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हाड़ौती की उड़ान: शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा। आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन - बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है। जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है। कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट - सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। दो साल में पूरा करेंगे निर्माण - नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक 'अबोव रेट' आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं। मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और 'वाटर लीकेज' किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि "स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।" विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि 2 साल में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट तैयार होगा, जिससे मुकुंदरा और रामगढ़ अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुँचेगी और 8-लेन हाईवे व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कोटा की आर्थिक समृद्धि पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, कन्हैयालाल चौधरी, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कल्पना देवी, बून्दी विधायक हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, चन्द्रकांत मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है। करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा।

on 7 March
user_Ravi Samariya
Ravi Samariya
Media house लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
on 7 March
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हाड़ौती की उड़ान: शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना शनिवार को औपचारिक रूप से जमीन पर उतर आई। वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नवंबर 2023 में जब वे कोटा आए थे, तब उन्होंने वादा किया था कि कोटा का एयरपोर्ट केवल सपना बनकर नहीं रहेगा, बल्कि उसे साकार किया जाएगा। आज वही क्षण आ गया है, जब कोटा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट की स्थापना हाड़ौती के विकास के नए द्वार खोलेगी। कोटा के शंभूपुरा में शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और उड्यन मंत्री के राम मोहन नायडू ने शनिवार को शंभूपुरा में कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नया इंजन - बिरला समारोह को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी एयरपोर्ट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे हाड़ौती क्षेत्र की आर्थिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग, व्यापार और पर्यटन क्षेत्र के प्रतिनिधि इस बात को महसूस करते रहे हैं कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी के बिना क्षेत्र की संभावनाएं पूरी तरह सामने नहीं आ पातीं। उन्होंने कहा कि कोटा देश-विदेश में अपनी पहचान बनाने वाला शहर है, यहां उद्योग है, उर्वर कृषि क्षेत्र है, और सबसे बढ़कर देश का प्रमुख शिक्षा केंद्र है। लाखों विद्यार्थी हर साल यहां आते हैं, लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के अभाव में शहर तक पहुंचना उनके लिए समय-साध्य और कठिन बना रहता था। एयरपोर्ट बनने के बाद यह स्थिति बदलेगी और कोटा न केवल देश के प्रमुख शहरों से बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी अधिक सहजता से जुड़ सकेगा। एयरपोर्ट के पास ही उद्योगों के लिए 600 हेक्टेयर जमीन औद्योगिक विकास के लिए रीको को दी गई है।

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जहां आने वाले दिनों में नए उद्योग स्थापित होंगे। ट्रिपल आईटी के विस्तार के साथ ही कोटा आईटी का नया हब भी बनेगा। कोटा-बूंदी निश्चित ही देश का सबसे तेजी से विकसित होता क्षेत्र बनेगा। चम्बल और परवन जैसी हमेशा पानी से भरी रहने वाली नदियों के किनारे रहकर भी इस इलाके के हजारों गांवों में पर्याप्त पानी नहीं था। आज हर घर तक पीने का पानी और हर खेत तक सिंचाई के लिए हजारों करोड़ से कार्य हो रहे है। कोटा बूंदी की उड़ान में नहीं आने देंगे कोई रुकावट - सीएम मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी और प्रशासनिक, आर्थिक तथा भूमि संबंधी बाधाओं को तेजी से दूर किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में शामिल है और बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलती