राजस्थान के विराटनगर विधानसभा क्षेत्र के अजीतपुरा कला-कुजोता गांव में कुछ लोगों ने ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी, जिसमें कुल 10 लोग घायल हो गए। इनमें से 3 की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया है। कोटपूतली-बहरोड़ एसपी राजवीर सिंह ने बताया कि उन्हें दोपहर 11:30 बजे अजीतपुरा कुजेता में फायरिंग की सूचना मिली थी। यह घटना ग्रामीणों द्वारा नेशनल लाइम स्टोन कंपनी की ओर से आबांदी क्षेत्र में खनन और डीप होल ब्लास्टिंग के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन से जुड़ी है, जो 295 दिन पहले शुरू हुआ था। प्रशासन ने 30 मई को इस धरने को जबरदस्ती हटा दिया था और ग्रामीणों का सामान जब्त कर लिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने सोमवार सुबह कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन देने के बाद फिर से धरना प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया था। नेतराम ताकड़ ने बताया कि कोटपूतली एसडीएम योगेश सिंह देवल ने ग्रामीणों को फोन कर जब्त सामान ले जाने और पहले वाले स्थान पर ही धरना प्रदर्शन करने को कहा था। ग्रामीण सामान लेकर गांव के पास श्मशान भूमि पर धरना देने पहुंचे, लेकिन खनन माफियाओं ने पहले ही उस जगह को पत्थर डालकर बंद कर दिया था। फायरिंग में घायल हुए ग्रामीणों में मदन वर्मा (69), सुगनचंद (65), दशरथ (40), करिश्मा (16), महेंद्र (46), जगदीश (60) और कालू (60) शामिल हैं। विनय सिंह (26), दीपक (29) और कालू खान (65) को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कारतूस के दो खोल बरामद किए हैं। एसपी के अनुसार, गोली लगने से कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
राजस्थान के विराटनगर विधानसभा क्षेत्र के अजीतपुरा कला-कुजोता गांव में कुछ लोगों ने ग्रामीणों पर फायरिंग कर दी, जिसमें कुल 10 लोग घायल हो गए। इनमें से 3 की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया है। कोटपूतली-बहरोड़ एसपी राजवीर सिंह ने बताया कि उन्हें दोपहर 11:30 बजे अजीतपुरा कुजेता में फायरिंग की सूचना मिली थी। यह घटना ग्रामीणों द्वारा नेशनल लाइम स्टोन कंपनी की ओर से आबांदी क्षेत्र में खनन और डीप होल ब्लास्टिंग के विरोध में चल रहे धरना प्रदर्शन से जुड़ी है, जो 295 दिन पहले शुरू हुआ था। प्रशासन ने 30 मई को इस धरने को जबरदस्ती हटा दिया था और ग्रामीणों का सामान जब्त कर लिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने सोमवार सुबह कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन देने के बाद फिर से धरना प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया था। नेतराम ताकड़ ने बताया कि कोटपूतली एसडीएम योगेश सिंह देवल ने ग्रामीणों को फोन कर जब्त सामान ले जाने और पहले वाले स्थान पर ही धरना प्रदर्शन करने को कहा था। ग्रामीण सामान लेकर गांव के पास श्मशान भूमि पर धरना देने पहुंचे, लेकिन खनन माफियाओं ने पहले ही उस जगह को पत्थर डालकर बंद कर दिया था। फायरिंग में घायल हुए ग्रामीणों में मदन वर्मा (69), सुगनचंद (65), दशरथ (40), करिश्मा (16), महेंद्र (46), जगदीश (60) और कालू (60) शामिल हैं। विनय सिंह (26), दीपक (29) और कालू खान (65) को गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया गया है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कारतूस के दो खोल बरामद किए हैं। एसपी के अनुसार, गोली लगने से कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी पुष्टि रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
- सोमवार को कोटपूतली बहरोड़ जिले के अजीतपुरा कुजेता क्षेत्र में अवैध खनन और डीप होल ब्लास्टिंग के विरोध में धरने पर बैठे ग्रामीणों पर अज्ञात लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग और पथराव कर दिया, जिससे क्षेत्र में बड़ा बवाल हो गया। यह घटना अवैध खनन विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई। इस हमले में करीब 10 ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें से 3 की हालत नाजुक बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद अजीतपुरा कुजेता गांव में भारी तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।1
- राजस्थान में आई तेज आंधी और खराब मौसम ने भीषण तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों सोलर पैनल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे करोड़ों रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। इस भयावह दृश्य को देखकर हर कोई हैरान और चकित है।1
