कलाकारों का उनके कला का अवसर मिल रहा है राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन देवी अहिल्याबाई होल्कर की नगरी में पहली बार पधार रहे हैं जहां पर ढोलक तासे बजाकर उनका स्वागत किया जाएगा एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल गांधीनगर तक जोरदार स्वागत किया जाएगा और खुले वाहन में नितिन नवीन रैली के रूप में कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेंगे एंकर -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़े अभियान की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए इस अभियान को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि दुनिया के लोकप्रिय नेताओं में शामिल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन और भगवान विश्वकर्मा जयंती एक साथ मनाई जा रही है , मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के सुशासन और सेवा संकल्प से जुड़े महाअभियान के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 50 लाख से अधिक लोगों के लिए उनके स्वयं के भूखंड की रजिस्ट्री कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, जहां ग्रामीण क्षेत्र के रहवासियों को उनके भूखंड की रजिस्ट्री निशुल्क उपलब्ध कराने का संकल्प लिया जा रहा है। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के साथ भगवान विश्वकर्मा की जयंती भी है। भगवान विश्वकर्मा के जीवन और उनकी कार्यकुशलता को सामने रखते हुए केंद्र सरकार ने पीएम विश्वकर्मा योजना लागू की है। इस योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोगों को रोजगार और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब और जरूरतमंद वर्ग के साथ-साथ कलाकारों तथा पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर इंदौर से शुरू होने वाले कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी रहेगी। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए इंदौरवासियों और कार्यकर्ताओं की ओर से तैयारियों की जानकारी भी दी4
- मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज इंदौर आगमन पर राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का स्वागत किया1
- करणी नेता का कोई अध्यक्ष बताया जाता है दलित समाज के बारे में गलत टिप्पणी कर रहा करणी सी का वाल्मीकि समाज ने दलित समाज में कर दी पिटाई करणी सेन की1
- CM मोहन यादव ने इंदौर एयरपोर्ट पर किया नितिन नवीन का स्वागत | सेवा-संकल्प अभियान और स्वामित्व योजना1
- शीतला सप्तमी पर्व की तैयारी: शीतला माता मंदिर परिसर में नगर पालिका कर्मी हारून भाई द्वारा की गई विशेष साफ-सफाई और दवा का छिड़काव; सुरक्षा को लेकर थाना प्रभारी को सौंपा गया आवेदन सनावद ग्राउंड रिपोर्ट: ऋषि एरन एमपी का आईना सनावद में आगामी पावन पर्वों को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। आगामी 18 सितंबर 2026 को आने वाले 'शीतला सप्तमी' के पवित्र पर्व को दृष्टिगत रखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने लगे हैं। इस कड़ी में स्वच्छता और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर बेहतरीन पहल देखने को मिली है। नगर पालिका के सफाई कर्मी हारून भाई का सराहनीय कार्य: शीतला सप्तमी के पावन पर्व के अवसर पर नगर पालिका के समर्पित और सक्रिय कर्मचारी हारून भाई द्वारा शीतला माता मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने न केवल परिसर की पूरी तरह साफ-सफाई की, बल्कि संक्रमण से बचाव और स्वच्छता बनाए रखने के लिए कीटनाशक दवा का छिड़काव भी किया। मंदिर परिसर को चकाचक करने वाले इस सराहनीय कार्य के लिए समिति और सभी क्षेत्रवासियों की ओर से हारून भाई का दिल से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया गया है। साथ ही यह उम्मीद जताई गई है कि त्योहारी सीजन के चलते वे अपनी ऐसी ही सक्रियता और ऊर्जा आगे भी बनाए रखेंगे। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन को आवेदन: पर्व के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा पुलिस प्रशासन से सहयोग की मांग की गई है। शीतला माता मंदिर प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष दिनेश जी सोनी 'नेताजी' और मंदिर के पुजारी पंडित Shashank Bhargav ने सनावद थाने पहुंचकर थाना प्रभारी महोदय Dharmendra Yadav को एक औपचारिक आवेदन सौंपा है। आवेदन के माध्यम से निवेदन किया गया है कि: दिनांक 18 सितंबर 2026 को शीतला सप्तमी पर्व के पावन अवसर पर प्रात: 06:00 बजे से कार्यक्रम की समाप्ति तक मंदिर परिसर में कानून-व्यवस्था और दर्शन व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए 02 महिला कांस्टेबलों की ड्यूटी तैनात की जाए। पर्व के दौरान नगर व आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में माताओं और बहनों की उपस्थिति को देखते हुए उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए यह कदम बेहद आवश्यक है। प्रशासन और स्वच्छता कर्मियों के इस совместных (सहयोगी) प्रयासों से यह उम्मीद बंध गई है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में अपने इष्ट के दर्शन कर सकेंगे।4
- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज इंदौर में प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन की उपलक्ष में गरीब तत्वों के लोगों के लिए फ्री रजिस्ट्री1
- गोलू शुक्ला के गुंडो ने 10-15 लोगों ने मिलकर मारा एक सोशल वर्कर को1