है। प्रदेश में सरकार आते ही सिर्फ तीन महीने में एयरपोर्ट के रास्ते में आ रही सारी अड़चनें खत्म कर दीं। आगे भी किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं आने देंगे। दो साल में पूरा करेंगे निर्माण - नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा-बूंदी में एयरपोर्ट की स्थापना का काम काफी पहले शुरू हो जाता, लेकिन केंद्र सरकार जितनी तेजी से निर्णय ले रही थी, राजस्थान सरकार उतना ही डिले कर रही थी। भजनलाल शर्मा जब मुख्यमंत्री बने तब जाकर उन्होंने सिर्फ तीन महीने में सारी क्लीयरेंस दिलवा दी। नायडू ने कहा कि अब हमारा लक्ष्य है कि किसी भी सूरत में कोटा बूंदी एयरपोर्ट का काम दो साल में पूरा करवाएंगे। बनाना है दो साल में मतलब बनाना ही पड़ेगा इसे। उन्होंने कहा कि कई एयरलाइंस पहले से ही कोटा से उड़ान भरने के लिए तैयार बैठी हैं। इसलिए कनेक्टिविटी

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की कोई परेशानी नहीं होगी। इसके साथ ही पुराने हवाई अड्डा भी यथावत रहेगा और उस जमीन पर फ्लाइंग ट्रेनिगं सेंटर खोलेंगे। नायडू ने कहा कि मोदी सरकार 40 दिन में एक एयरपोर्ट खोल रही है और एक एयरपोर्ट विकास के हजारों नए रास्ते खोलता है। एक फ्लाइट सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। एयरपोर्ट बनने के बाद रोजगार और उद्योग के लिए देश भर से लोग आएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पिछली सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कोटा एयरपोर्ट और पेयजल परियोजनाएं क्षेत्र की पुरानी मांग थी। जिन्हें कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक रोके रखा। उन्होंने खुलासा किया कि कांग्रेस के शासन में चार बार टेंडर हुए और 40% तक 'अबोव रेट' आई थी, लेकिन भजनलाल सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के कारण इस बार टेंडर 9 से 15 प्रतिशत की वाजिब रेट पर हुए हैं। मंत्री नागर ने कहा कि कांग्रेस ने जल जीवन मिशन में जो भ्रष्टाचार और 'वाटर लीकेज' किया था। उसकी परतें अब खुल रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब डबल इंजन की सरकार ने रेल और सड़क के बाद एयर कनेक्टिविटी की राह भी प्रशस्त कर दी है, जिससे निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को अपनी ही जमीन पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। विधायक संदीप शर्मा ने इस अवसर पर पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह एयरपोर्ट 5 साल पहले ही शुरू हो सकता था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री और पिछली सरकार ने इसमें कई रोड़े अटकाए। उन्होंने कहा कि "स्पीकर साहब ओम बिरला ने संकल्पित होकर एयरपोर्ट की जमीन को वन भूमि से मुक्त कराया, जिससे कांटों की राह फूलों का हार बनी।" विधायक शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि सरकार बनते ही 6 महीने में 140 करोड़ रुपये जमा कराकर एयरपोर्ट की राह सुगम की गई। उन्होंने विश्वास जताया कि

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2 साल में यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट तैयार होगा, जिससे मुकुंदरा और रामगढ़ अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लाखों में पहुँचेगी और 8-लेन हाईवे व इंडस्ट्रियल कॉरिडोर कोटा की आर्थिक समृद्धि पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी सहित अन्य वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर, कन्हैयालाल चौधरी, राज्य मंत्री गौतम कुमार दक, विधायक कल्पना देवी, बून्दी विधायक हरिमोहन शर्मा, पूर्व विधायक अशोक डोगरा, चन्द्रकांत मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, कोटा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, देहात जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दो दशक की कोशिशों के बाद मिला आकार कोटा के विकास की संभावनाओं को देखते हुए दो दशक से नए एयरपोर्ट की स्थापना की मांग उठ रही थी। लेकिन, भूमि अधिग्रहण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वित्तीय स्वीकृतियां न मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही। 