- मुण्डावर क्षेत्र के पेहल गांव निवासी एक ग्रामीण ने विद्युत विभाग के लाइनमैन पर घरेलू बिजली कनेक्शन के नाम पर हजारों रुपए लेने, काम पूरा न करने और पैसे वापस मांगने पर धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में पीड़ित ने सहायक अभियंता (AEN) विद्युत विभाग मुण्डावर को लिखित शिकायत दी है, जिसमें जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। गांव पेहल निवासी जितेंद्र पुत्र हरिसिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि लाइनमैन भरत ने घरेलू बिजली कनेक्शन जारी करने के लिए उनसे 8 हजार रुपए मांगे थे, जिसे उन्होंने फोन-पे के जरिए ट्रांसफर कर दिया था। आरोप है कि पैसे देने के बावजूद अब तक कनेक्शन जारी नहीं किया गया। इसके अतिरिक्त, शिकायत में यह भी उल्लेख है कि हरिसिंह और रामनिवास के नाम से एक अन्य बिजली कनेक्शन के लिए करीब 100 मीटर थ्री-फेज केबल लाने के नाम पर 7 हजार रुपए नकद लिए गए थे। बाद में काम न होने पर यह राशि 19 अगस्त 2025 को फोन-पे के माध्यम से वापस लौटा दी गई थी, लेकिन अन्य कार्यों और तार लगाने के नाम पर भी समय-समय पर रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी बिजली कनेक्शन का कार्य अधूरा है, और अब जब वह अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, तो कथित तौर पर उन्हें धमकाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले भी इसी लाइनमैन भरत पर एक रिटायर्ड फौजी जगमाल सिंह से केबल बदलने के नाम पर 2 हजार रुपए लेने का आरोप लगा था, जिसके बाद भरत का तबादला पेहल ग्रामीण क्षेत्र से रैणागिरी फीडर पर कर दिया गया था। पीड़ित ने 29 मई 2026 को दोबारा AEN विद्युत विभाग मुण्डावर को लिखित शिकायत सौंपी है। इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में काफी चर्चा है। सहायक अभियंता आशीष श्रीवास्तव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पीड़ित किसान की लिखित शिकायत मिल गई है और मामले को जांच तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है।1
- राहुल गांधी के एक मुख्यमंत्री को बदलने के निर्णय को देशभर में एक संतुलित और सोच-समझकर लिया गया फैसला माना जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने सभी पक्षों से चर्चा कर और सबका भरोसा जीतकर इस महत्वपूर्ण बदलाव को अंजाम दिया है। ऐसी बातें खुलकर कहने का दम हर किसी में नहीं होता, यही कारण है कि राहुल गांधी को सियासत का जादूगर कहा जाता है।1
- रिपोर्टर योगेश कुमार गुप्ता ने बस्सी क्षेत्र में स्थित बंशीवारे मंदिर में संध्याकालीन लाइव आरती का कवरेज किया।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के अजीतपुरा-कुजोता गांव में अवैध खनन के खिलाफ धरना दे रहे ग्रामीणों पर कुछ बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। इस हिंसक घटना में कुल पांच ग्रामीण गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद, सभी घायल ग्रामीणों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो गंभीर मरीजों को आगे के इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया है।1
- ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बानसूर-नारायणपुर ने सोमवार, 1 जून 2026 को बानसूर पंचायत समिति कार्यालय पर प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कांग्रेस ने नीट-2026 का पेपर लीक होने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। ज्ञापन में बताया गया कि 16 मई 2026 को नीट-2026 का पेपर लीक होने से देशभर के 22 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। कांग्रेस ने इसके लिए केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया कि नीट-2025 का पेपर भी लीक हुआ था, जिसमें भाजपा नेता व पदाधिकारी आरोपी थे। ज्ञापन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि राजस्थान में पेपर लीक का खुलासा होने के बावजूद सरकार ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है। कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया जाए और एनटीए को तत्काल भंग कर इसके पदाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। नीट पेपर लीक के अलावा, कांग्रेस ने महंगाई, पेट्रोल-डीजल व गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम, बिजली कटौती और शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। ब्लॉक अध्यक्ष भीम सिंह गुर्जर ने इस दौरान कहा कि महंगाई और कुप्रबंधन के कारण आम जनता का जीवन दूभर हो गया है। ज्ञापन देने के अवसर पर पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, ब्लॉक अध्यक्ष भीम सिंह गुर्जर, मुकेश सैनी, रणवीर डोई, भूपसिंह सुरेला, राहुल आर्य, पवन योगी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- कोटपूतली के अजीतपुरा-कुजोता क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर खनन माफियाओं द्वारा कथित तौर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस घटना को केवल एक आपराधिक वारदात के रूप में नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था के लिए एक सीधी और खुली चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।1