21 नवंबर 2023 को कोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट स्थापित करने की घोषणा की थी, जिसके बाद परियोजना को नई गति मिली और अब उसका निर्माण चरण शुरू हो चुका है। दिसंबर 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का काम शुरू होते ही कोटा बूंदी उत्तर-पश्चिम भारत के उभरते आर्थिक केंद्रों में शामिल हो गया है। करीब 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनने वाला यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट वर्ष 2027 तक तैयार हो जाएगा। शंभूपुरा के पास 440 हेक्टेयर से बड़े भूभाग पर बनने वाले इस एयरपोर्ट में लगभग 45 मीटर चौड़े और 3.2 किलोमीटर लंबे रनवे पर एयरबस (A321) जैसे बड़े विमान उतर सकेंगे। इसके साथ ही आधुनिक यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, विमान पार्किंग एप्रन और सहायक अवसंरचना विकसित की जाएगी। प्रारंभिक चरण में इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 20 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिसे भविष्य की मांग को देखते हुए बढ़ाया जा सकेगा।

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  • रामगंज मंडी में हुई तेज बरसात
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    रामगंज मंडी में हुई तेज बरसात
    user_Mahendar.merotha
    Mahendar.merotha
    Voice of people लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • कोटा राजस्थान – चम्बल पर 256 करोड़ के हाई लेवल ब्रिज का हुआ शिलान्यास, विकास को मिलेगी रफ्तार कोटा। कनेक्टिविटी और विकास को नई गति देने की दिशा में क्षेत्र को महत्वपूर्ण परियोजना का सौगात मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा जिले के इटावा खंड स्थित ढीपरी चम्बल और बून्दी जिले के चाणदा खुर्द के बीच चम्बल नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित 256 करोड़ रुपए के उच्च स्तरीय पुल का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हाईलेवल ब्रिज के साथ सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 281 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस पुल के साथ कई परियोजनाएं वन विभाग की आपत्तियों के कारण वर्षों से अटकी हुई थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। चंबल क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। झरेल पुल के निर्माण से सवाईमाधोपुर से संपर्क बेहतर होगा और शहनावदा और मध्यप्रदेश के पनवाड़ा के बीच पार्वती नदी पर नए हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। रेल कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा क्षेत्र बिरला ने कहा कि ढीपरी पुल बनने के बाद एक्सप्रेस-वे तक पहुंच और आसान होगी। साथ ही दिल्ली की दूरी करीब 4 घंटे और उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंच लगभग 3.30 घंटे रह जाएगी। श्योपुर से दीगोद तक रेल कनेक्टिविटी के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और भविष्य में यह क्षेत्र रेल सेवा से भी जुड़ेगा। बिरला ने कहा कि चम्बल का पानी अंतिम छोर तक पहुंचे इस लक्ष्य से काम कर रहे हैं, नौनेरा डेम के माध्यम से हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाएगा, जिससे माताओं-बहनों को विशेष लाभ मिलेगा। सरसब्ज होंगे किसनों के खेत- मीणा कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि चंबल का पानी अलवर तक पहुंचेगा, लेकिन डबल इंजन सरकार की ताकत से यह संभव हो रहा है। लगभग 78 हजार करोड़ रुपये की लागत से राम जल सेतु (PKC-ERCP) परियोजना के माध्यम से राजस्थान के 21 जिलों तक पानी पहुंचाया जाएगा। अब वो दिन दूर नहीं जब हमारे किसानों के खेत भी सरसब्ज होंगे। गड़बड़ी करने वाले भुगतेंगे अंजाम कृषि मंत्री मीणा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों और गरीबों को मुआवजा दिलाना सरकार का संकल्प है, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नकली खाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 127 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं और भविष्य में केन्द्र सरकार सख्त कानून लान वाली है। जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि फसल बीमा में गड़बड़ी करने वाले लोग अंजाम भुगतेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने कहा कि क्षेत्र को 350 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। आज़ादी के बाद इतने व्यापक काम कभी नहीं हुए, जितने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला केकार्यकाल में हो रहे हैं। यह रहे मौजूद इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, इटावा प्रधान रिंकू मीणा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार, पूर्व प्रधान विजय शंकर नागर, एसटी मोर्चा प्रदेश महामंत्री अशोक मीणा, जिला महामंत्री विशाल शर्मा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष आशा त्रिवेदी, जिला उपाध्यक्ष पवन हाड़ा, जिला मंत्री सुल्तान बैरवा, लेखराज बैरवा, राजेश प्रजापति, वरिष्ठजन प्रमुख सीताराम मीणा, रणजीत आर्य, खातौली मंडल अध्यक्ष विरेन्द्र सुमन, ढीपरी चम्बल अध्यक्ष मुकेश नागर व इन्द्रगढ़ ग्रामीण अध्यक्ष कैलाश गोचर व बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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    कोटा राजस्थान 
– चम्बल पर 256 करोड़ के हाई लेवल ब्रिज का हुआ शिलान्यास, विकास को मिलेगी रफ्तार
कोटा। कनेक्टिविटी और विकास को नई गति देने की दिशा में क्षेत्र को महत्वपूर्ण परियोजना का सौगात मिली है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कोटा जिले के इटावा खंड स्थित ढीपरी चम्बल और बून्दी जिले के चाणदा खुर्द के बीच चम्बल नदी पर बनने वाले बहुप्रतीक्षित 256 करोड़ रुपए के उच्च स्तरीय पुल का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हाईलेवल ब्रिज के साथ सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कुल 281 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास हुआ। 
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि इस पुल के साथ कई परियोजनाएं वन विभाग की आपत्तियों के कारण वर्षों से अटकी हुई थीं, जिन्हें अब दूर कर दिया गया है। चंबल क्षेत्र में करीब 30 किलोमीटर के दायरे में कई पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा। झरेल पुल के निर्माण से सवाईमाधोपुर से संपर्क बेहतर होगा और शहनावदा और मध्यप्रदेश के पनवाड़ा के बीच पार्वती नदी पर नए हाईलेवल ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। 
रेल कनेक्टिविटी से भी जुड़ेगा क्षेत्र
बिरला ने कहा कि ढीपरी पुल बनने के बाद एक्सप्रेस-वे तक पहुंच और आसान होगी। साथ ही दिल्ली की दूरी करीब 4 घंटे और उज्जैन महाकाल मंदिर तक पहुंच लगभग 3.30 घंटे रह जाएगी। श्योपुर से दीगोद तक रेल कनेक्टिविटी के लिए सर्वे पूरा हो चुका है और भविष्य में यह क्षेत्र रेल सेवा से भी जुड़ेगा। बिरला ने कहा कि चम्बल का पानी अंतिम छोर तक पहुंचे इस लक्ष्य से काम कर रहे हैं, नौनेरा डेम के माध्यम से हर घर तक नल से जल पहुंचाया जाएगा, जिससे माताओं-बहनों को विशेष लाभ मिलेगा।
सरसब्ज होंगे किसनों के खेत- मीणा
कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि हाड़ौती और पूर्वी राजस्थान को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की सौगात मिलना क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि चंबल का पानी अलवर तक पहुंचेगा, लेकिन डबल इंजन सरकार की ताकत से यह संभव हो रहा है। लगभग 78 हजार करोड़ रुपये की लागत से राम जल सेतु (PKC-ERCP) परियोजना के माध्यम से राजस्थान के 21 जिलों तक पानी पहुंचाया जाएगा। अब वो दिन दूर नहीं जब हमारे किसानों के खेत भी सरसब्ज होंगे।
गड़बड़ी करने वाले भुगतेंगे अंजाम 
कृषि मंत्री मीणा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित किसानों और गरीबों को मुआवजा दिलाना सरकार का संकल्प है, इसमें कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। नकली खाद के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 127 लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं और भविष्य में केन्द्र सरकार सख्त कानून लान वाली है। जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि फसल बीमा में गड़बड़ी करने वाले लोग अंजाम भुगतेंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर ने कहा कि क्षेत्र को 350 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। आज़ादी के बाद इतने व्यापक काम कभी नहीं हुए, जितने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला केकार्यकाल में हो रहे हैं।    
यह रहे मौजूद
इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, इटावा प्रधान रिंकू मीणा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद पंवार, पूर्व प्रधान विजय शंकर नागर, एसटी मोर्चा प्रदेश महामंत्री अशोक मीणा, जिला महामंत्री विशाल शर्मा, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष आशा त्रिवेदी, जिला उपाध्यक्ष पवन हाड़ा, जिला मंत्री सुल्तान बैरवा,  लेखराज बैरवा,  राजेश प्रजापति, वरिष्ठजन प्रमुख सीताराम मीणा, रणजीत आर्य, खातौली मंडल अध्यक्ष विरेन्द्र सुमन, ढीपरी चम्बल अध्यक्ष मुकेश नागर व इन्द्रगढ़ ग्रामीण अध्यक्ष कैलाश गोचर व बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • बूंदी जिले के लाखेरी में तेज बारिश के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि...
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    बूंदी जिले के लाखेरी में तेज बारिश के साथ जबरदस्त ओलावृष्टि...
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • कोटा ट्रेचिंग ग्राउंड में लगी आग पर काबू, कोई जनहानि नहीं – कोटा के ट्रेचिंग ग्राउंड में लगी आग की सूचना पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और दमकल की मदद से आग पर काबू पाया। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं।
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    कोटा ट्रेचिंग ग्राउंड में लगी आग पर काबू, कोई जनहानि नहीं – कोटा के ट्रेचिंग ग्राउंड में लगी आग की सूचना पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और दमकल की मदद से आग पर काबू पाया। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • एमएसपी पर गेहूं खरीद को लेकर बिरला ने समीक्षा बैठक की हर किसान की उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए - बिरला खरीद केंद्र समय पर संचालित हों, व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश बारदाना, तुलाई, भंडारण और परिवहन समस्याओं पर विशेष फोकस कंट्रोल रूम स्थापित होगी, किसानों की शिकायतों का होगा त्वरित समाधान ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, शासन सचिव डॉ. समित शर्मा भी रहे उपस्थित आज क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे स्पीकर बिरला इटावा-पीपल्दा क्षेत्र को 350 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिलेगी
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    एमएसपी पर गेहूं खरीद को लेकर बिरला ने समीक्षा बैठक की
हर किसान की उपज समर्थन मूल्य पर खरीदी जाए - बिरला
खरीद केंद्र समय पर संचालित हों, व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
बारदाना, तुलाई, भंडारण और परिवहन समस्याओं पर विशेष फोकस
कंट्रोल रूम स्थापित होगी, किसानों की शिकायतों का होगा त्वरित समाधान
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, शासन सचिव डॉ. समित शर्मा भी रहे उपस्थित
आज क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे स्पीकर बिरला
इटावा-पीपल्दा क्षेत्र को 350 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिलेगी
    user_Ravi Samariya
    Ravi Samariya
    Media house लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • कोटा, राजस्थान BREAKING NEWS 🗞️ कोटा मे आम जनता के सामने हाथ जोड़कर गिडगिड़ा रहे पुलिस अधिकारी कोटा पुलिस के ट्रैफिक इंचार्ज देवेश भारद्वाज हैं। इनकी कोई गलती नहीं है, फिर भी हाथ जोड़ने को मजबूर हैं। दरअसल मामला इनके मातहतों से जुड़ा है। कोटा के घोड़े वाला सर्किलच पर कोटा के व्यापारी मुकेश कुमार और ट्रैफिक पुलिस कर्मी का विवाद हो गया। मुकेश का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस में तैनात अभिषेक ने उसके साथ मारपीट की और 2000 रुपए का चालान काट दिया। पुलिस कर्मी की पिटाई से उनके चेहरे पर चोट लग गई और खून निकलने लगा। जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया। स्थिति बिगड़ती देख ट्रैफिक थाना इंचार्ज देवेश भारद्वाज मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। माहौल को संभालने के लिए उन्होंने मुकेश से हाथ तक जोड़ लिए। इतना ही नहीं व्यापारी का गस्सा शांत करने के लिए कराने की कोशिश की। माहौल को संभालने के लिए उन्होंने मुकेश से हाथ तक जोड़ लिए। इतना ही नहीं व्यापारी का गस्सा शांत करने के लिए कराने की कोशिश की। माहौल को संभालने के लिए उन्होंने मुकेश से हाथ तक जोड़ लिए। इतना ही नहीं व्यापारी का गुस्सा शांत करने के लिए उन्होंने यहां तक कह दिया कि, "मेरे कपड़े फाड़ दो न...! हाथ जोड़कर कपड़े फड़वाऊंगा...! चू भी निकल जाए मुंह से तो कहना...!" ट्रैफिक डीएसपी अशोक कुमार भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन मामला नहीं संभला। जिसके बाद दोनों पक्षों को आगे की कार्रवाई के लिए गुमानपुरा थाने भेज दिया गया है। अब पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    कोटा, राजस्थान
BREAKING NEWS 🗞️ 
कोटा मे आम जनता के सामने हाथ जोड़कर गिडगिड़ा रहे पुलिस अधिकारी कोटा पुलिस के ट्रैफिक इंचार्ज देवेश भारद्वाज हैं। इनकी कोई गलती नहीं है, फिर भी हाथ जोड़ने को मजबूर हैं।
दरअसल मामला इनके मातहतों से जुड़ा है। कोटा के घोड़े वाला सर्किलच पर कोटा के व्यापारी मुकेश कुमार और ट्रैफिक पुलिस कर्मी का विवाद हो गया। मुकेश का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस में तैनात अभिषेक ने उसके साथ मारपीट की और 2000 रुपए का चालान काट दिया। पुलिस कर्मी की पिटाई से उनके चेहरे पर चोट लग गई और खून निकलने लगा। जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और माहौल गर्मा गया।
स्थिति बिगड़ती देख ट्रैफिक थाना इंचार्ज देवेश भारद्वाज मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। माहौल को संभालने के लिए उन्होंने मुकेश से हाथ तक जोड़ लिए। इतना ही नहीं व्यापारी का गस्सा शांत करने के लिए कराने की कोशिश की। माहौल को संभालने के लिए उन्होंने मुकेश से हाथ तक जोड़ लिए। इतना ही नहीं व्यापारी का गस्सा शांत करने के लिए कराने की कोशिश की। माहौल को संभालने के लिए उन्होंने मुकेश से हाथ तक जोड़ लिए। इतना ही नहीं व्यापारी का गुस्सा शांत करने के लिए उन्होंने यहां तक कह दिया कि, "मेरे कपड़े फाड़ दो न...! हाथ जोड़कर कपड़े फड़वाऊंगा...! चू भी निकल जाए मुंह से तो कहना...!"
ट्रैफिक डीएसपी अशोक कुमार भी मौके पर पहुंच गए, लेकिन मामला नहीं संभला। जिसके बाद दोनों पक्षों को आगे की कार्रवाई के लिए गुमानपुरा थाने भेज दिया गया है। अब पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • झगड़ा शांत करने ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कहा-मेरे कपड़े फाड़ लो, चालान काटने पर व्यापारी और कॉन्स्टेबल के बीच हुआ विवाद, मारपीट करने का आरोप
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    झगड़ा शांत करने ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने कहा-मेरे कपड़े फाड़ लो, चालान काटने पर व्यापारी और कॉन्स्टेबल के बीच हुआ विवाद, मारपीट करने का आरोप
    user_Anubhav Mittal Journalist
    Anubhav Mittal Journalist
    Court reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • Post by Mahendar.merotha
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    Post by Mahendar.merotha
    user_Mahendar.merotha
    Mahendar.merotha
    Voice of people लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
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